फर्स्ट टाइम सेक्सपूर्ण

मेरे बीएफ ने मुझे चोदकर रंडी बना दिया

0 बार पढ़ी गई10 मिनट का पाठलगभग ८ घंटे पहले

वाइल्ड चुदाई कहानी में मैं एक शो रूम में सेलगर्ल थी. वहीं का एक सेलबॉय मेरा बॉयफ्रेंड बन गया. वो मुझे चोदना चाहता था. मैं भी अपने पहले सेक्स का मजा लेना चाहती थी.

यह कहानी सुनें.

दोस्तो, मेरा नाम जैकलीन है और मैं मुंबई की रहने वाली हूँ.

मैं दिखने में बहुत सेक्सी हूँ और मेरा फिगर देखकर अच्छे-अच्छों का लंड खड़ा हो जाता है.

मैं एक शोरूम में जॉब करती हूँ और वहीं विकास भी काम करता है जिससे मैं प्यार करती हूँ.

ये वाइल्ड चुदाई कहानी एक साल पहले की है, जब मैं शोरूम में जॉब करने गई थी.

वहां मेरी मुलाकात विकास से हुई.

धीरे-धीरे हम दोनों करीब आने लगे और एक दिन विकास ने मुझे प्रपोज कर दिया.

मैंने भी हां कर दी.

फिर हम लोग रोज जॉब के बाद मिलने लगे.

बातें करते, कभी-कभी खाली जगह में किस भी कर लेते.

मैं सलवार सूट पहन कर शोरूम जाती हूँ. वह जब भी मेरे पास से गुजरता, तो मेरी गांड में हाथ फेर लेता था.

मैं मुस्कुरा देती.

मुझे भी उसकी हरकतें बहुत पसंद आती थीं.

एक दिन हम लोग घूमने गए.

सुनसान जगह में उसने गाड़ी रोक दी और मुझे पकड़ कर किस करने लगा, मेरी गांड दबाने लगा, मेरे बूब्स दबाने लगा, मेरी चूत सहलाने लगा.

मैं गर्म हो रही थी.

पर रास्ते में ये सब करने में डर भी लग रहा था … तो मैं उससे दूर हो गई.

उसने बाइक को सड़क से अन्दर ले जाकर झाड़ियों के बीच में खड़ी कर दिया और मुझे लेकर उधर ही बैठ गया.

वह मेरे साथ किस करने लगा तो मैं भी इधर उधर देख कर उसके साथ मस्ती करने लगी.

उसने मेरे कुर्ते को नीचे से ऊपर उठाने की कोशिश की तो मैं उसे रोकने लगी कि ऐसे खुले में यह सब ठीक नहीं है.

वह बोला- दूध चूसने का मन कर रहा है, प्लीज चूसने दो न!

मुझे भी अपने मम्मे चुसवाने की चुल्ल हो रही थी तो मैंने अपनी कुर्ती को ऊपर उठा कर ब्रा में कैद अपने एक दूध को उसके सामने कर दिया.

उसने मेरी ब्रा के कप को उठाया और दूध के निप्पल को अपने होंठों में भर कर चूसने लगा.

आह मुझे मजा आने लगा और मेरे आंखों में सेक्स की खुमारी भरने लगी.

उसने दूसरे दूध के साथ भी ऐसा ही किया तो मैं चुदास से भड़क उठी और उसका सर पकड़ कर अपने मम्मों में दबाने लगी.

तभी एक तेज हॉर्न बजने की आवाज आई तो हम दोनों डर गए और मैं अपने कपड़े सही करने लगी.

मुख्य सड़क से किसी ट्रक ने तेज हॉर्न बजाया था, जिसकी आवाज से हम दोनों डर गए थे.

ट्रक चला गया था तो डर जैसी कोई बात नहीं थी.

फिर हम दोनों घर चले गए.

रात को उसका कॉल आया- क्या कर रही हो जान?

मैं- आराम कर रही हूँ.

विकास- मुझे आपको चोदने का मन कर रहा है.

मैंने इतरा कर कहा- तो अपने मन को समझाओ.

विकास- नहीं समझ रहा है मेरा मन!

मैं- अच्छा?

विकास- एक बार नंगी हो ना!

मैं- क्यों?

विकास- मुझे देखना है.

मैं- नहीं.

वह ज़िद करने लगा.

तो मैंने वीडियो कॉल में खुद को नंगी करके उसे अपनी चूचियां व चुत दिखा दी.

फिर उसने भी अपना लंड दिखाया.

मैं शर्मा गई.

अब वह मुझसे सेक्स की बातें करने लगा.

मैं नंगी ही थी और गर्म भी हो रही थी.

उसने पूछा- आपका भी मन होगा ना सेक्स करने का?

मैं- हां.

विकास- तो दो ना करने!

मैं अपनी चुत रगड़ती हुई बोली- पर कहां?

इस बात पर उसने ओयो होटल में चलने के लिए कहा.

मगर मैं होटल में नहीं जाना चाहती थी.

अब हम लोग सेक्स करने के लिए जगह देखने लगे.

कुछ दिन बाद गांव में मेरे परिवार का कोई रिश्तेदार खत्म हो गया.

पापा-मम्मी वहां चले गए एक हफ्ते के लिए.

मैं घर में अकेली रह गई थी.

मेरे अन्दर भी चुदाई का कीड़ा चल रहा था तो मैं इस मौके का फायदा उठाने की सोचने लगी.

मैंने विकास को ये बात बताई.

तो उसने कहा- यानि अब आपकी गांड फटने से आपको कोई भी बचा नहीं सकता और पूरे एक हफ्ते तक बजाई जाएगी.

मैं भाव खाती हुई बोली- मैं दूँगी ही नहीं करने!

अब वह मुझे मनाने लगा.

मैं भाव खा रही थी तो वह गुस्सा हो गया.

तो मैंने कहा- ठीक है रात को घर आ जाना.

उसकी खुशी का ठिकाना न था.

मैं भी चुदास से भरने लगी थी कि रात को मेरा ठोकू आएगा और मेरी बजाएगा.

मैं चुत में उंगली करने लगी और झड़ गई.

फिर स्नान करने घुसी तो उधर अपनी चूत में उगी झांटों को साफ करने लगी.

मुझे पता था आज वह चोदे बिना मानेगा नहीं.

चुत चुदाई के वक्त चिकनी ही रहनी चाहिए.

चुत की सफाई के बाद मैंने बगलों को भी एक बार क्लीन किया और मस्त फूड ग्रेड वाला सेंट लगाया.

तभी मुझे चुत पर भी खुशबू लगाने की याद आई तो मैं मन ही मन मुस्कुराने लगी कि आज पहली बार शायद विकास मेरी चुत चाटेगा.

मैंने स्ट्राबेरी फ्लेवर वाली खुशबू अपनी चुत पर लगाई और ब्रा पैंटी का नया सैट पहन कर चुत चुदवाने के लिए तैयार हो गई.

रात के 9 बजे विकास मेरे घर आया और वह होटल से खाना भी पैक करा लाया था.

हम लोग बैठकर बातें करने लगे.

फिर धीरे-धीरे वह मेरे जिस्म को सहलाने लगा.

मैं खुद उससे यह सब की उम्मीद कर रही थी.

उसने मुझे पकड़ कर किस करना शुरू कर दिया और धीरे-धीरे मेरे कपड़े उतारने लगा.

कुछ ही देर में मैं उसके सामने पूरी नंगी हो गई थी.

अब उसने मुझे अपनी गोद में बिठाया और मोबाइल में ब्लू फिल्म लगा दी.

वह मुझे चुदाई दिखाने लगा और मेरी चूत को सहलाने लगा.

चुदाई की फिल्म देखकर मैं बहुत गर्म हो गई थी.

उसी के साथ उसने मेरी चूत में उंगली करनी शुरू कर दी थी.

तो मेरे मुँह से कामुक आवाजें निकलने लगीं‘आआह … आह.’

अब वह भी नंगा हो गया और फिर से किस करने लगा.

इस बार उसने चुदाई की पोजीशन बना ली थी और मेरा हाथ पकड़ कर अपने लंड पर रखवा दिया.

उसका लंड बड़ा ही गर्म और मोटा हो गया था.

मैं मदहोश हो गई और उसे हिलाने लगी.

उस वक्त हम दोनों बिस्तर में लेटे थे.

तो उसने मुझे 69 पोजीशन में लिटा लिया और मेरी चूत चाटने लगा.

मेरे जिस्म को हाई वोल्टेज का झटका लगा और मैं पागल सी हो गई.

उसी वक्त उसने अपना लंड मेरे मुँह में रखा और मैं उसके लौड़े को प्यार से चूसने लगी.

वह चूत चाटने के साथ मेरी गांड में उंगली भी डालने लगा.

इससे मुझे दर्द हो रहा था पर मुँह में लंड होने की वजह से आवाज नहीं निकल रही थी.

फिर उसने मुझे बिस्तर पर लिटाकर मेरे पूरे बदन को चूसना शुरू किया.

मेरे बूब्स जोर-जोर से दबाने लगा.

उसके सख्त हाथों से मुझे दर्द हो रहा था पर वह मेरे दोनों दूध लाल करके ही माना.

अब उसने मुझे औंधा लिटा दिया और मेरे दोनों चूतड़ों को फैला कर मेरी गांड के छेद को अपनी जीभ की नोक से टच करने लगा और छेद को सूँघता हुआ उसे किस करने लगा.

यह मेरा पहली बार था, मैं अलग ही दुनिया में थी.

फिर उसने मुझे घोड़ी बनाया और अपना लंड मेरी चूत में सैट कर दिया.

उसके लौड़े के गर्म सुपारे से मेरी चुत में सनसनी हो रही थी.

तभी उसने मेरी कमर पकड़ कर झटका दे मारा.

उसका लंड थोड़ा सा अन्दर घुस गया और मेरी चीख निकल गई.

वह रुक गया और मेरे दूध सहलाने लगा.

एक मिनट बाद उसने फिर से झटका मारा.

उसका लंड मेरी चूत को फाड़ते हुए अन्दर चला गया.

मेरी तो समझो जान ही निकल गई और आंखों से आंसू भी.

इस बार उसने मेरे मुँह को दबा कर लौड़े को पेला था तो मेरी आवाज दब कर रह गई.

थोड़ी देर बाद मैं नॉर्मल हुई और वह मुझे चोदने लगा.

उसने मुझे मस्त पेला था तो मैं भी मस्ती से चुत चुदाई का मजा लेने लगी.

करीब बीस मिनट तक वह मुझे रगड़ता रहा.

इस दौरान मैं तीन बार झड़ चुकी थी मगर वह मुझे अभी भी चोदे जा रहा था.

काफी देर बाद उसने मेरी चुत में ही अपना वीर्य निकाल दिया और मुझसे अलग हो गया.

अब मुझे अहसास हुआ कि इसने मेरी चुत भर दी है.

मैंने उससे कहा- अन्दर क्यों टपका दिया?

वह हंस दिया और बोला- दवा खा लेना मेरी जान!

दवा की याद आते ही मैं भी हँस दी

उस रात उसने मुझे 4 बार चोदा.

मेरी हालत बहुत खराब हो गई थी.

हम दोनों खाना खाकर सो गए.

मैं वैसे ही नंगी सो गई.

सुबह नींद खुली तो देखा कि विकास नींद में भी मेरे बूब्स चूस रहा था.

फिर मैं उठी और नहाने चली गई.

नहाकर आई तो विकास भी बाथरूम के बाहर खड़ा था.

उसने मुझे पकड़ कर फिर से किस करना शुरू कर दिया.

नहाकर वैसे भी नंगी थी तो मैं भी गर्म हो गई.

मेरा दर्द कम नहीं हुआ था तो मैंने उसे चूत देने से मना कर दिया.

विकास ने कहा- बेबी, यह दर्द सिर्फ चुदने से ही सही होगा. वैसे भी अब मैं तेरी गांड मारूँगा, तो चुत में दर्द नहीं होगा.

मैं- नहीं … उधर तो और ज्यादा दर्द होगा.

विकास नहीं माना और मुझे गर्म करने लगा और मैं भी ढीली पड़ती गई.

उसने मुझे घोड़ी बनाया और लंड मेरी गांड में डालने लगा.

मगर अन्दर नहीं जा रहा था.

उसने बहुत सारा ऑयल मेरी गांड में डाला और अपने लंड पर लगाकर चोदने लगा.

मैं दर्द से मरी जा रही थी और वह अपने मजे ले रहा था.

थोड़ी देर बाद मुझे भी मजा आने लगा और मैं भी अपनी गांड उठा-उठाकर चुदवाने लगी.

अब उसने मेरी गांड का तबला बजा दिया.

मैंने विकास से कहा- ऑफिस नहीं जाना है?

उसने कहा- नहीं, इन सात दिनों तक बस तेरी चुदाई ही करूँगा.

मैं- नहीं, मैं नहीं करूंगी अब.

विकास- क्यों जान?

मैं- बहुत दर्द हो रहा यार!

विकास- मजा भी ले रही ना जान, ऐसा मौका फिर कब मिलेगा, पता नहीं.

मैं- ठीक है … मना लो, सात दिनों तक हनीमून.

विकास ने खुश होकर मुझे अपनी बांहों में ले लिया.

हम दोनों ने मिलकर नाश्ता बनाया और खाकर आराम करने लगे.

विकास ने मुझे नंगी ही रखा.

वह बोला- घर में कपड़ों की क्या जरूरत है? ऐसे ही रहो!

फिर उसने मुझे सातों दिन तक अलग-अलग तरीके से चोदा.

हम दोनों बस दिन भर वाइल्ड चुदाई ही करते.

इन 7 दिनों में हम बहुत करीब आ गए थे और इतने दिनों में मेरे बूब्स का साइज और गांड का साइज भी बड़ा हो गया था.

अब हमें कहीं भी मौका मिलता, हम चुदाई कर लेते.

विकास ने मेरी बहुत सारी नंगी फोटो ली थीं.

वह सब फोटो अपने शोरूम वाले दोस्तों को दिखाता था.

अब उसके दोस्त भी मुझे चोदने की नजर से देखते और जब मौका मिलता, मेरी गांड सहला देते.

मैं कुछ नहीं बोल पाती थी.

एक दिन शोरूम में विकास नहीं आया था तो उसके एक दोस्त ने मुझे चोदा था.

अब तो मैं एक रंडी जैसी हो गई थी.

शोरूम में कोई भी जब मन करे, चोद देता था.

मैं भी बस लंड से चुदने के मजे लेती रहती थी.

तो दोस्तो, कैसी लगी आपको मेरी वाइल्ड चुदाई कहानी?

कमेंट करके बताएं.

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