भाभी के साथ ग्रुप में सेक्स किया- 2
टू डिक्स फॉर वन पुसी स्टोरी में भाभी ने चुदाई के लिए 5 लड़के बुलाये तो मेरी चूत भी लंड मांगने लगी. 2 लड़के मेरे पास आये. मैंने अपनी चूत में एक साथ 2 लंड कैसे घुसवाये?
यह कहानी सुनें.
फ्रेंड्स, मैं शनाया राजपूत उर्फ सन्नो एक बार वापस आपके सामने अपनी चुत की ग्रुप में चुदाई वाली सेक्स कहानी के अगले भाग के साथ हाजिर हूँ.
कहानी के पहले भाग
भाभी ने 5 लड़के बुलाये चुदाई के लिए
में अभी तक आपने पढ़ लिया था कि भाभी ने अपनी चुत की आग बुझाने के लिए पांच मुस्टंडे लड़कों को बुलाया था.
उसकी चुदाई देख कर मैं गर्म हो गई और मैं भी चुत चुदाई के खेल में शामिल हो गई.
एक लड़का किसी काम से चला गया था, तो अब चार ही लौंडे चुदाई में लगे थे.
उस वक्त मुझे बड़े लंड वाला लड़का संजू चोद रहा था.
अब आगे टू डिक्स फॉर वन पुसी स्टोरी:
अचानक से संजू ने मुझे अपनी गोदी में उठाया और मेरी चुत में लंड फंसा कर मुझे किसी बन्दरिया के जैसे लटका लिया था.
मैं भी गिरने के डर से उससे लिपट गई.
उसका पूरा लंड मेरी चुत में घुस गया था तो वह आराम से लंड चूत में पेलने लगा था.
मैं उसके सीने से अपने दूध चिपकाए हुए उससे चिपकी थी.
मेरा एक हाथ उसके गले के पीछे आ गया और मैंने उसे पकड़ लिया था.
मेरा दूसरा हाथ उसके बालों पर था.
मैं ‘आआह आआह’ करके चुद रही थी.
वह मुझे किस करने लगा और बोला- मजा आ रहा है न बेबी!
मैं कुछ नहीं बोली, बस उसके लंड वाले झूले पर अपनी चुत फंसाए झूलने का मजा ले रही थी.
भाभी को वे दोनों पकड़े हुए थे और भाभी उन सबका शिकार बनी पड़ी थी.
उसकी चुत गांड दोनों छेदों में लंड चलने लगा था.
उसे दोनों तरफ से चुदती देख कर मेरी गांड में भी कुलबुली होने लगी.
इतने में एक लड़का संजू के करीब आया और वह संजू से इशारा पाकर मेरे पीछे खड़ा हो गया.
वह मेरे चूतड़ों पर हाथ फेरने लगा और संजू से बातें करते हुए मेरी गांड के छेद में उंगली देने लगा.
मैं कुछ नहीं बोली, तो वह समझ गया कि सन्नो सैंडविच चुदाई करवाने के लिए राजी है.
बस देखते ही देखते वह मेरी गांड में थूक लगा कर उसे ढीली करने में लग गया.
मैं छटपटा कर यह जता रही थी कि गांड में उंगली न करो.
मैंने संजू से कहा भी कि इसको मना करो!
संजू चुप रहा और वह मुझे किसिंग करने में लगा रहा.
इतने में पीछे से उस लड़के ने अपने लंड को थूक लगा कर मेरी गांड के छेद पर रख दिया.
उसके मोटे लंड का अहसास पाकर मैं एकदम से सहम गई और मैंने अपनी मुट्ठी बांध लीं.
उसी समय संजू ने मुझे अपनी तरफ किया और मेरी गांड के छेद में एक झटके में दूसरा लंड अन्दर घुसने की कोशिश करने लगा.
मैं चिल्ला पड़ी.
उसके मोटे लंड ने मेरी गांड के मुँह में अपना मुँह घुसा दिया था.
तभी दूसरा झटका लगा और पूरा लंड मेरी गांड के अन्दर चला गया.
अब मेरे प्राण निकलने लगे.
संजू मुझे सम्भालते हुए पीछे वाले को रोकने लगा जबकि संजू ने खुद धक्के देने चालू रखे.
अब पीछे लंड घुसा था तो ऐसा लग रहा था, जैसे मेरी जान निकली जा रही हो.
संजू चुत में लंड चलाने में लगा हुआ था.
फिर वह पीछे वाला लड़का भी आराम आराम से अपने लंड को मेरी गांड में चलाने लगा.
मुझे दोनों के मोटे लंड का बहुत ज्यादा अहसाह हो रहा था.
उधर भाभी को दो लड़के मेरी ही तरह पेल रहे थे.
भाभी बेड पर एक लड़के के ऊपर लेटी थी जो उसकी चूत को चोद रहा था और दूसरा भाभी के ऊपर लेट कर उसकी गांड को पेल रहा था.
ऐसे ही यह समूह में चुदाई का कार्यक्रम करीब दस मिनट तक चलता रहा.
अब मेरे पीछे वाला लड़का, जिसका नाम अर्पित था … वह संजू से बोला- इसको मुझे दे दो.
संजू ने मेरी चुत से लंड निकाला और अर्पित मुझे अपने लंड पर लेकर बाजू वाले रूम में ले जाने लगा.
संजू ने आगे बढ़ कर मुझे किस किया और कहा- अभी मैं तुझे और बजाऊंगा!
मैं हंस दी.
संजू मुझसे अलग होकर भाभी के पास आ गया और उनके मुँह में लंड देकर चुसवाने लगा.
दो लड़के भाभी को पेल रहे थे, उनका नाम शिबू और मेंडी था.
उस समय भाभी तीन लड़कों के लंड संभाल रही थी.
अर्पित मुझे कमरे में ले गया और उधर उसने मुझे लंड चूसने को दे दिया.
हम दोनों 69 में आ गए थे और मजा लेने लगे थे.
कुछ ही समय बाद अर्पित ने मुझे घोड़ी बनाया और पीछे से पेलने लगा.
अर्पित बहुत लंबे कद वाला युवा था. उसके बड़े बड़े हाथ और बहुत ताकतवर हाथ थे.
उसने पीछे से ही झुक कर आगे को मुँह करके मेरे एक दूध को अपने मुँह में भर कर आधे से ज्यादा दूध खींच लिया था और गचागच खा लेने जैसी हरकत करता हुआ मेरे दूध की मां बहन एक करने में लग गया था.
उस वक्त मैं घोड़ी बनकर उसके लंड का इन्तज़ार कर रही थी.
कुछ देर बाद उसने मुझे कुतिया समझ कर चोदना चालू कर दिया था.
मेरी मादक आहें निकलने लगी थीं सच में अर्पित से चुदवा कर मुझे बेहद मजा आ रहा था.
कुछ देर बाद अर्पित मेरे ऊपर से उतर कर बेड के नीचे खड़ा हो गया.
उसने वापस चूत में लंड डाला और तेज तेज झटके देने लगा.
इस स्थिति में उसका पूरा लंड मेरी चुत की जड़ तक जा रहा था.
मैं उसके मोटे लवड़े को अपनी बच्चेदानी में साफ साफ घुसता निकलता महसूस कर रही थी और मीठे दर्द से आय आआह कर रही थी.
अर्पित की स्पीड इतनी ज्यादा हो गई थी कि वह मुझे पूरी ताकत से से झटके देने लगा था.
उसकी जांघों की थाप मेरी गांड पर पड़ रही थी … जिसकी आवाज दूसरे कमरे तक जाने लगी थी.
मैं और मेरे दोनों दूध बहुत तेज तेज हिल रहे थे.
तभी मेंडी आया और बोला- अबे साले, क्या पूरा मुहल्ला बुलाएगा … इतनी तेज तेज आवाजें निकलवा रहा है इसकी … पूरी चुत खा जाएगा क्या … चल हट अब थोड़ी देर मुझे भी लेने दे इसकी!
मेंडी की बात सुनकर ही मुझे पता चल था कि उसके कमरे तक चुदाई की आवाज सुनाई दे रही थी.
अर्पित ने कहा- अभी मुझे चोद लेने दे यार .. साली की चुत बड़ा मजा दे रही है!
मेंडी ने कहा- ओ भाई, मुझे चोद लेने दे यार. हट जा वर्ना तेरा लंड काट दूंगा!
वे दोनों लड़ने ही वाले थे कि तभी मेरे मुँह से निकल गया- दोनों एक साथ आ जाओ न!
मेरी बात सुनकर उन दोनों में तय हो गया कि वापस सैंडविच चुदाई करते हैं.
अब अर्पित ने मुझे अपने ऊपर लिटाया और उसने अपने खड़े लंड को मेरी चूत में पेल दिया.
मेंडी पीछे से आ गया और वह भी मेरी चूत में ही लंड पेलने लगा.
जबकि मैं सोच रही थी कि ये मेरी गांड में लंड डालेगा, लेकिन वह तो भोसड़ी वाला मेरी चूत में दो लंड डाल कर चुदाई करने की सोच रहा था.
दोनों के लंड मोटे थे तो एक साथ मेरी चुत में जाने का नाम नहीं ले रहे थे.
सिर्फ अर्पित का लंड ही अन्दर था.
फिर अर्पित ने अपने लंड को चूत में ऊपर की तरफ किया, तभी मेंडी ने नीचे की तरफ से लंड डालने का प्रयास किया.
मेरी चुत फटने लगी और दर्द होने लगा.
मैं चीखने की स्थिति में नहीं थी क्योंकि अर्पित ने मेरा मुँह अपने मुँह से बंद किया हुआ था.
तभी अर्पित ने झटके देना शुरू कर दिए और उसी के साथ मेंडी भी अपने लंड को मेरी चूत में ठेल कर घुसेड़ने की जगह बनाने लगा.
मैं दर्द से अन्दर ही अन्दर कराह रही थी ‘आआह अर्पित आआह बस करो!
तब तक मेंडी ने कुछ ही झटकों में अपना पूरा लंड डाल मेरी चुत में पेल ही दिया.
अब मुझे सहन नहीं हो रहा था और मेरे बर्दाश्त की हद पर हो गई थी.
मैं रो रो कर अर्पित और मेंडी दोनों से ‘रुक जाओ रुक जाओ प्लीज अर्पित मेंडी’ की गुहार लगा रही थी.
मगर वे दोनों मेरी चुत का भोसड़ा बनाने में लगे हुए थे.
उस वक्त मेरी चूत दो धांसू लंडों के बीच में फंसी हुई थी.
करीब 5 मिनट तक उन दोनों ने मेरी पिलाई की और मैं बस हांफती रही.
फिर कुछ देर के लिए वे दोनों ऐसे ही रुक गए.
जब शांति छाई तो दूसरे रूम से भाभी के रोने ओर चिल्लाने की आवाज आ रही थी.
मैं समझ गई कि उधर भी ‘चूत का भोसड़ा बनाओ’ अभियान चल रहा है.
कोई दस मिनट तक हम तीनों कुत्ता कुतिया जैसे लगे रहे.
फिर अर्पित के इशारे पर मेंडी ने मुझे पेलना चालू कर दिया.
अब उनके लौड़ों की रगड़ से मुझे मजा आने लगा था और मैं मस्ती से आआह आआह करने लगी थी.
फिर कुछ समय बाद उन दोनों ने एक साथ लंड पेलना चालू कर दिया.
मैं बस मीठी रगड़ को आत्मसात करती हुई आआह आह ईई कर रही थी.
आज मैं अपने जीवन में पहली बार अपनी चुत में एक साथ दो लंड से चुदाई करवा रही थी.
तभी भाभी ने आवाज लगाई, तो अर्पित उन सब लोगों को इसी कमरे में आने की कह दी.
भाभी अन्दर आई तो देख कर हैरान रह गई कि मेरी चुत में दो लंड घुसे हुए हैं.
टू डिक्स फॉर वन पुसी देख कर भाभी ने अर्पित से कहा- लो उधर मैं आगे पीछे के छेदों में एक साथ लेने से टूट गई थी लेकिन इधर तो मेरी ननद मुझसे एक कदम आगे निकल आई है. ये तो दो लंड से चुत चुदवाने के मजे ले रही है.
मैं हंस दी.
मैंने कहा- तो तुम भी ले लो ये मजा … है हिम्मत?
यह सुनकर भाभी को वापस जोश आ गया और जमीन पर गद्दा बिछा कर भाभी लेट गई.
अब अर्पित मेरी चुत से लंड निकाल कर भाभी को चोदने लगा.
इधर उसकी जगह शिबू आ गया और अब वह मुझे पेलने में लग गया.
मैं शिबू का लंड सहने में लगी थी कि तभी संजू ने अपना भीमकाय लंड मेरे मुँह में दे दिया.
संजू- ले मेरी सन्नो रानी, चूस बेटा इसको!
उधर मेंडी भी मेरी चुत से लंड निकाल कर भाभी को चुसवाने लगा था.
उसने तभी अचानक से भाभी के मुँह में अपने झटके तेज कर दिए और भाभी का मुँह वीर्य से भर दिया.
इधर शिबू और संजू मुझे जकड़ कर पेल रहे थे.
मैं संजू के लंड से तड़पने लगी थी और अपने हाथ पटकने लगी थी.
उधर शिबू जोर जोर से मेरी चुत चोदने में लगा था. तभी वह झड़ने लगा.
उसी पल संजू ने कहा- जल्दी बता कुतिया किधर डालूं अपना पानी!
‘संजू मेरे मुँह में ही डाल दे!’
संजू के लंड से पिचकारियां निकल कर मुझे वीर्य स्नान करवाने लगी थीं.
शिबू ने झड़ कर अपना लंड मेरे मुँह में डाल दिया.
संजू ने अपना झड़ा लंड जो अब भी कड़क था, उसे मेरी चूत में डाल दिया.
भाभी के मुँह को मेंडी ने अपने वीर्य से भर दिया था लेकिन तब भी उसने अपना लंड बाहर नहीं निकाला था.
संजू का लंड मेरी चुत की गर्मी पाकर वापस अकड़ गया और वह पूरी ताकत से मेरी चुत को पेलने लगा था.
शिबू ने मेरे मुँह से लंड को बाहर निकाला तो मैं उसे दिखाती हुई उसके लंड से निकला बचा खुचा वीर्य गुटक गई.
उधर अर्पित भाभी को रुलाए जा रहा था, इधर संजू मुझे …
वे दोनों करीब 20 मिनट तेजी से हम दोनों ननद भौजाई को चोदने में लगे रहे.
मैं तो संजू की धुआंधार चुदाई से कंप गई थी और गद्दा जकड़ कर लेटी थी.
यदि कुछ देर पहले मेरी चुत में मेंडी और अर्पित के लंड एक साथ न घुसे होते तो संजू का लंड मेरी चुत के चिथड़े उड़ा देता.
फिर हम दोनों लड़कियों की चुत में घुसे लंड झड़ने को हो गए थे.
उन दोनों ने लंड निकाल कर हम दोनों के मुँह में अपने अपने लंड डाल दिए.
उनके लंड से निकले वीर्य को हम दोनों पी गईं और अब सब लोग लेट गए.
थकान ज्यादा हो गई थी तो सब सो गए.
दोस्तो, यह सिलसिला अगले दो दिन तक यूं ही चलता रहा.
भाभी ने तो ग्रुप सेक्स के मजे लिए ही और अपने साथ मुझे भी 4 लंड से चुदवा कर जन्नत की सैर कराई.
हालांकि इस खेल में दर्द बहुत झेलना पड़ा लेकिन दर्द भी एक स्वाद बन जाता है जो चुदाई में मजा दिलाता है.
मेरी भाभी तो इस खेल में सबका वीर्य अपनी चूत को पिलाती रही.
लेकिन मैंने अपनी सावधानी बरती.
उसके बाद भैया घर आ गए और उनके आने के दो दिन बाद मैं वापिस अपने जॉब पर आने लगी.
भाभी ने मुझे बड़े प्यार से विदा किया.
संजू घर के बाहर मिल गया था, वह मुझे स्लीपर बस तक छोड़ने भी आया.
मैं समझी कि वह मुझे छोड़ कर चला जाएगा.
लेकिन बाद में पता चला कि वह रात का सफर मेरे साथ ही करने वाला है.
मैं खुश हो गई.
मैं पूरे रास्ते उसका लंड अपनी चूत में ही लिए रही.
उस सफर में संजू ने 4 बार मुझे अपना वीर्य पिलाया.
रात का सफर बहुत सुहाना रहा.
संजू और मैं दिन भर सोते रहे.
फिर मैंने उसे एक रात अपने साथ रुका कर वापिस घर भेज दिया.
दोस्तो, आपको मेरी टू डिक्स फॉर वन पुसी स्टोरी कैसी लगी?
प्लीज कमेंट्स व मेल करें.
मैं अपनी अगली सेक्स स्टोरी में आपसे कभी पुनः मिलूँगी.
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