अन्तर्वासनापूर्ण

सहेली के दोस्त संग थ्रीसम सेक्स- 2

0 बार पढ़ी गई12 मिनट का पाठलगभग ८ घंटे पहले

न्यूड गर्ल इन अ कार स्टोरी में मैं अपनी सहेली और उसके दोस्त के साथ कार में थी कि कार खराब हो गयी. बाहर बारिश हो रही थी. कार को धक्का लगाने में हमारे कपड़े भीग गए.

यह कहानी सुनें.

फ्रेंड्स, मैं सोनू अपनी सहेली और कजिन पिंकू के साथ आपको एक मस्त सेक्स कहानी सुना रही थी.

कहानी के पहले भाग

सेक्सी सहेली के साथ पिकनिक का प्रोग्राम

में आपने जान लिया था कि मैं पिंकू के ब्वॉयफ्रेंड लकी की बांहों में नंगी मचल रही थी.

मेरे ऊपर शराब की मस्ती चढ़ी हुई थी.

अब आगे न्यूड गर्ल इन अ कार स्टोरी:

हम दोनों के नग्न बदन आपस में कस कर लिपट गए.

मुझे लगा मानो मेरे सीने की सारी हवा निकल गयी हो.

मैं कसमसा रही थी लेकिन अपने खड़े निपल्स और कडे बूब्स को उसके चौड़े सीने पर रगड़ने के अलवा कुछ भी नहीं कर पा रही थी.

लकी चुपचाप शांति से मुझे अपनी बांहों के शिकंजे में जकड़े बैठा था.

जब मेरा विरोध धीरे धीरे मन्द पड़ कर खत्म सा हो गया तो उसने मेरे होंठों पर अपने होंठ रख दिए.

धीरे धीरे उसके होंठ मेरे दोनों गालों, होंठों और गले पर फिसलने लगे.

मेरी तरफ से कोई खास विरोध ना पा कर उसने मेरे उरोज थाम लिए और थोड़ी देर सहलाने के बाद दोनों निपल्स को बारी बारी से अपने मुँह में लेकर चूसने लगा.

दूसरे हाथ से उसने मेरे हाथ को पकड़ कर अपने तपते लंड पर रख दिया.

मैंने हाथ हटाने की कोशिश की, मगर उसका हाथ मजबूती से मेरे हाथ को अपने लंड पर दबाए हुए था.

मेरे शरीर में अब उसका विरोध करने की न तो ताकत और न ही इच्छा बची थी.

शराब अपना असर दिखाने लगी थी.

मेरा बदन भी गर्म होने लगा.

कुछ देर बाद मैंने खुद को ढीला छोड़ दिया.

उसके हाथ मेरे उरोजों को मसलने लगे.

उसके होंठ मेरे होंठों से चिपके हुए थे और अब जीभ मेरे मुँह के अन्दर घूम रही थी.

मैंने देखा कि मैं अनजाने में ही लकी का लंड मुट्ठी में भर कर धीरे धीरे दबा रही थी. इसी वजह से अब उसको मेरा हाथ जबरदस्ती अपने लंड पर दबाए रखने की कोई जरूरत नहीं रह गई थी.

पिंकू जो अभी तक चुपचाप बैठी यह तमाशा दम साध कर देख रही थी, अब वह भी धीरे धीरे मुझे सहलाने लगी.

दोनों ने मेरे अपनी अपनी तरफ के स्तन थाम लिए.

दोनों मेरे स्तनों को प्यार से सहला रहे थे, हल्के हल्के से मसल रहे थे.

उन्होंने मेरे दोनों दूध मसल मसल कर गर्म कर दिए थे.

लकी कभी निप्पल को चूस रहा था तो कभी काट रहा था तो कभी चाट रहा था.

मेरे दोनों निपल्स उन दोनों की हरकतों से तनने लगे थे.

वे दोनों अपने एक-एक हाथ से मेरी चुत को पैंटी के उपर से सहलाते भी जा रहे थे.

कभी कभी दोनों के हाथ मेरे नितम्बों को मसलने लगते.

मेरी चुत से बुरी तरह काम रस चू रहा था. मेरी चुत मर्द के लंड के लिए तड़प रही थी.

मैं उनकी हरकतों से खूब गर्म हो चुकी थी.

मैं इतनी उत्तेजित हो गयी कि एक झटके से मैंने अपनी चुत को ऊपर उछाल उनके हाथों को और अन्दर जाने का मूक आग्रह किया.

इसी के साथ मेरे बदन से मेरा सारा विरोध तरल रूप लेकर बह निकला.

मेरा स्खलन हो गया था.

मैं शर्म से सिकुड़ गयी.

दोनों ने मिलकर मेरी पैंटी को भी मेरे बदन से अलग कर दिया और इसी के साथ दोनों की एक एक उंगली मेरी चुत में प्रवेश कर गयी और उनके दो अंगूठे मेरी क्लिटोरिस का मसाज करने लगे.

‘आह ओह क्याआ …क्या कर रहे हो?’ मेरे मुँह से वासना भरी सिसकारियां निकल रही थीं.

पिंकू ने अब सीट के लीवर को खींच कर बैक रेस्ट को गिरा दिया.

इससे पीछे की सीट खुल कर एक आरामदेह बिस्तर में बदल गई.

लकी ने चित लेटते हुए मुझे किसी गुड़िया की तरह उठा कर अपनी गोद में बैठा लिया.

उसने मेरे दोनों पैरों को फैला कर अपनी कमर के दोनों ओर रखा और फिर मुझे खींच कर अपने नंगे बदन से लिपटा कर अपने ऊपर लिटा लिया.

मेरे बड़े बड़े उरोज उसके सीने में पिसे जा रहे थे और वह मेरे चेहरे को अपने दोनों हाथों में थाम कर बारी बारी मेरे बाएं गाल, दायें गाल ठोड़ी और होंठों को चूम रहा था.

वह कभी मेरे इस गाल को, तो कभी दूसरे गाल को, तो कभी होंठों को मुँह में भर कर चूसने लगता.

उसने मेरे पूरे चेहरे को अपनी जीभ से चाट चाट कर गीला कर डाला था.

फिर वह मेरे गीले चेहरे को चूम चूम कर सुखाने का प्रयास करने लगता, उसी दरमियान वह कभी कभी मेरे फूले फूले कपोलों पर दांत भी गड़ा देता.

मैंने छटपटा कर उठने की अनमनी सी कोशिश की लेकिन उसी वक्त पिंकू के होंठ मेरी पीठ पर फिसलने लगे.

वह अपनी जीभ निकाल कर मेरी गर्दन से लेकर मेरे नितम्बों तक ऐसे फिरा रही थी मानो बदन पर कोई हल्के से पंख फेर रहा हो.

मेरे पूरे बदन में झुरझुरी सी दौड़ रही थी.

मैं उन दोनों की हरकतों से पागल सी हुई जा रही थी.

लकी का लंड मेरी चुत को बाहर से ही सहला रहा था.

मैं खुद उसकी गोद में लेटी लेटी आगे पीछे होकर अपनी चूचियां उसके सीने और चूत और चूतदाने को उसके लंड से घिस रही थी.

अब मेरी रही सही झिझक भी खत्म हो गयी थी.

मैं अपने बदन को एडजस्ट करके उसके लंड के टोपे को अपनी चूत के अन्दर घुसाने की कोशिश करने लगी.

लेकिन पहले का कोई तजुरबा न होने के कारण इस पोजीशन में लंड चुत के अन्दर नहीं जा पा रहा था.

मैंने कामातुर होकर लकी के सीने पर दांत भी गड़ा दिए और आखिर में ना जाने क्या सोच कर लकी का एक निप्पल अपने मुँह में लेकर चूसने लगी.

मुझे ताज्जुब हुआ कि मेरे चूसने से उसका निप्पल भी खड़ा हो गया.

’शर्माओ मत, जी भर कर चूसो दोनों को!’ उसने हंसते हुए कहा तो मैं शर्म से लाल हो गई.

भला हो अंधेरे का कि किसी ने मेरे शर्म से लाल होते मुखड़े को नहीं देख पाया.

लकी ने जब मेरा मुँह अपने दूसरे निप्पल पर लगा कर, मुझे मजबूर होने का बहाना दिया तो मैं पूरे मनोयोग से उसे चूमने चाटने और चूसने लगी.

वह भी ठंडी ठंडी आहें भरता हुआ मेरे सर को अपने निपल्स पर दबा रहा था.

मेरी चुत पर रगड़ खाते उसके लौड़े में बढ़ता हुआ तनाव साफ साफ महसूस हो रहा था.

किसी मर्द का निप्पल भी औरत जितना ही सेंसिटिव होता है, मैं नहीं जानती थी.

खैर … अपने इस नए शगल से मेरा ध्यान थोड़ी देर के लिए मेरी कामाग्नि से हट गया.

घुप्प अंधेरे में कुछ दिख तो नहीं रहा था लेकिन वे दोनों मेरी इस हालत पर ज़रूर हंस रहे होंगे.

न्यूड गर्ल इन अ कार … ऐसी हालत में मुझे कोई भी देखता तो एक वेश्या ही समझता.

मेरी डिग्रियां, मेरी शिक्षा, मेरी रेपुटेशन, मेरा स्टेटस सब इस आदिम भूख के सामने छोटे पड़ गए थे.

शराब ने मुझे अपने वश में ले लिया था.

तभी पिंकू मेरे ऊपर ही लेट गई और अपनी चूचियां मेरी पीठ पर घिसने लगी.

उस बर्फानी मौसम में मैं इन दोनों के बीच सेंडविच बनी हुई उनके बदनों की मीठी मीठी गर्मी में राहत महसूस कर रही थी.

मेरा बदन चाह रहा था कि दोनों मुझे खूब मसलें, खूब प्यार करें और खूब रगड़ें.

पता नहीं, उन दोनों के स्पर्श में क्या जादू था कि मैं सेक्स की भूख से तड़पने लगी थी.

लकी ने चूस चूस कर मेरे होंठों को सुजा दिया था और दोनों गालों और ठोड़ी पर गहरे निशान डाल दिए थे, जो मुझे बाद में आइना देखने पर पता चला था.

फिर लेटे लेटे ही मुझे और ऊपर सरका कर वह मेरे दूधों पर टूट पड़ा.

अपने दोनों हाथों से मेरे एक एक दूध को निचोड़ रहा था और मेरे दोनों निपल्स को बारी बारी से अपने मुँह में लेकर चूस रहा था.

मुझे बड़ी सनसनी हो रही थी तो मैं खुद छाती उचका उचका कर अपने दूध उसके मुँह में दबा रही थी.

पिंकू उस वक़्त मेरी गर्दन से लेकर चूतड़ों तक हल्के हल्के चूमा चाटी और दांतों के निशान बनाने में मशगूल थी.

कुछ देर बाद लकी ने पोजीशन एडजस्ट करते हुए अपना लंड मेरे स्तनों के बीच में घुसा दिया और मेरे दोनों स्तनों को पकड़ कर टाइट करते हुए मेरा बूब फक करने लगा.

उसके हाथों में मेरे दूध और उनके बीच में लंड की रगड़ाई से मैं मदमस्त हो गई थी और मेरी चुत तो फव्वारा छोड़ रही थी.

कुछ देर बाद पिंकू ने चार्ज सम्हाला और मेरे पीछे से हाथ बढ़ा कर मेरे बूब्स लकी के लंड पर रगड़ने लगी.

लकी खुद सिर के पीछे हाथों का तकिया बना कर आराम से लेट गया.

पिंकू कभी मेरे निपल्स आपस में रगड़ती, कभी उन्हें लकी के लंड पर रगड़ने लगती, कभी पूरे पूरे स्तनों को आटे की तरह लंड के चारों ओर मलने लगती.

लकी के प्रीकम रस से मेरे उरोज गीले हो रहे थे.

कुछ देर बाद लकी थोड़ा ऊपर सरक कर एक कुशन से पीठ टिका कर बैठ गया और मेरे सिर को अपने लंड पर दबाने लगा.

मैं बचने के लिए अपना मुँह इधर-उधर हिला रही थी लेकिन उसने लंड का टोपा मेरे होंठों से सटा रखा था इसलिए उसके कामरस का अपने होंठों पर लेप करने के सिवा कुछ नहीं कर पा रही थी.

उसी समय पिंकू ने मेरी चूत में दो उंगलियां घुसाते हुए दूसरे हाथ से मेरी क्लिटोरिस को चुटकी में लेकर बुरी तरह मसल दिया.

इससे मेरे पूरे शरीर में सिहरन सी दौड़ गई और मेरा मुँह झटके से खुल गया.

मैंने जैसे ही चौंक कर झटके से मुँह खोला, लकी का मोटा लौड़ा मेरी जीभ को रास्ते से हटाता हुआ मेरे गले तक जा धंसा.

मैं सिर को बाहर खींचने के लिए ज़ोर लगाने लगी तो उसने अपने लंड की ठेल कुछ ढीली कर दी, इससे लंड बाहर को आने लगा.

लेकिन अभी आधा लंड ही बाहर निकला होगा कि उसने दोबारा से मेरे सिर को दाब दिया.

वह ऐसे ही बार बार अपनी पकड़ ढीली करता और मैं हर बार सिर को दूर करने की कोशिश करती … और वह उसे फिर से दाब देता.

जब तक मैं यह खेल समझ पाती, वह मेरे मुँह की चुदाई मेरी ही उछल कूद से करता रहा.

पीछे से पिंकू मेरी चूत को उंगलियों से चोद रही थी, काम कणिका को मसल रही थी.

मैं कामोत्तेजना से चीखना चाहती थी, लेकिन मुँह में लंड फंसा होने के कारण सिर्फ ‘ऊंहउंह उम्म्म उफ्फ्म्म्’ जैसी आवाज़ें ही निकल पा रही थीं.

मैं उसी अवस्था में पुनः झड़ गयी.

कुछ देर बाद मुझे लगा कि अब लकी झड़ने वाला है.

यह देख कर मैंने लंड को अपने मुँह से निकालने की कोशिश की.

लेकिन उसने मेरे सिर को पूरी ताकत से अपने लंड पर दबा दिया.

उसका मूसल जैसा लंड हलक के अन्दर तक घुस गया.

उसका लंड अब झटके मारने लगा, फिर ढेर सारा गर्म गर्म वीर्य उसके लंड से निकल कर मेरे गले को तर करता हुआ हुआ मेरे पेट में समाने लगा.

काफी सारा वीर्य पिलाने के बाद उसने लंड को मेरे मुँह से निकाला.

मैं जोर जोर से सांसें ले रही थी. उसके वीर्य के कुछ थक्के मेरी नाक पर और मेरे बालों पर भी गिरे.

उधर पिंकू मेरी चुत में अपनी जीभ अन्दर बाहर कर रही थी और कामकणिका को बुरी तरह जीभ से रगड़ रगड़ कर चाट रही थी.

मैं सिर को उत्तेजना से झटकने लगी.

‘ऊउई ईइ माअ ऊ ऊह्ह्ह हुम्म्म्प्प्.’ जैसी उत्तेजित आवाज़ें मेरे मुँह से निकल रही थीं, उसी पल मेरी चुत ने ढेर सारा रस छोड़ दिया.

मेरी बांहें मेरे बदन को और थामे न रख सकीं और मेरा सिर लकी की गोद में धंस गया.

उसके काम रस से सने ढीले पड़े लंड से मेरा गाल रगड़ खा रहा था.

थोड़ी देर ऐसी ही हालत में पड़े रहने के बाद उन्होंने अपनी पोजीशन बदल लीं.

पिंकू मेरे बगल में ही लेट कर मेरे गालों और होंठों को चूमने लगी.

उसकी नाक, होंठ और जीभ मेरी चुत से निकले कामरस से सने हुए थे.

मेरे होंठों को चूस चूस कर और अपनी जीभ को मेरे मुँह घुसेड़ कर घुमाती हुई वह मुझे मेरे ही कामरस का स्वाद दिलाने लगी.

उधर लकी देर तक मेरे निढाल पेट के बल पड़े शरीर के नितंबों को दोनों हाथों से उठा कर मेरी क्लिट को चूसने चाटने के बाद अब मेरी चुत में अपनी जीभ से चुदाई कर रहा था.

एक स्त्री के होंठों और जीभ के बाद अब मेरी चूत को एक पुरुष के होंठों और जीभ का स्वाद मिल रहा था.

मेरी चुत से फिर पानी छूटने लगा और वह एक लंड का अनुभव लेने के लिए छटपटाने लगी.

तभी लकी ने मेरे पेट के नीचे एक कुशन घुसा कर मेरे नितंबों को ऊपर उठाया और अपना लंड अपने फ्री हुए हाथों से पकड़ कर बारी बारी से मेरी चूत के दाने और चूत होंठों पर रगड़ने लगा.

मेरे और उसके दोनों के अंगों से निकलते हुए रस से पैदा चिकनाई के कारण यह खेल बहुत अच्छा लग रहा था.

कुछ ही देर में मेरी चूत खुद ही फुदक फुदक कर लंड को अपने अन्दर इनवाईट करने लगी और मैं अपने नितंबों को हिला हिला कर और मुँह से ‘ओह्ह्ह अह …’ जैसी आवाज़ें निकाल कर लकी के लंड को मौन निमंत्रण देने लगी.

दोस्तो, मजा आ रहा है न … मेरी चुदाई की इस न्यूड गर्ल इन अ कार स्टोरी को मैं अभी आगे और मस्ती से लिखने का प्रयास करूंगी, बस आप अपने मेल व कमेंट्स लिखते रहें.

न्यूड गर्ल इन अ कार स्टोरी का अगला भाग:

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