इंडियन सेक्सपूर्ण

लॉकडाउन में पड़ोसन को गर्लफ्रेन्ड बनाकर चोदा

0 बार पढ़ी गई10 मिनट का पाठलगभग ८ घंटे पहले

रोमांस सेक्स कहानी में मेरे घर के सामने रहने वाली लड़की को देखने पर उसके बारे में सेक्स भरे ख्याल आने लगे. वह भी मुझे देखते हुए देखती तो देखती ही रहती.

लॉकडाउन की अधूरी हसरत और प्रीति की चुदाई

दोस्तो, मेरा नाम नीरज है और मैं दिल्ली में रहता हूँ।

यह कहानी दिसंबर 2020, लॉकडाउन के समय की है और यह पूरी तरह से एक रियल स्टोरी है, जो मैं आपसे शेयर करने जा रहा हूँ।

यह सब मेरे और मेरे पड़ोस में रहने वाली एक सुंदर लड़की के बीच हुआ!

अपनी असली रोमांस सेक्स कहानी शुरू करने से पहले मैं आपको अपने और अपनी गर्लफ्रेंड के बारे में बताना चाहूँगा।

मैं अपना और अपनी एक्स-गर्लफ्रेंड का असली नाम नहीं बता सकता तो आप मुझे नीरज के नाम से इस कहानी में जानेंगे और मेरी गर्लफ्रेंड को प्रीति के नाम से।

यह कहानी दिसंबर 2020 से शुरू होती है, जब मेरी उम्र 21 थी और प्रीति की 27 साल।

2020 में COVID की वजह से दिल्ली में लॉकडाउन जारी था।

मैं अपने परिवार के साथ दिल्ली में रहता हूँ।

लॉकडाउन होने की वजह से देर रात तक फिल्में और वेब सीरीज देखना चलता था।

मैं अक्सर सुबह देर से उठता था और बालकनी में खड़े होकर ब्रश करते हुए आस-पास देखता था।

तभी मेरा ध्यान सामने वाले घर पे गया, जहाँ एक सुंदर सी लड़की दिखी।

यह सिलसिला 2-3 दिन तक चला।

सुबह वह अपनी बालकनी में कभी धूप सेकते, तो कभी कपड़े सुखाते हुए दिख जाती थी।

दिसंबर में दिल्ली में बहुत ठंड होती है तो वह अक्सर 10-11 बजे बालकनी में कुर्सी लगाकर धूप सेकती हुई दिखती थी।

हालाँकि, मैं उसको पहले से जानता था, कभी घर पे आना-जाना या फंक्शन में मिलना भी होता था।

मैं हमेशा उसको ‘दीदी’ के रूप में देखता था क्योंकि वह उम्र में मुझसे काफी बड़ी थी।

लेकिन पता नहीं क्यों, जब उसको देखना शुरू किया तो मन में सेक्स के ख्याल आने लगे।

पर यह उम्मीद नहीं थी कि सच में इसको चोदने की किस्मत है मेरी!

दिसंबर के अंत में मेरे परिवार ने एक बड़ा घर लेने का फैसला किया और शिफ्टिंग की तैयारी शुरू होने वाली थी।

उसके कुछ दिनों पहले से ही मैं सुबह, दोपहर, शाम और रात को जब भी मौका मिलता, मेरी नजर उसकी बालकनी पर जमी रहती थी।

मेरे दिमाग में यह था कि अब जब यहाँ से जाना ही है, तो इसे अच्छे से देख लूँ।

कुछ दिनों बाद मुझे महसूस हुआ कि वह भी मुझे देखती है और जब मैं उससे नजर मिलाता तो वह दूसरी ओर देखने लगती!

यह सिलसिला चलता रहा।

न कभी मैंने स्माइल पास की और न उसने।

मैंने फेसबुक पर उसे रिक्वेस्ट भेजी लेकिन उसने एक्सेप्ट नहीं की।

आखिरकार वह दिन आ गया जब घर शिफ्ट होने लगा और 2 दिन के बाद हम नए घर में शिफ्ट हो गए।

मैं उसे बहुत मिस करने लगा।

फिर 31 दिसंबर की रात को अचानक उसने मेरी रिक्वेस्ट एक्सेप्ट कर ली!

मैं उसे देखकर इतना खुश हुआ जैसे मेरी सरकारी नौकरी लग गई हो!

फिर हमारी बात शुरू हुई:

“हेलो, हाय, कैसे हो?”

मैंने हिम्मत करके उससे पूछ लिया, “क्या आप भी मुझे देखती थीं?”

इस पर उसने कहा, “तुम क्यों देखते थे मुझे!”

मुझे डर भी लग रहा था कि कहीं वह किसी को यह चैट न दिखा दे और बात घर तक न आ जाए।

फिर भी उस ठंडी रात ने मेरे अंदर इतनी ठरक और हिम्मत भर दी थी कि मैं उससे चैट पर खुलकर बात करने लगा।

उसी रात मैंने उससे बोल दिया, “मैं आपको लाइक करता हूँ!”

इस पर वह पहले तो गुस्सा हुई लेकिन बातें करती रही।

कुछ दिनों बाद उसने बताया, “मैं भी तुमको लाइक करती हूँ, पर मेरी शादी की बात चल रही है, तो मैं कोई रिलेशनशिप नहीं बनाना चाहती।”

मेरे पूछने पर उसने बताया कि कॉलेज में उसका एक बॉयफ्रेंड था, लेकिन उनके बीच कुछ ‘किस’ से ज्यादा कुछ नहीं हुआ था।

हमारी रोज बातें होने लगीं और हमने खुलेआम एक-दूसरे से अपनी बातें शेयर कीं।

मैंने उसको बताया, “मेरी एक गर्लफ्रेंड थी, जिसके साथ मैंने 50 से ज्यादा बार सेक्स किया था, लेकिन लॉकडाउन से कुछ दिन पहले उसकी मौत हो गई।

मेरे बारे में सुनकर उसने अफसोस जाहिर किया।

कुछ और दिन बीतते-बीतते आखिरकार 9 जनवरी 2021 को उसने भी ‘हां’ बोल दिया!

मैं बहुत खुश हुआ।

फिर रोज बातें, तस्वीरें और वीडियो कॉल का दौर शुरू हो गया।

मैं अक्सर उसके कपड़ों की तारीफ करता था।

हम रोमांस की बातें करने लगे।

वह मुझसे 6 साल बड़ी थी और अब मेरे लिए एक ‘सेक्सी माल’ बन गई थी।

उसका फिगर 34-32-36 का था—एकदम गदराई हुई माल लगती थी!

फिर रोज सेक्स चैट करना, हॉट तस्वीरें माँगना और यहाँ तक कि वह मुझे ‘न्यूड्स’ भी भेजने लगी।

जब भी वह नहाने जाती, हम वीडियो कॉल पर मजे करते थे!

अब बिना चुदाई के रहना मुश्किल हो रहा था, लेकिन लॉकडाउन की वजह से कुछ कर नहीं पा रहे थे।

फिर उसने बताया कि उसके घर वालों ने एक लड़का देखा है और उसका ‘रोका’ होने वाला है।

वह चाहती थी कि उसका पहला सेक्स मेरे साथ हो और मैं भी यही चाहता था कि इसकी चुदाई तो करनी ही है— यह रोमांस सेक्स करना मेरा सपना था!

लॉकडाउन की वजह से घर जाना मुमकिन नहीं था, तो मैंने एक ओयो (Oyo) रूम का इंतजाम किया।

आखिरकार वह अपने दोस्त के घर जाने का बहाना बनाकर मुझसे मिलने आई।

मैं उसे बाइक पर बिठाकर पास के ही ओयो रूम में ले गया।

मैं अपनी एक्स के साथ बहुत बार सेक्स कर चुका था लेकिन उसका यह पहली बार था, इसलिए वह कमरे में आकर थोड़ा शर्मा रही थी और दूर बैठी थी।

फाइनली मैं उसके पास गया और उसे जैसे ही हग (Hug) किया, उसने भी मुझे जोर से गले लगा लिया!

हमने एक-दूसरे को इतना टाइट पकड़ा था कि हमें अपनी हार्टबीट सुनाई दे रही थी।

फिर मैं थोड़ा पीछे हटा और उसके माथे पर किस किया।

उसकी आँखों, गालों और कानों पर किस करते हुए मैं नीचे बढ़ा, तभी उसने खुद ही मेरे होंठों पर अपने प्यारे रसीले होंठ रख दिए!

बस फिर क्या था! प्रेमी की तरह हम 10 मिनट तक बिना रुके किस करते रहे, जब तक हमारी सांसें नहीं फूलने लगीं।

ऐसा लग रहा था जैसे सालों के भूखे को खाना मिल गया हो।

वह मेरा पूरा साथ दे रही थी।

मैं उसके कभी नीचे वाले तो कभी ऊपर वाले होंठ चूस रहा था।

फिर मैंने अपनी जीभ उसके मुँह में डाल दी, जिसे वह चूसने लगी।

हम दोनों बहुत गर्म हो गए थे और दिल की धड़कनें बढ़ चुकी थीं।

कंट्रोल नहीं हो रहा था।

जिसके बारे में सोच-सोच कर लंड हिलाता था, आज वह मेरी बाहों में थी।

कुछ और देर किस करते हुए मैंने उसके बूब्स को दबाना शुरू कर दिया।

वह बिना किसी विरोध के साथ देने लगी।

फिर जींस के ऊपर से ही उसकी सेक्सी टाँगों को रगड़ने लगा और उसकी चूत मसलने लगा।

वह स्पर्श से और गर्म हो गई और टाँगों के बीच मेरा हाथ जोर-जोर से दबाने लगी!

अब हम एक-दूसरे के कपड़े उतारने लगे।

मैंने उसका टॉप उतार दिया।

ब्रा में कसे हुए उसके 34 के बूब्स देखकर मैं खुद को रोक नहीं सका और उन्हें चूसने लगा।

मैं उन्हें ऐसे पी रहा था जैसे कोई बच्चा दूध पीता है।

उसके निपल्स ब्राउन थे, जिन्हें काट-काटकर मैंने लाल कर दिया था।

वह दर्द सह नहीं पा रही थी।

फिर मैंने उसके पेट पर किस करते हुए नीचे बढ़ना शुरू किया और उसकी जींस को पैंटी के साथ उतार फेंका।

अब वह पूरी नंगी थी।

मैं उसकी चूत को चाटने लगा।

बिना रुके 10 मिनट तक चाटने के बाद वह झड़ने लगी।

उसकी चूत से पानी बहने लगा था, जिससे बेडशीट तक गीली हो गई थी!

चूत चाटने के बाद प्रीति पूरी तरह से मदहोश हो चुकी थी।

उसकी चूत से निकलने वाले पानी ने बेडशीट भिगो दी थी और वह बिस्तर पर पसीने से तर-बतर पड़ी हाँफ रही थी।

अब मेरी बारी थी।

मैंने अपने सारे कपड़े उतारे और अपना खड़ा हुआ सख्त लंड उसके चेहरे के पास ले गया।

मेरा लंड देख कर उसकी आँखें फटी की फटी रह गईं।

वह धीरे से बोली, “नीरज! यह तो बहुत बड़ा है, क्या यह सच में मेरी चूत में जाएगा!”

मैंने उसे बालों से पकड़ कर थोड़ा ऊपर उठाया और बोला, “आज तो यह पूरा अंदर जाएगा प्रीति! बस तुम साथ देना!”

मैंने उसे बिस्तर के किनारे पर लेटाया और उसकी टाँगों को ऊपर उठाकर अपने कंधों पर रख लिया।

उसकी चूत अब पूरी तरह से मेरे सामने थी— गुलाबी और गीली।

मैंने अपने लंड की टोपी उसकी चूत के छेद पर रखी और एक हल्का सा दबाव दिया।

वह जोर से चिल्लाई, “आह्ह्ह! नीरज! बहुत दर्द हो रहा है, थोड़ा धीरे!”

उसकी चूत बहुत टाइट थी क्योंकि वह वर्जिन थी।

मैंने थोड़ा रुक कर उसके बूब्स को सहलाना शुरू किया ताकि वह रिलैक्स हो जाए।

जैसे ही वह थोड़ी शांत हुई, मैंने अपनी पूरी ताकत बटोरी और एक जोरदार धक्का मारा!

” ऊह्ह…! मार डाला!” वह जोर से चिल्लाई और उसके नाखून मेरे कंधों में गड़ गए।

मेरा आधा लंड उसकी टाइट चूत को फाड़ता हुआ अंदर धंस चुका था।

जब मैंने नीचे देखा तो सफेद चादर पर खू.न के धब्बे नजर आने लगे थे।

वह रोने लगी थी.

लेकिन मैं जानता था कि एक बार यह दौर निकल गया तो उसे मजा आने लगेगा।

मैंने कुछ देर उसे चूम कर शांत किया और फिर धीरे-धीरे अंदर-बाहर करना शुरू किया।

वेसलीन और चूत के पानी की वजह से अब लंड आसानी से फिसलने लगा था।

धीरे-धीरे उसकी सिसकियाँ आहों में बदलने लगीं।

वह आँखें बंद करके बुदबुदाई, “उह्ह्ह… हाँ नीरज… अब मजा आ रहा है… और जोर से चोदो मुझे!”

अब मैं पूरे जोश में था।

मैं बिना रुके धपा-धप धक्के मारने लगा।

कमरे में केवल हमारे शरीरों के टकराने की ‘चप-चप’ की आवाज गूँज रही थी।

मैंने उसे घोड़ी बनाया और पीछे से उसकी गांड के छेद पर अपना हाथ फेरते हुए उसे कुत्ते की तरह चोदना शुरू किया।

करीब 20 मिनट की ताबड़तोड़ चुदाई के बाद मेरा माल लोड हो गया।

मैंने चिल्लाकर पूछा, “प्रीति! मैं झड़ने वाला हूँ, कहाँ निकालूँ!”

वह बुरी तरह हाँफते हुए बोली, “भोसड़ी के! आज तो अपनी अमानत मेरे अंदर ही छोड़ दे! मुझे पूरा भर दे!”

मैंने उसकी कमर कस के पकड़ी और आखरी पांच-छह गहरे धक्के मारे।

मेरा सारा गर्म माल पिचकारियों की तरह उसकी चूत की गहराइयों में उतर गया।

हम दोनों एक-दूसरे से लिपट कर वहीं ढेर हो गए।

कुछ महीनों बाद प्रीति का रिश्ता पक्का हो गया और उसकी शादी हो गई।

मुझे लगा कि अब सब खत्म हो जाएगा.

लेकिन प्रीति को मेरे लंड का चस्का लग चुका था।

उसके पति का लंड छोटा था और वह उसे वह सुख नहीं दे पाता था जो मैंने उस रात ओयो में दिया था।

शादी के बाद जब वह पहली बार मायके आई तो हमने फिर से मिलने का प्लान बनाया।

अब तो वह और भी ज्यादा ‘सेक्सी माल‘ हो गई थी।

शादी के बाद उसके बूब्स और गांड और भी ज्यादा निखर गए थे।

वह मुझसे लिपटे हुए बोली, “नीरज! तुम्हारे बिना मेरा मन नहीं लगता, वह मुझे तुम्हारी तरह संतुष्ट नहीं कर पाता!”

हम अक्सर मौका पाकर मिलते रहे।

कभी दोपहर में जब घर खाली होता, तो कभी बहाने से बाहर जाकर।

यह सिलसिला तब तक चलता रहा जब तक वह प्रेग्नेंट नहीं हो गई।

आज भी जब हम मिलते हैं, तो वह पुरानी यादें ताजा हो जाती हैं।

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