अन्तर्वासनापूर्ण

ये चूत मांगे सेक्स- 2

0 बार पढ़ी गई12 मिनट का पाठलगभग ८ घंटे पहले

हॉट गर्ल्स फुल न्यूड मसाज़ स्टोरी में एक लड़की जिसे शादी के बाद पूरा सेक्स नहीं मिला, अपनी सहेली के साथ गोवा गयी. वहां सहेली ने पूरी नंगी होकर मसाज़ करवाई साथ में चुदाई भी.

कहानी का पहला भाग: लव मैरिज से पहले कुंवारी चुदाई

अब आगे हॉट गर्ल्स फुल न्यूड मसाज़ स्टोरी:

एक बार उसने अपनी एक पुरानी बचपन की सहेली प्रिया के साथ दो-तीन दिन के लिए गोवा का प्रोग्राम बनाया।

अभिजीत ने उसे खुशी-खुशी परमिशन दे दी।

प्रिया के साथ रूपाली अपनी हर बात फोन पर शेयर कर लेती थी।

प्रिया का शादी के एक साल के अंदर ही तलाक हो गया था।

उसके बाद उसने अभी तक शादी नहीं की थी।

वो किसी एमएनसी में उच्च पद पर थी।

अब उसकी नजर में शादी केवल एक बंधन था।

वो उन्मुक्त जीवन जीने में विश्वास रखती थी।

रूपाली और प्रिया की आपस में खूब पटती थी और दोनों हर बात एक दूसरे से शेयर करती थीं।

जब रूपाली ने अपनी बिखरती शादी के बारे में प्रिया को बताया तो उसी ने बदलाव के लिए गोवा का प्रोग्राम बना लिया।

खैर, दोनों फ्लाइट पकड़ कर गोवा पहुंच गईं।

बुकिंग एक रिसोर्ट में थी।

प्रिया बहुत बिंदास थी।

वो तो पूरी मस्ती के मूड में आई थी।

पीने में और मस्ती में रूपाली को भी कोई परहेज नहीं था।

ऐसे लोगों के लिए तो गोवा एक स्वर्ग है।

छोटे से छोटे कपड़ों में दोनों ने बीच पर फुल ऑन मस्ती की।

रूपाली ने प्रिया को छेड़ते हुए कहा, “तेरा मन सेक्स को नहीं करता?”

प्रिया उसकी बात को घुमा गई और बोली, “यहाँ तू है न! रात को बेड पर दोनों लेस्बियन हो जाएंगी!”

उसने कहते समय रूपाली के मम्मे नोच दिए।

दोनों हंस पड़ीं।

ये तो तय था कि आज रात बेड पर धमाल होने वाला था।

बीच पर जब वो लोग बीयर पी रही थीं, उनके पास एक स्मार्ट-सा लड़का आया और अंग्रेजी में पूछा कि क्या उन्हें फुल बॉडी प्राइवेट मसाज चाहिए।

उसने प्राइवेट शब्द पर जोर दिया।

प्रिया ने रूपाली की आँखों में देखा।

उसकी सहमति थी।

प्रिया ने उससे सारी डिटेल ली और उसे अपने एक साथी के साथ रात को 9 बजे आने को बोल दिया।

रूपाली कुछ असहज थी; कहीं कोई गड़बड़ न हो जाए।

प्रिया ने उसे समझाया कि रूम में मसाज तो बहुत व्यवहारिक और कानूनी है। गोवा में तो बहुत कॉमन है।

खैर स्नैक्स के साथ एक-एक पेग लगा कर दोनों उसका इंतजार करने लगीं।

डिनर तो 11 बजे तक मिलता था।

जॉन ने उनसे कह दिया था कि मसाज के पहले पेट हल्का रखें।

घड़ी देखकर 9 बजे जॉन और उसका एक दोस्त जॉय आ गए।

दोनों ही स्मार्ट और साफ-सुथरे थे।

प्रिया के मांगने पर उन दोनों ने अपना मसाज लाइसेंस और ट्रेनिंग सर्टिफिकेट दिखाए।

प्रिया जानना चाहती थी कि कहीं ये फ्रॉड न हों; बस ऐसे ही उनके जिस्म पर हाथ फिरा कर पैसे ले जाएं।

जॉन के कहने पर रूपाली और प्रिया ने अपने कपड़े हल्के किए।

मतलब वे केवल ब्रा-पेंटी में टॉवेल लपेट कर आ गईं।

तब तक जॉन और जॉय ने बेड के नीचे दो गद्दे और उन पर बेड शीट और ऊपर से बड़े टॉवेल बिछा दिए थे।

ये गद्दे जॉन के कहने पर प्रिया ने पहले ही मंगा लिए थे।

कमरे में इत्र की महक थी और बजाय लाइट के रोशनी के लिए उन लोगों ने सुगंधित मोमबत्तियां जला दी थीं।

कुल मिलाकर कमरे का माहौल रोमानी हो गया था।

जॉय ने कोई इंग्लिश म्यूजिक अपने मोबाइल पर चला दिया था।

जॉन ने रूपाली की और जॉय ने प्रिया की मसाज शुरू की।

कमरे में बहुत हल्की रोशनी थी।

प्रिया शायद पहले भी मसाज करा चुकी थी तो वो बहुत सहज थी और जॉय को सहयोग कर रही थी।

जॉय ने उसके हाथों और पैरों की मसाज करने के बाद उसे पेट के बल लिटाया और उससे पूछकर पीछे से ब्रा का हुक खोल दिया।

उसके हाथ अब प्रिया की नंगी पीठ पर फिसलने लगे।

इधर रूपाली कुछ असहज थी।

वो चाह रही थी कि इससे पहले कि वो गर्म हो जाए, कैसे भी मसाज खत्म हो जाए।

पर जॉन खेला-खाया था।

वो रूपाली के डर को समझ गया था इसीलिए बार-बार पूछ रहा था, “मेम, आपको कैसा लग रहा है? आप निश्चिंत रहें, जब आप असहज हों तो निस्संकोच मुझे बता दीजिएगा।”

उसकी बात सुनकर प्रिया ने रूपाली से कहा, “मसाज को एंजॉय कर, ज्यादा सोच नहीं!”

अब धीरे-धीरे रूपाली को भी अच्छा लगने लगा।

जब जॉन ने उससे उसकी ब्रा का हुक खोलने को पूछा और बताया कि प्रिया तो अपने अंडरगारमेंट्स पूरे उतार चुकी है।

रूपाली ने उचककर प्रिया को देखा तो जॉन सही था।

प्रिया आराम से चेहरे के नीचे हाथ लगाए उलटी लेटी थी और उसके जिस्म पर कोई कपड़ा नहीं था।

रूपाली की हिम्मत खुली तो उसने अपनी ब्रा का हुक खोल दिया।

जॉन ने उसकी पीठ पर कंधे से नीचे तक मसाज करते-करते उससे फुसफुसाकर पूछा कि अगर कोई दिक्कत न हो तो क्या वो उसकी पेंटी भी उतार दे, क्योंकि पेंटी उसके हाथ को नीचे तक घुमाने में बीच में आ रही है।

रूपाली की सांसें गर्म हो चली थीं।

उसने गर्दन हिला कर अपनी सहमति दे दी।

जॉन ने बड़ी नफासत से आहिस्ता-आहिस्ता उसकी पेंटी उतार दी।

अब जॉन की मसाज की कलाकारी चरम सीमा पर थी।

उसने कमर से नीचे फोकस करते हुए उसके पिछवाड़े को अच्छी मसाज दी और कभी-कभी उसकी टांगों के बीच हाथ करते हुए उसकी फांकों को भी सहला दिया।

प्रिया की आह-उह आनी शुरू हो गई थी और साथ ही फच-फच की आवाज भी।

रूपाली ने उधर नजर की तो पाया कि प्रिया अब सीधी लेटी है और जॉय उसके ऊपर लगभग चढ़ा हुआ है और उसकी चूत को अच्छे से मसाज दे रहा था।

प्रिया अपने मम्मे खुद अपने हाथों से मसल रही थी।

रूपाली की आग भी अब भड़क चुकी थी।

पर वो किसी भी हालात में मसाज बॉय से सेक्स नहीं करना चाहती थी।

जॉन के सीधी होने की बात कहने पर उसने मुस्कुरा कर मना कर दिया।

अब जॉन पीछे से ही उसकी फांकों के बीच अपनी हथेली से मसाज करने लगा।

जॉन ने दोबारा उससे धीरे से कहा, “अगर आप सहज हों तो सीधी हो जाइए। मैं आपको केवल ब्रेस्ट मसाज दे देता हूँ।”

रूपाली सीधी हो गई तो उसके मांसल कबूतर पर तेल लगाकर जॉन उन्हें मसलने सा लगा।

रूपाली की चूत में आग लग गई थी।

उसका मन हुआ कि वो जॉन का लंड पकड़ ले और उसे अपनी चूत में कर ले।

शायद प्रिया की चूत में तो जॉय का लंड पहुंच भी चुका था।

क्योंकि प्रिया की टांगें अब ऊपर उठी लग रही थीं।

पर रूपाली इस स्तर तक नीचे नहीं आना चाहती थी।

उसने जॉन से धीरे से कहा, “थोड़ी सी मसाज मेरी पसी पर कर दो, पर जब मैं रोकूँ तो रुक जाना।”

अब जॉन के हाथ नीचे पहुंच गए।

उसने ढेर सारा तेल रूपाली की मखमली फांकों पर और अपनी हथेलियों पर लगाया और बहुत सधे हुए हाथ से डीप मसाज शुरू कर दी।

रूपाली की आहें निकालनी शुरू हो गई थीं।

वो अपने हाथों से अपने मम्मे मसलने लगी।

बगल में प्रिया जॉय से तूफानी चुदाई करवा रही थी।

अब वो जॉय के ऊपर बैठ कर उछल रही थी।

जॉय ने उसके मम्मे पकड़ रखे थे।

जॉन ने भी अपनी शॉर्ट्स से अपना लंड बाहर करके रूपाली को पकड़ाना चाहा।

पर रूपाली इसके लिए मानसिक रूप से तैयार नहीं थी।

वो झटके से खड़ी हुई और “इट्स ओवर!”

कहकर तेजी से वॉशरूम में चली गई।

शावर लेकर और अपने को शांत करके जब वो वापस आई तब तक प्रिया भी निबट चुकी थी और जॉन और जॉय पैसे लेकर निकल ही रहे थे।

रूपाली ने उससे कहा, “जल्दी से तैयार हो जा, डिनर पर चलते हैं!”

प्रिया ने उससे चुदाई न करवाने की बात करनी चाही तो रूपाली बस इतना ही बोली, “मुझे अपनी लिमिटेशंस मालूम हैं।”

अगले दो दिनों दोनों ने जमकर मस्ती की, रात को एक दूसरे को खूब मसला, एक दूसरे की चूत खूब चाटी, पर किसी मर्द को बुलाने की बात न तो प्रिया ने की न रूपाली ने कोई हरकत की।

रूपाली ने आखिरी रात को प्रिया को अपने आगोश में लेते हुए पूछा, “तेरी इतनी हिम्मत कैसे हो गई कि तूने गैर मर्द के साथ मेरे सामने सेक्स कर लिया?”

प्रिया पहले तो मुस्कुराई फिर शांत होकर बोली, “तुझे क्या लगा कि मेरा और संजू का तलाक क्यों हुआ? जबकि संजय बहुत हैंडसम और अच्छा कमाता था।”

असल में संजू का दोस्तों का एक ग्रुप था।

वो लड़के लोग तो आपस में खूब पीते और जमकर मस्ती करते।

उसी बीच हम उनकी बीवियां भी अलग ग्रुप बनाकर ड्रिंक भी करतीं और बकचोदी भी करतीं।

मैंने महसूस किया कि उन दस लड़कियों में सिर्फ मुझे छोड़कर सभी के गैर मर्दों से सम्बन्ध थे।

उनमें से कुछ तो उसी ग्रुप के मर्द थे, कुछ बाहर के।

और मजे की बात ये कि उनमें से एक के संजू से सम्बन्ध थे।

वो अक्सर मिलते और सम्बन्ध बनाते।

अब उसके बाद तो मैं जिससे भी मिलती दस में से दो-तीन ऐसी मिल ही जातीं जिनके गैर मर्दों से सम्बन्ध थे।

मैंने संजू से खुलकर बात की तो उसने स्वीकारा कि हाँ उसके एक नहीं दो लड़कियों से सम्बन्ध हैं।

उसने मुझसे भी कहा कि मैं चाहूं तो किसी से भी सम्बन्ध बना लूं।

ऐसी वैवाहिक जिंदगी मुझे स्वीकार नहीं थी।

मुझे ऐसा लगने लगा कि हाई सोसाइटी में हर चौथी-पांचवीं लड़की ऐसी ही है जिसका किसी से शादी के बाद वाला अफेयर चल रहा है। चाहे वो जिस्मानी संबंध तक पहुंचा हो या मोबाइल पर ही खुलेआम इजहार-ए-इश्क हो रहा हो।

अब मैं तो अकेली हूँ। मेरी किसी से जवाबदेही नहीं।

कभी-कभी मस्ती के मूड में तो मैं भी ऐसा कर लेती हूँ पर रेगुलर नहीं करती।

रूपाली को ये कहानी सुनकर बहुत आश्चर्य हुआ।

प्रिया बोली, “घुट-घुटकर जीने से अच्छा है कि हम अपनी खुशी बाहर ढूंढ लें।”

रूपाली कन्फ्यूज हुई।

खैर दोनों गोवा में मस्ती करके रूपाली वापस आ गईं।

पर विवाहेतर सम्बन्ध वाली बात ने रूपाली के मन में उथल-पुथल मचा दी।

उसने रात को अभिजीत से रोते हुए कहा, “तुमने मुझे अपने से बिलकुल दूर कर दिया! मैंने तो तुमसे सिर्फ तुम्हारा साथ और प्यार चाहा था!”

अभिजीत ने उसे अपने से लिपटा कर कहा, “कुछ बड़ा करना मेरा सपना है, बस कुछ सालों की बात है, फिर मैं पूरा समय तुम्हें दूंगा।”

उस रात उन दोनों ने एक अच्छा सेक्स सेशन किया।

पर अगले दिन सुबह अभिजीत ने बताया कि वो और उसके पिता एक हफ्ते के लिए यूरोप जा रहे हैं।

रूपाली को बहुत गुस्सा आया, पर वो चुप रही।

इसका मतलब रात वाला सेक्स केवल भूमिका बनाने के लिए था।

दोपहर को अभिजीत का फोन आया कि रूपाली को कंपनी के काम से उदयपुर जाना है दो या तीन दिन के लिए; उसके साथ विनय जाएगा। दोनों की परसों की फ्लाइट बुक करवा दी गई है।

रूपाली ने गुस्से में मना करना चाहा।

पर कंपनी के प्रोजेक्ट का ख्याल करके वो चुप रही।

रात को अभिजीत की फ्लाइट थी।

उसने रूपाली को मनाना चाहा तो रूपाली उससे बस इतना ही बोली, “ऐसे तो तुम मुझे खो दोगे!”

अभिजीत बस मुस्कुरा दिया।

रूपाली नाराज तो थी ही, रात को बिना खाए सो गई।

सुबह उठी तो विनय का फोन था।

उसने बताया कि कल दोपहर की फ्लाइट है।

रूपाली फटाफट नहा-धोकर तैयार हुई और नाश्ता करके ऑफिस चली गई।

दोपहर तक काम करके वो वहीं से ब्यूटी पार्लर चली गई।

फेशियल, वैक्सिंग, हेयर सेट करवा कर वो शाम तक घर आई।

उसने अब जिंदगी जीने का मन बना लिया था।

डिनर करके उसने अपना सामान पैक किया।

बड़े करीने से उसने नेल पेंट लगाया।

आज उसका लुक बदला हुआ था।

बहुत दिनों बाद उसने खुशी-खुशी बाहर जाने की तैयारी की थी।

तैयारी में वो कंडोम का पैकेट रखना नहीं भूली।

विनय सुबह समय से आ गया था।

रूपाली तैयार थी।

दोनों एयरपोर्ट चले गए।

उदयपुर पहुंचकर दोनों सीधे काम पर लग गए।

बजाय होटल जाने के, विनय ने समय बचाने के लिए एक दिन भर की टैक्सी बुक की और जिन कंसल्टेंट्स से मिलना था उनसे मीटिंग और फिर साइट विजिट करते हुए दोपहर बाद होटल पहुंचे।

उनके बराबर-बराबर के दो रूम बुक थे।

रूपाली का तो सूट था।

रूपाली भुनभुनाई, “इतने बड़े रूम की क्या जरूरत थी?”

विनय मुस्कुराया, “आखिर एमडी हैं आप।”

रूपाली कुनमुनाई, “तुम तो बोलो ही मत, चमचे हो अभिजीत के।”

विनय मुस्कुरा दिया और बोला, “बड़ी जोर से भूख लगी है। आप चाहें तो चेंज कर लें फिर बाहर चलते हैं।”

रूपाली ने कहा, “आज शाम की भी कोई मीटिंग है क्या?”

विनय बोला, “कल दोपहर से पहले कुछ नहीं। फिर दिन भर व्यस्तता रहेगी।”

रूपाली फ्रेश हुई और स्कर्ट के साथ टॉप पहन कर बाहर आई।

विनय लॉबी में बैठा कॉफी पी रहा था।

उसने भी जींस और टी-शर्ट पहनी थी।

दोनों माशूक और माशूका से लग रहे थे।

उसे देख विनय खड़ा हुआ और कॉफी के लिए पूछा।

रूपाली बोली, “खाना खाना है, भूख लगी है।”

पर उसने विनय के कप से एक सिप ले लिया।

ये विनय के लिए भी एक सरप्राइज था।

इतनी बिंदास रूपाली उसके साथ पहले कभी नहीं हुई।

“चलो और सुनो, अब कल दोपहर तक मैडम नहीं कहना।”

विनय बोला, “फिर क्या कहूं?”

रूपाली ने उसका हाथ थामते हुए कहा, “जो तुम हमेशा कहते हो।”

विनय बोला, “ओके रमोला…”

सन ग्लासेज लगाए दोनों उदयपुर की सड़कों पर निकल लिए।

उनकी टैक्सी एक बहुत महंगे रेस्टोरेंट के बाहर रुकी।

रूपाली ने विनय का हाथ पकड़ा और रेस्टोरेंट में दाखिल हुई।

उन्हें देखकर फ्रंट डेस्क मैनेजर आया और उन्हें एक टेबल पर ले जाकर बिठाया।

आर्डर देने के बाद विनय बोला, “आज आप अलग ही नजर आ रही हैं।”

रूपाली उठ खड़ी हुई।

विनय चौंका, “क्या हो गया?”

रूपाली बोली, “कल दोपहर तक न मैं तुम्हारी एमडी न तुम मेरे स्टाफ। हम केवल दोस्त हैं। और दोस्त एक दूसरे को आप नहीं, तुम बोलते हैं। अब चलो मेरे लिए सिगरेट जलाओ। और हाँ, अपने मालिक से मत बोलना कि मैं सिगरेट पीती हूँ।”

दोनों हंस दिए।

अभी तक की हॉट गर्ल्स फुल न्यूड मसाज़ स्टोरी पर विचार आमंत्रित हैं.

हॉट गर्ल्स फुल न्यूड मसाज़ स्टोरी का अगला भाग: ये चूत मांगे सेक्स- 3

चर्चा(0)

चर्चा में शामिल होने के लिए साइन इन करें।

अभी कोई टिप्पणी नहीं। सबसे पहले आप लिखिए!

विकल्प