फैमिली सेक्सपूर्ण

ममेरे भाई ने बहन की कुंवारी चुत फाड़ दी- 2

0 बार पढ़ी गई13 मिनट का पाठलगभग ८ घंटे पहले

भाई बहन ओरल सेक्स स्टोरी में मैंने ममेरी बहन को उसके भाई की मेरी चूत चाटने की बात बता दी. उसने मुझे और उकसाया. तो मैंने उसके सामने नंगा नाच किया, उसका लंड भी चूसा.

यह कहानी सुनें.

दोस्तो, आप सभी पढ़ने वालों को मेरी फड़फड़ाती चूत का नमस्कार.

मैं आशा करती हूं कि आप सभी मजे में होंगे.

कहानी के पहले भाग

ममेरे भाई ने मेरी कुंवारी बुर चाटी

में अब तक आप पढ़ चुके थे कि मेरा ममेरा भाई मेरी चुत चाट चुका था और अब वह मुझे चोदने की फिराक में था.

अब आगे भाई बहन ओरल सेक्स स्टोरी:

उस दिन उसको तड़पा कर मैं अपने रूम में आ गई.

फिर जब शाम को सुरभि दीदी घर आई तो मैंने उनको आज की सारी बात बता दी.

सुरभि दीदी बोली- सही है, उसको इतनी जल्दी चूत ना दे देना. पहले थोड़ा मजा तो ले लो.

रात हुई तो रोज की तरह हम दोनों ने एक दूसरे के कपड़े उतार कर चुत चूसी और नंगी चिपक कर सो गईं.

कुछ दिन तक मैं अपने काम में व्यस्त हो गई तो सेक्स का मजा न ले सकी.

एक दिन जब घर में मामा नाश्ते के लिए कचौरी समोसा लेकर आए तो हम सब बैठ कर नाश्ता कर रहे थे.

आशीष ऊपर अपने रूम में सो रहा था क्योंकि आज रविवार था तो वह देर से ही सोकर उठता था.

तभी मामा मामी के सामने ही सुरभि दीदी मुझसे बोली- जाओ ऊपर जा कर आशीष को भी गर्म कचौरी खिला दो, वर्ना ठंडी हो जाएगी तो अच्छी नहीं लगेगी.

मैं उसकी दोअर्थी बात समझ गई कि वह किस कचौरी की बात कर रही है.

तभी मामी बोली- रहने दो बेटा, वह तो ठंडी ही खा लेगा. आज संडे है न … वह 9-10 बजे के पहले नहीं उठेगा.

अब मामी अपने काम में लग गईं और मामा बाजार चले गए.

हम दोनों नीचे हॉल में बैठे टीवी देख रहे थे.

तभी सुरभि दीदी धीरे से बोली- क्यों, कितने दिन हो गए?

मैं बोली- दीदी एक हफ्ता तो हो गया होगा.

वह बोली- तब से सिर्फ एक बार ही खाई है न!

उसने कचौरी के लिए कहा था लेकिन समझ गई कि ये चुत चटवाने के लिए कह रही है.

मैं बोली- हां.

वह बोली- मतलब बात का पक्का है मेरा भाई, उसने बोला था कि तेरी मर्जी के बिना नहीं चाटेगा तो आया ही नहीं साला!

मैं हंस कर बोली- हां यार है तो जुबान का पक्का.

वह बोली- चल आज चली जा, खिला दे मासूम बच्चे को!

मैं बोली- यार आज कैसे, आज तो मामा मामी भी घर पर हैं!

वह बोली- चली जा ऊपर कमरे में और बोल दे मामी को कि कॉलेज का काम है. मैं नीचे मम्मी पापा को संभाल लूंगी.

मैं बोली- तुझे बहुत मजा आ रहा है. मुझसे ज्यादा तो तुम खुश हो रही हो!

वह बोली- हां तो क्या हुआ, माल तैयार तो हम दोनों के लिए हो रहा है. तेरे बाद तो मुझे भी मजा मिलेगा!

मैं बोली- अच्छा … ये सही है तुम्हारा!

फिर मैं मामी से बोली- मामी, मैं ऊपर जाकर अपना कुछ काम निपटाने जा रही हूँ.

मामी बोली- पहले नहा तो लेती और कुछ खा लेती.

मैं बोली- नहीं मामी, अभी भूख नहीं है. बाद में नहा लूंगी और कुछ खा भी लूंगी.

मैं ऊपर आ गई तो देखा कि भाई के रूम का गेट खुला था.

जैसे ही मैं गेट खोल कर अन्दर गई तो वह उठ कर पलंग पर बैठता हुआ बोला- आओ दीदी आज आप मेरे रूम में … आओ न!

मैं उसके रूम में बहुत कम जाती थी, इसलिए वह ऐसा कह रहा था.

मैंने उसको चुप रहने का इशारा किया और अन्दर आकर दरवाजे की कुंडी लगा दी.

वह बोला- आज तो मम्मी पापा और दीदी घर में हैं!

मैं बोली- तुम परेशान ना हो, सब अपने काम में लगे हैं. क्या तुझे नहीं आना है?

यह सुनकर वह लपक कर मेरे पास आ गया.

मैं उस टाइम हाफ निक्कर और ऊपर टी-शर्ट पहने हुई थी और वह सिर्फ नीचे चड्डी में था. ऊपर से उसका सीना नंगा था. सीने पर बाल थे और मर्दाना छाती मस्त लग रही थी.

वह मुझसे हाइट में थोड़ा बड़ा भी है, तो मेरी हाइट उसकी गर्दन तक ही आती है.

उसने मुझे जोर से खींच कर अपने सीने से चिपका लिया.

मैं चुपचाप खड़ी थी.

वह बोला- आज कितना कर सकता हूँ दीदी आपके साथ?

यह कह कर उसने दोनों हाथों से मेरी गांड को कसके पकड़ लिया.

मैं चुपचाप खड़ी थी, तो उसने मेरी गांड को और कसके जकड़ लिया और बोला- जल्दी बोलो यार दीदी, मेरा खड़ा हो गया!

मैं बोली- जो करना है, ऊपर ऊपर से कर लो!

वह बोला- पक्का न!

मैंने हां में सर हिला दिया.

वह बोला- यार पहले मुझे तेरे रसीले होंठों को चूसने का मन है, चूस लूं?

मैं बोली- तुझे ऊपर ऊपर से जो करना है, जल्दी कर ले.

उसने मुझे धक्का देकर बिस्तर पर पटक दिया और मेरे मुँह में अपनी जीभ डाल कर मेरे मुँह का पूरा थूक अपने मुँह में लेने लगा.

साथ ही में वह धीरे धीरे एक हाथ से मेरी गर्दन को जोर से जकड़ कर दूसरे हाथ से नीचे लोअर के ऊपर से चूत को मसलने लगा.

मैं बोली- भाई आराम से कर ले … मैं यहीं हूं तेरे पास!

उसने मेरी टी-शर्ट को उतार कर अलग कर दिया मुझे अब थोड़ी शर्म आने लगी थी.

वह मेरी आंखों में देख कर बोला- क्यों मज़ा नहीं आ रहा है क्या?

मैं कुछ नहीं बोली तो उसने अपने हाथ से धीरे से एक चपत मेरे गाल पर लगाई और बोला- बोल, आशीष मेरी चूत चाटो!

मैं बोली- मुझे शर्म आ रही है!

वह बोला- इतनी जल्दी … अभी तो बहुत कुछ करना है तेरे साथ!

यह कहते हुए उसने मेरे लोअर को उतार दिया.

मैंने और ज्यादा शर्म से अपनी आंखें बंद कर लीं और चित लेट गई.

उसने मेरी जांघ पर धीरे से हाथ फेरा और एक बड़ी सी चौंटियां काट ली.

मैं कराह उठी- आह साले नोच मत न कुत्ते!

वह बोला- यार, तेरा तो पूरा जिस्म मक्खन की तरह मुलायम है. दीदी तू तो सच में चोदने से ज्यादा भोगने की चीज है … क्योंकि तेरा पूरा जिस्म दूध की तरह सफेद है.

मैं मुस्कुरा दी.

वह बोला- यार अब आप खड़ी हो जाओ!

मैं उठ कर खड़ी हो गई तो बोला- अब थोड़ा आप अपनी कमर हिला कर दिखाओ ना!

मैं बहुत अच्छा नाचती हूं तो उसको मेरी नंगी गांड मटकती हुई देखने का मन था.

वैसे भी हर चोदने वाले की पहली ख्वाहिश होती है कि वह मेरे जैसी चिकनी लौंडिया का नंगा नाच देखे.

मैं बोली- भाई नीचे आवाज ना चली जाए … तू पहले अपना काम निपटा ले.

वह बोला- यार दीदी, तुम केएलपीडी मत करो. एक तो ऊपर ऊपर से करने दे रही हो और ड्रामा भी कर रही हो. मैं बोल तो रहा हूँ न कि आप धीरे धीरे करना. आज पहली बार इतने करीब से आपको ब्रा पैंटी में देख रहा हूँ. आपसे ज्यादा खूबसूरत तो और कोई रांड भी ना लगेगी.

उसने अपने मोबाइल में एक गाना लगा दिया, जो उस समय बहुत फेमस गाना था.

‘मेरी फोटो को सीने से लगा ले यार …’

इस गाने को आप लोगों ने भी सुना होगा.

तो उसने इसी गाने को लगा दिया और मैं अपने से एक साल छोटे अपने ममेरे भाई के सामने ब्रा पैंटी में डांस करने लगी.

तभी उसने मेरे पास आकर पीछे से मेरी ब्रा खोल दी और मेरी बार को मेरे मम्मों से हटा कर अलग कर दी.

अब डांस करते समय वह मेरे हिलते हुए चूचों को कामुक भाव से देखने लगा.

मैं भी मस्त होकर अपने दूध हिला हिला कर उसके सामने डिस्को कर रही थी.

जब गाना खत्म हुआ तो मेरा डांस भी खत्म हो गया.

अब उसने भी अपने कपड़े उतार दिया और सिर्फ चड्डी अकेले पहने हुए मेरे पास आ गया.

वह बोला- जाह्नवी, घुटने के बल जमीन पर बैठ जाओ.

मैं बैठ गई तो उसकी चड्डी मेरे मुँह के सामने थी.

वह बोला- थोड़ा और पास आओ और चड्डी उतार मेरी!

जैसे ही मैंने उसकी चड्डी उतारी, उसका 7 इंच का हथियार मेरे सामने लहराने लगा था.

वह बोला- चल जल्दी से इसको मुँह में ले!

मैं बोली- ना!

वह बोला- प्लीज़!

मैं बोली- ना … मैं मुँह में नहीं लूंगी.

वह बोला- ठीक है, हाथ से हिलाओ!

मैंने आज पहली बार किसी का लंड देखा था, तो मुझे तब लौड़े को हिलाने का तरीका नहीं पता था.

मैं किसी अनाड़ी की तरह दोनों हाथ से लंड को पकड़ कर हिलाने लगी.

वह बोला- रूक, मैं बताता हूं.

फिर उसने बताया कि एक हाथ से धीरे धीरे सुपाड़े को बाहर निकालो. सुपारे के ऊपर की खाल को पीछे को करते हुए लंड को हिलाओ.

मैं वैसे ही धीरे धीरे उसका लंड हिलाने लगी.

मेरा मुँह उसके लंड से कुछ इंच ही दूर था.

मैं धीरे धीरे लौड़े को हिला रही थी.

तभी नीचे मेरी पैंटी के ऊपर से ही वह अपने पैर के अंगूठे से चूत को सहलाने लगा.

मैं मजाक में बोली- साले कोई कचौरी (खाने वाली चीज) में लात मारता है क्या?

वह बोला- कोई ना … मैं जीभ से चाट कर साफ़ कर दूंगा … बस तुम प्लीज़ एक बार मुँह में ले लो, तुमको अच्छा न लगे तो फिर मत लेना.

मैं उसका लंड मुँह में लेकर चूसने लगी.

उसने जोर से मेरे बाल पकड़ लिए और मेरे मुँह को मस्ती से चोदने लगा.

फिर लंड को मुँह से बाहर निकाल कर बोला- मजा आया?

मैं कुछ बोलती, उसके पहले ही उसके लंड से वीर्य की पिचकारी तेज रफ्तार से निकल कर मेरी आखों नाक और मुँह पर जा गिरी.

मैं एकदम से पीछे को हुई तो उसने मुझे धक्का देकर जमीन पर लेटा दिया और लंड से निकलने वाली वीर्य की पिचकारियों को मेरे बूब्स और पेट पर छोड़ने लगा.

मैं बोली- साले कुत्ते … गंदा क्यूं किया?

वह बोला- नहा लेना न!

अब वह बाथरूम में चला गया.

मुझे लगा वापिस आकर शायद अभी कुछ और करेगा तो मैं वैसे ही वीर्य से लथपथ नंगी (सिर्फ पैंटी में) जमीन पर लेटी रही.

कुछ देर बाद वह वापिस आकर बोला- चल कुतिया, जाकर नहा ले.

मैं बोली- यार नीचे बहुत खुजली हो रही है … अभी तो पानी भी नहीं निकाला तूने!

वह बोला- निकल साली भोसड़ी की. उस दिन तूने भी मेरा खड़ा करके छोड़ दिया था, आज मैंने भी तेरी चुत को ऐसे ही छोड़ दिया.

मैं बोली- प्लीज यार!

वह बोला- बोल लंड डाल कर मिटा दूं खुजली?

मैं बोली- ना यार … भाई जीभ से या एक उंगली डाल कर पानी निकाल दे!

वह बोला- ठीक है, तू भी क्या याद करेगी.

फिर उसने नीचे बैठ कर मेरी पैंटी उतार दी और बोला- सच में यार तेरी फूली हुई चूत मुझे बहुत अच्छी लगती है.

मैं वासना से बोली- तो खा लो न भाई!

उसने अपनी एक उंगली चूत में डाल दी और साथ में जीभ से चाटने लगा.

इसी बीच मेरे पेट पर गिरा अपना वीर्य भी उसने चाट लिया.

वह बोला- मेरा वीर्य भी अच्छा है यार, कभी चाट कर देखो ना!

मैं बोली- भाई, अभी तो शुरुआत है, फिर कभी कर लूंगी टेस्ट … अभी तो तुम बस मेरी चुत से पानी निकाल कर पी जाओ!

वह बोला- ठीक है.

उसने जोर जोर मेरी चूत चाटनी शुरू कर दी.

मैं ‘उम्म म्म अह …’ सिसकारती हुई गांड उठाने लगी और जल्द ही मैंने अपना पानी छोड़ दिया.

वह पूरा पानी पी गया और मेरे बूब्स पर लगा अपना वीर्य भी चाट कर खा गया.

थोड़ी देर बाद वह मेरे बूब्स चूसने लगा.

भाई बहन ओरल सेक्स के बाद वह बोला- जाह्नवी, बहुत देर हो गई, अब चली जाओ अपने रूम में!

मैं पैंटी पहनने लगी, तो बोला- रूक मैं बाहर देख लूं कोई है तो नहीं … फिर चली जाना!

वह टावेल लपेट कर बाहर देख कर आया और बोला- कोई नहीं है, ऐसी ही चली जा अपने रूम में. सब लोग नीचे हैं.

मैं हाथ में अपने कपड़े लेकर नंगी बाहर को झांकने लगी कि कोई है तो नहीं!

तभी वह मेरी नंगी गांड पर हाथ रख कर बोला- ये भी प्यारी कितनी मुलायम है तेरी यार … एक दिन बड़ी शिद्दत से खाऊंगा इसको!

फिर वापिस अन्दर खींच कर बोला- सच बता कब चोदने देगी तू अपनी चूत को?

मैं बोली- भाई, अभी घर में तेरे मम्मी पापा और सुरभि दीदी हैं. जब मामा मामी 2-3 दिन के लिए कहीं बाहर जाएं, तब कर लेना.

वह बोला- तब क्यों?

तो मैं उससे बोली- अभी मैं सील पैक हूं, भाई दर्द होगा … और चलने में भी दिक्कत होगी इसलिए आराम से करेंगे.

वह हां में सर हिलाने लगा.

उसे मेरी बात जम गई थी.

मैं बोली- अब छोड़!

उसने मुझे छोड़ दिया तो मैं जल्दी अपने रूम में आ गई.

अन्दर आकर मैंने देखा कि सुरभि दीदी तो पहले से ही रूम में थी.

मैं जल्दी में अन्दर आई और रूम को अन्दर से बंद कर लिया.

मैं सुरभि से बोली- तू कब आई रूम में?

वह बोली- बस अभी थोड़ी देर पहले.

मैं उसे देखने लगी.

वह बोली- पहले तू ये बता, चुद आई उससे?

मैं बोली- ना यार, ऊपर ऊपर से किया उसने … डिटेल में बाद में बताऊंगी, पहले नहाने दे.

फिर मैं नहाने जाने लगी तो वह बोली- रुक!

उसने मेरे गाल पर लगे वीर्य को उंगली पर लिया और बोली- मैं भी तो देखूं कैसा टेस्ट है मेरे भाई के माल का!

वीर्य को चख कर बोली- यार टेस्ट तो मस्त है बहन के लौड़े का! तुमने चखा?

मैं बोली- नहीं मैंने नहीं चखा उसका पानी!

वह बोली- अब करना टेस्ट!

मैं बोली- हां जी मैडम, अब जाऊं नहाने!

मैंने घड़ी में टाइम देखा, तो 12:30 बज चुके थे.

सुरभि बोली- मस्त 2:30 घंटे तक चुद कर आई है साली!

मैं शर्माती हुई अन्दर बाथरूम में चली गई और कहती गई कि ‘अभी चुदी नहीं हूँ.’

वह हंसने लगी.

फिर दोपहर में हम सब लोग बैठ कर खाना खा रहे थे तो आंखों ही आंखों में भाई मस्ती करता रहा.

शाम को मैंने चुदने की बात सुरभि दीदी को बता दी कि ये प्रोग्राम बन रहा है!

वह बोली- ठीक है यार, तेरे चुदवाने की जुगाड़ मैं करवा दूंगी. फिलहाल तू 15-20 दिन तक तो ऊपर ऊपर का मजा ले.

मैं बोली- ठीक है.

शुक्रिया दोस्तो मेरी भाई बहन ओरल सेक्स स्टोरी पढ़ने के लिए, मेल करके रिप्लाई जरूर दें.

मैं सभी को जवाब देने की पूरी कोशिश करूंगी.

आपकी अपनी रंडी जाह्नवी भाभी

भाई बहन ओरल सेक्स स्टोरी का अगला भाग: ममेरे भाई ने बहन की कुंवारी चुत फाड़ दी- 3

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