गे सेक्सपूर्ण

दोस्त को पटाकर उसका लंड चूसा

0 बार पढ़ी गई11 मिनट का पाठ१ दिन पहले

मेल Xxx ओरल स्टोरी में कई बार मुझे सेक्स कहानी पढ़ते हुए लंड चूसने की इच्छा होती थी। मैं दोस्त को नहीं बता पा रहा था मन की बात। एक रात को मैं और मेरा दोस्त एक साथ सो गए और फिर …

हैलो दोस्तो, मेरा नाम प्रेमराज है और मैं पूना में रहता हूं।

सबसे पहले सभी बड़े, गोल-गोल चूचों वाली भाभियो, चूत सहलाती देसी लड़कियो, और बड़े-बड़े काले नाग जैसे लंडधारी दोस्तो को मेरा नमस्कार।

आज मैं आपको अपनी सेक्स स्टोरी सुनाने जा रहा हूं।

आशा करता हूं कि मेरी सेक्स स्टोरी को पढ़कर सभी चूतों और लौड़ों का पानी निकल जाएगा।

तो देर न करते हुए मेल Xxx ओरल स्टोरी की शुरुआत करते हैं।

दोस्तो, मैं बता दूं कि यह बात उस समय की है जब मैं 20 साल का हो चुका था। मेरे कॉलेज के दिन खत्म हो चुके थे।

बात लॉकडाऊन के पहले की है जब मैं और मेरा दोस्त मार्केट में जॉब करते थे.

मैं कॉलेज के बाद मार्केट में एक कपड़े की दुकान पर काम करने लगा था।

मेरे साथ में मेरा एक जिगरी दोस्त भी रहता था। वो सभी कामों में मेरी मदद करता था।

दुकान पर दिनभर ग्राहक आते थे।

इनमें देसी लड़कियां, औरतें, और आंटियां होती थीं।

उनके बड़े-बड़े और गोल-मटोल चूचे व नितंब देखकर लौड़ा पूरा दिन अकड़ा रहता था।

कुछ लड़कियां और औरतें तो सज-संवरकर आती थीं।

कई बार तो लड़कियों के टॉप में से ही आधे चूचे बाहर झांकते रहते थे।

ब्रा की पट्टी दिख जाती थी तो लौड़े का बुरा हाल हो जाता था।

मुझे गर्लफ्रेंड को मिलने का भी टाइम नहीं मिलता था।

कई बार ऐसा होता था कि किसी छुट्टी वाले दिन या रविवार वाले दिन दुकान देर तक खोलनी होती थी।

हम बहुत लेट तक दुकान पर रहते थे इसलिए कई बार मैं अपने बेस्ट फ्रेंड के घर पर ही रुक जाता था।

दोस्तो, यहां पर एक बात और बता दूं।

रात को मुझे अंतर्वासना पर सेक्स कहानियां पढ़कर सोने की लत लग चुकी थी।

मुझे बिना सेक्स स्टोरी पढ़े रात को नींद ही नहीं आती थी और मैं लंड हिलाकर ही सोता था।

अंतर्वासना पर मैं कई तरह की कहानियां पढ़ता था जिसमें भाई-बहन की चुदाई, मां-बेटे की चुदाई, बाप-बेटी की चुदाई, स्टूडेंट-टीचर की चुदाई, और दोस्तों में चुदाई आदि शामिल थीं।

रात को मैं सेक्स कहानी पढ़ते हुए मुठ मारता था और पिचकारी छोड़कर खुद को शांत करता था।

कई बार मैं दोस्तों के बीच चुदाई के सेक्स वीडियो भी देखा करता था।

मैं सोचा करता था कि सामने वाले का लंड खड़ा होने के बाद कैसा लगता होगा।

साथ ही ये भी सोचता था कि लड़कियां जब लंड का पानी पीती हैं तो कैसा स्वाद आता होगा।

इस तरह के वीडियो देखकर मेरा भी कई बार मन करता था कि लंड मुंह में लेकर देखूं, उसके पानी का स्वाद चखकर देखूं।

लेकिन मुझे समझ नहीं आता था कि दोस्त को अपने दिल की बात कैसे बताऊं। सोच कर रह जाता था कि वो पता नहीं वो मेरे बारे में क्या सोचेगा।

फिर एक दिन की बात है कि बहुत तेज बारिश हो रही थी।

उस दिन मैं अपने घर नहीं जा पाया।

दोस्त ने कहा कि मेरे घर पर ही रुक जा।

मैंने उसकी बात मान ली और अपने घर पर फोन कर दिया कि मैं आज दोस्त के यहां पर ही रुकने वाला हूं।

फिर हम दोनों ने रात का खाना खाया और सोने लगे।

थोड़ी देर में मेरे दोस्त को तो नींद आ गई लेकिन मुझे नहीं आ रही थी।

मेरा लंड तना हुआ था।

जैसा कि मैंने आपको बताया कि मुझे रात में लंड हिलाकर सोने की आदत थी इसलिए मेरा लंड बार-बार खड़ा हो जाता था।

मेरा सेक्स करने का बहुत मन कर रहा था।

तो मैंने मेरे दोस्त के नजदीक जाकर उसकी गांड से मेरा खड़ा लण्ड धीरे-धीरे चिपका दिया।

शायद वो नींद में होगा इसलिए उसे कुछ महसूस नहीं हुआ होगा और उसने कुछ पता नहीं चला होगा।

फिर मैंने और थोड़ा जोर से उसकी गांड पर लण्ड रगड़कर देखा।

थोड़ी देर बाद दोस्त जाग गया होगा लेकिन कुछ नहीं बोला।

मुझे लगा कि इसको कोई दिक्कत नहीं है, आखिर ये भी तो मुठ मारता होगा।

मेरी थोड़ी हिम्मत बढ़ रही थी तो मैं उसकी पीठ से चिपक गया।

तभी अचानक उसने अपना हाथ पीछे करके मेरे मुंह पर लगाकर देखा।

मैं थोड़ा डर गया।

मैंने उसके बाद कुछ नहीं किया और आराम से लेट गया।

फिर कब नींद आई मुझे नहीं पता चला।

उसके बाद फिर मुझे ऐसा मौका नहीं मिला।

कुछ दिन ऐसे ही बीत गए।

एक दिन मैं और वो सेक्स की बातें कर रहे थे।

तो मैंने उसको बताया कि लड़के भी आपस में सेक्स करते हैं।

उसने कहा कि उसने भी कई गे पोर्न वीडियो देखे हैं।

फिर हमने यू-ट्यूब पर इसके बारे में काफी कुछ देखा और पता चला कि लंड चुसवाना भी अच्छा होता है।

यहां तक कि लंड का पानी पीने से भी शरीर में कई तरह के फायदे होते हैं।

वीडियो में बता रहे थे कि लंड का पानी पीने से शरीर को प्रोटीन मिलता है।

उस दिन के बाद से हम दोनों ऐसे ही मजाक में एक दूसरे को गे पोर्न वीडियो भेजने लगे।

कभी वो कहता कि आ जा चूस ले … कभी मैं कहता कि तू चूस ले … इस तरह से हमारा मजाक चलता रहता था।

मजाक में होते-होते ये बातें गंभीर कब हो गईं हमें भी पता नहीं चला।

फिर एक रोज हम ऐसे ही बातें कर रहे थे कि सच में इतना प्रोटीन बनता है और हम मुठ मारकर कितना नुकसान कर लेते हैं।

मैंने कहा- लेकिन स्वाद कैसा लगता होगा?

वो बोला- पता नहीं, पीकर देख ले!

फिर मैं हँस पड़ा और वो भी।

इसी तरह एक और दिन सेक्स की बातें करते हुए मैंने उससे कहा- यार मुझे सच में तेरे लंड का पानी पीकर देखना है कि कैसा लगता है!

वो बोला- सच में?

मैंने कहा- हां।

उसने कुछ सोचा और फिर कहा- ठीक है, आज रात रुक जा फिर मेरे घर!

उस रात को फिर मैं उसी के घर पर रुक गया।

हमने खाना खाया और पानी लेकर छत पर चले गए।

हमें पता था कि हमें आज लंड चुसाई का खेल करना है तो मैंने उससे पहले ही कह दिया कि नहा ले, और लंड धोकर आ जाए।

उसने वैसा ही किया। कुछ देर में वो नहा-धोकर मेरे पास आ गया।

वो मेरे सामने खड़ा था केवल अंडरवियर में।

उसका लंड हल्का सा तना हुआ दिख रहा था।

वो बोला- निकालूं लौड़ा?

मैंने हां में सिर हिला दिया।

उसने अंडरवियर नीचे किया तो उसका लंड मेरे सामने लहरा गया।

देखते ही देखते उसका लंड पूरा तन गया।

लगभग 7-8 इंच का लंड था।

मैंने दोस्त के लंड को हाथ में लेकर देखा।

मुझे बहुत ताज्जुब हो रहा था।

लंड को हाथ में लेकर अलग ही अहसास मिल रहा था, सच कहूं तो मजा सा आ रहा था।

दोस्त भी मेरी तरफ ही देख रहा था।

उसका लंड काफी गोरा और चिकना सा था।

फिर मैंने उसकी तरफ देखा तो उसने आंखों और गर्दन से इशारा किया- मुंह में तो ले!

मैंने भी सोचा कि आज चूसकर देखता हूं लंड कैसा लगता है।

शुरुआत में मैंने मेरे होंठों से लण्ड को स्पर्श किया।

मुझे कुछ अजीब सा महसूस होने लगा।

लेकिन फिर मैंने धीरे-धीरे अपनी जीभ से लण्ड का टोपा चाटना शुरू किया।

मुझे चाटते हुए कुछ खारा सा स्वाद आने लगा।

मैंने मुंह हटा लिया।

दोस्त बोला- क्या हुआ? ले ना यार … मजा आ रहा है!

फिर मैंने दोबारा से कोशिश की।

दोस्त का लंड मैंने मुंह में भर लिया और पूरा गले तक लेने की कोशिश करने लगा।

थोड़ा मुंह हिलाते हुए मैंने उसे जीभ से चाटा और बाहर निकाल दिया।

उसके लंड पर अब लार लग गई थी।

फिर मैं गीले लंड को बाहर से ही चाटने लगा।

चाटकर मैंने उसको पूरा गीला कर दिया।

फिर मैं उसके गीले लंड की हाथ से मुठ मारने लगा।

दोस्त ने मुझे फिर से एक बार लंड को मुंह में लेने को बोला तो मैंने ले लिया।

उसने मेरी गर्दन को पकड़कर अपना पूरा लण्ड अंदर तक घुसा दिया।

वो जोर-जोर से मेरे मुंह में लंड डालकर चोदने लगा।

लण्ड लंबा होने के कारण मेरे गले तक जा रहा था और मेरी सांसें अटक रही थीं।

मैंने उसकी कमर को धक्का देकर उसे दूर कर दिया।

मैं हांफने लगा।

उसने भी देखा कि मुझसे लंड ज्यादा देर तक नहीं चूसा जा रहा है।

वो रुका रहा फिर मैं अपने हाथ से लण्ड के साथ खेलने लगा।

ऐसे ही कुछ देर तक चलता रहा।

कभी मैं उसके लंड को मुंह में ले लेता तो कभी हाथ से सहलाने लगता।

फिर वो बोला कि उसका पानी आने वाला है।

उसने अपने एक हाथ से मेरे सिर के बाल पकड़ लिए और मेरे मुंह को लंड के सामने कर लिया।

दूसरे हाथ से वो तेजी से मुठ मारने लगा।

मैं मुंह खोलकर उसके पानी निकलने का इंतजार करने लगा।

वो आह्ह … स्स … आह्ह स्स … करते हुए तेजी के साथ अपने लंड को रगड़ रहा था।

जब वीर्य लगभग निकलने को हो गया तो उसने एकदम से लंड को मेरे मुंह में दे दिया और धक्के देने लगा।

दो पल बाद ही उसके लंड से वीर्य की गर्मागर्म पिचकारी मेरे मुंह में आने लगी।

उसका गर्म वीर्य मुझे अपनी जीभ पर लगता हुआ साफ महसूस हो रहा था।

उसका स्वाद अजीब सा और कुछ नमकीन सा था।

उसने 3-4 पिचकारी जोर-जोर से मेरे गले में छोड़ीं और फिर शांत हो गया।

उसका सारा माल मेरे मुंह में आ चुका था।

मैंने वो पानी अंदर ही अंदर पी लिया।

खाली होने के बाद दोस्त सो गया।

लेकिन मेरे अंदर तो अभी सेक्स चढ़ा हुआ था।

उसका लंड चूसने के बाद मुझे भी मुठ मारने का मन कर रहा था।

फिर मैं मुठ मारने लगा।

मुठ मारते हुए मुझे अकेले में मजा नहीं आ रहा था।

फिर मैंने दोस्त को देखा, लेकिन वो सो चुका था।

उसने सिर्फ अंडरवियर पहना हुआ था।

मेरा मन फिर से उसके लंड के साथ खेलने का कर रहा था।

मैंने उसके अंडरवियर में हाथ दे दिया।

उसकी आंखें खुल गईं।

लेकिन वो नींद में हो चुका था और आंखें बिल्कुल लाल थीं।

उसने देखा कि मैंने उसके अंडरवियर में हाथ डाला हुआ है।

फिर उसने गांड ऊपर उठाते हुए अपना अंडरवियर नीचे सरका दिया और मेरा सिर पकड़ कर मुंह को लंड पर रखवा दिया।

मैं उसके सोए हुए लंड को चूसने लगा।

लंड को मुंह में लेने के बाद मुझे बहुत मजा आने लगा।

मैं तेजी से अपने लंड की मुठ मारने लगा।

वो नींद में था इसलिए लंड पूरा नहीं खड़ा हो पा रहा था लेकिन मुझे चूसने में बहुत मजा आ रहा था।

मुठ मारते हुए जल्दी ही मेरा पानी छूटने को हो गया।

मैंने अपना पानी निकाला और फिर शांत होकर सो गया।

उस रात के बाद हमारे बीच में सेक्स का भी एक रिश्ता सा बन गया।

लगभग हर 3-4 दिन के बाद हम ऐसे ही रात में उसके घर रुक कर मजा लेने लगे।

एक दिन मैंने दोस्त को नीचे लेटने के लिए कहा।

मैं भी उसके साथ लेट गया।

फिर दोनों हम एक दूसरे के बदन को सहलाने लगे।

हम दोनों आपस में एक दूसरे को चूमते हुए बदन पर हाथ फिरा रहे थे।

मुझे तो बहुत मजा आ रहा था।

हम धीरे-धीरे नंगे होते चले गए।

जब मैंने दोस्त का अंडरवियर निकाला तो लंड का मुंह पूरा रस में भीग चुका था।

मैंने उसका रसीला लंड झट से अपने मुंह में भर लिया।

उस दिन हमने एक दूसरे का लंड खूब चूसा।

अब जब भी मौका मिलता था हम मेल Xxx ओरल करना शुरू हो जाते थे।

कभी दुकान में तो कभी किसी रूम में, या कभी खेतों में जाकर एक दूसरे का लौड़ा चूसते थे।

अभी कुछ साल पहले उसकी शादी हुई है।

वो अपने परिवार में खुश है।

मैं सोचता रहता हूं कि अब हम कभी मिले भी तो वो सब बातें भूल चुका होगा।

तो दोस्तो, इस तरह से मैंने अपने मन की इच्छा दोस्त के साथ पूरी की।

जल्दी ही मैं आपको अपनी अगली सेक्स कहानी बताऊंगा।

तब तक आप अंतर्वासना पर ऐसी ही गर्म, उत्तेजक हिंदी सेक्स स्टोरी का मजा लेते रहिए।

आपको मेरी मेल Xxx ओरल स्टोरी अच्छी लगी हो तो जरूर कमेंट करना दोस्तो।

मैंने पहली बार लिखने का प्रयास किया है।

अगर कुछ गलती हो गई हो तो मुझे बताना, मैं सुधार करने की कोशिश करूंगा।

आप मुझे मेरे ईमेल पर मैसेज कर सकते हैं।

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