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शादी में मेरी मम्मी का गैंगबैंग

0 बार पढ़ी गई8 मिनट का पाठलगभग ८ घंटे पहले

मॅाम गैंग बैंग स्टोरी में मेरी मम्मी मस्त सेक्सी माल हैं. मैं मम्मी के साथ एक शादी में गया. मम्मी बहुत हॉट दिख रही थी। वहां कैसे मम्मी को कई लड़कों ने मिलकर चोदा.

दोस्तो, ये बिल्कुल रियल मॅाम गैंग बैंग स्टोरी है जो मेरी मम्मी की है।

इसको सुन कर आपको बहुत मज़ा आएगा।

मेरी मम्मी का नाम नेहा है, उम्र 40 साल है।

उनकी बॉडी साइज की बात करें तो 38-36-40 है इसलिए उनकी बॉडी सुडौल है।

तो आप लोग सोच ही सकते हैं कि मेरी मम्मी कितनी हॉट हैं।

मम्मी के चूचे बहुत बड़े हैं और उनकी गांड भी उठी हुई है।

मम्मी ज़्यादातर साड़ी पहनती हैं, जो वो हमेशा नाभि से नीचे बांधती हैं।

टाइट, बैकलेस और स्लीवलेस ब्लाउज, जिसमें से उनकी चिकनी पीठ साफ़ दिखती है।

वो जब भी बाहर जाती हैं, तो उनकी मटकती गांड देख कर हर मर्द की नज़र उन पर अटक सी जाती है।

एक दिन मम्मी नहा रही थीं, और मैं टीवी देख रहा था।

नहाने के बाद मम्मी तौलिया लपेट कर बाहर आ गईं।

उनके भीगे बदन को देख कर मैं नज़र हटा ही नहीं पा रहा था।

मम्मी के जिस्म से लिपटा तौलिया छोटा था, जो उनके घुटनों से काफी ऊपर था।

बहुत मुश्किल से उनके दोनों चूचे छुपे हुए थे।

मेरा मन हो रहा था कि मैं तौलिया खींच के उन्हें नंगा कर दूं।

यही सब सोच कर मेरा लंड खड़ा हो गया।

उसी रात मैंने मम्मी को सोच-सोच कर खूब मुठ मारी।

उस दिन से मैंने मम्मी के गदराए बदन पर ध्यान देना शुरू कर दिया।

एक दिन हमें शादी में जाना था।

मम्मी ने उस रात लहंगा और बैकलेस चोली पहनी थी; हाई हील्स और मेकअप किया था; रेड लिपस्टिक और गले में मंगलसूत्र था।

मम्मी की चोली स्लीवलेस और डीप नेक थी, पीछे से सिर्फ एक डोरी बांधी थी, और चोली इतनी टाइट थी कि जिससे मम्मी की चूची बाहर आने को हो रही थी।

और लहंगा नाभि के नीचे पहना था।

शादी में मम्मी अपने दोस्तों के साथ थीं और मैं अकेला ही घूम रहा था।

वहां सारे लड़के, अंकल, और बुड्ढों की नज़र मम्मी पर ही थी।

मम्मी बहुत हॉट लग रही थीं लहंगे में।

फिर बारात में मम्मी डांस करने लग गईं।

तब मेरे सामने 4 लड़के खड़े थे, जो लड़कियों पर बुरे-बुरे कमेंट कर रहे थे।

तब तक उनमें से एक लड़के की नज़र मेरी मम्मी पर गई, और वो बोलने लगा, “क्या माल है बे!”

एक ने कहा, “उसके चूचे देख, कितना मोटा है! आज तो इसका सारा दूध पी जाऊंगा!”

ये बोल कर उनमें से 2 मम्मी के पीछे जाके नाचने लगे, और 2 उनके आगे जाके।

उन चारों ने मम्मी को भीड़ में घेर लिया, और बहाने से कभी कोई उनकी कमर छू रहा था, कोई उनका पेट छू रहा था, तो कोई उनके चूचों को।

और मम्मी उन लोगों का बिल्कुल विरोध नहीं कर रही थीं।

फिर जब हम होटल तक पहुंचे तो उनमें से 1 बोला, “इसे छत पर ले चलो!”

और मम्मी भी उनके साथ जाने लगीं।

मैं भी उनके पीछे चला गया।

वो लोग लिफ्ट से ऊपर जा रहे थे, मैं सीढ़ियों से तीसरी मंजिल तक भाग कर पहुंच गया।

फिर वहां से मैं छत पर चला गया।

वहां पर सफेद लाइट लगी हुई थी, जिसकी पूरी छत पर रोशनी थी। वहां 4 बड़ी टंकियां थीं, जिनके पीछे छुप के मैं इंतज़ार करने लगा।

फिर वो लोग भी मम्मी को लेकर आ गए।

एक ने छत के दरवाजे को बंद कर दिया।

फिर वो चारों मम्मी को घेर के खड़े हो गए।

उनमें से एक मम्मी के होठों को चूमने लगा, एक नीचे मम्मी के पेट और नाभि पर किस करने लगा।

बाकी दोनों मम्मी के पीछे थे।

एक मम्मी के लहंगे के ऊपर से ही उनकी गांड दबाने लगा।

एक मम्मी की पीठ और कमर को चाटने लगा।

मम्मी उन चारों के बीच में किसी मछली की तरह मचलने लगीं।

ये सब देख कर मेरा लंड भी कड़क हो गया था तो मैं अपना लंड बाहर निकाल कर मुठ मारने लगा।

फिर पीछे वाले ने मम्मी के कपड़े उतारना शुरू कर दिए।

उसने चोली की डोरी खोली, और नीचे वाले ने मम्मी का लहंगा नीचे सरका दिया।

मैंने पहली बार मम्मी को ब्रा-पैंटी में देखा था।

मम्मी एकदम किसी मॉडल जैसी लग रही थीं।

मम्मी ने पिंक कलर की मैचिंग वाली ब्रा-पैंटी पहनी थी।

उनके बाल खुले थे एकदम सिल्की-रेशमी, जो कि उनकी सेक्सी कमर को और भी सेक्सी बना रहे थे।

वहां की लाइट से मम्मी का गोरा बदन और भी चमक रहा था।

मम्मी का जिस्म देख कर वो सब पागल हो चुके थे और वो उन्हें नंगी करने में लग गए।

एक लड़का उनकी ब्रा को खोल रहा था, जिसने उनकी ब्रा का हुक तोड़ के झटके से उनके मोटे चूचों को क़ैद से आज़ाद कर दिया।

दूसरे ने मम्मी की पैंटी भी उतार दी, और मम्मी ने टांगें उठा कर उसे निकाल दिया।

मम्मी के गोल-गोल स्तन और मुलायम सी गांड मैंने देखी तो मेरे लंड ने पिचकारी मार दी।

मम्मी के बदन पर सिर्फ उनका मंगलसूत्र था बस, जो उनके चूचों के ऊपर तक लटक रहा था।

उनको नंगी करते ही उनमें से दो लड़के मम्मी के मोटे-मोटे चूचों पर टूट पड़े, और उन्हें दांतों से काट रहे थे, तो कभी चूस रहे थे।

एक नीचे बैठ कर मम्मी की चूत में जीभ डालने लगा और एक पीछे मम्मी की गांड में अपना मुंह घुसाने लगा।

मम्मी कभी नीचे वाले लड़के के बाल पकड़ कर अपनी चूत में घुसा रही थीं, तो कभी दोनों लड़कों के बाल पकड़ रही थीं जो उनके चूचों से चिपक गए थे।

फिर मम्मी उनके सामने घुटनों के बल बैठ गईं।

उसके बाद सब नंगे हो गए और अपना लंड मम्मी के मुँह के सामने लेकर खड़े हो गए।

मम्मी अब लंड चूसने लग गई थीं।

वो सब बारी-बारी से अपना-अपना लंड मम्मी को चूसवा रहे थे और वो मम्मी के बालों को पकड़ कर आगे-पीछे कर रहे थे।

मम्मी को सांस भी नहीं लेने दे रहे थे वो चारों।

जैसे ही मम्मी का मुँह किसी के लंड से खाली होता, तो कोई दूसरा डाल देता।

एक बार तो दो लोग एक साथ मम्मी को लंड चुसवाने लगे।

फिर उन सब ने मम्मी को घोड़ी बनाया और एक लड़का मम्मी के पीछे आ गया, और उनकी चूत में अपना लंड डालने लगा।

एक मम्मी की गांड पर ज़ोर से चांटे मारने लगा।

एक मम्मी के ऊपर चढ़ गया, और उनके दोनों चूचों को मसलने लगा।

और आखिरी लड़का मम्मी के मुँह में अपना लंड डाल कर चूसवाने लगा।

जैसे ही मम्मी की चूत में लंड गया, मम्मी चिल्लाने को होने लगीं।

पर उनकी चीख मुँह में लंड की वजह से वहीं दब गई, और उनके मुँह से बस ‘उउउ आआ मम्म’ की आवाज़ निकल रही थी।

उस लड़के ने ज़ोर-ज़ोर से धक्के मारने शुरू कर दिए और मम्मी के मुंह में ही लंड का रस छोड़ दिया।

मम्मी, “हाय मर गई! आराम से करो यार! आराम से करो ना, उफ़्फ़ आराम से प्लीज!”

कुछ देर बाद मम्मी की चूत मार रहा लड़का, उसकी चूत में ही झड़ गया, तो उसने अपना लंड बाहर निकाल लिया।

फिर एक लड़के ने मम्मी को अपने लंड पर बिठाया, और उन्हें उछाल-उछाल कर चोदने लगा।

मेरी मम्मी के दोनों स्तन हवा में झूलने लगे।

वो बहुत ज़ोर-ज़ोर से मम्मी को चोद रहा था।

इससे मम्मी के मुँह से गन्दी गालियां और चीखें निकल रही थीं, और वो बोल रही थीं, “आअहह आहा ब.च्चे आराम से! उफ़्फ़ आअहह आअहह और ज़ोर से चोद मुझे आअहह आअह आअहह!”

मम्मी के पीछे से एक लड़के ने धक्का दे कर मम्मी को झुका दिया और मम्मी पहले वाले लड़के के ऊपर ही लेट गईं।

फिर उनके पीछे वाले लड़के ने लंड मम्मी की गांड पर रखा, और एक ज़ोर का धक्का मारा।

दर्द से मम्मी की आंखें बंद हो गईं और वो भागने की कोशिश करने लग गईं।

तभी एक ने मम्मी की कमर को पकड़ लिया, फिर पूरा लंड गांड में उतार दिया।

मम्मी, “प्लीज़ निकालो यार! आह माँ उफ़्फ़ ये भी… इसमें बहुत दर्द हो रहा है प्लीज़ निकालो यार! अलग-अलग करो एक साथ नहीं, बहुत दर्द हो रहा है!”

पर वो नहीं रुके, और सब ने बारी-बारी से मम्मी की चूत-गांड दोनों मारी।

फिर सब ने मम्मी को घुटनों के बल बिठाया और अपना-अपना माल मम्मी के चेहरे पर गिरा कर मॅाम गैंग बैंग करके उन्हें नंगी छोड़ कर वहां से चले गए।

मम्मी मेरे सामने ही नंगी पड़ी हुई थीं और उनकी चुदाई से उन्हें बहुत दर्द हो रहा था।

इसके बाद की कहानी मैं आपको इसके अगले भाग में सुनाऊंगा।

मॅाम गैंग बैंग स्टोरी पर अपने फीडबैक में कमेंट जरूर करें।

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