मेरी सेक्सी बहन मेरे दोस्त से सेट हो गयी
स्लट सिस्टर Xxx स्टोरी में हम तीन दोस्त मिलकर लड़कियां चोदते थे. एक दोस्त ने मेरी बहन को ही सेट कर लिया. मगर उससे चुदाई हो नहीं पाती थी तो मेरी बहन प्यासी रह रही थी.
दोस्तो, मैं आप सभी का दोस्त, यार असलम! कैसे हो सभी?
उम्मीद रखता हूँ ठीक ही होगे।
दोस्तो, मेरी एक पिछली कहानीमस्त कामवाली को चोदा दोस्तों ने
पढ़ी होगी।
अब मैं यह स्लट सिस्टर Xxx स्टोरी आगे बढ़ा रहा हूँ।
दोस्तो, पिछले भाग में आप सभी ने पढ़ा होगा कि हम तीन दोस्त— इब्राहिम, दानिश और मैं— मेरी कामवाली रुखसाना को चोदते हैं।
फिर मैं और इब्राहिम, दानिश की अम्मी नसरीन को चोदते हैं।
कभी इब्राहिम मेरी कामवाली रुखसाना के साथ, तो कभी मैं दानिश की अम्मी नसरीन के साथ चुदाई करता।
यह सब ऐसे ही चलने लगा।
लेकिन एक दिन मेरी कामवाली रुखसाना को गाँव जाना हुआ और वह बोली कि अब वह नहीं आने वाली।
मैंने पूछा, “क्यों नहीं आने वाली?”
तब रुखसाना बोली, “जी वो, मेरे परिवार में थोड़ी दिक्कत आ गयी है इसलिए!”
और वह अगले दिन सुबह चली गयी।
अब मैं और इब्राहिम, दानिश की अम्मी से सेक्स करते थे।
फिर एक दिन इब्राहिम और मैंने नसरीन के साथ प्रोग्राम बनाया.
लेकिन आखिरी वक्त में मुझे ऑफिस से कुछ काम आ गया।
तो मैंने इब्राहिम से बोल दिया, “यार, मैं आज नहीं आ पाऊँगा!”
तब इब्राहिम गुस्सा हुआ और बोला, “यार असलम साले! तू यार आखिरी में मना किया! चल ठीक है, मैं तो जाऊँगा ही!”
और नसरीन ने हमेशा की तरह दानिश को अपने मामू के घर भेज दिया।
इब्राहिम और नसरीन मजे कर रहे थे कि इतने में डोरबेल बजी!
तब दोनों बोले, “इस समय कौन होगा?”
“कहीं असलम तो नहीं? शायद असलम का काम पूरा हो चुका हो!”
और इब्राहिम ने दरवाजा खोला।
दरवाजा खोलते ही वह चौंक गया और बोला, “तू… दानिश!”
इतने में अंदर रूम से नसरीन ने आवाज दी, “इब्राहिम, कौन है?”
और इतना बोलते हुए वह बाहर आयी।
जब नसरीन बाहर आयी, तब वह सिर्फ ब्रा और पैन्टी में थी!
नसरीन भी दानिश को देख कर घबरा गयी और बोली, “तू मामू के घर गया था, फिर यहाँ कैसे? मतलब!”
तब दानिश बोला, “गया था, लेकिन मेरी बस छूट गयी और दूसरी बस कल की थी, इसलिए वापस आना हुआ! लेकिन चलो ठीक ही हुआ, आज मुझे मेरी अम्मी की सच्चाई देखने को मिल गयी!”
और वह उल्टा-पुल्टा नसरीन और इब्राहिम से बोलने लगा।
तब नसरीन बोली, “देख बेटा, तू चाहे तो तू भी कर ले!”
तब दानिश और गुस्सा हुआ और उसने इब्राहिम को वहाँ से भगा दिया।
अगले दिन मैं इब्राहिम से मिला और पूछा, “कल कैसा रहा नसरीन के साथ?”
तब इब्राहिम ने सब बताया और बोला, “मैं कुछ दिनों के लिए गाँव जा रहा हूँ।”
और अब इब्राहिम भी चला गया।
फिर मैं दानिश के घर गया और दानिश से मिला।
तब दानिश बोला, “तूने भी किया था मेरी अम्मी के साथ?”
तब मैं बोला, “हाँ, लेकिन एक-दो बार ही!”
तब दानिश मुझे भी खरी-खोटी सुनाने लगा।
फिर मैं बोला, “हो गया तेरा? बोल लिया? अब सुन! तेरी अम्मी की भी इच्छा थी, और तेरे अब्बू नहीं हैं। तूने घर में ध्यान दिया कभी? बोल… तेरी अम्मी क्या करती? बोल…..! और मैं बस तुझे समझाने आया था।”
और फिर मैं भी वहाँ से चला गया।
फिर थोड़े दिनों बाद सब अपने-अपने काम में लग गए और बात बीतती गयी।
फिर एक दिन गाँव से मेरी बहन आयी और मैं उसे देख कर चौंक गया।
तब मेरी बहन बोली, “असलम भाई, मैं ही हूँ! चौंक क्यों गए? क्या हुआ, मेरा आना पसंद नहीं आया क्या?”
तब मैं बोला, “नहीं, ऐसा नहीं है! तू एकदम से आयी ना।”
तब मेरी बहन बोली, “अरे, मेरा यहाँ कॉलेज में दाखिला (एडमिशन) हुआ है, इसलिए अब मैं यहाँ रहूँगी!”
मेरी बहन की उम्र 27 साल की है, उसका नाम रुबीना है।
उसका फिगर 34-32-36 है, जिसे कोई भी देखे तो बिना चोदे रह नहीं पाए!
लेकिन मेरी बहन का किसी लड़के या मर्द के साथ कोई चक्कर था नहीं।
और थोड़े दिनों बाद नसरीन और उसका बेटा दानिश मेरे रूम पर आए।
तब रुबीना घर पर ही थी।
मैं बोला, “यह मेरी बहन है।”
और रुबीना से बोला, “यह मेरा दोस्त दानिश है।”
तब रुबीना बोली, “जानती हूँ भाई!”
तब मैं बोला, “तू कैसे जानती है?”
तब रुबीना बोली, “यह मेरे कॉलेज के पास वाली फैक्ट्री में काम करते हैं और मुझसे प्यार करते हैं! और हम शादी करना चाहते हैं!”
तब मैं गुस्सा हुआ, “यह क्या बकवास है!”
तब नसरीन बोली, “बेटा रुबीना, तू अंदर जा।”
दानिश और नसरीन मुझसे बोलने लगे, “देख असलम, जो हुआ सो भूल गए हैं। अब दानिश शादी करना चाहता है तो होने दे। और बदले में हमें कोई दहेज नहीं चाहिए, बल्कि तू चाहे तो हम तुझे पाँच लाख रुपये देंगे!”
और दानिश बोला, “फिर तू मेरी अम्मी से करेगा, तो मुझे कोई दिक्कत नहीं होगी!”
मैं यह सुनकर, और पाँच लाख रुपये मिलते देख, इस सबके लिए हाँ कर दिया।
शादी वाले दिन इब्राहिम भी आ गया।
नसरीन बोली, “सब कुछ भूल गए हैं, नए रिश्ते बन रहे हैं, इसलिए इसे भी बुला लिया।”
और शादी हो गई।
फिर दो-चार दिन बाद रुखसाना भी गाँव से आ गयी और मुझसे बोली, “कोई नयी रखी या नहीं?”
मैंने कहा, “नहीं रखी, और अब तो मैं अपने आप ही काम कर लेता हूँ।”
वह बोली, “ठीक है, लेकिन जब शौक हो तो बुला लेना!”
और वह चली गई।
रुखसाना नसरीन के यहाँ भी काम करती थी तो अब रुखसाना नसरीन के यहाँ गयी।
वहाँ वह रुबीना को देख कर बोली, “यह कौन है?”
तब दानिश बोला, “मेरी बीवी है।”
नसरीन बोली, “रुखसाना, तुझे काम पर रखेंगे हम।”
अब दानिश और मेरी बहन का ठीक नहीं चल रहा था क्योंकि दानिश सेक्स कर नहीं पा रहा था (वह नपुंसक था)।
तब नसरीन मेरी बहन से बोली, “देख बेटी, जानती हूँ मेरे बेटे में दोष है, लेकिन तू तो लड़की है, तेरी अपनी भी इच्छा होगी! तो मैं तेरी सास होकर तेरे साथ हूँ। आज दानिश को दो दिन के लिए बाहर भेज रही हूँ, और उसका दोस्त इब्राहिम आएगा, तू उसके साथ…”
तब मेरी बहन बोली, “लेकिन उन्हें पता चलेगा तो?”
तब नसरीन बोली, “कुछ पता नहीं चलेगा!”
शाम में दानिश चला गया।
रात में इब्राहिम आया।
नसरीन इब्राहिम को रुबीना के कमरे में ले गयी और बोली, “इब्राहिम, यह मेरी बहू रुबीना है, दो दिन इसके साथ सुहागरात मना!”
और वह वहाँ से चली गई।
अब रूम में इब्राहिम और रुबीना थे।
रुबीना पलंग पर घूंघट डाल के बैठी थी।
इब्राहिम ने घूंघट उठा दिया और रुबीना को किस करने लगा— उउउउउ… उम्म … उउउ ….उम्मा…!
वह किस कर रहा था, साथ में होंठ भी काट रहा था और रुबीना के बूब्स भी जोर-जोर से दबा रहा था।
और फिर इब्राहिम ने रुबीना के कपड़े उतार दिए और इब्राहिम भी नंगा हो गया।
अब उसने 69 पोजीशन की और रुबीना की चूत चाटने लगा, और रुबीना से बोला, “लँड मुँह में ले!”
तब रुबीना बोली, “नहीं, मैंने कभी लिया नहीं है, मैं नहीं ले पाऊँगी!”
तब इब्राहिम ने एक थप्पड़ लगाया और बोला, “साली! तू मेरी बीवी नहीं है और मैं तेरा पति नहीं हूँ जो नखरे कर रही है! चल, ले!”
और अब रुबीना लँड मुँह में लेने लगी।
उसे उल्टी जैसा हो रहा था लेकिन इब्राहिम सुनने वाला नहीं था।
और फिर इब्राहिम ने अपना पानी रुबीना के मुँह में छोड़ दिया।
अब रुबीना पूरी गीली हो गयी थी।
फिर इब्राहिम ने रुबीना को सीधा लेटा दिया और दोनों टाँगें खोलकर, रुबीना की चूत पर अपना लँड रखकर अंदर-बाहर करने लगा।
तब रुबीना बोली, “धीमे करना!”
तब इब्राहिम ने फिर से थप्पड़ दिया और बोला, “साली! अपनी मर्जी से करूँगा!”
और उसने पूरा लँड रुबीना की चूत में डाल दिया।
रुबीना चीख पड़ी, “आआ आओ ओओ…! “हरामी! कभी चोदी नहीं क्या जो ऐसे कर रहा है!”
इब्राहिम हँसकर और जोर से करने लगा।
थोड़ी देर बाद उसने अपना पानी रुबीना की चूत में छोड़ दिया।
फिर अपना लँड रुबीना के मुँह में दिया और रुबीना को उल्टी लेटने के लिए बोला।
रुबीना बोली, “क्यों उल्टी?”
फिर से इब्राहिम ने थप्पड़ लगाकर बोला, “साली! मजे दे लौड़ी! तेरा पति नहीं हूँ मैं!”
और जैसे ही रुबीना उल्टी लेटी, इब्राहिम ने पीछे से गांड खोल के एकदम से पूरा लँड डाल दिया और जोर-जोर से ठोकने लगा!
रुबीना की गांड से खू.न भी निकला लेकिन इब्राहिम ठोके जा रहा था।
कुछ देर गांड चुदाई के बाद इब्राहिम ने अपना पानी रुबीना की गांड में डाला।
उसने पूरे दो दिन मजे किए।
फिर दो दिन पूरे होने के बाद नसरीन बोली, “कैसी रही?”
इब्राहिम बोला, “मस्त लगी साली!”
और वह चला गया।
फिर नसरीन रुबीना के पास आयी और बोली, “कैसा रहा?”
तब रुबीना बोली, “रहा तो मस्त, लेकिन दर्द बहुत हो रहा है!”
तब नसरीन बोली, “गर्म पानी से नहा ले और थकान दूर कर।”
फिर दानिश वापस आया, रुबीना खुश थी।
फिर दो से चार दिन बाद दानिश ने बाहर जाने के लिए बोला और वह चला गया।
फिर नसरीन रुबीना से बोली, “इस बार कोई और आयेगा।”
रुबीना ने पूछा, “कौन आएगा?”
तब नसरीन बोली, “मेरे साथ काम करते हैं रूपम चौधरी, वो आयेंगे।”
तब रुबीना बोली, “क्या वह इब्राहिम नहीं आयेगा?”
तब नसरीन बात काटते हुए बोली, “नहीं बहू! और जो आकर चला जाए, उसे याद नहीं करना चाहिए।”
फिर नसरीन बोली, “ठीक है सासू माँ!”
अब रूपम आया।
नसरीन उसे कमरे में लायी और बोली, “रूपम जी, यह मेरी बहू है।”
और रुबीना से बोली, “इन्हें सब मजे देना और लेना!”
नसरीन वहाँ से चली गयी।
रूपम अंदर आया और चेयर पर बैठ गया।
रुबीना कुर्ती और लेगी पहनी थी।
फिर रुबीना का हाथ खींच कर रूपम ने रुबीना को अपनी गोदी में बैठा दिया और बोला, “तेरे पति क्या करते हैं?”
तब रुबीना बोली, “वो फैक्ट्री में काम करते हैं।”
तब रूपम बोला, “आज जम के मजे लूँगा! जो मजे मेरी बीवी नहीं देती, वो तेरे से लूँगा!”
और रुबीना बोली, “मैं भी मजे दूँगी!”
और वह जम कर किस करने लगी— उउउ उउउ… उमम्म मम्म म… उम्मा!
और रूपम के होंठ काट लिए।
रूपम बोला, “क्या मस्त किया साली ने!”
रूपम ने रुबीना की कुर्ती फाड़ दी और ब्रा उतार दी और बूब्स दबाने और काटने लगा।
रुबीना भी रूपम की धोती में हाथ डाल कर उसके लँड से खेलने लगी।
फिर थोड़ी देर चूमा-चाटी के बाद रूपम बेड पर सीधा लेट गया और रुबीना, रूपम की धोती खोल कर उसका लँड चूसने लगी।
रूपम कभी रुबीना के बूब्स दबाता, तो कभी गांड पर चांटे मारता।
रूपम ने अपने लँड का पानी रुबीना के मुँह में छोड़ दिया।
रुबीना ने अपनी ब्रा से रूपम का लँड साफ़ किया और फिर जीभ रूपम के लँड पर घुमाने लगी।
इससे रूपम का लँड फिर से खड़ा हुआ।
अब रुबीना अपनी चूत रूपम के लँड पर सेट करके उछल-उछल कर चोदने लगी।
रूपम कभी बूब्स दबाता, तो कभी हाथ पीछे ले जा कर रुबीना की गांड पर थप्पड़ मारता।
फिर कुछ देर बाद उसने रुबीना को सीधा लेटा दिया और रुबीना की टाँगें खोलकर अपना लँड रुबीना की चूत में डाला और जोर-जोर से चोदने लगा।
अब रुबीना की चूत में रूपम ने अपना पानी गिरा दिया।
फिर से अपना लँड रुबीना के मुँह में दिया और थोड़ी देर में वह फिर खड़ा हो गया।
अब दरवाजा पकड़ कर उसने रुबीना को झुकने के लिए बोला।
रुबीना अपने दोनों हाथों से दरवाजा पकड़ कर झुक गयी और रूपम ने अपना लँड रुबीना की गांड में पेल दिया!
वह रुबीना की कमर पकड़ कर आगे-पीछे करके रूबीना की गांड मारने लगा।
फिर अपना पानी रुबीना की गांड में छोड़ा और बोला, “क्या मस्त माल है!”
उसने दो दिन लगातार ऐसा किया।
दूसरे दिन जब रुखसाना काम करने आयी, तब उसने दरवाजा खटखटाया।
रुबीना को लगा कि नसरीन होगी लेकिन बाहर रुखसाना थी।
रुबीना ने तुरंत दरवाजा बंद किया और पीछे से नसरीन ने आवाज दी, “रुखसाना! तुझे बोला है ना, यह कमरा पूछ कर साफ़ करने के लिए!”
और रुखसाना वहाँ से चली गयी और रूपम भी चला गया।
फिर एक दिन मेरा मन रुखसाना से मिलने का हुआ और इब्राहिम का भी।
हम दोनों मेरे रूम पर मिले और ड्रिंक करने के बाद दोनों बोले, “यार, नसरीन की बहू क्या मस्त माल है!”
फिर मैं नसरीन से मिला और पूछा, “क्या करा रही हो मेरी बहन के साथ?”
तब नसरीन बोली, “तुझे पाँच लाख दिए, फिर शादी हुई! और अब तेरी बहन को भी मजे आते हैं!”
और जब मैं अपनी बहन के रूम में गया तो मेरी बहन ने मुझे एक जोर का थप्पड़ लगा कर बोला, “तब भाई कहाँ गया था जब पाँच लाख लिए थे? और यह जानते हुए भी कि उसका दोस्त नपुंसक है! चले जाओ यहाँ से! आज से तुम्हारी बहन मर गयी!”
दोस्तो, यह स्लट सिस्टर Xxx स्टोरी कैसी लगी?
और क्या आगे यह कहानी आनी चाहिए या नहीं, जरूर बतायें।
मेल मी प्लीज!
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