भाभी के साथ ग्रुप में सेक्स किया- 1
भाभी गैंग बैंग स्टोरी में मैं अपने भाई के घर रहने गयी तो भाई को बाहर जाना था. एक शाम भाभी पार्लर से तैयार होकर आई और किसी को फोन किया. वो 5 लड़कों की बात कर रही थी.
यह कहानी सुनें.
दोस्तो, स्वागत है आप सभी का सन्नो की दुनिया में!
मैं इधर भाभी गैंग बैंग स्टोरी में आपको बताने जा रही हूँ कि मेरी भाभी की ग्रुप में चुदाई किस तरह से हुई.
मेरी दूर की रिश्तेदारी में एक भाभी थी, जिनसे मेरा नाता अच्छा था.
वह बहुत दिनों से मुझे अपने शहर घूमने बुला रही थी क्योंकि वह बेंगलुरु में रहती थी.
आप तो जानते ही हैं कि बेंगलुरु एक बहुत अच्छी सिटी है.
भाभी के हसबैंड मतलब मेरे रिश्ते के भैया बेंगलुरु में जॉब करते थे और मेरे उधर पहुंचने के बाद वे 3 दिन को कहीं किसी काम से बाहर जा रहे थे.
उनका घर तीन फ्लोर का है.
भाभी दिखने में एकदम कड़क माल लगती है.
मुझसे अच्छी उनकी बॉन्डिंग है और चेहरा भी काफी सुंदर है.
दरअसल वह मॉडलिंग करना चाहती थी लेकिन किस्मत ने राह ही पलट दी थी.
वैसे भाभी बहुत मजाकिया थी, वह अक्सर मेरे स्तनों का मजाक बनाती रहती थी और कभी कभी तो हाथ से एक दूध दबा भी दिया करती थी.
भाभी के स्तन काफी टाइट थे, जबकि मेरे ढीले हो चुके थे.
लेकिन चुदने की स्टेमिना मुझमें ज्यादा थी.
उसके घर में आने के बाद सारे दिन हम दोनों बहुत मस्ती करते रहे.
शाम 7 बजे अचानक भाभी बोली- सनाया, मैं पार्लर जा कर अभी आती हूँ.
भाभी करीब 8 बजे वापिस आई.
उस वक्त वह एकदम कड़क शाइन मार रही थी.
मैंने उसकी तारीफ की.
वह बोली- सनाया यार क्या बताऊं, उस पार्लर वाली ने जबरदस्ती इतना मेकअप कर दिया. वह मेरी फ्रेंड है तो मानती ही नहीं है.
यह सब कह कर भाभी बाथरूम में चली गई.
उधर से वह 20 मिनट बाद निकली.
हम लोगों ने खाना खाया.
तभी अचानक भाभी पास एक कॉल आई और वह उठ कर चली गई.
उसकी बात चल रही थी.
मैं उसके थोड़ी पास को गई तो मैंने सुना कि वह कॉल पर कह रही थी ‘मैं कुछ नहीं सुनना चाहती विवेक, मुझे बस पांच अच्छे मस्त लड़के चाहिए. एक भी कम नहीं चाहिए … मैं पैसे दूँगी.’
मैं सोचने लगी कि ये क्या बातें हो रही हैं. साला चल क्या रहा है!
फिर वह आ गई.
हम दोनों बैठे रहे और टीवी देखते रहे.
करीब 10 बजे भाभी बोली- सनाया, अब तुम सो जाओ. मुझे तेरे भैया से बात करनी है.
हम लोग अलग अलग कमरे में आ कर सो गए.
मैं अपने कमरे में आकर मोबाइल में लग गई.
करीब 11 बजे भाभी आई ‘सनाया सो गई?’
मैंने सोचा कि वह गुस्सा न करे इसलिए चुप रही.
वह चली गई.
अब करीब 11-30 पर मैं बाथरूम जाने उठी तो सोचने लगी कि एक बार भाभी को देख कर आती हूँ.
मैंने देखा तो भाभी अपने कमरे में नहीं थी.
यह देख कर मैं घबरा गई कि आखिर भाभी कहां गई है?
तब मैंने नीचे से आवाज आती सुनी, तो मैं दबे पांव नीचे आ गई.
उधर देखा तो कोई नहीं था.
मैं और नीचे वाले माले में गई तो देखा कि वहाँ का तो नजारा ही अलग था.
वह सब देख कर मैं चौंक गई.
मैंने देखा कि भाभी पांच लड़कों के सामने नंगी डांस कर रही थी और वह सब लड़के अपना अपना लंड हिला रहे हैं.
ये कामुक दृश्य देख कर मैं अचंभित हो गई कि आखिर भाभी यह सब कर क्या रही है.
फिर उन लड़कों के लौड़ों पर नजर गई तो किसी का लंड बहुत मोटा, किसी का लंड लम्बा और किसी का लंड ऐसा जैसे गधे का लंड हो. सब एक से बढ़ कर एक लंड धारी थे.
तभी एक लड़का आगे आया और उसने भाभी को अपना लंड पकड़ा दिया.
भाभी उसके लौड़े को पकड़ कर चूसने लगी.
फिर भाभी ने सबको उंगली से इशारा किया तो सब उसके करीब आ गए.
अब सबके लंड सामने आ गए थे.
भाभी थोड़ी थोड़ी करके सबके लौड़े चूसने लगी थी.
वे सारे लड़के बस यही आवाज लगा रहे थे- आह चूस मेरी बुलबुल … चूस मेरी बुलबुल!
यह खेल 5 मिनट तक चलता रहा.
तभी एक लड़के ने भाभी के बालों को पकड़ा और पूरा लंड मुँह में झटके देते हुए पेलना शुरू कर दिया.
फिर क्या … भाभी भी बड़ी वाली रांड के जैसे हुक़्क हुक़्क करके लंड लेने लगी.
एक लड़का बोला- अब बस कर रे … ये मर जाएगी.
दूसरा बोला- अरे ये बहुत बड़ी वाली रंडी है. मुझे इसका मुँह दे … ये क्या मारेगी साली … ये 20 लंड से एक साथ मरवा लेगी.
भाभी उन सबके बीच में सच में रंडी से कम नहीं लग रही थी.
मैंने सोचा कि ठीक है, जब ननद यह सब कर सकती है तो भाभी को क्या दिक्कत है.
मैं यह भी समझती थी कि चूत की प्यास क्या होती है, लेकिन पांच के बीच में अकेली एक चुत … ये कुछ ज्यादा ही प्यासी थी. ऐसा लग रहा था जैसे भैया कुछ काम के ही नहीं हैं. तभी तो भाभी बाहर मुँह मार रही है.
मैं उसकी चुदास को देख रही थी और मन ही मन सोच भी रही थी कि आज मेरा आशिक मेरे साथ होता, तो वह भी मुझे चोदता और सुकून देता.
भाभी भी मेरी ही तरह थी, जो मैदान में पांच लंड वीरों के साथ अकेली लड़ रही थी.
आज लगता था कि भाभी की अच्छे से बलि चढ़ने के समय आ गया था.
उन सबमें से जो लाल बालों का था, उसकी साइज करीब बीच की थी. लंड की लंबाई मोटाई भी ज्यादा नहीं थी.
उसने भाभी को लिटाया और चूत पर थूक लगा कर चुदाई की तैयारी करने लगा.
भाभी के सिर पर अब चार लंड थे, दो लोग उसके पैर पकड़े थे और दो हाथ पकड़े हुए थे. भाभी अपने पास वाले दोनों का लंड पकड़े हुई थी.
अब एक दूध को चूसने में लग गया था और दूसरा उनके मुँह में लंड देकर चुसवा रहा था.
जो लंड चुसा रहा था, वह असली शेर था.
उसका लंड इतनी कामुक स्थिति के बाद भी खड़ा नहीं हो रहा था. उसका लंड भी सबसे बड़ा और मोटा था.
अब जो लाल बाल वाला लड़का भाभी की चूत पर लंड रखने में लगा था, उसने बड़े ही आराम से लंड को चुत में पेल दिया.
भाभी की एक हल्की सी आवाज आई- आआह आराम से अनूप!
तभी ऊपर वाले ने अपना पूरा लंड भाभी के मुँह में डाल दिया, जिससे भाभी की आवाज बंद हो गई.
उसी वक्त नीचे से अनूप ने भाभी की चूत में अपना पूरा लंड एक झटके में पेल दिया.
वह लंड के तेज तेज धक्के देने लगा.
भाभी कराहने की कोशिश कर रही थीं.
लेकिन मुँह में लंड होने की वजह से जैसे कोई गूंगी आं ऊहन्न कर रही हो.
दो मिनट बाद भाभी ने किसी तरह से लंड मुँह से निकाला और बोली- मेरा मुँह खुला रहने दो … कम से कम मुझे दर्द से कराहने तो दो … मुझे भी मजा लेने दो न … और सब लाइन से बैठो यार … मैं कहीं भागी थोड़ी जा रही हूँ.
भाभी यह कह कर ऊपर वाले से बोली- ले … मेरे दूध पकड़ कर चूस!
भाभी गैंग बैंग का मजा लेने लगी.
उसने अपने एक मम्मे को उसके मुँह में दे दिया और उसी का लंड अपनी चुत से खाने लगी.
बाकी 3 लड़के पता नहीं क्यों इधर उधर देखने लगे थे.
मुझे लगा कि कहीं उन्हें अहसास तो नहीं हो गया, तो मैं जरा अलग को हो गई.
फिर उधर सब सामान्य हो गया था. भाभी के ऊपर जो लड़का चढ़ कर उसे चोद रहा था, वह हट गया था और कोई दूसरा लड़का अपना लंड पेल कर उसे चोदने लगा था.
करीब 5 मिनट बाद उस लड़के ने भाभी की चुत से लंड निकाल लिया.
अब भाभी को उस असली वाले मर्द लड़के ने पकड़ लिया.
भाभी मुस्कुराती हुई उसको देखने लगी.
भाभी भी पूरी छिनाल और कमीनी लग रही थी.
जैसे ही वह मर्द पहलवान टाइप का लड़का अपना लंड भाभी की चुत में पेला तो भाभी की दर्द से चीख निकलने लगी ‘ऊऊ ममम्मि री आआह मेरी जान निकल गई आह उई मां … रुक जाओ रे!’
मगर वह तो किसी सांड की तरह भाभी की चुत पर पिल पड़ा था.
उसने वापस अपने लौड़े को चुत से खींचा और पुन: पेल दिया- ले कुतिया खा बहन की लौड़ी आह बड़ी कसी चुत है तेरी रंडी!
‘आह मर गई आआह रुको यार संजू!’
अब मुझे समझ में आया कि उसका नाम संजू था.
संजू एक पल के लिए भी नहीं रुका वह ताबड़तोड़ भाभी की चुत चोदने में लगा रहा.
भाभी की तो बस आआह आआह ईएहद ईई हह जान आआह की आवाज निकल रही थी.
मैं करीब 10 मिनट तक उन दोनों की धकापेल चुदाई को देखती रही.
मेरी चुत में भी आग लग गई थी तो मैं अपना लोअर नीचे करके चूत में उंगली डाल कर मजा लेने लगी थी.
तभी एक लड़के ने भाभी के कान में कुछ कहा तो भाभी सर हिला दिया.
वह उठा और सीधे मेरी तरफ भागता हुआ आया.
मैं समझ गई कि भाभी ने मुझे देख लिया है.
मैं तेजी से उठी पर उस लड़के ने मुझे पकड़ लिया.
मैं चीखना चाहती थी लेकिन वह सीधा मेरा मुँह पकड़ कर मुझे चूमने लगा.
फिर उसने मुझे अपनी बांहों में भर लिया और खींचता हुआ भाभी के पास ले आया.
उसने मुझे भाभी के बाजू में ही लिटा दिया और मेरे कपड़े खींचने लगा.
मैं लगातार चीख रही थी.
भाभी बोली- सनाया, चुप हो जाओ.
मैं उसे देखने लगी.
उधर वे दो लड़के अभी भी मेरा बदन नोंचने लगे थे.
एक मेरे मुँह से मुँह लगा कर मुझे चूमने लगा था और दूसरे ने भी मेरे दूध पकड़ लिए थे जिसे उसने नहीं छोड़े.
इतने में किसी ने मेरा लोअर खींच कर मेरी टांगों से निकाल दिया.
मैं कब नंगी हो गई, पता ही नहीं चला.
तभी किसी ने अपना लंड मेरी चूत में पेल दिया तो मैं उसके मोटे लंड से अकबका गई और मेरी आंखें फटने लगीं.
उसका लंड काफी मोटा लंड था.
भाभी मुझे सहलाने लगी थी और कहे जा रही थी- सनाया बेबी, चुप हो जाओ चुप हो जाओ, बस हो गया … अरे कौन सा पहली बार चुद रही हो!
इधर मैं आआह आआह करने में लगी थी.
फिर जो लड़का मेरे मुँह को अपने मुँह से बंद किए हुए था, उसने मुँह हटाया तो मेरा मुँह खुल गया.
मैं ‘आह छोड़ दो छोड़ दो’ करने लगी.
नीचे दो लड़के मेरे पैर पकड़े हुए थे और एक मेरी चूत को चोदने में लगा था.
मैंने भी एक पल सोचा कि सन्नो अब चुप हो जा, कौन सा मर जाएगी.
मैंने थोड़ी देर तक नाटक किया ताकि भाभी को लगे कि मैं अपनी मर्जी के बिना ही चुदाई करवा रही हूँ.
फिर मैं धीरे धीरे आंख बंद करके बेहोश होने का ड्रामा करने लगी.
मेरे बूब्स नग्न तो थे ही तो चोदने वाला मेरे एक दूध को चूसने लगा.
मेरे दूसरे दूध पर एक दूसरा लड़का पिल पड़ा था.
वे लोग पागलों की तरह मेरे मम्मों का हलवा बना रहे थे.
बाजू वाला तो मेरे दूध को बच्चों की तरह चुसकने में लगा था.
नीचे वाला जो मुझे चोद रहा था, वह कहने लगा- आह … साली क्या मस्त माल है यार … साली मस्त लौंडिया चोदने मिली है!
इतने में वह बड़े लंड वाला संजू भी आ गया.
भाभी मेरे सिर तरफ से मुझे सम्भालने में लगी थीं.
मैं आह आह करने लगी थी तो वे कही जा रही थीं- बस बेटू बस हो गया.
दूसरी ओर भाभी संजू से कह रही थीं- बेबी थूक लगा लो, इसकी चुत टाइट है!
संजू ने झट से लौड़े पर थूक लगाया और मेरी चुत में बेरहमी से डाल दिया.
उसका लंड वाकयी गधे के लंड जैसा था तो मेरी आंखें फैल गईं और चीखने लगी ‘आआह भाभी बचा लो!’
मैं उसके लौड़े से होने वाले दर्द से रोने लगी थी.
भाभी बोली- संजू सम्भाल कर पेल साले … लौंडिया को दर्द हो रहा है!
संजू मुझे किस करने लगा और लंड पेले हुए ही मेरे ऊपर लेट गया.
वह लेटकर मेरे एक दूध को पकड़ कर चूसने लगा और बोला- बस सनाया हो गया.
मैं रोती हुई ऊऊ ऊम कर रही थी.
संजू वापस झटके देने लगा था.
मैं संजू के साथ किस में लग गई थी और सुबक भी रही थी.
जैसे कोई गर्लफ्रेंड प्यार में भी दर्द से रो रही हो और साथ भी दे रही हो.
मेरी हालत उसी तरह की थी.
मैं बच्चों के जैसे रो रही थी क्योंकि बहुत दिनों बाद मैं ऐसे मोटे लंड से चुद कर दर्द को झेल रही थी.
संजू को भाभी ने पकड़ लिया लेकिन संजू अपने मूड में था.
वह बाकी लंड धारकों से बोला- अबे इस लड़की को सम्भालो रे … साली बहुत उछल रही है!
इतने में 2 लड़के अपने कड़क लंड लेकर आए और उन दोनों ने भाभी को बीच में लिटा कर चूत में लंड घुसेड़ दिया.
पीछे वाला भाभी की गांड मारने की जुगत में लगा था.
इधर संजू मुझे बजाने में लगा था.
जिस तरह से वह मेरे दूध मसल कर चूस रहा था, उससे लग रहा था जैसे वह मेरे मम्मों का तो आज मसल मसल कर हलवा ही बना देगा.
संजू की उत्तेजना बढ़ गई थी और अब वह तेज तेज झटके देने लगा था.
मैं भी ‘आआह आआह इह ईई ऊऊऊ भाभी.’ कर रही थी.
वह मुझे अपने नीचे दबा कर चोद रहा था और साथ ही अपनी एक उंगली से मेरी गांड के छेद को कुरेदने भी लगा था.
मुझे अपनी गांड में कुलबुली होने लगी थी मगर संजू का लंड किसी नीग्रो के लंड जैसा था तो मेरी गांड मुझे रोक रही थी.
दोस्तो, आपको मेरी इस ग्रुप सेक्स कहानी में मजा आ रहा होगा.
भाभी गैंग बैंग स्टोरी में आगे अभी बहुत चुदाई बाकी है.
प्लीज अपने मेल व कमेंट्स जरूर से भेजें.
भाभी गैंग बैंग स्टोरी का अगला भाग: भाभी के साथ ग्रुप में सेक्स किया- 2
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