गांड मरवाने के बाद चूत भी मारी
बाईसेक्सुअल बॉय Xxx कहानी में मुझे मेरे ही दोस्त से प्यार हो गया. मैं उससे गांड मरवाने लगा. एक बार मैं क्रॉस ड्रेसिंग करके उसके गांड मरवा रहा था कि एक लड़की ने हमें देख लिया.
हैलो दोस्तो, मेरा नाम प्रिंस है. मैं एक लड़का हूँ लेकिन मेरे अन्दर लड़कियों वाली फीलिंग्स आती हैं.
अपनी इसी आदत के चलते मैं एक लड़के से प्यार कर बैठा और उसके साथ वह सब किया, जो एक लड़का और लड़की करते हैं.
इसी आदत के कारण यह बाईसेक्सुअल बॉय Xxx कहानी बनी.
मेरे गांव का एक लड़का था, जिसका नाम सूर्य था.
हम साथ में खेलते थे, साथ में पढ़ने जाते थे, साथ में जंगल में घूमने जाते थे और तालाब में नहाने जाते थे.
हम दोनों बहुत अच्छे दोस्त बन गए थे.
लेकिन पता नहीं कब और कैसे मुझे उससे प्यार हो गया.
ये बात मैंने उसे नहीं बताई थी.
एक दिन की बात है, जब मैं उसके घर गया था. उसके घर में कोई नहीं था, हम अकेले थे.
मैंने मौका देखकर उसे सब बता दिया- क्योंकि मैं तुमको चाहता हूँ मैं तुमसे प्यार करता हूँ.
तो वह बोला- ऐसा कब हुआ?
मैंने कहा- पता नहीं.
वह बोला- ठीक है, लेकिन एक शर्त है!
मैंने पूछा- क्या?
तब उसने बोला- जो मैं कहूँगा वह करना पड़ेगा.
मैंने कहा- हां, करूँगा … जो कहोगे वह करूँगा.
उसने बोला- ओके चलो, पहले मेरा लंड हिलाओ.
मैंने अपने हाथ से उसका लंड पकड़ लिया और हिलाने व सहलाने लगा.
कुछ देर बाद उसने कहा- इसे चूसो.
मैंने मना कर दिया.
उसने कहा- तुम मुझे प्यार करते हो तो करना पड़ेगा!
मैंने उसके लंड को चूमना शुरू किया, फिर धीरे-धीरे चूसने लगा.
लंड चूसने और चाटने में मुझे मजा आने लगा.
लगभग 5 मिनट तक लंड चूसने के बाद उसका लंड झड़ गया.
उसने मुझे अलग करते हुए कहा- आह … बहुत मजा आया.
मैं खुश हो गया कि मेरे प्यार को मजा आया.
अब बस लंड चूसने-चूमने का काम चलने लगा और ऐसा कई दिनों तक चलता रहा.
फिर एक दिन हम बाहर घूमने गए थे.
वह बोला- चलो जंगल में चलते हैं.
मैं बोला- ठीक है.
वहां जाने के बाद हम दोनों एक जगह बैठ गए.
सर्दी का मौसम था इसलिए ठंड भी लग रही थी.
वह मुझसे बोला- डार्लिंग सुनो ना!
मैंने कहा- बोलो.
वह बोला- चलो ना, आज चुदाई वाला काम करते हैं.
मैंने बोला- नहीं, मेरी गांड फट जाएगी.
वह बोला- नहीं फटेगी … मैं हूँ ना. मुझसे प्यार करते हो तो गांड तो मरवाना ही पड़ेगी.
मैंने भी कुछ सोचते हुए कहा- ठीक है.
अब हम दोनों लिप किस करने लगे.
वह मेरे होंठ चूस रहा था और मैं उसका लंड सहला रहा था.
फिर धीरे-धीरे वह मेरे बूब्स दबाने लगा, जो कि थोड़े भी नहीं थे लेकिन फिर भी दबाए जा रहा था और मसल रहा था.
कपड़ों के अन्दर हाथ डालकर वह मेरे निप्पल मींज रहा था.
कुछ टाइम के बाद मैंने उसका लंड मुँह में ले लिया और चूसने-चाटने लगा.
कुछ देर के बाद उसने बोला- मुझे तुम्हारे बूब्स चूसने हैं.
मैंने भी अपने कपड़े उतार दिए.
ठंड तो बहुत थी, लेकिन मजा भी बहुत आ रहा था.
वह मेरे दोनों बूब्स को बारी बारी से चूसने लगा.
कुछ ही देर में मैं इतना गर्म हो गया था कि बस यह लग रहा था कि वह अब मेरी चुदाई कर दे.
मैंने उससे कहा- अब चोदो मुझे.
वह बोला- हां मेरी रानी अब तो तुमको मैं चोदूँगा ही.
फिर मैंने अपना पैंट भी उतार दिया.
वह मेरी गांड के छेद में उंगली डालने लगा.
मुझे दर्द हो रहा था.
उसने कहा- तुमको यह दर्द झेलना ही होगा!
मैं भी मन बना चुका था कि हो जाने दो दर्द … मैं अपने प्रिय का लंड जरूर लूंगा!
फिर उसने अपने साथ लाई वैसलीन की डिब्बी निकाली और अपनी उंगलियों में लेकर मेरी गांड के छेद में लगाने लगा.
वह गांड में उंगली करने लगा तो पहले तो मुझे दर्द सा हुआ, पर मैं मजा लेने लगा.
उसने पहले अपनी एक उंगली मेरी गांड में डाली और वैसलीन अन्दर तक लगाई.
मेरी गांड मस्ती में आ गई तो मैंने अपनी गांड को ढीला छोड़ दिया.
कुछ देर बाद उसने अपनी दो उंगलियों को मेरी गांड में डाला, तो मैं उन्हें भी झेल गया.
फिर उसने तीन उंगलियां पेलीं और मेरी गांड को अपने लौड़े के लिए खोल लिया.
फिर उसने अपने लौड़े पर भी वैसलीन लगाई और लंड का सुपाड़ा मेरी गांड के छेद पर लगाकर थोड़ा सा अन्दर किया.
उसके लंड का सुपारा मोटा था तो जैसे ही मेरी गांड के छल्ले को फैला कर उसके लौड़े ने अपने मुँह को गांड में घुसेड़ा तो मुझे बहुत दर्द हुआ.
लेकिन मैं सह गया क्योंकि मुझे तो लंड चाहिए ही था.
फिर उसने और अन्दर तक लंड डाला और झटके मारने लगा.
कुछ टाइम तक तो मुझे दर्द हुआ, फिर मजा आने लगा.
अब वह मेरे लंड को सहलाता हुआ मेरी गांड मारने लगा.
कभी वह मेरे टट्टे को सहलाता और मसलता तो कभी मेरे सीने पर उगे मेरे निप्पलों को मींज कर मजा लेता और देता.
साथ ही उसकी गांड चुदाई से भी मेरी गांड की खुजली मिट रही थी तो मैं भी आंख बंद करके उसे अपनी गांड मरवाने का सुख प्राप्त कर रहा था.
करीब 20 मिनट तक मेरी गांड चोदने के बाद उसका लंड झड़ने को हुआ और उसकी रफ्तार बढ़ गई.
मैं जब तक कुछ समझ पाता तब तक वह मेरी गांड में ही झड़ गया.
मुझे भी उसके गर्म वीर्य की धार से काफी अच्छा लगा.
फिर उसने लंड गांड से खींचा और बोला- मजा आया?
मैंने हां में सर हिलाया और शर्मा गया.
उसने कहा- अरे वाह तुम तो एकदम लड़कियों की तरह शर्मा रहे हो.
मैंने उससे कहा- मैं तुम्हारे लिए लड़की ही हूँ, तभी तो तुमसे चुदी.
उसने कहा- तब तो आज के बाद तुम मेरी नीलम बन कर रहोगी!
मैंने शर्मा कर कहा – जैसे तुम बोलो मेरे राजा.
फिर क्या था, हम रोज चुदाई का मजा लेने लगे; कभी जंगल में, कभी तालाब में नहाने के बाद, कभी गांव के ही स्कूल में.
अब मेरी गांड का होल इतना बड़ा हो गया, जैसे एक 22 साल की चुदक्कड़ लड़की का भोसड़ा हो … और मेरे बूब्स भी थोड़े बड़े हो गए थे क्योंकि मैं उससे रोज अपने दूध चुसवाता था और दबवाता था.
एक बार मेरे घर वाले मुझसे बोलने लगे कि इसकी कुछ दवाई करवाना पड़ेगी, इसकी छाती तो ऐसे फूलती जा रही है जैसे लड़की का सीना हो!
मैंने अपनी मम्मी से कहा- मैं ऐसा कुछ नहीं करवाऊंगा … यह सब अपने आप सही हो जाएगा.
गांव के लड़के मुझे बड़ी गांड वाली भाभी कहकर चिढ़ाने लगे.
फिर भी मैं किसी की बात को ध्यान न देकर अपनी चुदाई करवाता रहा.
एक दिन मेरे घर वाले कहीं गए थे, पूरे घर पर कोई नहीं था.
लेकिन मेरे दोस्त का घर मेरे घर से एकदम सटा हुआ था.
मैंने अपने ब्वॉयफ्रेंड को बुलाया तो वह आ गया.
उसने मुझे किस किया और बोला- चलो रूम में.
मैंने बोला- कोई नहीं है तो रूम में क्यों? यहीं हॉल में ही करते हैं ना!
उसने कहा- हां ठीक है.
मैं अपने घर की छत पर जाने वाले जीने का दरवाजा बंद करना भूल गया था.
मेरी मम्मी की पड़ोस वाली सहेली चाची वहां से आती जाती रहती थीं.
मेरे पड़ोस की एक लड़की भी आती जाती रहती थी.
उसका नाम सोनम था.
वह रिश्ते में मेरी भतीजी लगती थी.
उस दिन वह छत के रास्ते मेरे घर पर आ रही थी, उसे मुझसे कुछ काम था.
उसको शायद पढ़ाई को लेकर मुझसे कुछ पूछना था.
वह कब आई, मुझे जरा भी पता नहीं चला.
मेरा ब्वॉयफ्रेंड बोला- आज तुमको लड़की बना कर करूँगा.
मैंने बोला- ठीक है.
उसने कहा- जाओ और कायदे से लड़की वाले कपड़े पहन कर और मेकअप करके आओ.
मेरी बहन 24 साल की थी, उसके कपड़े मुझे फिट हो जाते थे.
मैंने अपनी बहन की ब्रा-पैंटी पहनी, फिर सलवार सूट पहन लिया और दुपट्टा डाल लिया.
कपड़े पहनने के बाद मैंने अपने होंठों पर लाल लिपस्टिक तथा बिंदी भी लगा ली.
फिर मैं हॉल में आया तो उसने मुझे गोद में बिठा लिया और बोला- आज तो तुमको इतना चोदूँगा कि तुम भी याद रखोगी मेरी रानी.
मैंने भी कहा- हां ठीक है मेरे राजा आज जैसे चाहो, वैसे मुझे चोद दो.
हम दोनों में किसिंग चालू हो गई.
वह मेरे होंठों को चूसने लगा और मैं सिसकारियां लेने लगी.
कुछ टाइम ऐसे ही चलता रहा.
फिर मैं उसके लंड को चूसने लगी.
लंड चुसवाने के बाद उसने कहा- मैं तुम्हारे बूब्स चूसूँगा और पियूँगा.
मैंने अपने कुर्ते को निकाल दिया, बस ब्रा ही रह गई.
वह मेरे बूब्स को ब्रा के ऊपर से ही दबाने लगा और मैं उसके लंड को सहलाने लगी.
कुछ टाइम मेरे बूब्स को चूसने और दबाने के बाद बोला- अब सलवार निकालो.
मैंने निकाल दी, पैंटी भी निकाल दी.
वह अपना गर्म लंड दिखाते हुए मुझे उस पर बैठने के लिए बोला.
मैं पोज बना कर लंड पर बैठने लगी.
उस दिन न जाने क्यों मुझे दर्द होने लगा, लेकिन वह माना नहीं.
वह बोला- बैठो … अभी सब दर्द खत्म हो जाएगा.
मैं भी बैठने लगी.
उसने मुझे कसके पकड़ लिया और उचक-उचक कर मेरी गांड चोदने लगा.
कुछ टाइम के बाद उसने मुझे घोड़ी बनाकर चोदा, फिर लिटा कर चोदा.
उस दिन कई पोजीशनों में मेरी चुदाई हुई.
उस दिन तो मैं अपने आप को पूरी लड़की समझने लगा था.
ये सब मेरी भतीजी सोनम ने देख लिया था.
फिर जब मेरा ब्वॉयफ्रेंड चला गया, तब वह आई और बोली- चाचा आप तो बहुत मस्त लगती हो सूट में!
मैंने बोला- ये क्या बोल रही हो तुम?
तब उसने बोला- ज्यादा बनो मत मैंने देखा है सब, तुमको करते हुए सूर्य के साथ.
मैं अवाक था.
उसने कहा- यही सब करवाने के कारण आपकी गांड और चूचे इतने बड़े हो गए हैं.
मैंने कहा- किसी को बोलना मत.
उसने बोला- नहीं बोलूंगी, लेकिन मैं जो बोलूंगी, वह करना पड़ेगा.
मैंने कहा- ठीक है बोलो!
वह इठला कर बोली- मेरे साथ भी लेस्बियन सेक्स करना पड़ेगा.
मैंने कहा- ओके .. लेस्बियन तो दो लड़कियों में होता है न!
वह बोली- तो आप लड़की ही तो हो गए हो … मेरे जैसे दूध हो गए हैं आपके और गांड तो मुझसे भी बड़ी हो गई है.
मैंने हंस कर कहा- और ये लंड?
वह बोली- पता नहीं लंड काम करता भी है या नहीं?
मैंने कहा- चलो तुम लेकर देख लेना कि मैं तुम्हें चोद सकता हूँ या नहीं!
वह शायद चुदने के लिए राजी नहीं थी बस उसे मसलवाना था तो वह मना करने लगी.
फिर भी मैंने ओके कह दिया और उसे अपने साथ लेकर नंगी कर लिया.
वह मेरे होंठ चूमने लगी और मेरे सीने से अपने नंगी चूचियों को रगड़ने लगी.
कुछ ही देर में वह गर्म हो गई और बोली- मेरी चुत चाटो.
मैं उसकी टांगें फैला कर चुत चाटने लगा.
उसकी आह आह निकलने लगी.
मैंने देखा कि मेरे लंड में कोई खास तनाव नहीं आया था.
अब सोनम चुदासी हो गई थी तो वह मेरे लंड को पकड़ने लगी.
उसके लंड पकड़ने से मेरे लंड में हल्का हल्का तनाव आने लगा और मैंने उसे इशारा किया कि लंड चूसो.
वह मेरे लंड को चूसने लगी.
कुछ देर बाद वह बोली- अब आप पेल कर देखो कि घुस पाएगा अथवा नहीं!
मैंने सोचा कि ये तो चुदने के लिए मना कर रही थी.
लेकिन उस वक्त मेरा लंड एकदम कड़क था तो मुझे भी चुदास चढ़ गई थी.
अपने लंड का कड़ापन देख कर मुझे उम्मीद थी कि मेरा लंड इसकी चुत में लंड चला जाएगा.
मैंने उसे चित लिटाया और उसकी चुत में वैसलीन लगा कर लंड पेल दिया.
वह सील पैक माल थी तो कसमसाने लगी और चोदने के लिए मना करने लगी.
लेकिन मेरे अन्दर का मर्द जाग गया था तो मैं उसे चोदने लगा.
कुछ ही देर बाद वह भी मस्त होने लगी और मुझसे चुदवाने लगी.
फिर वह झड़ गई और उसके झड़ने के बाद मैं भी झड़ने को हो गया.
वह बोली- बाहर झड़ना चाचा!
मैं लंड चुत से निकाल कर बाहर झड़ गया.
उस दिन मुझे लड़की की चुत चुदाई का सुख भी मिल गया था.
उस दिन के बाद से मैं सोनम को चोदने लगा और जब भी मौका मिलता तो अपने ब्वॉयफ्रेंड से भी अपनी गांड मरवा लेता.
अब सोनम मुझसे कह रही है कि वह एक प्लास्टिक के लंड से मेरी गांड मारेगी.
वह सेक्स कहानी जैसे ही रेडी होगी और आप लोग चाहोगे तो मैं जरूर लिखूँगा.
आपको मेरी यह दोनों छेद में चुदाई का मजा वाली बाईसेक्सुअल बॉय Xxx कहानी कैसी लगी, प्लीज जरूर बताएं.
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