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मेरी रंडी बीवी की डबल चुदाई दो मर्दों से

0 बार पढ़ी गई15 मिनट का पाठलगभग ८ घंटे पहले

हॉट वाइफ फक स्टोरी में मेरी बीवी को पराये लंड लेने का चस्का लग चुका था. मेरा लंड छोटा था तो मैं भी चाहता था कि वह अपनी चूत बाहर से चुदवाकर सेक्स का मजा लेती रहे.

दोस्तो,

मेरी पिछली कहानी

मेरी रंडी बीवी ने लुकाछुपी में यार से चुदवाया

पर मुझे आपके काफी संख्या में ईमेल आए, तो आज बहुत दिनों बाद मैं आप सभी के लिए कुछ नया लिखने जा रहा हूँ.

सभी यह जानना चाहते हैं कहानी सच्ची है या काल्पनिक.

तो दोस्तो, यह हॉट वाइफ फक स्टोरी बिल्कुल सच्ची है और यदि आपको यह पसंद आती है, तो मुझे लिखना जरूर.

अनिका मेरी बीवी है और वह एक सुंदर सी सेक्स महिला है.

मेरी मर्दाना कमजोरी यानि के मेरी छोटी सी लुल्ली के कारण वह आज एक बाजारू रण्डी से भी ज्यादा चुदक्कड़ होकर पूरे मोहल्ले की कॉल गर्ल बन चुकी है.

मेरा पूरा ऑफिस इसका ग्राहक बन गया है, ये सब तो आपने मेरी पिछली कहानी में पढ़ा ही होगा.

अब मुझे भी उसके रण्डीपन से कुछ मतलब नहीं रहा.

मैं उसके साथ बस पति होने के नाते रहता हूँ और अपने मतलब वाला सीमित प्यार करता हूँ.

क्योंकि भले ही मेरा लंड छोटा सा है और मैं ज्यादा देर तक टिक भी नहीं पाता हूँ लेकिन मेरे लिए ये एक फ्री की रण्डी थी, जो मेरे लंड को भी कभी कभी राहत दे देती थी.

इसलिए मैं इसके साथ रह रहा था.

मैं जहां का रहने वाला हूं, वह काफी मशहूर जगह है.

मैं बहुत दिन तक अपने काम में व्यस्त रहने के बाद एक दिन फ्री हुआ.

तो मैंने अपनी बीवी अनिका से कहा और ऐसे ही शुक्रवार की शाम को घर पर हम दोनों का दारू पीने का प्लान बन गया.

हम दोनों अक्सर ही साथ में ड्रिंक करते हैं.

पर कहीं काम में बहुत बिजी होने के कारण घूमना फिरना होता रहता था तो प्लान बन नहीं पा रहा था.

एक लंबे वक्त के बाद हम दोनों साथ में बैठ कर दारू पीने वाले थे.

उस दिन मैंने घर आते वक्त बना हुआ नॉनवेज और उसकी पसंदीदा ड्रिंक ले ली और घर आ गया.

मैंने घर आने से पहले ही उससे सजकर रहने के लिए बोल दिया था.

हालांकि उसने मेरी बात पर खिल्ली उड़ाने वाले अंदाज में हंस दिया था तो मैं समझ गया था कि वह क्यों हंस रही है.

उसका मतलब था कि एक दो मिनट की पुल्ल पुल्ल वाली चुदाई के लिए क्या सजना.

खैर … जब मैं घर पहुंचा, तब घर में एक मेहमान पहले ही मेरी बीवी की ले रहा था.

मैंने डोरबेल बजाई, तो कुछ पल बाद उसके दोस्त विजय ने दरवाजा खोला.

विजय हमारी सोसायटी के सेक्रेटरी का बेटा था.

मैं अन्दर आया तो कमरे के अन्दर अनिका साड़ी पहन रही थी.

शायद उसकी एक बार की चुदाई हो चुकी थी.

मैं कमरे के अन्दर आ गया, तब तक विजय ने जाने की कही.

मैंने आवाज देकर उससे कहा- थोड़ा रुकते तो खाना खा कर जाते!

वह हंस कर बोला- मेरा हो गया, जो मुझे खाना था … मैंने खा लिया!

वह शायद अनिका के साथ उसकी चुत और दूध को खाने के बारे में कह रहा था.

उसकी बात सुनकर अनिका भी हंस दी.

विजय चला गया.

मैंने अनिका की तरफ देखा तो वह मस्त नेट वाली पिंक साड़ी और ब्लैक ब्लाउज में महंगी रांड लग रही थी.

मेरा उसे इस तरह से देखकर मूड बन गया.

हम दोनों तैयारी करके पीने बैठ गए.

दो पैग मारने के बाद मैंने उसका पल्लू हटा दिया और उसके दूध दबाने लगा.

वह सिगरेट पीती हुई सिर्फ मुझे देख रही थी.

तभी वह यहां-वहां की बातें करती हुई बोली- यार तुम बस घर में दारू पिलाते हो, कभी पब में या बार में लेकर नहीं गए!

मैंने उसके ब्लाउज के सामने वाले बटन खोले.

मेरे सामने उसके दोनों कबूतर एकदम नुचे हुए से लग रहे थे जिनको कुछ ही देर पहले विजय लाल करके गया था.

मैंने विजय के मुँह से चूसे हुए मम्मों को लेकर बीवी से कुछ न बोलते हुए कहा- अरे जानू, इसमें क्या बड़ी बात है. अपन दोनों कल ही चलते हैं बार में!

इतना सुनते ही वह जोश में आ गई और मुझे अपने मम्मों पर खींच कर किस करने लगी.

दो दो पैग हो गए थे तो शायद उसे भी दारू का नशा हो गया था. वह मेरे होंठ चूसने लगी.

कुछ दो या तीन मिनट किस करने के बाद मैं उठ कर खड़ा हो गया और अपनी बेल्ट उतारने लगा.

पर विजय को देख कर मैंने पटियाला पैग लगा लिए थे तो दारू ज्यादा हो गई थी और उसी के कारण मुझसे अपनी पैंट ही नहीं खुल पा रही थी.

अनिका ने अपने हाथ से मेरी पैंट उतार कर अलग रख दी और आज अचानक से वह मेरा लंड अपने मुँह में लेने लगी.

पर मेरा लंड कोई मर्द का लंड तो था नहीं, जो लंबा चलता.

जल्दी ही वह उसी के मुँह में फिच्च फिच्च हो जाता तो वह मुझे पता नहीं कितनी गाली बकती.

हालांकि गाली तो वह चुदने के बाद भी बकेगी, ये तो पक्का था क्योंकि मेरा लंड उसकी चुत को भभका कर ठंडा हो जाता है.

खैर … मैं अनिका का मुँह चोदना नहीं चाहता था तो थोड़ा पीछे हट गया.

पर अनिका ने मेरी गांड को अपने दोनों हाथों से पकड़ कर मुझे जोर से अपनी ओर खींचा और मुँहे में मेरा लंड दबा लिया.

मैं नशे की टुन्नी में कुछ कर ही नहीं पाया.

एक मिनट तक लंड चूसने के बाद उसने मुझे छोड़ दिया और हाथ पकड़ कर बेड पर लेकर आ गई.

उसने मेरे सामने साड़ी उतार दी और जल्दी जल्दी अपने बाकी के कपड़े हटा कर वह पूरी नंगी हो गई.

अब वह मुझे बिस्तर पर लिटा कर मेरा लंड चूसने लगी.

मैंने देखा कि उसकी जांघें और पीठ पर बहुत से निशान बने हुए थे.

शायद बहुतों ने उसे इस हफ्ते चोदते वक्त ये निशान दिए थे.

अनिका ने मेरा लंड पूरा गीला करने के चक्कर में ऐसा चूसा कि मैं चाह कर भी झड़ने से खुद को रोक न सका और मेरे लंड से पिचकारी निकल गई.

मैं उसके मुँह में ही झड़ गया और मुझे होश ही न रहा कि अनिका ने क्या कहा.

मैं दारू के नशे में गिर कर सो गया.

सुबह जब मैं उठा, तब अनिका किचन में थी और मैं बेड पर नंगा पड़ा था.

मैं अंगड़ाई लेते हुए मुँह से आह की आवाज निकाली, तो अनिका ने मुझे देखा और कहा- शाम का प्लान भूल मत जाना!

मैं चुपचाप उठा और फ्रेश होकर पब या बार को देखने लगा और एक बार में हम दोनों की शाम की बुकिंग करने में लग गया.

तभी अनिका मेरे पास आकर बोली- ये सब तुम मुझ पर छोड़ो, तुम बस आठ बजे तैयार रहना.

मैं समझ गया कि शायद सब प्लान बन गया था.

कुछ देर बाद मैं नाश्ता आदि करके घर से निकल गया और अपने काम में मशरूफ़ हो गया.

दिन भर काम करके मैं 7 बजे घर वापस आया तो अनिका घर नहीं थी.

मैंने उसे कॉल किया तो वह किसी ब्यूटी पार्लर में गई थी.

उसने मुझसे उस पार्लर से ही 8 बजे ले लेने का बोल दिया.

यह कह कर उसने पार्लर की लोकेशन भेज दी.

मैं अपना काम खत्म करके उस पार्लर के नजदीक आ गया.

मैंने फोन लगाया तो अनिका ने ऊपर आने का कह कर थोड़ा इंतजार करने के लिए कहा.

मैं ब्यूटी पार्लर में आया तो मुझे वेटिंग रूम में बिठा दिया गया.

फिर जब अनिका आई तो मैं उसे देख कर दंग रह गया.

वह एक बहुत ही छोटी सी शॉर्ट स्कर्ट पहनी हुई थी, जो उसकी गांड से जरा सा ही नीचे तक आ रहा था.

ऊपर उसने जो टॉप पहना था, वह खुले गले का था और उसके आधे से ज्यादा चूचे बाहर आने की कोशिश में रेस लगा रहे थे.

वह एक कदम चलती तो उसके दोनों दूध उछल उछल कर बाहर निकलने को उछल कूद मचा रहे थे.

उसका वह टॉप पीछे से बैक लैस था जिस वजह से कमर तक तो उसका पूरा मैदान खुला था.

उसने ड्रेस पहना ही इसलिए था कि कोई उसे देखे तो चोदने का ऑफर दे दे … और वह पैसा बताकर उसे अपनी सवारी करने के लिए किसी कमरे में ले जाए.

हम दोनों अनिका की बताई जगह पर गए, जिसका नाम हाइपर पब था.

वहां पर मैंने अपनी बीवी के साथ एंट्री की, तो वहां मेरी बीवी की तरफ सारे कामपिपासु मर्दों की नजरें घूर घूर कर उसे देखने लगीं.

वे सब मेरी बीवी को चोदने की ख्वाहिश जता रहे थे.

मैंने देखा कि वहां पर आई हुई लगभग सारी लड़कियां अनिका के जैसी मॉडल वाली हॉट ड्रेस में आई हुई थीं.

वे लड़कियां भी मेरी बीवी को किसी जलन की नजर से ताड़ रही थीं.

अन्दर आकर अनिका ने एक टेबल पर अपना हैंड बैग रख दिया.

यह जगह पहले से ही बुक कर रखी थी.

हम दोनों वहां पर बैठ गए और दारू ऑर्डर की.

उधर से डांसिंग वाला पूरा स्टेज साफ दिख रहा था और वहां मुझे अचानक से विजय दिख गया जो कल ही घर आया था.

मैंने अनिका की तरफ देखा.

उसकी और विजय की नजरें मिल चुकी थीं.

विजय ने हम दोनों को सामने से डांस के लिए आने का इशारा किया.

मैं अनिका का हाथ पकड़ कर विजय के पास गया.

विजय अकेला नहीं था, उसके साथ एक कपल भी था.

उस कपल में एक बहुत ही सेक्सी लड़की थी, जिसका नाम नताशा था.

और उसके साथ बड़े बाइसेप्स वाला एक लंबा दोस्त था, उसका नाम ऋषि था.

फिर हम सब गाने पर थिरकने लगे.

मेरी बांहों में अनिका थी, पर अनिका के पीछे नाच रही नताशा के बदन से मेरी नजर हट ही नहीं रही थी.

थोड़ा डांस करने के बाद विजय नताशा के पास जाकर उसके कान में कुछ बोला और ऋषि को लेकर वहां से ड्रिंक लेने चला गया.

अब नताशा हमारे पास आई और साथ में डांस करने लगी. डिम लाइट में 4 पैग के बाद नशा पूरा जोर पर था … ऊपर से नताशा अनिका के जलवे देखकर मजे आ रहे थे.

अनिका थोड़ा पीछे को हटी.

मैंने झट से नताशा की कमर में हाथ डाल दिया और उसके साथ नाचने लगा.

पीछे अनिका को विजय और ऋषि ने पकड़ लिया और उसके आगे पीछे नाचने लगे.

मैंने देखा कि ऋषि बार बार अनिका की गांड पर अपना हाथ फेर रहा था और विजय आगे से अनिका की बड़ी बड़ी चूचियों को आंखों से नाप रहा था.

अनिका ने मेरी ओर देखा, मेरे पास नताशा नाम का बम था, तो मैंने आंख दबा कर अनिका को भी एंजॉय करने का इशारा कर दिया.

दस मिनट बाद नताशा को बाथरूम जाना था, तो वह दो मिनट की कहकर चली गई.

मैंने तब अनिका की ओर देखा तो डांस फ्लोर पर वह नहीं थी.

विजय और ऋषि भी नहीं थे.

मैं समझ गया कि ये मेरे साथ खेल हुआ है.

उस वक्त मैं अकेला रह गया था.

मुझे पक्का पता था कि अब मेरी बीवी उन दोनों सांडों से चुद रही होगी.

मैं उसे ढूंढने लगा.

तभी नताशा वहां आ गई और ‘मुझे जाना है’ कहकर जाने लगी.

मैंने पूछा- ऋषि और विजय कहां गए?

उसने कहा- मुझे नहीं पता, मैं असल में उनके साथ नहीं आई थी. वे दोनों तो बाहर पब की एंट्री में मिले थे और मुझे फ्री में ड्रिंक पिलाने के बहाने से ले आए थे. मुझे अब देर हो रही है तो प्लीज मैं जा रही हूँ.

वह गांड हिलाती हुई चली गई.

मैंने मोबाइल में देखा तो रात के ग्यारह बज चुके थे.

मैं अनिका को बाहर ढूंढने निकला.

सब जगह ढूंढने के बाद जब वह नहीं मिली तो मैं अपनी गाड़ी के साइड में आकर रुक गया.

मैं अपने दिमाग में बस यही सोच रहा था कि वे दोनों सांड मेरी बीवी को कैसे चोद रहे होंगे.

मैं अभी ये सब सोच ही रहा था कि तभी जहां पर पब की पार्किंग थी, वहां से आगे एक रूम बना हुआ था.

उधर अंधेरा था … पर अचानक से मुझे वहां ऋषि दिखा, वह पेशाब कर रहा था.

उसके लंबे कद के कारण वह मुझे समझ में आ गया था.

में जल्दी से वहां गया. मूतने के बाद ऋषि रूम में घुस गया.

मैंने देखा कि उस रूम का दरवाजा पुरानी लकड़ी का था और बरसात के पानी से सड़ चुका था. कुछ टूटा फूटा सा था.

मैं उस टूटे दरवाजे से झांक कर देखने लगा.

अनिका अपनी पैंटी निकाल कर डॉगी स्टाइल में खड़ी थी और विजय उसे पीछे से चोद रहा था.

वह बड़े आराम से मेरी बीवी की चुत में अपना लंड अन्दर बाहर कर रहा था.

ऋषि मूत के आया और मेरी बीवी के सामने खड़ा हो गया. उसने अपने फोन का टॉर्च चालू किया और अपना लंड अनिका के कोमल होंठों में देने लगा.

अनिका दारू के नशे में मस्त मगन होकर उसके लंड को मुँह में लेकर चूसने लगी.

अब मेरी रांड बीवी दोनों साइड से लॉलीपॉप ले रही थी.

ऋषि ने मेरी बीवी के दूध मसलते हुए विजय से कहा- मस्त टांका मिला है तुझे विजय … इसे तो इसके घर पर नहीं बल्कि जंगल में भी चोदने का मजा लूँगा.

तब मुझे पता चला कि ये ऋषि भी मेरी बीवी की लेने मेरे ही घर पर आने की बात कर रहा है.

विजय ने कहा- हां हां यार, अगली बार इसे जंगल में ही चोदेंगे.

तभी विजय ने पीछे से अपनी स्पीड बढ़ाई.

अनिका जोर जोर के हांफती हुई चिल्ला चिल्ला कर लंड ले रही थी.

अचानक उसका दांत ऋषि के लौड़े में लग गया.

लंड पर दांत लगते ही ऋषि ने ‘आह मादरचोद ने काट लिया लौड़े को’ कहा और एक जोरदार तमाचा अनिका के गाल पर जड़ दिया.

वह गाली देते हुए बोला- बहन की लौड़ी रण्डी ठीक से लंड चूस … नहीं तो इससे भी जोरदार तमाचा खाएगी कुतिया.

ऋषि ने अनिका के बाल पकड़ कर अपनी कमर को झटका देते हुए गुस्से से उसके मुँह में गले गले तक लंड पेलने लगा.

विजय ने ऋषि के मुँह से गाली सुनी तो उसने भी पीछे से अनिका की गांड पर जोर से तमाचा लगा दिया.

वह बोला- मेरा भाई जैसा बोले, वैसा कर!

तब मुझे समझ में आया कि कल रात को अनिका के जिस्म पर जो निशान थे, वे इन दिनों ने ही दिए थे.

अब मैं भी अपना लंड निकाल कर साइड में अंधेरे में खड़ा हो गया.

ऋषि ने अनिका के मुँह से लंड निकाला और अब वह विजय की जगह पीछे आ गया.

ऋषि ने मेरी बीवी की गांड पर थूक लगाया और अन्दर डालने लगा.

विजय आगे आ गया और अनिका के आगे झुक गया ताकि अनिका उसकी गांड चाट सके.

ऋषि बोला- मैं जितना तेरी गांड को मजा दूँ, उतना ही तू विजय की गांड चाट कर उसे मजा देगी.

यह कह कर वह मेरी बीवी की गांड चोदने लगा. आगे से विजय अपनी गांड चटवा रहा था और पीछे से अनिका खुद अपनी गांड मरवा रही थी.

वे तीनों मस्ती से आह आह करते हुए हॉट वाइफ फक का मजा ले रहे थे.

दस मिनट बाद ऋषि ने अनिका को सीधा खड़ा होने कहा और जैसे ही वह खड़ी हुई, उसने अनिका को अपनी बांहों में भर कर उठा लिया.

जैसे ही अनिका ऋषि के लंड पर चुत टिका कर लटकी, वैसे ही विजय ने पीछे से उसकी टांगों को खोल कर अपना लंड गांड में पेल दिया.

उसी वक्त ऋषि ने अनिका की चुत में लंड पेल दिया. मेरी बीवी की आह आह निकलने लगी और वह उन दोनों के लंड से अपने दोनों छेद चुदवाने लगी.

वे दोनों भी मेरी बीवी को खड़े खड़े ही जोर जोर से चोदने लगे.

ऋषि बहुत ही हट्टा-कट्टा मर्द था.

उसका तो लंड भी मेरे हाथ की कलाई बराबर था.

दस मिनट के बाद अनिका ने ऊपर देख कर आंखें सफेद कर दीं.

वह बहुत थक चुकी थी.

उसकी दशा देख कर उन दोनों ने अपने अपने लंड बाहर निकाल लिए और अनिका को घुटनों पर बिठा दिया.

वे दोनों उसके मुँह पर लंड मारते हुए मुठ मारते हुए लंड को हिलाने लगे.

ऋषि ने कहा- विजय साले, तेरा ये प्लान सक्सेस हो गया. पता नहीं इसका पति आज कहां गांड मरवा रहा होगा. आज उस लौंडिया नताशा का लालच देकर इस भाभी के पति को चूतिया बना दिया.

तभी अनिका ने कहा- अरे राजा, कल ही ये सब तय हो चुका था. अब तो आप दोनों का माल खा कर ही घर जाऊंगी.

विजय बोला- कल तो इसके चूतिया पति ने मुझे रंगे हाथों पकड़ ही लिया था … नहीं तो कल भी इसे मैं अपने लंड का माल खिला देता.

तभी अनिका ने ऋषि का लंड मुँह में भर लिया और जोर जोर से चूसने लगी.

उसी वक्त ऋषि आह आह करते हुए मेरी बीवी के मुँह में झड़ गया.

कुछ पल बाद विजय ने भी अनिका के मुँह में अपना लंड देकर जोर जोर से उसके मुँह को चोदना चालू कर दिया.

दो मिनट बाद वह भी मेरी बीवी के मुँह में झड़ गया.

अनिका उन दोनों का पूरा माल पी गई.

उसने ऋषि को स्पेशल थैंक बोला. उस ड्रेस के लिए जो शायद उसी ने अनिका को खरीद कर दिया था.

मैं उस कमरे से पीछे को हुआ और वापस गाड़ी में आकर बैठ गया.

थोड़ी देर बाद वे तीनों आ गए.

मैंने ऐसा नाटक किया कि मुझे बहुत चढ़ी है.

ये देखकर अनिका ने कहा- चलो साथ में चलते हैं.

उसने मुझे पीछे बिठाया और विजय ने गाड़ी चलाई.

अनिका आगे बैठ गई.

विजय गाड़ी चलाते हुए उसकी चूत में उंगली कर रहा था और ऋषि एक साइड से हाथ डाल कर उसकी चूची को जोर जोर से मसल रहा था.

हम सब घर पहुंच गए.

उन तीनों ने मुझे रूम में लिटा दिया और मेरे बाजू में ही मेरी बीवी को नंगी करके सारी रात चोदा.

वह सब कैसे हुआ, यदि आप लोग मुझे मेल करके पूछेंगे तो मैं अपनी अगली सेक्स कहानी सब कुछ विस्तार से बताऊंगा.

यह हॉट वाइफ फक स्टोरी कैसी लगी?

धन्यवाद.

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