फैमिली सेक्सपूर्ण

दो भाइयों ने सगी बहन से शादी करके चुदाई की

0 बार पढ़ी गई11 मिनट का पाठ२ दिन पहले

इस फेक सेक्स कहानी में मैंने अपनी कल्पना से कहानी लिखी है अपनी बहन की चूत और गांड चुदाई की. यह सरासर काल्पनिक कहानी है, इसमें ज़रा भी सच नहीं है.

दोस्तो, मैं करण अपनी बहन और मां के साथ वाली सेक्स की कहानी बताने जा रहा हूँ.

इस फेक सेक्स कहानी की खास बात ये है कि मैंने और मेरे छोटे भाई हम दोनों ने मिलकर मां और बहन को चोद दिया था.

वह सब कैसे हुआ, आप इस फेक सेक्स कहानी में पढ़ें.

मेरी उम्र अभी 30 साल है. मेरा एक छोटा भाई है, जिसकी उम्र 26 साल है.

हमारी एक बड़ी बहन है उसका नाम रिया है. वह 33 साल की हो चुकी है, लेकिन उसकी अभी तक शादी नहीं हुई.

मम्मी-पापा भी हैं.

पापा खेती करते हैं और मम्मी घर संभालती हैं.

मैं और मेरा छोटा भाई पापा के साथ खेत में उनकी मदद करते हैं जबकि मम्मी और बहन घर पर ही रहती हैं.

मेरी मम्मी अभी भी बहुत जवान दिखती हैं और बहन तो इतनी खूबसूरत है कि उसे देखकर किसी का भी लंड खड़ा हो जाए.

लेकिन समस्या ये है कि हमारे खानदान में पहले कोई गलती हुई थी, जिसकी वजह से कोई भी हमारी बहन से शादी नहीं करना चाहता.

मम्मी-पापा कई बार रिश्ता देखने जाते थे लेकिन हर बार मना हो जाती थी.

अब तो उन्होंने रिश्ता देखना ही बंद कर दिया है.

हम तीनों भाई बहन अभी तक कुंवारे हैं.

मैं, मेरा छोटा भाई और रिया दीदी बस जवानी की आग में फुंके जा रहे हैं.

जब भी हम सब एक साथ खाना खाते, पापा चिंता भरी आवाज में कहने लगते थे

‘अरे, इन बच्चों की शादी अब क्या होगी? कोई तो राजी नहीं होता … क्या करेंगे ये बच्चे?’

खाना खाने के बाद पापा अपने कमरे में चले जाते, मम्मी अपने कमरे में और हम दोनों भाई एक कमरे में सोते, जबकि बहन अपने दूसरे कमरे में.

कुछ दिन बाद पापा एक पंडित जी के पास गए जो लड़कियों के लिए लड़के बताते हैं.

पापा ने पूछा- पंडित जी, मेरी बेटी रिया की शादी नहीं हो रही. क्या आपके पास कोई लड़के की जानकारी है?

पंडित जी ने साफ मना कर दिया- नहीं, मुझसे कुछ नहीं होगा. तुम्हारी लड़की और लड़कों की शादी नहीं होगी. तुम्हारे खानदान पर दोष लगा हुआ है. तुम्हारे यहां से कोई भी शादी करके रिश्ता नहीं जोड़ेगा. तुम जाओ यहां से!

पापा दुखी होकर घर लौट आए और चुपचाप बैठ गए.

मम्मी ने पूछा- क्या हुआ?

पापा ने कहा- मैं पंडित जी के पास गया था रिया के लिए लड़के की जानकारी करने … लेकिन उन्होंने कहा कि हमारे खानदान की वजह से कोई राजी नहीं होगा.

मम्मी ने पापा को हिम्मत दी- तुम चिंता क्यों करते हो? हो जाएगी एक न एक दिन … शादी तो जरूर होगी.

ये सारी बात रिया दीदी ने सुन ली.

वह मन ही मन रोने लगी ‘मेरी शादी कभी नहीं होगी … मैं किसी की दुल्हन नहीं बन पाऊंगी!’

मम्मी ने पापा से कहा- तुम बाजार से कुछ सामान ले आओ, खाने के लिए सब्जी … वगैरह.

पापा बाजार चले गए.

रास्ते में उनके मन में एक अजीब ख्याल आया- मेरे दोनों बेटे भी तो कुंवारे हैं … और बेटी भी … क्यों न तीनों की आपस में ही शादी कर दूँ? क्या होगा?

पापा घर लौटकर मम्मी से बोले- करण और उसका छोटा भाई भी अब पूरी तरह जवान हो चुके हैं. इन दोनों को भी सेक्स करने का बहुत मन करता होगा और हमारी बेटी रिया का तो और भी ज्यादा करता होगा इसलिए मैं सोच रहा हूँ कि हम इन तीनों की शादी घर पर ही कर देते हैं.

मम्मी ने थोड़ा सोचा और बोलीं- ठीक है … इन सबसे बात कर लेना.

शाम को हम सब खाने के लिए टेबल पर बैठे.

पापा ने रिया से कहा- बेटी, तेरे लिए बहुत लड़के देखे, लेकिन हमारे खानदान की वजह से कोई भी शादी नहीं करना चाहता तो तू क्यों न अपने भाइयों से ही शादी कर ले? इनसे भी तो कोई शादी नहीं कर रहा, तुम तीनों आपस में ही शादी कर लो.

रिया चौंककर बोली- पापा ये क्या कह रहे हो? ये मेरे सगे भाई हैं!

पापा ने समझाया- अब जमाने में हमारे लिए कुछ नहीं बचा है बेटी. हम अपने घर में ही शादी और सेक्स कर सकते हैं, मुझे कोई दिक्कत नहीं है.

रिया अभी भी हिचकिचा रही थी और कह रही थी- इन दोनों से तो पूछ लो पहले … मैं क्या कहूँ!

पापा ने मुझसे कहा- बेटा, कर ले शादी तेरी जिंदगी संवर जाएगी.

मैंने सोचा और बोला- चलो … ठीक है.

पापा ने मेरे छोटे भाई से पूछा.

मेरा भाई तो एकदम से मान गया.

वह तो साला बहन चोदने का मौका देखकर उतावला हो रहा था तो उसने जल्दी से ‘हां’ बोल दी.

पापा खुश होकर बोले- चलो, अभी शादी कर लेते हैं.

हम सब खुश हो गए.

पापा ने मुझसे कहा- बेटा, तू आम की दो सूखी टहनियां बीन ला.

मैं जाकर दो टहनियां उठा लाया.

पापा ने चार ईंटें जमाईं, उसमें लकड़ियों को लगा कर आग जला दी.

वे मम्मी से बोले- तुम रिया को साड़ी पहना कर ले आओ.

मम्मी ने रिया को लाल साड़ी पहनाई और उसे ले आईं.

हम तीनों ने फेरे लिए.

मैं आगे, बहन मेरे आगे, मेरा छोटा भाई मेरे पीछे.

हमारी शादी संपन्न हो गई

अब मम्मी-पापा हमारी सुहागरात का इंतजाम कर रहे थे.

पापा ने अचानक कहा- बेटा, अब हम पांचों एक साथ ही सुहागरात मनाएंगे!

मम्मी हैरान होकर बोलीं- ये क्या कह रहे हो तुम? बच्चे अपनी सुहागरात मनाएंगे, हम अपने कमरे में कर लेंगे.

पापा गुस्से में बोले- अरे ये साले हरामी मेरे बेटे ही चोदेंगे क्या मेरी बेटी को? मैं भी तो चोद सकता हूँ!

मेरी बहन मुस्कुराती हुई बोली- चलो ठीक है पापा … कोई दिक्कत नहीं, हम सब साथ सुहागरात मनाएंगे.

हमारे कमरे में एक बेड था लेकिन हम पांचों उस पर नहीं समा रहे थे.

पापा ने कहा- बेटा, तुम दोनों जाओ और बैठक वाले कमरे से एक चारपाई उठा लाओ.

हम दोनों भाइयों ने चारपाई उठाई, उसे पलंग से जोड़ा और बड़ा कर दिया.

ऊपर गद्दा बिछाया. अब हम पांचों उस पर लेट गए.

पापा ने आदेश दिया- तुम दोनों अपनी बहन को एक साथ पेलो.

बहन घबरा कर बोली- मैं दोनों का लंड एक साथ नहीं ले सकती.

मम्मी ने उसे समझाया- बेटा देख, अब तुम तीनों की शादी हो चुकी है. तू इन दोनों की पत्नी है. तुझे ये दोनों चोदेंगे … आज इनकी सुहागरात है.

जैसे-तैसे करके बहन मान गई.

मैंने अपने भाई से कहा- तू क्या लेगा?

मेरे भाई ने तुरंत जवाब दिया- मैं इसकी गांड मारूँगा.

मैंने कहा- चल, तू गांड मार ले … मैं चूत चोद लेता हूँ.

मेरा लंड करीबन 7 इंच लंबा और 4 इंच मोटा है, जबकि मेरे भाई का 8 इंच लंबा और 3 इंच मोटा.

जैसे ही हम दोनों नंगे हुए, बहन देखकर चौंक गई और बोली- ये क्या है? ये लंड हैं या कोई कुदाली … साले मेरे छेद पहले दिन ही खोल दोगे तुम दोनों!

मैंने लंड सहलाते हुए बहन से कहा- ये 30 साल से तड़प रहा है तो आज अपनी जरूरत पूरी करेगा ही!

मेरे भाई ने भी जोश में कहा- मैं तो गांड मार-मार कर फाड़ ही दूँगा.

मम्मी ने बीच में बोला- चलो अब बकचोदी बंद करो और चुदाई शुरू कर लो.

बहन हम दोनों का लंड मुँह में बारी बारी से चूसने लगी.

इधर पापा मम्मी की चूत चूस रहे थे और मम्मी पापा का लंड चूस रही थीं.

बहन हम दोनों का लंड चूसती हुई बोली- मुँह में ही झाड़ दो.

हमने दोनों ने बहन के मुँह में ही रस झाड़ दिया.

अब बहन ने जल्दी से कहा- चलो, मेरी जल्दी से चूत में डाल दो … मुझसे रहा नहीं जा रहा है!

वह मेरे छोटे भाई के लंड के ऊपर बैठ गई.

भाई ने अपना लंड उसकी गांड में पेलना शुरू कर दिया.

तभी मैंने बहन को भाई के ऊपर कुछ ऐसी पोजीशन में किया कि उसकी चुत सामने आ गई और मैं ऊपर से लंड घुसाने लगा.

जैसे ही मैंने थोड़ा सा लंड अन्दर किया, बहन एकदम से बिदक गई और वह मेरे भाई के लौड़े से अपनी गांड निकाल कर कूदी और बिस्तर से नीचे उतर गई.

वह अपनी टांगों में हाथ लगा कर चिल्लाई- आह साले मार दिया मुझे … मैं नहीं ले सकती इनके लौड़े बहुत मोटे हैं!

मेरी बहन अभी तक किसी से चुदवाई नहीं थी, वह पूरी तरह सील पैक लौंडिया थी.

मम्मी ने समझाया- बेटी, तू एक बार लेकर तो देख, फिर तुझे मजा आएगा.

पापा ने भी कहा- हां बेटी, शुरू शुरू में ऐसा ही होता है. तू एक बार अपनी चूत में लंड लेकर देख … और बाद में गांड में भी लेकर देख. तुझे बहुत मजा आएगा.

बहन नहीं मानी.

तब मम्मी ने कहा- चल मैं तुझे लेकर दिखाती हूँ और लंड लेना सिखाती हूँ. देख, तू तो फालतू में अपने दोनों भाइयों से डर रही है … मैं दो का तो छोड़ … इन तीनों का लंड एक साथ लेकर दिखाती हूँ तुझे!

मम्मी ने सबसे पहले पापा के लंड को गांड में घुसवा लिया.

उसके बाद उन्होंने हम दोनों भाइयों से कहा- तुम दोनों मेरी चूत में एक साथ लंड डालो!

हम दोनों ने मम्मी की चूत में लंड डाले और जोर-जोर से उनकी चुदाई शुरू कर दी.

मम्मी मस्ती से चिल्ला रही थीं- आह्ह … ओह्ह …

हम दोनों भी नहीं रुके और मां की चुत को चोदते रहे.

यह सब देख कर बहन को भी जोश चढ़ने लगा.

उधर मम्मी को मस्ती में होश ही नहीं था और हम दोनों भाई मां की चुत को जोर जोर से ठोक रहे थे.

मम्मी कहने लगीं- आह बस … बस!

पापा जोश में बोले- काहे की बस … रुकना मत बेटा … चोदो इस रांड को.

मम्मी मदहोश होने लगीं.

उधर बहन भी चुत में उंगली करने लगी थी.

पापा ने बहन को चुदास से भरता हुआ देखा तो बोले- चलो, अब अपनी बहन को चोदो.

अब मम्मी ने बहन से कहा- देख लिया बेटी … मैंने इन तीनों का लंड एक साथ कैसे लिया है. अब तू भी इन दोनों भाइयों का लंड एक साथ लेकर देख .. तुझे गजब का मजा आएगा.

बहन बोली- चलो ठीक है … ट्राई करती हूँ.

बहन ने पहले मेरा लंड चूत में लिया और पीछे से मेरे भाई ने अपना लंड बहन की गांड में घुसा दिया.

हम दोनों सुपारे फंसा कर थोड़ा सा धक्का मारा.

तो बहन की आह निकली.

तभी मेरे भाई ने बहन की गांड में जोर से लौड़े को ठोका तो उसकी गांड फट गई.

वह तेज स्वर में चिल्लाई- ऊई मम्मी रे … फट गई मेरी गांड … आह फट गई!

उसी समय मैंने चूत में तेज धक्का मारा.

उसकी चूत से भी खू/न निकल आया, सील टूट गई और बहन रोने लगी.

वह रोती हुई बोली- आह छोड़ दो प्लीज छोड़ दो भाई … बहुत दर्द हो रहा है प्लीज छोड़ दो!

लेकिन हम दोनों नहीं रुके, उसकी चुदाई करते रहे.

उसकी चूत से खू/न निकलता जा रहा था और भाई ने भी रिया की गांड इतनी जोर से मारी थी कि वह थोड़ी सी फट भी गई थी.

वह बेहोश हो गई.

मम्मी पापा ने एक साथ कहा-चलो, छोड़ दो अपनी बहन को … वह बेहोश हो गई है.

कुछ देर बाद हमने बहन को पानी पिलाया, मुँह पर पानी डाला.

थोड़ी देर में होश आया.

वह रोने लगी- मैंने आज तक किसी से नहीं चुदवाया था … शुरू शुरू में मुझे आराम से चोदना चाहिए था!

भाई ने कहा- तुझे चोदने में बहुत मजा आया है प्रिय बहना!

बहन बोली- हां साले फ्री की जुगाड़ मिल गई है न … चल अब दोनों फिर से आ जाओ. इस बार मैं भी देखती हूँ.

हम दोनों भाइयों ने बहन को दबाकर चोदा, उसकी चूत गांड एक साथ चोदी.

हम दोनों उसे तेज तेज चोदने लगे.

अब उसे भी मजा आने लगा.

वह कहने लगी- हां और तेज और तेज चोदो.

पापा ने कहा- रुको जरा … मैं भी करना चाहता हूँ … अपनी बेटी की जवान चूत का पानी निकालना चाहता हूँ.

बहन बोली- हां पापा, आओ मेरी चूत में … तुम दोनों भैया भी अपने लंड पलो और मुझे ऐसे ही चोदो … जैसे मम्मी को चोद रहे थे!

पहले पापा और मैंने एक साथ बहन की चूत में लंड घुसा दिया.

बहन जोर से चिल्लाई- हाय मैं मर गई.

मम्मी हंसने लगीं और बोलीं- अभी एक एक लंड ही ले बेटा … मेरी चुत तो भोसड़ा हो गई है इसलिए मैंने दो लौड़े एक साथ ले लिए थे. मगर तू तो अभी अभी सील तुड़वा कर चुद रही है.

पापा ने अपना लंड निकाल कर बहन की गांड में पेल दिया और हम दोनों बाप बेटे मिल कर बहन की सैंडविच चुदाई करने लगे.

मेरा भाई मां की गांड मारने लगा.

इस तरह से हमारे परिवार में खुशियां लौट आई थीं.

हम सब मिल कर मेहनत करते.

दिन खेत जोतते और रात में मां बहन को चोदते.

आपको मेरी यह फेक सेक्स कहानी कैसी लगी, प्लीज कमेन्ट करके जरूर बताएं.

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