फैमिली सेक्सपूर्ण

चचेरी बहन को चोदकर लंड की गुलाम बनाया

0 बार पढ़ी गई14 मिनट का पाठ१ दिन पहले

सिस्टर सेक्स कहानी में मेरे चाचा की बेटी मस्त माल है. मैं उसे चोदना चाहता था. मैं उसे कॉलेज छोड़ने जाने लगा. उसकी सहेली ने मेरी बहन को मुझसे दोस्ती के लिए कहा.

दोस्तो, मेरा नाम अंकुश है और मैं 24 साल का हूँ.

मेरे लंड का साइज 7 इंच है.

मैं मध्यप्रदेश के ग्वालियर जिले का रहने वाला हूँ.

मैंने अपनी चाचा की लड़की को चोद कर अपने लौड़े का गुलाम बना लिया था, आज उसी सिस्टर सेक्स कहानी आपको सुना रहा हूँ.

मेरी चचेरी बहन का नाम अंकिता है और उसकी उम्र 19 साल है.

अंकिता दिखने में बहुत ही खूबसूरत है.

मैं आपको शब्दों में लिख कर कैसे समझाऊं कि वह कितनी हॉट माल है.

बस … आप यह समझ लो कि वह एकदम गर्म लौंडिया है.

शक्ल से ही वह इतनी क्यूट है कि पहली नजर में ही देख कर लगे कि कोई फिल्म की एक्ट्रेस है.

मैंने उसे कभी भी सेक्स की नजरों से नहीं देखा था, मैं उसे अपनी सगी बहन ही समझता था.

उन्हीं दिनों मेरे चाचा की लड़ाई मोहल्ले के कुछ में लड़कों से हो गई.

चाचा ने उनमें से एक को मारा था, तो उसके कुछ साथियों ने चाचा के साथ गाली-गलौच कर दी थी.

उस वक्त तो मुहल्ले के कुछ लोगों ने बीच-बचाव करके मामला रफा-दफा करवा दिया था.

लेकिन वे लड़के चाचा को कूटने की प्लानिंग बनाने लगे थे.

यह बात मुझे पता लग गई थी कि वे सब मिलकर चाचा को मारने पीटने के लिए एक-जुट हो गए हैं.

उन लोगों ने चाचा को पीटने के लिए अंकिता के कॉलेज के पास फील्डिंग लगाई है.

मैंने तुरंत चाचा को कॉल किया और चाचा से बोला कि आप कल अंकिता को कॉलेज छोड़ने मत जाना.

मुहल्ले के लड़के आपको मारने के लिए आमादा हैं.

यह सुनकर चाचा ने कहा- ठीक है, अब तुम ही अंकिता को कॉलेज छोड़ आना और ले आना!

अगले दिन मैं अंकिता को कॉलेज के लिए लेने गया.

अंकिता तैयार थी.

मैंने उसे बाइक पर बैठने को बोला और उसे कॉलेज ले जाकर छोड़ दिया.

उसे छोड़ कर मैं घर वापस आ गया.

फिर 1:00 बजे चाची का कॉल आया.

वे बोलीं- अंकिता को कॉलेज से ले आओ.

जब मैं अंकिता को कॉलेज लेने पहुंचा तो उसकी फ्रेंड उसे छोड़ने आई थी.

अंकिता की फ्रेंड मुझे देखकर स्माइल कर रही थी, मैं समझ नहीं पाया कि यह क्यों दांत निकाल रही है.

मैंने अंकिता को बाइक पर बिठाया और घर छोड़ दिया.

दो-चार दिन ऐसे ही चलता रहा.

मैं उसे कॉलेज छोड़ने जाता, लेने जाता और अंकिता की फ्रेंड मुझे देखकर स्माइल पास करती.

एक दिन अंकिता बोली- भैया, आपसे एक बात कहूं, बुरा तो नहीं मानोगे?

मैंने कहा- हां कहो, मैं बुरा नहीं मानूंगा बताओ क्या बात है?

तो वह बोली- भैया मेरी फ्रेंड आपको पसंद करती है.

मैंने कहा- वह क्या चाहती है?

अंकिता बोली- मुझे नहीं पता भैया … आप खुद उससे बात कर लेना.

मैं कुछ नहीं बोला.

फिर हम लोग घर आ गए.

मैं चाची के पास जाकर बैठ गया.

चाची मुझसे बोलने लगीं- तुम अंकिता को पढ़ा दिया करो.

मैंने ओके कह दिया और कुछ ही देर बाद आकर अंकिता को पढ़ाने के लिए बैठ गया.

जब मैंने अंकिता की तरफ देखा तो वह सोफे पर बैठी हुई थी और उसने टेबल पर किताब रखी हुई थी.

वह कुछ ज्यादा ही गहरे गले का टॉप पहनी हुई थी और झुक कर किताब में देखकर पढ़ रही थी.

मेरी नजरें उसके रसभरे मम्मों पर जा पड़ी.

उसके दूध बहुत टाइट थे.

उन्हें देखकर मेरी नीयत खराब हो गई.

वह मेरे सामने बैठी थी और मैं उसके मम्मों को दबाने की सोच रहा था.

ऐसे ही देखते देखते 2 घंटे हो गए और मैं घर चला गया.

घर आकर मैंने बाथरूम में जाकर लंड हिलाया.

अगले दिन जब मैं उसे कॉलेज छोड़ने गया, तो मैंने मन बना लिया था कि इसे चोदना ही पड़ेगा.

मैंने उससे उसकी फ्रेंड वाली बात को छेड़ते हुए बोला- अपनी फ्रेंड से बोल देना कि वह मुझे पसंद नहीं है!

मेरी बहन कहने लगी- क्यों भैया?

मैंने बोला- यदि वह तुम जैसी होती तो मैं बात कर सकता था.

वह बोली- अच्छा तो आपको मेरी जैसी चाहिए!

मैं चुप रहा.

फिर वह कहने लगी- भैया, आपकी तो गर्लफ्रेंड है न!

मैंने बोला- पहले थी, अब नहीं है.

‘ब्रेकअप क्यों हुआ भैया?’

मैंने बोल दिया कि वह मुझ पर शक करती थी. मैंने उसे बहुत समझाया कि शक की कोई दवाई नहीं होती, पर वह नहीं मानी तो मैंने उसे छोड़ दिया.

यह सुनकर मेरी बहन बोली- आपने एकदम सही किया भैया.

मैं समझ गया कि मेरी बहन मुझ में दिलचस्पी ले रही है.

वह फिर से बोली- भैया वह कैसी लगती थी?

मैंने कहा- काफी अच्छी लगती थी.

वह बोली- क्या वह मुझसे भी अच्छी लगती थी?

मैं- नहीं, वह तुमसे थोड़ा कम सुंदर थी, पर सेक्सी बहुत थी!

मेरी बहन ‘हूँ’ करके चुप हो गई.

अब तक उसका कॉलेज आ गया तो वह मुझे बाय बोलकर कॉलेज में चली गई.

जब मैं छुट्टी के समय उसे लेने गया तो अंकिता ने मुझे चॉकलेट दी.

मैंने पूछा- यह किस खुशी में?

तो वह बोली- बस ऐसे ही!

हम दोनों बात करते-करते घर को आने लगे.

तो मैंने पूछा- तेरा कोई ब्वॉयफ्रेंड है क्या?

वह हंस कर बोली- नहीं भैया!

‘किसी ने प्रपोज तो किया होगा?’

‘किया है, पर मैंने सब को मना कर दिया क्योंकि वे सब गंदे लड़के हैं.’

‘कैसे लड़के पसंद है तुम्हें?’

‘आपकी तरह समझदार.’

हम दोनों यही सब बातें करते हुए घर पहुंच गए.

मैं चाची से मिलकर बात करने लगा.

अंकिता अन्दर चली गई और जल्दी ही कपड़े चेंज करके आ गई.

वह मेरे सामने पढ़ने बैठ गई.

चाची अपने काम में लग गईं और अंकिता के दूध दिखने लगे.

अंकिता मेरे सामने जानबूझ कर बार बार झुक रही थी और अपने दूध दिखा रही थी.

मैं समझ गया कि मेरी बहन जानबूझ कर अपने दूध दिखा रही है!

उसे पढ़ाने के बाद मैं घर आ गया.

रात को फेसबुक पर अंकिता का मैसेज आया- हैलो भैया?

मैंने रिप्लाई में ‘हैलो’ बोला दिया.

अंकिता- एक बात पूछ सकती हूँ?

मैंने कहा- हां पूछो!

अंकिता- भैया आपने अपनी गर्लफ्रेंड के साथ सेक्स किया है?

मैं- हां किया है.

अंकिता- हम्म …

मैं- क्या हुआ?

‘आपसे एक बात कहनी है!’

मैं- बोलो, क्या बात है?

अंकिता- मैं आपको पसंद करती हूँ.

मैंने भी बोल दिया कि हां मैं भी तुम्हें पसंद करता हूँ.

अंकिता- आई लव यू!

मैंने भी आई लव यू बोल दिया.

मैंने पूछा- तुमने ब्लू फिल्म देखी है?

वह बोली- हां तीन बार देखी है!

मैंने कहा- मुझे तुम्हारे बूब्स पीना है. तुम्हारे पैरों के बीच में जो खड़े होंठ हैं न … उन्हें चूमना है.

वह शर्मा गई.

मैंने कहा- तुमने कभी अपनी चूत में उंगली की है?

‘हां, कभी कभी कर लेती हूँ जब सेक्स स्टोरी पढती हूँ तब!’

मुझे सेक्स चढ़ने लगा था तो मैंने कहा कि तुम अपने मम्मों की फोटो भेजो!

उसने कहा- सब हैं अभी, कल देख लेना.

मैंने कहा- कल भी तो मम्मी रहेंगी?

‘कल रविवार है और मम्मी पापा शादी में जाएंगे. आप मामी पापा के जाने के बाद घर आ जाना और देख लेना.’

दूसरे दिन चाचा चाची के जाने के बाद अंकिता ने फोन कर दिया और मैं उसके घर आ गया.

घर में मेरी चचेरी बहन अकेली थी.

मैंने दरवाजे बंद किये और उसके होंठों को किस करने लगा.

मुझे अपनी बहन के रसीले होंठों का स्वाद आज पहली बार मिला था.

मैंने अपने पास खींच लिया और अपनी बांहों में भर लिया.

वह बोली- भैया रुको न … मुझसे साड़ी पहन कर चुदना है. आप जरा रुको, मैं अभी पहन कर आती हूँ.

मैंने ओके कह दिया.

वह अपनी मम्मी के कमरे में चली गई और उनकी एक नेट वाली काले रंग की साड़ी पहन कर आ गई.

मैं तो उसे देखता ही रह गया.

साली कुतिया, गजब की माल लग रही थी.

मैं उसके झीने ब्लाउज में से झाँकते मामों को निहार रहा था. उसके उठे हुए दूध बिल्कुल साफ-साफ नजर आ रहे थे.

मैंने उसको अपनी बांहों में खींच लिया और उसके होंठों पर टूट पड़ा.

मैं उसके रसीले होंठों को चूसने लगा और एक हाथ से अपनी बहन के बूब्स को दबाने लगा और जोर जोर से मसलना शुरू कर दिया.

रंडी मेरे होंठों को ऐसे चूस रही थी, जैसे लंड चूस रही हो.

मैं उसके मम्मों को जोर-जोर मसलता जा रहा था.

फिर मैंने उसके ब्लाउज को खोला, साली कुतिया, नेट वाली ब्रा में एकदम माल रंडी लग रही थी.

मैंने उसकी साड़ी और पेटीकोट भी उतार दिए.

अब वह ब्रा और पैंटी में मेरे सामने थी.

मैंने उसकी पैंटी पर हाथ रखा, तो उसकी पैंटी पूरी गीली हो चुकी थी.

उसकी चूत पानी छोड़ रही थी.

मेरी बहन चिकनी, गोरी और एकदम चुदैल लग रही थी.

मैंने ब्रा पैंटी में ही उसे घोड़ी बना दिया और उसके मुँह में लंड दे दिया.

वह लंड चूसने लगी तो मैं उसके मुँह को चोदने लगा.

मैं तेज गति से अपने लंड को उसके गले के अंतिम छोर तक पेल रहा था.

वह सही से सांस भी नहीं ले पा रही थी.

गले में सुपारा लगने की वजह से उसके आंसू निकल रहे थे, फिर भी मैं नहीं रुका और मैं उसके मुँह को चोदता रहा.

चोदते चोदते मैंने अपनी बहन के मुँह में लंड का पानी छोड़ दिया और मेरी रंडी बहन ने पूरा पानी निगल लिया.

अब मैं उसकी ब्रा उतार कर उसके मम्मों को चूसने लगा और दूध काटना भी शुरू कर दिया.

वह बूब्स काटने से तड़फ रही थी.

फिर मैं उसकी पैंटी को उतार कर चूत में उंगली करने लगा.

वह भी पागलों की तरह चिल्ला रही थी और मुझसे धीरे चूसने की कह रही थी.

मगर मैं उसकी एक नहीं सुन रहा था, बस उसको काटे चूसे जा रहा था.

बहन के मुँह से लगातार आह आह की आवाज आ रही थी.

अब मेरी बहन भी बिल्कुल गर्म हो चुकी थी और कराह रही थी कामुक सिसकारियां भर रही थी.

मैंने बहन को 69 में होकर लंड चूसने को कहा.

वह 69 की पोजीशन में हो गई.

मैं अपनी जीभ से उसकी चूत की चुदाई करने में लगा.

कुछ देर के बाद बहन की चूत का पानी निकल गया और मैंने पालतू कुत्ते की तरह उसकी चूत का सारा पानी चाट चाट कर पी लिया.

अब मैंने अपने लंड पर चॉकलेट को मल दिया और उसके मुँह में देकर अपना लंड चुसवाया.

उसने मेरे लंड से चॉकलेट को चाट चाट कर और चूस चूस कर न केवल साफ कर दिया, बल्कि एकदम कड़क कर दिया था.

अब वह चोदने के लिए कहने लगी.

मैंने बहन को चुदाई की पोजीशन में लिटाया और उसकी चूत पर लंड रख कर रगड़ना शुरू कर दिया.

वह गर्म होने के कारण सिसकारियां निकालने लगी और चूत पर अपना हाथ रगड़ने लगी.

उसकी चूत टाइट होने के कारण मेरा लंड फिसल रहा था.

फिर मैंने फांकों में सुपारा सैट किया और उससे लौड़े को पकड़ कर रखने को कहा.

उसने मेरे लौड़े को अपनी चुत पर जमा कर रखा तो मैंने एक ही धक्के में अपना लंड बहन की चूत के अन्दर घुसेड़ दिया.

जब तक वह कुछ समझ पाती, तब तक मैंने दूसरा धक्का मार दिया था और अपने लौड़े को पूरा अन्दर तक घुसेड़ दिया था.

वह एकदम से चिल्लाने लगी और कहने लगी- ऊई भैया … मर गई … प्लीज चूत में से लंड निकाल लो … बेहद दर्द हो रहा है प्लीज … निकाल लो!

मेरी बहन रोने लगी, उसके आंसू बहने लगे और उसके पैर कांपने लगे थे.

मैंने उसको किस की और चूत में लंड डालकर लेटा रहा.

थोड़ी देर के बाद उसका दर्द कम हुआ और वह कमर हिलाने लगी.

लंड चलने लगा और कुछ ही देर में उसको मजा आने लगा.

अब वह कहने लगी- आह भाई बहुत मजा आ रहा है … आह आज मेरी चूत फाड़ दो, मुझे अपनी चुदैल रंडी बना लो … मैं तुम्हारी बहन नहीं … रंडी हूं. तुम अपनी इस रंडी को चोद दो … रंडी की चूत फाड़ दो.

उसकी आह आह की आवाज निकल रही थी और उसकी यह कामुक आवाज मुझे बेहद उत्तेजित कर रही थी.

वह गांड उठाती हुई चिल्ला रही थी- आह चोद दो भैया अपनी बहन को … मुझे अपनी दासी समझ कर चोदो भाई … आप मेरे मालिक हो में आपके लंड की गुलाम हूँ … आह मेरी चूत को आप अपने लंड की गुलाम बना लो!

मैंने उसके मुँह को अपने हाथ से दबा दिया जोर जोर से चोदता रहा.

कुछ देर बाद अंकिता कांपने लगी और मेरी बहन की चूत का रस निकल गया.

उस दिन मैंने अपनी बहन को दो बार और चोदा और उसी के साथ नंगा सो गया.

सुबह चार बजे उठ कर मैंने अपनी बहन की चुत को फिर से चोदा और कपड़े पहन कर अपने घर आ गया.

अब मैं उसे पढ़ाने जाता था, तो जब भी चाची अपने कमरे में होतीं, मैं उसे कभी किस कर देता तो कभी उसके मम्मों को जोर जोर से मसल देता.

कुछ दिन तक ऐसा ही चला चुदाई की जुगाड़ नहीं हो पा रही थी.

हम दोनों एक दूसरे के लिए तड़पने लगे.

मौका नहीं मिलने के कारण मैं उसको चोद नहीं पा रहा था.

फिर एक दिन अंकिता ने प्लान बनाया कि भैया आप मेरी फ्रेंड से बात करना शुरू कर दो क्योंकि वह अपने रूम पर अकेले रहती है. उसके मम्मी पापा उसके साथ नहीं रहते हैं, वे गांव में रहते हैं.

मुझे अंकिता का प्लान अच्छा लगा.

मैं आपको अपनी बहन की फ्रेंड नाम बताना तो भूल ही गया, जो मुझे पसंद करती थी.

उसकी फ्रेंड का नाम जेबां है.

जेबां मुझे लाइक करती है और बहन से कहती थी कि तुम्हारी भैया बहुत हैंडसम लगते हैं, अपने भैया से मेरी बात करवा दो.

मेरी तरफ से हरी झंडी मिलते ही अंकिता ने जेबां को फोन लगाया और कहा कि भैया से बात हो गई है. भैया भी तुमको लाइक करते हैं. मैं तुम्हें भैया का नंबर सेंड कर रही हूं, तुम भैया को कॉल लगा कर बात कर लो.

बहन ने कॉल किया और मुझसे कहा कि मैंने आपका नंबर जेबां को सेंड कर दिया है, उसका फोन आएगा तो आप बात कर लेना.

मेरी जेबां से बात होने लगी और कुछ दिन बात करने के बाद जेबां से ऑनलाइन सेक्स चैट शुरू हो गई.

हम दोनों बहुत ही खुल कर चैट करने लगे थे.

मैंने बहन को बताया जेबां को कॉल आया था, वह घर बुला रही है.

बहन ने प्लान बनाया और चाची से बोली- जेबां के रूम पर टीचर आते हैं, मुझे उधर पढ़ने जाना है.

चाची बोलीं- कब से जाना है?

‘कल से जाना है मम्मी, टीचर कल से आएंगे!’

चाची बोलीं- ठीक है भैया के साथ जाना और भैया के साथ ही वापस आना.

मैं अंकिता को लेकर जेबां के घर गया.

उसे कॉल किया.

जेबां ने कहा- गेट खुला है यार. अन्दर आ जाओ.

मैं अन्दर गया तो वह सेक्सी सी लिंगरी में सोफे पर बैठी थी.

जेबां को देखकर ऐसा लगा मानो कोई पोर्न स्टार आई हो.

जेबां के दूध एकदम गोरे चिट्टे और टाइट लग रहे थे.

जेबां ने मुझे देखा और वह मेरे पास आने लगी.

जेबां हाई हील में जब चल रही थी तो उसके गोरे चिट्टे दूध उछल उछल कर मेरा स्वागत कर रहे थे.

वह मेरे पास आई तो मैंने उसे खींचकर अपनी बांहों में भर लिया और उसके होंठों को चूसने लगा.

मैंने एक हाथ उसकी पैंटी में डालकर उसकी चूत में उंगली करने लगा.

वह एकदम से चुदासी हो गई थी तो झड़ गई.

आगे की सेक्स कहानी को मैं दूसरे भाग में बताऊंगा कि कैसे मैंने जेबां और अपनी बहन को एक साथ चोदा.

आपको सिस्टर सेक्स कहानी कैसी लगी? प्लीज कमेंट करके जरूर बताएं.

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