फैमिली सेक्सपूर्ण

बड़े भैया के संग मजेदार चुदाई

0 बार पढ़ी गई12 मिनट का पाठलगभग ८ घंटे पहले

ब्रदर सिस्टर न्यूड स्टोरी में मैं अपने बॉयफ्रेंड से चुद चुकी थी पर परिवार के डर से मैंने उसे छोड़ दिया था. लेकिन मुझे लंड की जरूरत थी. एक दिन मैंने भाई का लंड देखा.

फ्रेंड्स, मेरा नाम रिया है।

मैं आपको अपने बारे में बता दूं।

मैं एक बहुत ही सेक्सी लड़की हूँ।

मेरा फ़िगर 32-26-34 का है।

मेरा रंग एकदम गोरा है और बूब्स काफ़ी उभरे हुए हैं, जिन्हें देखकर लड़के आहें भरने लगते हैं।

मेरी उम्र 20 साल है।

मुझे चुदवाने में बड़ा मजा आता है,

मैं जब भी अन्तर्वासना पर भाई-बहन की चुदाई की कहानी पढ़ती हूँ, तो मुझे अपने भाई के साथ अपनी चुदाई याद आ जाती है।

आज मैं उसी घटना को इस ब्रदर सिस्टर न्यूड स्टोरी में आप सबको बताने जा रही हूँ।

सबसे पहले मैं आपको अपनी फ़ैमिली के बारे में बता दूं।

मेरी फ़ैमिली में मेरे अलावा मेरी मम्मी और पापा हैं और एक बड़ा भाई प्रिंस है।

उसकी उम्र 24 साल है, वह थोड़ा सांवला है लेकिन उसकी बॉडी जबरदस्त है।

पापा का एक छोटा सा बिजनेस है, उसी सिलसिले में उन्हें अक्सर बाहर जाना पड़ता है।

मैं कॉलेज फर्स्ट ईयर में पढ़ती हूं और मेरा भाई भी उस समय कॉलेज कर रहा था।

यह घटना लगभग 1 महीने पुरानी है।

अब तक मुझे सेक्स के बारे में काफी नॉलेज हो गया था, और मैं 2 से 3 बार अपने बॉयफ्रेंड से चुदाई का मजा ले चुकी थी।

लेकिन मुझे हमेशा डर लगा रहता था कि कहीं फैमिली में पता चल गया तो दिक्कत हो जायेगी इसलिए मैंने बॉयफ्रेंड को छोड़ दिया।

अब मैं अकेली हो गई थी और चुदाई के लिए तड़प रही थी।

मैं किसी का मोटा लंड अपनी चूत में डलवाकर अपनी चूत चुदवाना चाहती थी।

ऐसे ही एक रात बिस्तर पर लेटकर मैं पोर्न वीडियो देखने लगी.

तभी मुझे जोश चढ़ने लगा और मैं अपनी चूत में उंगली डालकर अंदर-बाहर करने लगी।

बहुत मजा आ रहा था!

मेरी चूत ने पानी छोड़ दिया और कब मेरी आंख लग गई, पता ही नहीं चला।

फिर जैसे ही मैं सुबह उठी, तो देखा भैया बिल्कुल नंगे होकर बाथरूम में नहा रहे हैं।

शायद वह दरवाजा लगाना भूल गए थे।

भाई एकदम नंगा था, उसका लन्ड बहुत बड़ा लगभग 8 इंच का था और वह अपने हाथों से उसे आगे-पीछे कर रहे थे।

भैया का इतना बड़ा और मोटा लन्ड देखकर मेरे मन में बस उसे ही पाने की चाहत जागने लगी।

मैंने पहली बार इतना लंबा और अच्छा लंड देखा था और वह भी मेरे भैया का ही था!

तभी भैया ने दरवाजा बंद कर दिया।

फिर मैं वहां से चली गई लेकिन मेरे दिमाग में बस भैया ही घूम रहे थे।

मेरी चूत अब उसी का लंड लेने के लिए मचलने लगी।

मैंने बहुत सी वीडियो देखी थीं जिसमें बहन अपने भाई से ही चुदवा रही है।

तो मैंने सोच लिया था कि उनका लंड मैं अब अपनी चूत में लेकर रहूँगी।

लन्ड और चूत का रिश्ता भाई-बहन से बढ़कर होता है!

उसका लंड काफी लम्बा और मोटा था।

मैं एक बार तो सोचने लगी कि इतना मोटा लंड मेरी छोटी सी चूत में कैसे जाएगा, पर मुझ पर तो चुदने का भूत सवार था, तो मैंने सोचा कि जो होगा देखा जाएगा।

अगले दिन मैं सुबह से ही भाई को पटाने के तरीके ढूंढने लगी।

मेरे पापा बिजनेस के कारण घर से बाहर गए हुए थे तो घर में मैं, भाई और मम्मी ही थे।

मैंने नहाने के बाद बिना ब्रा और पैंटी के गहरे गले की टी-शर्ट और निक्कर पहन ली।

मेरी टी-शर्ट इतनी पतली थी कि उसमें से मेरे निप्पल साफ़ पता चल रहे थे और ज़रा सा झुकने पर मेरे आधे बूब्स दिखने लगते थे।

उस समय भाई टीवी देख रहा था।

मैं उसके सामने जा कर झुक-झुक कर झाड़ू लगाने लगी ताकि वो मेरे बूब्स देख पाए।

मेरा तरीका काम कर गया!

भैया की नजर मेरे बूब्स और गोरी, मुलायम टांगों पर ही थी।

तभी हमारी नज़रें आपस में मिलीं और मैंने उसे सेक्सी से अन्दाज़ में एक स्माइल दे दी और अपनी मोटी गांड को मटकाती हुई चली गयी।

कुछ दिन और मैंने भैया को अपने जलवे दिखाए।

अब भैया भी मुझे हर वक्त छूने की कोशिश करते, मुझसे चिपककर बैठते, और बहाने से मेरी गोरी जांघों पर हाथ फेरते रहते।

मुझे पता चल गया कि भाई भी मुझे चोदना चाहता है, यही तो मैं चाहती थी!

मैं कुछ भी करके भाई से चुदवाना चाहती थी।

अब चुदाई की आग दोनों तरफ लगी हुई थी।

फिर एक दिन अचानक मम्मी को मामा के घर जाना पड़ गया।

मैं बहुत खुश हो गई!

पापा भी बाहर गए हुए थे, अब घर में सिर्फ मैं और भैया ही थे।

मुझे भैया से आज कुछ भी करके चुदवाना ही था.

इसलिए मैं नहाने चली गयी और जानबूझकर दरवाजा खुला छोड़ दिया ताकि भैया मेरी मचलती जवानी के दर्शन कर सकें।

मैंने जैसे ही सारे कपड़े उतारे, मुझे कमरे में हलचल सी सुनाई दी।

मुझे पता चल गया कि भाई मुझे ही देख रहा है।

मैं पूरी तरह से नंगी हो गई।

मुझे पता था कि भाई मुझे नहाते हुए देखने की कोशिश ज़रूर करेगा, यही तो मैं चाहती थी!

मैंने भी उसे अपनी छलकती जवानी और गोरा बदन दिखाना शुरू कर दिया।

कभी मैं अपने बूब्स को दबाती, तो कभी अपनी मस्त गांड को हिलाती और कभी अपनी चूत पर हाथ फिराने लगती।

भाई मुझे नंगी देख रहा है, ये सोचकर मैं भी गर्म हो गई, ब्रदर सिस्टर न्यूड स्टोरी बनने का समय आ चुका था।

मैं अपनी चूत में जोर-जोर से उंगली घुसा कर अपनी चूत चोदने लगी।

मेरे मुँह से अपने आप ही सिसकारियां निकलने लगीं, “आह, प्लीज फ़क मी! उफ़्फ़, मुझे तुम्हारा लंड चूसना है… आह, मेरी चूत लंड के लिए तड़प रही है… मेरे बूब्स से खेलो… मेरी प्यास बुझा दो… चोद दो मुझे… आह!”

भाई बाहर खड़ा ये सब सुन रहा था.

और शायद वो भी गर्म हो चुका था।

तो मैंने सोचा क्यों न इस उंगली की जगह असली लंड का मजा लिया जाए!

मैं नहाकर, बिना कुछ पहने सिर्फ टावल लपेटकर बाहर आ गयी।

भाई वहीं बाथरूम के दरवाज़े के पास ही खड़ा था।

ऐसा लग रहा था कि उसका लंड पैंट को फाड़कर बाहर आ जायेगा, शायद वो भी अब मुझे चोदना चाहता था।

मुझे टावल में देख कर भाई ने बोला, “रिया, मुझे नहीं पता था कि तू इतनी हॉट है!”

मैंने भी एक सेक्सी स्माइल देते हुए कहा, “ये सब तुम्हारे लिए ही तो है भाई!”

मेरे इतना बोलते ही भाई मुझ पर टूट पड़ा और मुझे गोद में उठाकर बिस्तर पर गिरा दिया और पागलों की तरह मेरे होंठों को चूसने लगा।

मैं बोली, “भैया… आराम से… मैं कहीं भागी नहीं जा रही, अब से तुम्हारी ही हूं।”

भैया ने बोला, “रिया, प्लीज मुझे अभी मत रोक! बाद में आराम से तो चोदूंगा ही अपनी प्यारी बहन को।”

मैंने भी कहा, “ठीक है भैया, जल्दी से चोद दो अपनी छोटी बहन को! मुझसे भी रहा नहीं जा रहा है, मैं कब से आपसे चुदवाना चाह रही थी।”

इतना सुनते ही भैया ने मेरी टावेल खोल दी और जोर-जोर से मेरे दूध को चूसने लगा।

भैया मेरे दोनों दूधों से खेलने लगा, वो मेरे पूरे बदन पर हाथ घुमा रहा था।

मैं बता नहीं सकती कि मुझे कितना मजा आ रहा था!

भैया ने बोला, “रिया, मैं आज बहुत खुश हूं। मैं कब से इस दिन के इंतजार में था!”

मैंने कहा, “कोई बात नहीं भैया, अब से मैं सिर्फ तुम्हारी हूं। जितनी मर्जी हो उतना चोदो।”

भैया ने देर न करते हुए मेरी दोनों टांगों को फैलाया और मेरी चूत चाटने लगा।

इस सुखद आनंद को लफ्जों में बयां नहीं किया जा सकता है!

मेरा भी जोश सातवें आसमान पर पहुंच गया था इसलिए मैं जोर-जोर से भैया के सर को अपनी चूत में दबाने लगी।

कुछ देर तक चूत चाटने के बाद मैंने एक-एक करके भैया के सारे कपड़े उतार दिए जिससे कि उसका लंबा और मोटा लंड आजाद हो गया।

लन्ड देखते ही मुझसे रहा नही गया और मैं बोली, “भैया, आपने तो अंदर खजाना छुपा के रखा है!”

भाई ने आंख मारते हुए बोला, “यह खजाना आज से तेरा है, जो चाहे कर!”

इतना सुनते ही मैं लंड को जोर-जोर से चूसने लगी।

भैया का लंड बहुत बड़ा था और एकदम कड़क!

भैया भी जोर से अपना लंड मेरे मुंह में दे रहे थे।

तभी भैया ने मुझे उठाकर मेरे रसीले होंठों को चूसना शुरू किया और अपने हाथों से मेरी गुलाबी चूत को सहलाने लगे।

अब मैं कंट्रोल से बाहर होने लगी थी इसलिए मैंने भाई से बोला, “भैया, अब मत तड़पाओ प्लीज! अब रहा नही जा रहा है, प्लीज मुझे चोद दो! जल्दी से अपना लंड मेरी चूत पर डालकर मेरी चूत का भोसड़ा बना दो और मुझे अपनी बना लो, प्लीज!”

इतना सुनते ही भाई और जोश में आ गया, उसका लंड पूरा लाल हो चुका था।

भैया ने मुझसे पूछा, “तूने इससे पहले किसी से चुदवाया है?”

तो मैंने झूठ बोलते हुए मना कर दिया।

भाई ने बोला, “चल, तेरा भाई आज तुझे चोद कर खुश करने वाला है!”

फिर मुझे बिस्तर पर सीधा लेटाकर मेरी टांगों को फैला दिया और मेरी छोटी सी चूत पर अपना लौड़ा रगड़ने लगा।

उसका लंड बहुत ही गर्म था।

अब मुझसे जरा भी इंतजार नहीं हो रहा था, मैंने उसका लंड पकड़कर अपनी चूत पर सेट कर दिया।

भैया ने देर न करते हुए हल्का सा धक्का लगाया, मेरी चूत गीली होने के कारण उनका आधा लंड अंदर चला गया।

मुझे एक हल्का सा मीठा-मीठा दर्द हुआ, तो भैया मुझे जोर से किस करने लगा और दोनों दुद्धू को मसलने लगा।

भैया ने कहा, “देख रिया, तेरा फर्स्ट टाइम है इसलिए तुझे दर्द हो रहा है। थोड़ा सा दर्द होगा, फिर तुझे बहुत मजा आने वाला है!”

इतना कह कर वह मुझे किस करने लगा। मैंने बोला, “कोई बात नहीं भैया, तू पूरा लन्ड घुसा दे!”

तभी भाई ने एक जोरदार धक्का लगाया, जिससे पूरा लंड मेरी चूत की गहराई में समा गया!

फिर भाई ने धीरे-धीरे मेरी चुदाई शुरू करी।

चूत गीली होने की वजह से उसका लन्ड धड़ाधड़ अंदर जाने लगा।

मैं भी उसे और जोर-जोर से किस करने लगी और अपनी गांड उठा-उठाकर चुदाई का मजा लेने लगी, तो भैया ने अपनी स्पीड और बढ़ा दी।

मुझे ऐसा लग रहा था कि मैं जन्नत में पहुंच गई हूं!

लगभग 10 मिनट की चुदाई के बाद मैं उछलकर भैया के ऊपर आ गई और उनके लोहे जैसे सख़्त लन्ड को अपनी छोटी सी चूत में डालकर मजे से चुदवाने लगी।

मैं अपनी गदराई गांड भैया के लन्ड पर पटक रही थी और भाई भी अपने लंबे लौड़े को उठा-उठाकर मुझे चोदने लगा।

भैया का पूरा लन्ड सटासट मेरी चूत में जाने लगा।

भैया के हर झटके पर मेरी आहें निकलने लगीं।

लगभग 5 मिनट की धकापेल चुदाई के बाद भैया ने जैसे ही अपना लन्ड निकाला, मैंने झट से उठकर उसे चूसना शुरू कर दिया।

कुछ देर लन्ड चटाई के बाद भाई ने बोला, “चल रिया, घोड़ी बन जा!”

मैं फटाक से घोड़ी बन गई।

भैया बहुत गर्म था इसलिए उसने एक झटके में ही पूरा लन्ड घुसेड़ दिया!

फिर भैया ने अपने दोनों हाथों से मेरी मखमली जांघों को कस कर पकड़ा और जोर-जोर से चोदने लगा।

अब मैं भी पूरे जोश में आ गई और बोलने लगी, “आह बेबी… मजा आ रहा है… मेरी जान फ़क मी हार्ड… मेरे भाई, चोद दे प्लीज! फ़क मी, यस फ़क मी, प्लीज… और तेज भैया प्लीज, प्लीज भैया और तेज चोदो! प्लीज अपना लंड अंदर तक डाल दो, चोद-चोद कर मुझे रंडी बना दो, ले लो मेरी जवानी का मजा!”

इतना सुनते ही भैया ने भी अपनी स्पीड बढ़ा दी और जोर-जोर से चोदने लगा।

वह पूरा लंड मेरी कोमल चूत में डाल रहा था।

भाई इतना तेज चोद रहा था कि हर शॉट के बाद मेरी चीख निकलने लगी और पूरे कमरे में ‘फच-फच’ की आवाज गूंजने लगी।

मैं भी पूरे मजे में अपनी गांड आगे-पीछे करने लगी।

हम दोनों एक अलग ही दुनिया में पहुंच गए थे जिसमें सिर्फ मजा ही मजा था!

लगभग 10 मिनट की पेलम-पेल चुदाई के बाद मेरा शरीर अकड़ने सा लगा।

मेरी चूत से पानी निकलने वाला था इसलिए मैं भैया से और तेज चोदने को बोलने लगी।

भैया भी बड़े-बड़े शॉट्स लगाने लगा और एक हाथ से मेरी चूत को सहलाने लगा।

5-6 लंबे धक्कों के बाद उसका भी कामरस निकल पड़ा और उसने पूरा रस मेरी चूत के अंदर ही गिरा दिया।

इस घनघोर चुदाई के बाद हम थक कर बेड पर ही गिर गए और कुछ देर ऐसे ही पड़े रहे।

तभी भाई ने पूछा, “रिया, कैसी रही चुदाई?”

मैंने भी बोल दिया, “बिल्कुल बिंदास भैया, आप तो छुपे रुस्तम निकले! भैया, प्लीज वादा करो, आज से तुम मेरी हर रोज ऐसे ही चुदाई करोगे?”

भैया बोला, “ठीक है मेरी प्यारी बहन! अब से हम ऐसे ही चुदाई करेंगे।”

मैं बहुत खुश थी और भैया भी, उसके चेहरे पर चुदाई की संतुष्टि की लकीरें साफ दिखाई दे रही थीं।

फिर मैंने भाई से बोला, “भैया, अगर मैं प्रेग्नेंट हो गई तो?”

भाई बोला, “रिया, तू टेंशन मत ले, मैं किस लिए हूं! कल तुझे बाजार से दवाई लाकर खिला दूंगा जिससे तुझे कुछ नहीं होगा।”

फिर हम एक-दूसरे को किस करने लगे।

हम दोनों के अलावा घर पर कोई नहीं था, इसलिए हम ऐसे ही बिना कपड़ों के, नंगे ही एक-दूसरे से चिपक कर सो गए।

रात होते ही एक बार फिर हमने चुदाई की।

तब से हम एक-दूसरे के गर्लफ्रेंड-बॉयफ्रेंड बन गए हैं।

मम्मी-पापा तीन-चार दिन बाद आने वाले थे, इसलिए हमने इसका भरपूर फायदा उठाया और खूब सेक्स किया और अपनी चुदाई की तमन्ना पूरी की।

तब से मैं और प्रिंस भैया बहुत खुश हैं और जब भी मौका मिलता है, हम दोनों चुदाई कर लेते हैं।

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