आंटी सेक्सपूर्ण

पड़ोसन आंटी की चूत और गांड की जबरदस्त चुदाई- 1

0 बार पढ़ी गई11 मिनट का पाठलगभग ८ घंटे पहले

न्यूड आंटी हॉट कहानी में मेरे पड़ोस में रहने वाली आंटी बातों बातों में बोल जाती थी कि वे अपने पति से खुश नहीं थी. मैं भी उनको चोदना चाहता था.

दोस्तो, मेरा नाम मैक्स रॉकी है. मेरी उम्र 26 साल है. मेरी हाइट 6 फीट है और मेरा लंड 8 इंच लंबा और 4 इंच मोटा है. मैं झारखंड का रहने वाला हूँ.

आज मैं आपको बताने जा रहा हूँ कि मैंने अपनी पड़ोस की आंटी को कैसे चोदकर खुश किया.

ये एक सच्ची न्यूड आंटी हॉट कहानी है.

मेरे पड़ोस में एक आंटी रहती हैं, जिनका नाम चंदा है.

उनकी उम्र 45 साल है और इस उम्र में भी वे काफी हॉट लगती हैं.

उनका फिगर कमाल का है. चूची का नाप 38डी, कमर 34 की और गांड का साइज 40 है.

आंटी मोटी और गदराई हुई हैं.

वे आंगनवाड़ी का काम संभालती हैं.

उनके पति 52 साल के हैं जो अब उन्हें चुदाई का आनन्द नहीं दे पाते हैं.

आंटी की तीन बेटियां हैं.

बड़ी वाली सपना 26 साल की, मोना 22 साल की और कोमल 18 साल की.

ये तीनों बाहर रह कर पढ़ रही हैं.

चंदा आंटी काफी खुले दिल वाली हैं इसीलिए मुझसे खुलकर बातें करती थीं.

मैं भी आंटी की बहुत इज्जत करता था.

एक दिन आंटी ने ब्लैक कलर की साड़ी और गहरा डीप ब्लाउज पहना हुआ था जिससे उनकी चूचियों का ऊपरी भाग मस्त दिख रहा था.

मैंने आंटी से फ़्लर्ट करते हुए कहा- आंटी आज तो अंकल फ्लैट ही हो जाएंगे!

वे हंस कर बोलीं- उन्हें फ्लैट होने के अलावा आता भी क्या है!

ये जबाव मैं उस वक्त तो नहीं समझ पाया कि इसका क्या मतलब हुआ, लेकिन बाद में मुझे समझ में आ गया था कि अंकल चुदाई में फ्लैट ही हैं.

आंटी अपनी साड़ी नाभि से नीचे बांधती हैं तो उनकी गहरी नाभि मस्त दिखती थी.

एक दिन मैंने आंटी को अपनी छत से झांक कर कुछ कहने के लिए मुँह खोला ही था कि वे खुले आंगन में आधी नंगी नहाती हुई दिखाई दीं.

पहले तो मैं सकपका गया, फिर चुपके से उन्हें नहाते हुए देखने लगा.

उस दिन आंटी सिर्फ पेटीकोट पहनकर नहा रही थीं.

आह क्या गजब की माल लग रही थीं आंटी बड़े-बड़े चूचे और गांड देखकर मेरा लंड खड़ा हो गया.

मैंने आंटी को देखकर मुठ मारना शुरू कर दिया.

आंटी नहाकर कपड़े चेंज कर रही थीं.

उस वक्त आंटी पूरी तरह नंगी हो गईं और कपड़े चेंज करने लगीं.

उस समय आंटी ने ब्रा और चड्डी भी नहीं पहनी हुई थी.

फिर आंटी नहाकर चली गईं.

अगले दिन से मेरे मन में आंटी की चुदाई का ख्याल आने लगा.

एक दिन आंटी को बाजार जाना था और अंकल घर पर नहीं थे तो आंटी ने मुझे बाजार ले जाने को कहा.

मैं तुरंत तैयार हो गया और आंटी को बाजार लेकर चला गया.

आंटी ने बाजार का काम खत्म करके घर चले के लिए कहा.

तो हम लोग वापस आ गए.

उस दिन बाइक पर आंटी के जिस्म का स्पर्श मुझे बहुत गर्म कर गया था.

मैंने घर आ कर दो बार लंड हिलाया, तब जाकर चैन पड़ा था.

अगले दिन मैं आंटी के घर गया तो देखा कि आंटी सो रही थीं.

उनकी साड़ी घुटनों तक ऊपर चढ़ी हुई थी और चूचे दिख रहे थे.

मैं आंटी के पास गया और नजदीक जाकर चूची देखने लगा.

लेकिन मुझे डर लग रहा था.

इसलिए ज्यादा देर नहीं रुका और वहां से चला आया.

फिर मेरे मन में एक ख्याल आया कि क्यों ना मैं आंटी और अंकल की चुदाई देखूँ.

अगले दिन चुदाई देखने का प्लान बना लिया.

आंटी का घर बहुत बड़ा था तो आंटी और अंकल एक साइड वाले कमरे में सोते थे जिसकी खिड़की पीछे की तरफ थी.

आंटी का घर मेरे घर से लगा हुआ ही था और उनका यह कमरा मेरे कमरे के बाजू में ही था.

मैं रात को 11 बजे उनके रूम की खिड़की के पास चला गया.

गर्मी की वजह से आंटी ने खिड़की खोलकर ही रखी थी.

मैंने अन्दर झांककर देखा तो आंटी अंकल से कुछ बोल रही थीं लेकिन सही से आवाज नहीं सुन पा रहा था.

उस टाइम अंकल सिर्फ गंजी और जांघिया पहने हुए थे.

आंटी साड़ी पहने हुई थीं.

कुछ देर बाद आंटी ने अंकल का लौड़ा निकाल कर सहलाना शुरू किया और मुँह से चूसने लगीं.

अंकल शराब पीए हुए थे.

कुछ देर के बाद आंटी ने साड़ी खोल दी और सिर्फ ब्लाउज और पेटीकोट में रह गईं.

फिर अंकल ने आंटी की कमर पकड़ ली और आंटी का ब्लाउज व पेटीकोट खोल दिया.

अब आंटी सिर्फ ब्लैक कलर की ब्रा और पैंटी में थीं.

क्या मस्त चूची और गांड थी आंटी की … मन तो कर रहा था कि अभी के अभी कमरे में चला जाऊं और आंटी को चोद दूँ.

फिर अंकल ने आंटी को अपने ऊपर आने का इशारा दिया.

आंटी ने अपनी ब्रा और पैंटी खोलकर अलग की और वे अंकल के ऊपर चढ़ गईं.

अंकल ने आंटी की चूची चूसना शुरू कर दिया.

कुछ देर बाद आंटी नीचे आ गईं और अंकल ने आंटी को चोदना शुरू कर दिया.

अंकल का लौड़ा 6 इंच लंबा और 3 इंच मोटा था.

कुछ देर चोदने के बाद अंकल का माल गिर गया और वह आंटी के ऊपर ही सो गए.

लेकिन आंटी संतुष्ट नहीं हो पाईं.

फिर आंटी ने बिस्तर के बाजू से एक लंबा वाला बैंगन उठाया और उसे अपनी चूत में डालकर खुद को संतुष्ट करने लगीं.

मैं समझ गया कि अंकल का रोज का काम यही है कि वे जल्दी ठंडे हो जाते हैं.

इसीलिए आंटी ने पहले से ही बैंगन लेकर रखा हुआ था.

अब मुझसे ये सब देखकर रहा नहीं जा रहा था.

मैंने भी अपना लौड़ा निकाला और मुठ मारकर वीर्य वहीं गिरा दिया.

तब तक आंटी भी झड़ गईं.

उन्होंने कपड़े पहनने शुरू किए और मैं वहां से चुपके से अपने घर चला आया.

अब बार-बार आंटी का नंगा बदन मुझे तड़पा रहा था.

अब मैं आंटी की चुदाई का प्लान बनाने लगा.

कुछ दिनों बाद आंटी के पास बैठा हुआ था तो आंटी ने मज़ाक में पूछा- शादी कब करोगे?

मैंने कहा- अभी बहुत टाइम है आंटी, जॉब लगने के बाद शादी करूंगा. वैसे भी शादी के बाद बहुत सारा टेंशन हो जाता है!

तो आंटी बोलीं- शादी के बाद मज़ा भी तो बहुत आता है.

मैं चुप हो गया.

मेरे मन में तो आया कि हां मैंने आपको बैगन का मजा लेते हुए देखा है!

मैं चुप ही रहा.

उसके बाद हम दोनों के बीच बहुत सारी बातें हुईं और मैं अपने घर आ गया.

अगले दिन दोपहर का समय था.

आंटी ने मुझे बुलाने के लिए एक बच्चे को भेजा.

मैं उस समय सिर्फ गंजी और गमछा पहने हुए था तो वैसे ही आंटी के पास चला गया.

आंटी ने मुझे पास बुलाया और बैठने को कहा.

मैं उनके पास बैठ गया.

फिर आंटी बोलीं- तेरे चाचा की तबीयत खराब है. उनके लिए मेडिसिन लानी है और कुछ काम भी है, सो तुम ला दो.

मैंने कहा- ठीक है आंटी, मैं कपड़े पहन कर आता हूँ.

कुछ देर बाद मैं वापस आया.

उस टाइम आंटी नहा रही थीं.

मैंने आवाज़ दी तो आंटी बोलीं- इधर आ जाओ, मैं नहा रही हूँ!

जब मैं उधर गया तो देखा, आंटी उसी दिन के जैसी बाहर आंगन में ही नहा रही थीं और वे सिर्फ पेटीकोट पहन कर नहा रही थीं.

उन्हें यूं सामने से देखकर मेरा लौड़ा खड़ा हो गया.

आंटी ने पेटीकोट को अपने मम्मों पर समेटते हुए कहा- तुम रुको यहीं, मैं अभी नहाकर तुमको पैसा देती हूँ!

आंटी जल्दी-जल्दी नहाई और कपड़े चेंज करने लगीं.

उनके पास वहां एक पेटीकोट ही था.

तो आंटी ने मुझे कहा- तुम अन्दर से मेरे कपड़े ला दो जरा … मैं भीगी हुई हूँ तो कमरे में गीला हो जाएगा!

मैंने उनके कमरे में अन्दर जाकर बिस्तर पर देखा तो उधर उनके कपड़े रखे थे.

मैंने आंटी की ब्रा-पैंटी और ब्लाउज साड़ी उठा कर उन्हें दे दिए.

आंटी बाथरूम में जाकर कपड़े चेंज करने लगीं.

फिर वे अपने गीले पेटीकोट को बाथरूम में ही रखकर बाहर आईं और मुझे पैसा देने के लिए अपने कमरे में चली गईं.

मुझसे रहा नहीं गया.

मैं तुरंत बाथरूम में अन्दर घुस गया.

उधर आंटी की गीली पैंटी और ब्रा को लेकर सूँघने लगा.

तब तक आंटी ने आवाज़ लगाई- कहां हो?

मैंने बाथरूम से बोला- आ रहा हूँ.

मैंने जल्दी-जल्दी मुठ मारकर ब्रा और पैंटी पर ढेर सारा माल गिरा दिया.

जल्दबाजी में मैं आंटी की ब्रा और पैंटी को वैसे ही गंदा छोड़ कर बाहर निकल आया.

आंटी ने मुझे पैसे दिए और पर्चा पकड़ा दिया.

मैं बाजार गया और मेडिसिन व उनकी जरूरत का सामान लाकर दे दिया.

जब मैं वापस आया तो आंटी मुझे कुछ अलग नज़र से देख रही थीं.

मैं डर गया क्योंकि आंटी ने अपनी ब्रा और पैंटी पर गिरा वीर्य देख लिया था शायद.

उन्होंने मुझसे उसी वक्त फिर से कहा- अब तो तुम शादी कर ही लो, कुछ ज्यादा ही जवान हो गए हो!

मैं समझ तो गया था, पर कुछ नहीं बोला.

फिर आंटी ने कहा- मज़ा आया ना बाथरूम में?

मैं इस बार बहुत डर गया.

आंटी बोलीं- डरो मत यार, अब तुम जवान मर्द बन गए हो.

यह कह कर आंटी मुस्कुराती हुई मेडिसिन लेकर चली गईं.

वे जाते जाते एक बार पुनः मुड़ कर बोलीं- अभी तुम कुछ देर रुकना, मैं आ रही हूँ!

मैं चुप रहा और अपने लौड़े को सहलाते हुए उनके वापस आने का इंतजार करने लगा.

फिर कुछ देर बाद आंटी वापस आईं और मेरे पास बैठ गईं.

मैं उस वक्त एकदम से चौंक गया जब उन्होंने मेरी जांघ पर अपना हाथ रख दिया और एक अजीब से अंदाज से मेरी जांघ को दबाया.

मैं सिहर कर उन्हें देखने लगा, तो वे मेरी आंखों में झांकती हुई बोलीं- रॉकी, तुम एक काम कर सकते हो?

मैंने कहा- हां जी आंटी, बताइए न!

उन्होंने कहा- अच्छा ठीक है, चलो मेरे रूम में चलो. उधर बताती हूँ.

यह कह कर आंटी उठीं और अपनी गांड हिलाती हुई कमरे की तरफ बढ़ गईं.

मैं उनके पीछे-पीछे चला गया.

फिर उन्होंने कमरे में आकर मुझे देखा और एक लंबी सांस लेती हुई बोलीं- रॉकी, तुम्हारे अंकल अब मज़ा नहीं देते. उनसे अब कुछ नहीं होता. समझ रहे हो न मैं क्या कहना चाह रही हूँ?

मैंने समझ तो लिया था कि आंटी क्या कहना चाह रही हैं लेकिन मैं उनकी बात को पूरी तरह से साफ करना चाह रहा था.

मैं कहा- नहीं आंटी, मैं कुछ समझा नहीं आप क्या कह रही हैं?

तो आंटी ने तुरंत कहा- अच्छा समझ में नहीं आ रहा है … तुम एक बात तो बताओ जरा कि तुमने मेरी पैंटी और ब्रा पर अपना सारा वीर्य क्यों गिराया था?

अब मैं चुप हो गया.

फिर आंटी मेरे पास आईं और मेरे करीब होकर अपने हाथ को मेरे लंड पर रखती हुई एकदम चुदास भरे अंदाज में बोलीं- बहुत जवान हो गए रॉकी तुम … अपनी जवानी को खराब क्यों कर रहे हो!

अब मुझसे भी नहीं रहा जा रहा था.

मैंने भी आंटी की चूची दबानी शुरू कर दी और कहा- मेरी जवानी आपकी सेवा करने के लिए हाजिर है आंटी जी!

वे कुछ नहीं बोलीं और मेरे लौड़े को मसलने लगीं.

मैं भी उनके दूध को मसलता रहा.

हम दोनों ही चुदास से भर चुके थे.

कुछ देर बाद मैंने आंटी के होंठों पर अपने होंठ लगा दिए और चूसने लगा.

आंटी भी मुझसे अपने होंठों चुसवाने लगीं.

हम दोनों ने एक दूसरे को अपनी बांहों में भर लिया था और मस्ती से जीभ को जीभ से लड़ाते हुए रस चूसने लगा.

फिर मैंने आंटी के ब्लाउज के बटन खोल दिए और ब्रा में कैद उनकी चूचियों को मसलने लगा.

आंटी आह आह करती हुई अपने दूध मसलवा रही थीं.

कुछ देर बाद मुझसे रहा नहीं गया, तो मैंने आंटी से कहा- आंटी, अब आप मेरा लंड चूसो न प्लीज!

आंटी बोलीं- रॉकी, वह सब अभी नहीं, आज रात तुम मेरे यहां आ जाना … तुम्हारे अंकल आज रात आउट ऑफ सिटी जा रहे हैं. रात को हम दोनों खुल कर मजे करेंगे.

मैंने कहा- ओके. अभी दूध तो चुसवा दो प्लीज!

वे हंस दीं और अपनी ब्रा को उठा कर एक दूध निकाल कर मेरे मुँह में दे दिया.

मैं किसी छोटे बेबी के जैसे उनका दूध चूसने लगा.

कुछ देर बाद आंटी ने कहा- दूसरा भी चूस लो रॉकी … इसमें भी उतना ही मजा आएगा तुमको!

मैं हंस दिया और आंटी के दूसरे दूध को चूसने लगा.

उसी वक्त आंटी का फोन बजा, तो वे मुझसे अलग होकर फोन देखने लगीं.

अंकल का फोन था और वे आने की कहते हुए अपने बाहर जाने की तैयारी के लिए आंटी से कह रहे थे.

अब मैं अपने घर आ गया और रात होने का इंतज़ार करने लगा.

दोस्तो, आपको मेरी न्यूड आंटी हॉट कहानी कैसी लग रही है, प्लीज कमेंट्स करके जरूर बताएं. अगले भाग में मैं आपको आंटी की चुदाई का रस पिलाऊंगा.

मैक्सरॉकी.

न्यूड आंटी हॉट कहानी का अगला भाग: पड़ोसन आंटी की चूत और गांड की जबरदस्त चुदाई- 2

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