ट्रेन में मेरी बीवी की गैरमर्द से चुदाई- 2
ट्रेन पोर्न स्टोरी हिंदी में मैंने अपनी बीवी को गैर मर्द के साथ केबिन में छोड़ दिया और आदमी को कहा कि इसे पटाकर चोद ले. उसने मेरी बीवी से बात की और …
हैलो फ्रेंड्स, मैं एक अनाम लेखक आपको अपनी बीवी सीमा की चलती ट्रेन में एक गैर मर्द से चुदने वाली सेक्स कहानी सुना रहा था.
कहानी के पहले भाग
सेक्सी बीवी को गैर आदमी के हवाले किया
में अब तक आपने पढ़ लिया था कि सीमा ने मनीष का मोटा लंड देखा तो वह गनगना उठी.
अब आगे ट्रेन पोर्न स्टोरी हिंदी:
अपने मोबाइल में मैं मनीष और सीमा की बातों को सुन रहा था.
इसलिए मैंने मनीष से पूछा कि क्या उसने तुम्हारा लंड देखा है?
‘हां.’
मैं बोला- थोड़ा सा लोअर से बाहर निकाल कर सहलाओ!
मनीष ने लंड बाहर निकाल लिया और वह अपने लंड की मुठ मारते हुए मेरी बीवी को दिखाने लगा.
सिंधु- ये क्या कर रहे हैं, अभी देख लेंगे तो मुझे यहां से उठा देंगे.
‘ओके, रात को दिखा सकता हूं ना!’
मनीष ने मुस्कुराते हुए कहा तो मेरी बीवी ने हंस कर हां कह दिया.
मनीष- पक्का न!
इस बार वह बोली- आपका दर्द मुझसे नहीं देखा जा रहा है.
‘ओके आई लव यू!’
‘हा हा हा …’
ये सब सुन कर मैं रोमांचित हो गया और मनीष से बोला कि भाई अपने फौलादी लंड की इतनी बढ़ाई करो कि वह सुन कर अभी पेलवाने को तैयार हो जाए.
‘हूँ!’
‘देखिए जान, मैंने आज रात के लिए इतना तैयारी करके रखी कि 6 महीने की भूख को मैं रात भर पेलकर मिटा लूंगा!’
‘अच्छा!’
‘एक बात पूछूं?’
‘क्या?’
‘आपके पति आपको कितनी देर तक पेलते हैं?’
मेरी बीवी मुस्कुराती हुई बोली- वही 4 से 5 मिनट तक.
‘ओह इतने में तो आपका कुछ नहीं होता होगा. मैं कम से कम 25 से 35 मिनट तक लगातार पेलता हूँ. जब तक औरत पानी पानी होकर चिल्ला ना उठे, तब तक मेरा लंड चुत से बाहर निकलता ही नहीं है!’
‘ओह सही है!’ शायद वह चुदाई की बातें और लंड चुत सुनकर गर्म होने लगी थी.
‘सही में डार्लिंग … आज मौका देकर देखिए, आपको रुला ना दिया तो मैं एक बाप का नहीं. आपकी बुर फूल कर कुप्पा हो जाएगी!’
‘अरे बाप रे इतना ज्यादा करोगे … मैं तो मर ही जाऊंगी!’
‘ये मेरा वादा है, जीवन में कभी ऐसी पेलाई आपकी नहीं हुई होगी. आपके पति का लंड कितना बड़ा हो गया?’
‘लगभग 4 से 5 इंच का!’
‘बस, ये देखिए मेरा 8 इंच लम्बा और 4 इंच मोटा है लीजिए हाथ में लेकर देखिए!’
‘अरे बाप रे, ऐसा तो मैं पहली बार देख रही हूं. अन्दर कर लीजिए कोई आ जाएगा!’
‘ओके, मस्त है ना!’
‘हां बहुत मस्त है!’
‘सोचिए जब ये मस्त लंड आपकी बुर में जाएगा तो आपको कितना मजा आएगा!’
बीवी ने हंसते हुए कहा- देखा जाएगा.
मैंने मनीष से कहा कि आप अपने पति को फोन कर के बुला लीजिए ताकि उन्हें जल्दी से खिला पिला कर सोने के लिए भेज दिया जाए.
मनीष ने मेरी बीवी से कहा- जान, आप अपने पति को फोन करके बुला लीजिए. उनको खिला पिला कर सोने के लिए भेज दिया जाए, तो आपण दोनों भी कुछ मजा ले सकें!
‘ओके, हां वैसे भी 10 बजने वाले हैं?’
‘हां … और 11 बजे से हम लोग अपना काम करेंगे!’
बीवी ने हंसते हुए मुझे कॉल लगाया.
मैंने जल्दी से अपना कॉल काट दिया.
तभी वाइफ का कॉल आया- आप कहां हैं?
‘आगे एक बोगी में एक जगह सीट मिल गई है.’
‘अच्छा, तो आकर कुछ खा पी लीजिए?’
‘ओके … टीटी चला गया?’
‘हां.’
‘ठीक है, आ रहा हूं.’
जैसे ही मैं केबिन आया तो देखा कि वाइफ नॉर्मली बैठी है और मोबाइल चला रही है.
मनीष भी लेटा हुआ था और मोबाइल चला रहा था.
मैं बोला- भाई साहब, टीटी कुछ बोला?
‘नहीं, टिकट चेक किया और बोला कि किसी भी वेटिंग टिकट वाले को अपने केबिन में मत बैठने देना.’
‘ओके कोई बात नहीं, आगे बोगी में एक सीट खाली है. मैं वहीं एडजस्ट कर लूंगा!’
मैंने वाइफ से कहा- टिफिन निकालो कुछ खा पी लिया जाए.
वाइफ ने बैग से टिफिन निकाला.
मैं मनीष से बोला- आप भी खा लीजिए!
उसने मना कर दिया और कहा- मैंने खाना ऑर्डर कर दिया है.
‘ओके.’
मैंने धीरे से मैं मनीष को बाहर जाने का इशारा किया और वह बाहर निकल गया.
मैं वाइफ से उसके बारे में कुछ बातें करना चाहता था ताकि मुझ पर वह शक ना कर सके.
मैं बोला कि ये आदमी कैसा है?
वह बोली- आदमी बढ़िया और शरीफ लग रहा है, उसने मुझसे ज्यादा बात भी नहीं की है. बल्कि वह तो यह बोला कि मैडम आप आराम से लेटी रहिए, जब भी जरूरत हो तो आप अपने पति को बुला लेना. वह अपने मोबाइल पर बीवी से बात कर रहा है.
‘ओके, फिर मैं तो ट्रेन में ही रहूंगा. जब भी कोई दिक्कत होगी, तो कॉल कर देना.’
‘ठीक है.’
इसी बीच हम दोनों ने खाना खा लिया.
मैं बोला- आज इस केबिन में मैं होता तो चलती ट्रेन में चुदाई का मजा लेते.
यह कहते हुए मैं उसकी चूचियां दबाने लगा.
‘धत ये क्या कर रहे हैं, अभी वह आ जाएगा!’
‘लगता है बेचारे ने टिकट बीवी को चोदने के लिए बुक किया था, लेकिन वह आ नहीं पाई.’
‘हां.’
तभी मनीष आ गया, उसके हाथ में डिनर बॉक्स था.
वह खाने लगा.
मैं बोला- आप कहां से आ रहे हैं!
‘आसाम से .. इस बार 20 दिन की छुट्टी मिली है.’
‘आपका घर कहां है?’
‘हरियाणा.’
‘और ससुराल?’
‘यहीं गाजीपुर आज यहीं से उसे भी मेरे साथ जाना था लेकिन वह ट्रैफिक में फंस गई. कल वह अपने भाई के साथ आएगी.’
‘ओह, ये तो बुरा हुआ.’
‘कोई बात नहीं.’
मनीष ने अपना डिनर कर लिया.
टाइम 10:45 का हो गया.
वह बोला- टाइम ज्यादा हो गया मैं सोने जा रहा हूं. अगर आप यहां सोएंगे तो टीटी दिक्कत करेगा.
‘नहीं, मैं जा रहा हूं, मुझे सीट मिल गई है.’
जाते जाते मैं वाइफ से बोला कि कोई दिक्कत होगी तो कॉल करना. बाबू सो गया है, उसे ठीक से सुला देना.’
‘ठीक है.’
मैं वहां से चला गया और मनीष को कॉल कर दिया.
उसने कॉल रिसीव करके छोड़ दिया.
‘देखो मित्र, मैंने अपनी बीवी को तुमको दे दिया है, वह भी राजी हो गई है … तुम उसे रात भर खूब चोदो!’
‘हूँ.’
‘ऐसा तुम बीवी से कहो, मैं देख कर आता हूँ कि वह गए कि नहीं! मैं लेफ्ट साइड वाली टॉयलेट में हूं. अन्दर से दरवाजा लॉक नहीं किया है. तुम अन्दर आ जाना.
‘हूँ.’
‘जान अभी मैं मूतने जा रहा हूं और देख भी लूं कि तुम्हारे पति गए कि नहीं!’
‘ठीक है.’
मनीष बाथरूम का दरवाजा खोल कर अन्दर आ गया.
मैंने दरवाजा अन्दर से लॉक कर दिया और उससे पूछा- कोई ने अन्दर आते देखा तो नहीं है?
‘नहीं, आस पास कोई नहीं था!’
‘ओके.’
‘मुझे यहां क्यों बुलाया?’
‘ये देखने के लिए कि तुम्हारा लंड कितना बड़ा है!’
ये कहते हुए मैंने उसका लोअर नीचे सरका दिया.
ये क्या … उसका सोया हुआ लंड मेरे खड़े लंड से भी बड़ा था.
मैं उसका लंड हाथ में लेकर सहलाने लगा. उसका लंड टाइट हो गया.
मेरी हाथ की कलाई से भी मोटा लंड था. लंबाई लगभग 9 इंच रही होगी.
ऐसा हथियार तो सिर्फ अफ्रीकन का होता है. ऐसे लंड मैंने सिर्फ ब्लू फिल्मों में ही देखा था.
दोस्त मेरी बीवी आज पनाह मान जाएगी.
जब मैं ऐसे लंड वाला वीडियो देखता था, तो कहती हैं कि इतना बड़ा नहीं होता होगा. सब बनावटी होता है. आज जब उसकी बुर में जाएगा, तब पता चलेगा.’
‘हां दोस्त आज मैं तुम्हारी बीवी की बुर फाड़ दूंगा और उसकी चीख निकाल दूंगा.’
‘गुड, उसकी वह दर्द भरी चीख मैं सुनना चाहता हूं!’
‘दोस्त चिंता मत करो, तुम मोबाइल पर चीख सुनना.’
‘ओके.’
‘तुम्हारा लंड कितना बड़ा है?’
मैंने अपना पैंट खोल कर अपना छोटा सा लंड बाहर निकाला, जो उसके लंड के सामने चूज़ा नजर आ रहा था.
‘इतना छोटा लंड, इससे तो उनका कुछ नहीं होता होगा!’
‘हां भाई, उसकी बुर ब्रेड पकोड़ा जैसी फूली और बड़ी मुलायम है!’
‘कोई बात नहीं दोस्त, आज उसकी बुर फट जाएगी!’
मैं बोला- ओके अब तुम जाओ और पेलो, मैं कब आऊंगा?
‘पहले एक घंटा मुझे पेल लेने दो. उसके बाद मैं जब पेशाब करने आऊंगा तो केबिन का दरवाजा लॉक नहीं करूंगा. थोड़ी देर बाद तुम अन्दर आ जाना और कहना कि पेलते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया है. फिर हम दोनों मिल कर उसे पेलेंगे!’
‘ओके, अब जाओ.’
‘ये लो सेक्स पावर की दवा, इसको 12 बजे खा लेना.’
‘ओके तुम भी खाए हो क्या?’
‘हां पंद्रह मिनट पहले खाई थी … अब दवा काम कर रही है.’
‘मैं जा रहा हूं और अब से लगातार एक घंटे चोदूंगा.’
‘ओके, कॉल पर आ जाओ!’
‘ओके.’
मनीष चला गया.
मैं उत्तेजित होकर उनकी बात और चुदाई को सुनने को बेताब हो गया.
तभी मनीष केबिन में पहुंच गया और केबिन लॉक कर दिया.
सिंधु- दिखाई दिए?
‘नहीं, लगता है वह अपनी सीट पर जाकर सो गए हैं!’
‘ओके.’
मनीष ने अन्दर जाकर मेरी बीवी को अपनी बांहों में भर लिया और उसकी चूची दबाते हुए गोदी में उठा लिया.
मेरी बीवी चीखती हुई बोली- अरे बाप रे … इतना कसके मत दबाइए, दर्द हो रहा है.
‘यह एक फौजी का हाथ है, मसल कर रख दूंगा!’
‘अह्ह्ह’ बीवी चीखने लगी.
उसकी आवाज सुन कर मैं रोमांचित और उत्तेजित हो गया.
‘डार्लिंग तुम्हारी चूची पी लूं?’
‘अरे नहीं, मुन्ना भूखा रह जाएगा!’
‘एक बार मुँह में लेकर चूसने दो न!’
यह कह कर मनीष मेरी बीवी का एक दूध पीने लगा.
‘प्लीज दूध मत पीजिए, बाबू के लिए है!’
‘ओके अभी छोड़ देता हूं, लेकिन पेलाई में दर्द होगा तब मैं चूची पीकर आराम और मजा दूंगा!’
‘ठीक है. अभी मैं पेशाब करके आती हूं.’
‘ओके, बुर को पानी से धो लेना. क्योंकि अभी मैं बुर को अपनी जीभ से चाटूंगा!’
बीवी हंसती हुई- ठीक है.
कुछ देर बाद बीवी वापस केबिन में आ गई.
उसे आया देख कर मनीष ने उसे वापस अपनी बांहों में भींच लिया और वे दोनों चूमा चाटी करने लगे.
कुछ देर बाद बीवी वापस केबिन में आ गई.
उसके वापस आने से पहले मनीष ने अपने मोबाइल से वीडियो कॉल लगा कर मुझे चुदाई का लाइव टेलिकास्ट दिखाने की व्यवस्था कर दी थी.
मैं भी बाथरूम के पास जाकर उन दोनों की लाइव चुदाई देखने लगा था.
मनीष ने सीमा को वापस अपनी बांहों में भींच लिया और वे दोनों चूमा चाटी करने लगे.
जल्दी ही वे दोनों काम की आग में झुलसने लगे.
तभी सीमा को याद आया और उसने मनीष से कहा कि दरवाजा अभी लगा नहीं है.
मनीष ने लपक कर दरवाजा लॉक किया और वे दोनों नंगे होने लगे.
अगले कुछ मिनट में वे दोनों नीचे वाली सीट पर 69 में चुसाई का मजा लेने लगे थे.
सीमा काफी गर्म हो गई थी.
उसने मनीष से कहा- अब पहले एक बार पेल दो … मुझसे रहा नहीं जाता!
मनीष ने सीधे होकर उसकी चुत में लंड सैट कर दिया और गचाक से पेल दिया.
उसका मोटा लंड सीमा की चुत को फाड़ता हुआ अन्दर घुसा तो वह चीख उठी और चुदने से मना करने लगी.
लेकिन मनीष को अब किधर चैन था, वह लगातार चुदाई करने लगा.
कुछ ही देर में सीमा को भी उसके मोटे लंड से चुत चुदवाने में मजा आने लगा.
वे दोनों काफी देर तक चुदाई करते रहे.
सीमा दो बार झड़ चुकी थी लेकिन मनीष ने दवा खाई थी तो वह अभी भी पगलाए सांड की तरह मेरी बीवी की चुत फाड़ने में लगा हुआ था.
इधर मेरे लंड में भी आग लगी हुई थी, तो मुझसे भी रहा नहीं जा रहा था.
मैं उसके कूपे में आया और केबिन के बाहर खड़े होकर अपने मोबाइल में चुदाई देखने लगा.
कुछ देर बाद मनीष का रस निकल गया और उसने मेरी बीवी की चुत के बाहर वीर्य छोड़ दिया.
कुछ देर बाद उसे मोबाइल की याद आई तो उसने मोबाइल देखा.
मैंने हंस कर कहा- अब मुझे अन्दर आने दो.
वह बोला- रुको, मैं दरवाजा खोल कर वापस तुम्हारी बीवी को अपने नीचे लेता हूँ, उसी वक्त तुम अन्दर आ जाना.
मेरी बीवी औंधी होकर लेटी थी और लंबी लंबी सांसें ले रही थी.
तभी मनीष ने दरवाजा खोला और वापस सीमा की पीठ पर चढ़ गया.
उतनी देर में मैं अन्दर आ गया और मैंने दरवाजा बंद करके सीमा से कहा- यह क्या कर रही हो सीमा?
मेरी आवाज सुनकर सीमा हड़बड़ा गई और वह मुझे आया देख कर डर गई.
मनीष ने हँसते हुए कहा- भाई, तेरी बीवी मस्त माल है. तुझे ऐतराज न हो तो मैं इसे एक बार और चोदना चाहता हूँ!
मैंने भी सीमा से कहा- हां जब सीमा को ऐतराज नहीं है, तो मुझे भला क्या ऐतराज हो सकता है. बस इस बार हम तीनों एक साथ चुदाई का मजा लें, तो कैसा रहेगा?
यह सुनकर सीमा को कुछ राहत मिली और वह उठ कर मुझसे लिपट गई.
अब हम तीनों थ्रीसम सेक्स की तैयारी करने लगे.
दोस्तो, आज मैं इस ट्रेन पोर्न स्टोरी हिंदी को यहीं विराम दे रहा हूँ.
यदि आपको मेरी इस थ्रीसम चुदाई का मजा लेना है, तो प्लीज कमेंट्स करें, मैं आपको आगे की सेक्स कहानी लिख कर जरूर बताऊंगा.
ट्रेन पोर्न स्टोरी हिंदी पर आपके कमेंट्स मुझे प्रोत्साहित करेंगे.
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