ऑफिस में बनी फ्रेंड के साथ सेक्स- 1
माल गर्ल इन रूम कहानी में मेरी जॉब लगी तो अपनी सीनियर लड़की से मेरी दोस्ती हो गयी. वह अपने बॉयफ्रेंड से खुश नहीं थी तो मेरे साथ वक्त बिताने लगी. एक बार वह मेरे कमरे में आई तो …
नमस्कार दोस्तो, मेरा नाम अभि (बदला हुआ) है और मेरी उम्र 25 साल की है.
मैं दिखने का एकदम गोरा हूँ, हां थोड़ा स्थूल हूँ पर आकर्षक हूँ और मेरी हाइट 172 सेंटीमीटर है.
खास तौर पर लड़कियों की जानकारी के लिए बताना चाहूँगा कि मेरा लंड 7 इंच लंबा और 3 इंच मोटा है.
मेरी बेस्ट फ्रेंड का नाम प्रिया (बदला हुआ) है, उसकी उम्र 24 साल की है.
प्रिया हाइट में थोड़ी छोटी है. वह मेरे कंधों से नीचे आती है और उसका फिगर 32-30-34 का है जिसे बाद में मैंने उसे चोदने के बाद नापा था.
तो बात ऐसी है कि मैं दिल्ली में एक ऑफिस में जॉब करता था.
वहां मेरा कोई फ्रेंड नहीं था.
मैं अभी कुछ ही समय पहले इस ऑफिस में जॉब में लगा था इसलिए किसी से कोई खास जान पहचान ही नहीं हुई थी.
जॉब के सिलसिले में एक महीने पहले ही दिल्ली मैं अपने भाई के पास आया हुआ था इसलिए उधर भी मेरा किसी से कोई वास्ता नहीं था.
शुरू शुरू में मैं किसी से बात नहीं करता था, बस अपना काम करता और टाइम से घर निकल जाता था.
प्रिया भी मेरे ही ऑफिस में काम करती थी.
वह मेरी सीनियर थी.
एक दिन ऐसे ही मुझको किसी काम के चलते कुछ मदद की जरूरत थी.
मेरे आस-पास उस वक्त बस वही थी, तो मैंने उससे मदद करने को बोला- हेलो … मैं यहां नया हूँ तो आप मुझको ये समझा दोगी?
मुझे मेरे काम से संबंधित जो समस्या थी, वही मैंने उससे पूछा था.
प्रिया- हां बिल्कुल, क्यों नहीं!
फिर उसने मेरे हाथ से लैपटॉप लिया और मुझको सिखाने लगी कि ये ऐसे होता है आदि आदि.
मतलब मेरी जो भी समस्या थी, वह उसने बड़ी आसानी से सॉल्व कर दी.
मैंने उसे थैंक्यू बोला.
उसने भी स्माइल के साथ कहा- नो प्राब्लम!
दूसरे दिन शाम को मैं किसी काम से अपनी बाइक से मार्केट गया हुआ था तो उधर मुझको प्रिया दिखी.
उस दिन वह भी किसी काम से उधर आई हुई थी.
उसने काली जींस और लाल रंग का टॉप पहना हुआ था.
जैसे ही वह मुझे दिखी तो मैं सामान्य औपचारिकता के लिए उससे हाय हैलो करने के लिए रुक गया.
मैं- हैलो!
प्रिया- हय.
मैं- यहां क्या कर रही हो?
प्रिया- शॉपिंग!
मैं- ओके फिर क्या लिया?
प्रिया- ऐसे ही बस कुछ कपड़े शूज बुक्स.
दोस्तो, मैं बताना भूल गया कि वह जॉब के साथ साथ प्राइवेट कॉलेज से पढ़ाई भी कर रही थी.
यह मुझे भी बाद में ही पता चला था.
‘तुम यहां क्या कर रहे हो?’
मैं- अरे ऐसे ही रूम पर बोर हो रहा था, तो सोचा कहीं बाहर घूम आऊं!
प्रिया- अकेले ही आए हो घूमने?
मैं- हां … कोई फ्रेंड ही नहीं है यहां, सो अकेले ही घूम लेता हूँ.
प्रिया- ओह ग्रेट.
मैं- अगर आप फ्री हो, तो हम साथ में चाय कॉफ़ी पी सकते हैं क्या?
प्रिया- यार, मेरा ब्वॉयफ्रेंड मुझे लेने आने वाला है, तो फिर कभी!
मैं- अरे अभी आया तो नहीं ना … जब वह आएगा तब चली जाना … ठीक! अभी चाय पी लेते हैं और आप भी यहां कहाँ अकेले खड़ी रहोगी!
मेरी इस बात पर वह मान गई.
उसके बाद हम दोनों पास ही में बने एक रेस्टोरेंट में आ गए.
हम दोनों ने खूब बातें की जिसमें उसने अपने ब्वॉयफ्रेंड के बारे में बताया कि उसका नाम रवि (बदला हुआ) है और वह इधर दिल्ली में ही कोचिंग लेकर सरकारी जॉब की तैयारी कर रहा है. इसलिए उसके पास अभी ज़्यादा टाइम नहीं रहता कि हम दोनों मिलें, घूमें या वह सब करें … जो कपल्स करते हैं.
मैं उसकी बात सुनता रहा और हां हूँ करता रहा.
फिर उसने मुझसे पूछा- तुम्हारी कोई जीएफ नहीं है क्या?
तो मैंने मना किया.
वह बोली- यार तुम तो अच्छी ख़ासे दिखते हो, बातें भी अच्छी कर लेते हो, तो फिर क्यों नहीं है तुम्हारी कोई जीएफ?
मैंने कहा- मैं मोटा हूँ, तो मेरे अन्दर कॉन्फिडेन्स ही नहीं आता कि मैं किसी को प्रपोज कर सकूं.
वह मुस्कुरा दी.
उसके बाद हम दोनों ने करीब 15-20 मिनट बातें की और इतने में उसका ब्वॉयफ्रेंड आ गया.
वह मुझे बाई बोल कर चली गई.
मैं भी अपने घर आ गया.
अभी तक मेरे मन में उसके लिए ऐसा कुछ भी नहीं था.
उसके बाद ऑफिस में हम दोनों की हाय हैलो रोजाना होने लगी.
हम दोनों लंच शेयर करने लगे और हमारी दोस्ती बहुत गहरी हो गई.
उसकी वजह से उसकी जो सहेलियां थीं, उनसे भी मेरी अच्छी दोस्ती हो गई.
ऐसे ही में छह महीने बीत गए.
फिर हम दोनों आपस में काफी खुल गए और अपने बीच सब कुछ साझा करने लगे.
उसने बताया कि कैसे उसका ब्वॉयफ्रेंड उसको पढ़ाई की समस्या की वजह से गंदी गंदी गालियां देता है और कभी कभी तो बहुत ज्यादा उल्टा सीधा बोल देता है!
तो मैंने उससे कहा- यदि दिक्कत है, तो उससे ब्रेकअप कर लो.
हालांकि वह ब्रेकअप भी नहीं करना चाहती थी.
तो ऐसे ही हम दोनों के बीच सब कुछ चलने लगा.
एक दिन मैं ऑफिस से अपने घर अपनी बाइक से वापस आने को हो रहा था कि तभी बारिश आने लगी थी.
मैंने रेन कोट पहना और बाइक स्टार्ट की.
इतने में मैंने देखा कि प्रिया पार्किंग में ही है.
मैं उससे पूछने गया- घर नहीं जा रही हो क्या?
उसने कहा- यार जाना तो है, लेकिन ये बारिश होने लगी है.
मैंने कहा- तुमको ऐतराज़ ना हो तो मैं तुमको छोड़ देता हूँ!
वह झट से मान गई.
अब मैंने अपना रेन कोट उसको दे दिया और मैं भीगता हुआ चल दिया.
फिर जल्दी ही हम दोनों उसके घर पहुंच गए.
उसने मुझे अन्दर आने को कहा और बोली- तुम पूरे भीग गए हो, कपड़े चेंज कर लो और गर्म चाय पी लो.
यह कहते हुए उसने मुझे अन्दर बुलाया.
मैं भी चला गया.
वह अकेली ही रहती थी.
उसकी जो मकान मालकिन थी, वह भी बहुत अच्छी थी.
मकान मालकिन ने मुझे आते हुए देखा तो उससे पूछा- यह कौन है?
तो उसने कहा- ऑफिस का फ्रेंड है. बारिश के चलते मुझे घर छोड़ने आया है.
उसकी मकान मालकिन कुछ नहीं बोली.
प्रिया फर्स्ट फ्लोर पर रहती थी तो हम दोनों सीढ़ियों से ऊपर जाने लगे.
ऊपर जाकर प्रिया ने जैसे ही लॉक खोला, तो सामने चेयर पर उसके अंडर गारमेंट्स रखे हुए थे.
उसने जल्दी जल्दी वह सब उठाए और मुझसे बैठने को बोला.
पर उसी जल्दीबाज़ी में उसकी लाल रंग की पैंटी नीचे गिर गई.
मैंने सामान्य भाव से देखा तो वह भी थोड़ी सहज हो गई.
मैं पूरा भीगा हुआ था तो उसने मेरे लिए तौलिया लाकर मुझे दे दिया.
क्या मस्त महक आ रही थी उसकी तौलिया में से.
मैंने वॉशरूम का पूछा और वॉशरूम में आ गया.
वहाँ मैंने देखा कि उसके और भी कपड़े रखे हुए थे. उसमें अंडरगारमेंट्स भी थे, ब्रा पैंटी नाइटी आदि.
मैंने सुसू की और बाहर आने को हुआ.
तब तक उसने भी चेंज करना चालू कर दिया था.
इस वजह से उसने आवाज देते हुए मुझसे कहा- अभी तुम अन्दर ही रहना, मैं कपड़े चेंज कर रही हूँ.
मैंने ओके कह दिया और उसकी ब्रा सूंघने लगा.
फिर जब मैं उसकी आवाज ‘आ जाओ’ सुनकर बाहर आया तो वह कयामत लग रही थी.
मैंने पहली बार उससे उस कामुक नजर से देखा.
उसने डीप नेक वाली नाइटी पहनी हुई थी और उसकी यह नाइटी घुटनों के ऊपर तक की ही थी.
वह बड़ी सेक्सी लग रही थी, मैं तो उसको देखता ही रह गया.
खैर … मैंने चाय पी और मैं अपने रूम पर आ गया.
फिर ऐसे ही कुछ दिन और बीते और हमारी दोस्ती और भी गहरी हो गई.
हम दोनों रात को कॉल या वीडियो कॉल पर भी बातें करने लगे थे.
एक दिन कॉल करते हुए ही उसने मुझसे कहा- कल तुम्हारा भी ऑफ है और मेरा भी … तो कुछ प्लान बनाओ.
संयोग से उसी रात को मेरे भाई ने मुझे बताया कि उसके कुछ दोस्त आ रहे हैं और वह उनके साथ ऋषिकेश राफ्टिंग करने जा रहा है.
यह सुनकर मैंने भी सोचा कि अकेले रह कर मैं भी बोर हो जाऊंगा तो कल प्रिया के साथ ही दिन बिता लेता हूँ.
यह सोच कर मैंने प्रिया को डन बोल दिया.
फिर सुबह हुई.
उसका कॉल आया कि क्या प्लान बनाया है?
मैंने कहा- मैं उधर ही आ रहा हूँ, मिल कर बनाते हैं.
उसने ओके कह दिया.
मैं उसको लेने उसके रूम पर चला गया.
जब वह आई तो ओह क्या गजब माल लग रही थी.
उसको देख कर ही मेरा तो लंड खड़ा हो गया.
वह नीचे आई.
हमने फ्रेंडस वाली हग की और उस बीच उसने नोटिस कर लिया था कि मेरा लंड खड़ा है.
उसने कुछ नहीं बोला और वह मेरे पीछे बैठती हुई बोली- चलो!
मैंने अपने लंड को थोड़ा अड्जस्ट किया और मैं उसको अपने रूम पर ले आया.
मैंने कहा- थोड़ा काम है, उसके बाद चलते हैं … और उधर ही बैठ कर सोच भी लेंगे कि किधर जाना है.
तो वह मान गई.
उसको यह पक्का हो गया था कि ये अच्छा लड़का है और ये ऐसा वैसा कुछ नहीं करेगा.
मेरे ऊपर उसको भरोसा था इसी वजह से वह बिना किसी हिचक के मेरे रूम पर आ गई.
माल गर्ल इन रूम में थी तो तो मैंने उसको चाय कॉफी ऑफर की, तो उसने चाय के लिए बोला.
मैं चाय बनाने गया और वह वहीं बैठी रही.
उसके बाद हम दोनों ने चाय पी और बातें करते करते तय किया कि जाना किधर है.
उतने में लंच का टाइम भी हो गया था, तो मैंने कहा कि अब लंच का टाइम हो गया है, तो खाना खा कर ही निकलेंगे.
उसके भी ओके कहा, उसे शायद मेरे साथ कमरे में रुकना अच्छा लग रहा था.
उसने कहा- लंच मैं बनाऊंगी!
मैंने कहा- साथ मिल कर बना लेते हैं.
तो वह हंस दी और किचन में आ गई.
मैं उसकी मदद करने चला गया.
फिर उसने दाल चावल और सब्जी बनाई. मैंने रायता और सलाद बनाया.
फिर हम दोनों खाना खाने लगे.
खाना खाने के बाद उसने कहा- यार खाना ज्यादा हो गया … अब मुझे नींद आ रही है.
तो मैंने कहा- ठीक है, सो जाओ.
वह बोली- लेकिन जीन्स में कैसे सोऊंगी?
यह सुनकर मैंने अलमारी से निकाल कर उसको अपना एक लोवर दे दिया.
वह चेंज करने बाथरूम में गई और चेंज करके बाहर आई तो मुझे लगा कि उसने अपनी ब्रा भी उतार दी थी क्योंकि उसके दूध कुछ ज्यादा ही उछल रहे थे.
अब वह लेट गई और सोने लगी.
मैं भी उसके बाजू वाले बेड में लेट गया.
फिर थोड़ी देर बाद उसने कहा- इसी बेड में आ जाओ.
यह सुनकर पहले तो मैंने मना किया- नहीं यहीं ठीक हूँ.
पर उसके बार बार कहने पर मैं उसके बेड पर ही चला गया.
अब मैं उसके बगल में लेट कर उससे बातें करने लगा.
बातों के दौरान ही मैंने उससे कहा कि काश तुम मेरी जीएफ होतीं … तो!
उसने कहा- होतीं तो? … इसका क्या मतलब है?
मैंने कहा- कुछ नहीं, यदि तुम मेरी जीएफ होतीं तो अभी मैं तुम्हारी गोदी में सिर रख कर सोता!
इस पर वह हंसी और बोली- इसमें जीएफ होने की क्या ज़रूरत है. तुम ऐसे भी लेट सकते हो.
तो मैं तुरंत उठ कर उसकी गोद में अपना सर रख कर लेट गया.
वह मेरे सर पर हाथ फेरने लगी.
2-3 मिनट बाद वह मेरे गालों पर किस करने के लिए झुकी.
उसकी इस हरकत से मैं बिल्कुल अनभिज्ञ था.
संयोग से मैं भी उसी टाइम घूमा और मेरे होंठ उसके होंठों से टच हो गए.
दोस्तो, हमारे होंठों की रगड़ कुछ यूं थी मानो माचिस की तीली को जलाने के लिए मसाले पर रगड़ दिया हो.
अब आग लगना तो लाजिमी था. हमारे बीच क्या क्या हुआ, वह सब आपको माल गर्ल इन रूम कहानी के अगले भाग में विस्तार से लिखूँगा.
आप अपना प्यार अवश्य दें.
माल गर्ल इन रूम कहानी का अगला भाग: ऑफिस में बनी फ्रेंड के साथ सेक्स- 2
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