गे सेक्सपूर्ण

करवाचौथ पर भाई की बीवी बनकर गांड मरवाई- 2

0 बार पढ़ी गई11 मिनट का पाठलगभग ८ घंटे पहले

फर्स्ट एनल सेक्स विद कजिन का मजा मैंने लिया अपने चचेरे भाई की बीवी बनकर. मैंने उनके लिए करवाचौथ का व्रत रखा और रात को उन्होंने मेरी गांड फाड़ दी.

दोस्तो, मैं आपको अपनी गे सेक्स कहानी में सुना रहा था कि किस तरह से मैंने अपनी गांड चुदाई की सुहागरात मनाई.

कहानी के पहले भाग

चचेरे भाई का बड़ा लंड देखा तो तलब लगी

में अब तक आप पढ़ चुके थे कि मैं अपने कजिन भाई के साथ आज पहली बार अपनी गांड चुदवाने के लिए सज रहा था. ब्रा पैंटी के ऊपर सीधे साड़ी लपेट कर मैं अपने भाई के लौड़े को याद करके गर्म हो रहा था.

अब आगे फर्स्ट एनल सेक्स विद कजिन का मजा:

सब कुछ रेडी करके मैं मिरर के सामने गया, तो दोस्तो … मैं हक्का-बक्का रह गया था. मैं अपने आप को पहचान ही नहीं पा रहा था.

मैं एक हॉट लेडी लग रहा था.

फिर मैंने थाली ली, सब कुछ अच्छे से सजाया और करवा में पानी भरा. थाली में कुछ मिठाई भी रख ली.

अब मैं एकदम रेडी था.

बस चाँद निकलने की देर थी.

पौने नौ बज रहे थे, तभी आवाज आयी- चाँद निकल आया चाँद निकल आया..

मैं खुश हो गया और भैया का इंतज़ार करने लगा.

मैंने बाहर का गेट खोल दिया और छत पर पूजा की थाली लेकर पहुँच गया.

पांच मिनट के बाद भैया ने आवाज दी.

मैं खुश होकर बोला- ऊपर आ जाओ.

भैया जीना से ऊपर आए.

जैसे ही उनकी नजर मुझ पर पड़ी, तो वे मुझे देखते ही रह गए.

उन्होंने मुझे झट से अपने सीने से लगा लिया और मुझे गोद में उठा कर बोले- आज तो तू सच में मेरी बीवी लग रहा है!

जब भैया ने मुझे गोद में लिया तो उनका लंड मेरी गांड से सट गया था.

मुझे ऐसा लग रहा था जैसे मैं किसी मोटे और बड़े खूँटे पर अपनी गांड रखे हुआ हूँ.

मेरी गांड भी कुछ कुछ अन्दर ही अन्दर उछल रही थी.

फिर वे बोले- जल्दी से पूजा कर लो.

मैंने दिया जलाया, थाली ली और चलनी में भाई को देखा, फिर चाँद को देखा और करवा से जल चढ़ाया.

भैया ने मुझे रस मलाई का पीस खिलाया, मैंने उन्हें खिलाया और उसके बाद मैंने झुक कर उनके पैर छुए.

उन्होंने लंड को मेरे मुँह से सटाया और बोले- आज मैं तुझे जी भर के प्यार करूँगा.

ऐसे मेरा व्रत पूरा हुआ.

फिर भैया ने मुझे गोद में उठा लिया और वे आ गए.

उन्होंने मुझे कमरे में लाकर बेड पर लिटा दिया.

फिर वे बोले- मैं पैकेट में खाना लाया हूँ, तुम खाना लगाओ … मैं बाथरूम जा रहा हूँ.

मैंने कहा- ठीक है.

मैंने खाना लगाया.

कुछ देर हो चुकी थी.

भैया बाथरूम से अभी तक नहीं आए थे तो मैं खुद चलकर उन्हें बुलाने चला गया.

मैंने बाथरूम के छेद से झांक कर देखा, तो भैया नंगे खड़े खड़े अपने लंड के साथ कुछ कर रहे थे.

मैंने थोड़ा पास से देखा तो भाई का मोटा काला लंड जैसे सदियों से प्यासा हो, उस पर वे तेल से मालिश कर रहे थे.

मुझे उन्हें ऐसा करते देख कर बड़ा मज़ा आ रहा था.

उनके टनटनाते लौड़े को देख कर मेरी गांड में अब और जोर से खुजली होने लगी थी.

कुछ देर बाद बाथरूम के गेट की आवाज आयी तो मैं तुरंत दबे पांव उधर ही वापस आ गया, जहां खाना रखा था.

उन्होंने अपने सारे कपड़ों को उतार दिया और बेड पर सारे कपड़े रख दिए.

वे केवल कच्छे में खड़े थे.

वे मुझे देखकर बोले- अरे तुमने अभी तक खाया क्यों नहीं, चलो खाओ.

मैं बोला- आपके साथ में खाऊंगा.

‘हां सही बात, बीवी पति के बिना नहीं खा सकती!’ ये बोल कर भैया हंसने लगे.

फिर उन्होंने मुझे अपने हाथ से खिलाया और मैंने भी उन्हें अपने हाथ से खिलाया.

मेरी एक नजर उनके लंड पर पड़ी, वह उनके कच्छे के अन्दर उछल कूद कर रहा हो, ऐसा लग रहा था.

हम दोनों ने खाना खत्म किया और पानी पिया.

फिर वे बोले- आज मैं अपनी बीवी के साथ सो सकता हूँ?

मैंने भी हंस कर हां बोल दिया.

फिर क्या था वे लेट गए और पैर पसार लिए.

मैं बेड की एक साइड में बैठा था.

मैंने लाइट ऑफ की और नाइट लैंप वाली लाइट जला दी.

अब मैं साड़ी और ब्रा निकाल कर लेट गया, मतलब उस वक्त मैं सिर्फ पैंटी पहन कर ही लेट गया था.

उस वक्त रात के साढ़े ग्यारह का टाइम हुआ होगा.

मेरी आंख लगी ही थी कि मैंने महसूस किया कि भैया का लंड मेरी गांड के बीचों बीच ऊपर नीचे हो रहा है.

उनके लंड को महसूस करके मेरी गांड में भी बहुत जोर की खुजली होने लगी थी.

मैंने धीरे से अपनी गांड को खिसका कर एकदम उनके लंड से सैट कर दिया.

मेरी गांड में उनका लंड मानो खीरा से कम मोटा नहीं लग रहा था.

ऐसा लंड मैंने अपनी अब तक की पूरी जिंदगी में नहीं देखा था.

अब मेरी गांड की खुजली बढ़ती ही जा रही थी.

तभी मैंने अपनी पैंटी को अपनी गांड से हटा कर बेड के नीचे डाल दिया.

अब मैं बिल्कुल नंगा हो गया था.

मेरी गांड कम लाइट में भी साफ साफ दिख रही थी.

मैंने सही से लेट कर भैया के लंड को बिल्कुल अपनी गांड के छेद पर रख लिया और खुद ही जोर जोर से अपनी गांड रगड़ने लगा.

मेरी गांड भैया के लंड को मांग रही थी.

मैंने धीरे धीरे भैया के कच्छा में हाथ डाल दिया उनका मोटा मूसलाकार लंड मेरे हाथ से पकड़ा नहीं जा रहा था.

तभी भाई की भी आंख खुल गयी और उन्होंने मुझे कसके अपने सीने से चिपका लिया.

वे बोले- तुम्हें मेरा लंड और तुम्हारा पति कैसा लगा?

मैंने हंस कर कहा- मुझे बहुत अच्छा लगा.

फिर वे उठे और उन्होंने भी अपना कच्छा निकाल दिया.

इसके बाद भैया ने बड़ी लाइट भी ऑन कर दी.

मैं भी नंगा और वे भी नंगे.

उन्हें नंगा देख कर मुझे बहुत शर्म आ रही थी.

भैया मेरे पास को आए और बोले- शर्माओ मत, बीवी हो तुम मेरी … और मैं पति हूँ तुम्हारा. अब शर्म न करो.

भैया मेरे साथ सटकर मुझे किस करने लगे.

मुझे उनके बदन का स्पर्श पाकर बहुत जोश चढ़ रहा था.

भैया मेरे होंठों को चूमने लगे थे.

वे बोले- आज मैं कितने साल बाद अपनी बीवी को एक बार फिर से खूब चोदूंगा.

मैं भी उन्हें खूब चूम रहा था.

कुछ देर बाद मुझे उन्होंने अपना लंड हाथ में पकड़ा दिया और बोले- संभालो अपनी अमानत, अब ये मुझसे नहीं संभलता है. आज से ये तुम्हारा है और इसको प्यार करना अब तुम्हारी जिम्मेदारी है.

मैंने भी जोश में कहा- हां, आज से ये मेरा है … मैं इसकी रानी हूँ.

कुछ देर बाद भैया ने लौड़े को मेरे मुँह पर रखा और बोले- जी भर के चूम लो मेरी रानी.

मैंने भी अपने नर्म नर्म होंठों पर लंड का सुपारा रखा और सूंघते हुए उसे अपने मुँह में ले लिया.

मोटा और लम्बा होने के कारण मेरे मुँह में उनका आधा ही लंड जा रहा था.

वे धीरे धीरे झटका देने लगे थे.

आज मुझे बड़ा मज़ा आ रहा था.

मैंने कभी ऐसा लंड न ही देखा था और न चूसा था.

कुछ देर बाद भैया ने अपना लंड मेरे मुँह से निकाला और मुझे घोड़ी बना कर बेड के किनारे से लगा दिया.

वे मेरी गांड को चूमने और चाटने लगे.

फिर उन्होंने ने अपनी जीभ को मेरी गांड के छेद में खूब अन्दर तक डाला.

मुझे बड़ा मज़ा रहा था.

मैं सीई सी … कर रहा था.

वे मेरी गांड को चाट कर बोलते जा रहे थे- आह … तेरी गांड किसी बुर से सौ गुना ज्यादा मस्त है. आज मेरा लंड खूब दबा कर चोदेगा.

कुछ देर के बाद उन्होंने कंडोम का डिब्बा उठाया और अपने मोटे लंड पर चढ़ा दिया.

उनके लंड के आगे कंडोम भी मानो छोटा पड़ रहा था.

अब मैं समझ गया था कि आज मेरी गांड की सील तोड़ी जाएगी.

भैया ने मुझे घोड़ी बनाया और तेल का डिब्बा लेकर मेरी गांड के छेद में भर दिया.

तेल से मेरी गांड एकदम चिकनी और गर्म हो उठी थी.

तेल डाल कर उन्होंने ने एक उंगली मेरी गांड में डाली.

उनकी उंगली मेरी गांड में नहीं जा पा रही थी.

भैया ने धीरे से दबाते हुए उंगली अन्दर घुसेड़ी तो मुझे दर्द होने लगा.

मैं बोला- आह भैया लग रही है.

वे बोले- भैया नहीं पागल, अब सईयां बोल … आज से तेरा पति हूँ मैं!

मैंने कहा- आह मेरे संईया … बहुत दर्द हो रहा है. उंगली निकाल लो … आह आह आह परपरा रही है.

मैं जोर जोर से आह आह करने लगा.

उन्होंने उंगली निकाल ली और बोले- अब रेडी हो जा मेरी जान, मेरा लंड अपनी गांड में लेने को!

मैं डर रहा था कि जब उंगली से गांड में इतना दर्द हुआ था तो लंड से क्या होगा?

उन्होंने अपने दोनों हाथ से मेरी कमर को कसके पकड़ लिया और अपने कंडोम चढ़े लंड को मेरे गांड के छेद पर रख दिया.

वे मेरे कान में बोले- मेरी रानी, मैं डाल रहा हूँ … झेल लेना.

यह कहते ही उन्होंने एक जोर का झटका मारा.

उनका लंड मेरी गांड को चीरते हुए आधा अन्दर घुस गया.

मैं एकदम से दर्द से बौखला उठा.

ऐसा लगा मानो मोटा सरिया गर्म करके मेरी गांड में ठूंस दिया गया हो.

मैं दर्द से मरा जा रहा था और रोने लगा. मैं कलपते हुए बोला- आह भैया मुझे छोड़ दो.

वे बोले- ऐसे कैसे हो सकता है … बीवी हो मेरी … थोड़ा दर्द तो होगा ही … मेरी खातिर सह लो.

मैंने अपनी गांड के नीचे बेड पर देखा मेरी गांड से बहुत सारा खून टपक कर नीचे गिर रहा था.

दो मिनट रुकने के बाद दर्द कम हुआ.

अब वे आधा ही लंड मेरी गांड में आगे पीछे करने लगे. साथ ही तेल भी टपकाते जा रहे थे तो दर्द में राहत मिलने लगी थी.

फिर उन्होंने एक और जोर का झटका दे दिया.

इस बार उनका पूरा लंड मेरी गांड की तलहटी की सैर कर रहा था.

मेरी आंखों के आगे अंधेरा छा गया था और मेरे मुँह को भैया ने अपने हाथ से बंद करके मेरी आवाज को दबा रखा था.

उनका मोटा और काला लंड मेरी गांड फाड़ कर अन्दर प्रवेश कर चुका था.

मेरी गांड में ऐसा लग रहा था मानो मेरी गांड में किसी ने लोहे की मोटी और गर्म रॉड डाल रखी हो.

अब वे मुझे धीरे धीरे चोदने लगे थे.

मुझे दर्द हो रहा था पर मैं कैसे भी करके सहता जा रहा था.

कुछ देर बाद उन्होंने मुझे जोर जोर से चोदना स्टार्ट कर दिया.

अब मुझे भी मज़ा आने लगा था.

ऐसा मज़ा मुझे अभी तक किसी चीज से नहीं आया था.

मानो मैं जन्नत की सैर कर रहा हूँ … ऐसा लग रहा था.

मैं भी अब अपनी गांड को हिला हिला कर अपने पति से चुदवा रहा था.

सच में बहुत मज़ा आ रहा था और मेरी गांड में अब बिल्कुल दर्द नहीं हो रहा था.

कुछ देर चोदने के बाद भैया बोले- रुको कंडोम को निकाल देता हूँ … फिर मजा आएगा.

वे कंडोम निकाल ही रहे थे कि उसी समय मैंने अपनी गांड के छेद पर हाथ रखा.

मैंने देखा कि मेरी गांड का छेद मेरे मुँह के छेद के बराबर हो चुका था.

मेरी गांड फट चुकी थी.

कंडोम निकाल कर मेरे पति ने मुझे फिर से जोर जोर से चोदना शुरू कर दिया.

अब तो चमड़ी से चमड़ी रगड़ खा रही थी तो मेरे मज़ा का ठिकाना ही नहीं था.

मेरी गांड अपने पति के मोटे लंड से चुदवा कर बहुत खुश थी.

कुछ देर चोदने मेरी गांड में उनके लंड से कुछ गाढ़े दही जैसे द्रव्य से मेरी गांड भरने लगी और उनका दही मेरी गांड को लबालब भरने के बाद नीचे भी टपकने लगा था.

मेरी गांड को उस गर्म पानी से बहुत आराम मिल रहा था.

इसके बाद मेरी गांड से लंड निकाल कर भैया ने उसे कपड़े से पौंछा और मेरे मुँह में दे दिया.

मैंने लंड से निकले दही के टेस्ट को चखा, मुझे अच्छा लगा तो मैं चूसता ही गया.

कुछ ही देर में उनका खूंटा वापस मेरी गांड में गड़ने के लिए रेडी हो गया था.

उस रात भैया ने मुझे 3 बार चोदा.

सुबह मैं उठा, तो मुझसे उठा नहीं जा रहा था.

जैसे तैसे उठ कर मैं बाथरूम में गया.

वहां भैया ने पहले ही मेरी गांड धोने के लिए गर्म पानी रखा था.

मैंने अपनी सूजी हुई गांड को गर्म पानी में धोया और सिकाई की.

कुछ समय बाद मैं बिल्कुल सही हो चुका था और चुदवाने के लिए वापस रेडी था.

मैं आज 23 साल का हो गया हूँ.

इतने सालों से मैं अपनी गांड को रोजाना चुदवा रहा हूँ.

भाई ने भी दूसरी शादी नहीं की, मेरी वजह से … अब मैं हर साल करवाचौथ का व्रत भी रखता हूँ और अपने पति से दबा कर चुदवाता भी हूँ.

दोस्तो, ये थी मेरी रियल लाइफ की फर्स्ट एनल सेक्स विद कजिन का मजा कहानी!

आपको कैसी लगी कमेंट करके जरूर बताएं.

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