हिंदी सेक्सपूर्ण

दोस्त की बहन ने रखी चुदाई पार्टी- 1

0 बार पढ़ी गई11 मिनट का पाठलगभग ८ घंटे पहले

Xxx हॉट गर्ल चुदाई कहानी में मेरे ख़ास दोस्त की बहन को मेरा लंड पसंद था. उसने एक बार मुझे अपने घर बुलाया क्योंकि उसके पति 1 महीने के लिए बाहर गए हुए थे.

दोस्तो, विशु की बहन पूनम दी मुझे बहुत दिनों से बुला रही थीं.

विशु वही मेरा सबसे प्रिय मित्र और रूम पार्टनर है.

वह तो मेरे साथ रूम में प्राय नंगा ही रहता था.

उसके साथ साथ रहकर मुझे भी नंगे ही रहने की आदत हो गयी थी.

वैसे वह दिल का एकदम साफ और भोला भाला था.

Xxx हॉट गर्ल चुदाई कहानी में मैं शुक्रवार को गाड़ी पकड़कर कर पूनम दी के यहां चला आया.

मैंने दो सप्ताह की छुट्टी ले ली थी क्योंकि मेरा बॉस अपनी बेटी की शादी में गया हुआ था इसलिए हम लोगों की पूरे एक महीने मौज मस्ती थी.

सब कुछ अच्छे से मैनेज भी हो रहा था.

मैं शाम को चार बजे पूनम दी के वहां पहुंचा तो पता चला कि जीजाजी कल ही डेढ़ महीने के लिए किसी ऑफिस टूर पर गए हुए हैं.

घर में केवल पूनम दी, शोभा दी, जीजाजी की दोनों बहनें पिंकी और डॉली हैं.

खैर … थोड़ी निराशा हुई क्योंकि जीजाजी भी मुझे बहुत मानते हैं.

वैसे पूनम दी भी बहुत मानती हैं तो मेरे पहुंचने पर पूनम दी और बाकी तीनों ने मेरा खुल कर स्वागत किया.

पूनम दी बोलीं- अच्छा हुआ तुम आ गए. घर में किसी मर्द का होना जरूरी था. तुम्हारे जीजाजी का तो ऑफिस टूर लगा ही रहता है. अब देखो कब तक आएंगे. इस बार भी एक महीना का तो पक्का है.

मैंने कहा- कोई बात नहीं पूनम दी, मैं आप लोगों को मन लगाए रखने की कोशिश करूँगा और जीजाजी की कमी भी पूरा करने की कोशिश करूँगा.

ये सुनकर पूनम दी मुस्कुरा दीं.

फिर वे मेरा हाथ पकड़ कर घर के अन्दर ले गईं और सोफे पर बिठाया.

मैंने अपने साथ लाया हुआ मिठाई का बड़ा सा पैकेट और फल आदि पूनम दी के हाथों में पकड़ा दिया. साथ ही चॉकलेट का एक डब्बा भी, क्योंकि पूनम दी को चॉकलेट खाना बहुत पसंद है.

चॉकलेट देखकर पूनम दी बहुत खुश हो गईं और उन्होंने मुझे गले से लगा लिया.

उनके भरे हुए दूध मेरे सीने में धंस कर लौड़े में सनसनी पैदा करने लगे थे.

जीजाजी की दोनों बहनें डॉली और पूनम भी अच्छी खासी जवान हो गयी थीं.

उन दोनों के बड़े बड़े गोल गोल स्तन और पतली बलखाती कमर के साथ सुन्दर नितंब गजब ढा रहे थे.

वैसे पूनम दी और शोभा दी भी हुस्न और सुन्दरता की परी थीं.

शोभा दी भी आजकल पूनम दीदी के पास रहने आई हुई थीं.

मैं शोभा दी को अपलक देखता रह गया.

शोभा दी ने मेरा ध्यान तोड़ते हुए कहा- ऐसे क्या देख हो प्रिंस?

मैं हड़बड़ा गया तो मेरी हालत पर सभी लड़कियां हंस पड़ीं.

मैं झेंप गया.

पिंकी बोली- प्रिंस जी, अभी से ये हाल है? अभी तो बहुत कुछ देखना बाकी है!

वे सभी पुनः हंस पड़ीं.

डॉली चाय बनाकर ले आयी.

हम लोग चाय पीते हुए बातें करने लगे.

पूनम दी ने बताया कि चुनाव के कारण शोभा, पिंकी और डॉली तीनों के स्कूल कॉलेजों में छुट्टी चल रही है सो मेरा मन नहीं नहीं लग रहा था, इसी लिए तीनों को मैंने यहीं बुलवा लिया.

बहुत देर तक इधर उधर की बातें हुई.

तब पूनम दी बोलीं- प्रिंस, सफर से आये हो, हाथ मुँह धोकर कपड़े बदल लो. गीजर में गर्म पानी है, चाहो तो तुम नहा भी सकते हो.

मैंने हां कहा और वहीं गेस्ट रूम वाले बाथरूम में तौलिया लेकर नहाने चला गया.

जीजा जी ने काफी बड़ा घर बनवाया था.

एक बैठक रूम था, जिसमें चार आरामदायक सोफे लगे हुए थे, एक सिंगल बेड के साथ अटैच्ड बाथरूम भी था.

दूसरा डायनिंग हॉल और किचन और तीसरा अटैच्ड लेट्रिन बाथरूम के साथ बड़ा सा बेडरूम, चौथा और सबसे महत्वपूर्ण कमरा था जो प्राय: ताला बंद रहता था.

इसमें घर के लोगों के अलावा किसी अन्य को जाने की इजाजत नहीं थी.

यह वास्तव में एक शानदार बेडरूम था. बेडरूम काफी बड़ा था और उसमें एक ही बेड था.

यह अलग बात थी कि वह डबल बेड से दुगना बड़ा था. माने उस बेड पर पांच से छह लोग आराम से सो सकते थे.

दीदी ने बताया कि तुम्हारे जीजाजी ने पता नहीं क्या सोचकर बेडरूम एक भाग में बेड का काफी बड़ा साइज़ में डिजायन करवाया था. उस पर काफी मुलायम और काफी गद्देदार बिस्तर भी डलवाया था.

सच में वह इतना गद्देदार और मुलायम था कि उस पर सोने से लगता था मानो बादलों के बीच फूल की पंखुड़ियों पर सो रहे हैं.

बेडरूम के अटैच्ड एक बाथरूम भी, जिसमें दरवाजा नहीं था बस एक झीना सा पर्दा लगा हुआ था. पर्दा भी ऐसा कि बाथरूम में कौन नहा है, कैसे नहा रहा रहा है … पूरा का पूरा दिखता.

बाथरूम भी बड़ा सा, एकदम सभी आधुनिक सुविधाओं से युक्त था.

शॉवर और बड़ा सा बाथटब भी था, जिसमें पति पत्नि ही नहीं, सालियां भी आराम से मजे ले लेकर नहा सकती थीं.

यानि तीन या चार लोग तो आराम से नहा सकते थे.

मजे की बात यह थी कि बेडरूम और बाथरूम के दीवारों पर चारों ओर आईने लगे हुए थे यानि बाथरूम और बेडरूम के सभी दीवारों पर आईने (दर्पण) लगे हुए थे.

बेडरूम में एक मसाज बेड भी था जो मात्र दो फुट चौड़ा था.

यानि मसाज करने वाला मजे से मसाज बेड के दोनों ओर पैर करके मसाज बेड पर लेटी हुई लड़की की सवारी करते हुए उसकी मस्त मसाज कर सकता था.

साथ ही एक आराम कुर्सी भी थी, वह इस प्रकार थी कि कोई पुरूष आराम से किसी लड़की की योनि में अपना लिंग घुसाकर उसके साथ संभोग करते हुए टीवी देखने का आनन्द भी ले सकता था.

यानि सच पूछो तो यह बेडरूम नहीं, रानी क्लियोपैट्रा का सेक्स सैलून ही था जिसमें सेक्स का आनन्द लेने की हर साधन और सुविधा मौजूद थी.

साथ ही कमरे में एक वीडियो कैमरा इस प्रकार लगा हुआ जो सीधे बेड के फोकस करता था, जिससे बेड पर किए गए अपने सभी संभोग के लाईव दर्शन या रिकार्डिंग होती थी, जिसे टीवी पर लाईव टेलिकास्ट या बाद में भी देखा जा सकता था.

इस कैमरा को जब चाहे ऑन ऑफ कर सकते थे.

मैंने नहा कर कुर्ता पजामा पहन लिया.

तब तक पूनम दी खाना बना चुकी थीं.

चारों लड़कियों ने भी अपने सारे कपड़े खोल कर नाईट ड्रैस पहन ली थी.

उनकी नाईट ड्रैस क्या थी, शरीर पर उसका होना ना होना बराबर था.

बस एक एक एकदम झीना सा पारदर्शी माईक्रो ड्रैस, वह भी केवल नितंबों तक भी नहीं … और आगे से बिल्कुल खुला हुआ.

मतलब दोनों स्तन, योनि, नितंब सब कुछ ओपन.

मैं सोफे पर बैठा था, पूनम दी आकर मेरी गोद में बैठ गईं.

मैंने उनके स्तनों को थाम लिया.

पूनम दी मुझसे लिपट गईं और चूम कर बोलीं- चलो प्रिंस, थोड़ी देर अपनी बहन को प्यार कर लो, फिर हम सब खाना खाएंगे.

पूनम दी के मेरे गोद में बैठते ही मेरा लंड सलामी देने लगा.

दी अपने नितंबों के छेद के बीच मेरे लिंग को महसूस कर रही थीं.

पूनम दी ने मेरे पजामे की डोरी खोल दी और अपनी गांड उठा कर पजामा को नीचे को खिसकाते हुए उसे अपने पैरों की मदद से मेरे शरीर से अलग कर दिया.

मैंने अन्दर चड्डी नहीं पहनी थी तो पजामा उतरते ही बिल्कुल नंगा हो गया था.

पूनम दी मेरे लंड पर बैठी हुई मुझे चूम रही थीं.

फिर उन्होंने मेरा कुर्ता भी खोलकर मेरे शरीर से अलग कर दिया.

अब मैं पूरा निर्वस्त्र हो गया था.

पूनम दी ने भी अपने कपड़े खोल कर फैंक दिए और वे भी पूरी तरह से नंगी हो कर मेरी गोद में बैठी थीं.

वे अपने दूध मेरे सीने से रगड़ती हुई मेरे गालों और होंठों को प्यार से चूम रही थीं.

पूनम दी ने अपने होंठों से मेरे होंठों को लिप-लॉक कर रखा था और लगातार चूस रही थीं.

डॉली, शोभा, पिंकी वहीं सामने सोफे पर बैठी थीं और वासना से हम दोनों को नंगा देख रही थीं.

वे सब अपने दूध मसलती हुई पूनम दी का उत्साह बढ़ा रही थीं.

मैं पूनम दी के होंठों को चूसता हुआ उनके स्तनों को दबाने और सहलाने लगा.

पूनम दी ने अपनी गांड को उचकाया और योनि के छेद में मेरे लिंग को सैट कर लिया.

उसी पल मैंने नीचे से धक्का मारा तो मेरा लंड पूनम दी की योनि में धंसता चला गया.

पूनम दी मेरे मोटे लवड़े के अहसास से एक बार को चिंहुक उठीं- ऊई मम्मी रे … आह ये तो काफी मोटा है!

मैं पूनम दी के होंठों को चूसता हुआ उनके स्तनों और नितंबों को सहलाने और दबाते हुए उन्हें चोदने लगा.

पूनम दी ने मेरे होंठों को चूसना छोड़कर अपना एक स्तन मेरे मुँह में डाल दिया.

मैं बारी बारी से उनके दोनों स्तनों को चूसने लगा.

पिंकी, डॉली और शोभा वहीं सोफे पर उत्तेजित होकर अपनी अपनी योनि को सहला रही थीं.

मैं पूनम दी के स्तनों में से एक को चूसता और दूसरे को मसल रहा था.

पूमन दी मेरे लिंग को अपनी योनि में घुसाए हुए मेरी गोद में उछल रही थीं.

मैं अपने हाथों से उनकी नंगी पीठ और नितंबों को दबाते और सहलाते हुए उन्हें सहारा देते हुए उनकी उत्तेजना बढ़ा रहा था.

पूनम दी जोर जोर से मदभरी सिसकारियां भर रही थीं ‘आह … उह … प्रिंस मेरे भाई और जोर जोर से चूसो … आह मजा आ रहा है … बहुत अच्छा लग रहा है!’

उनके उछलने की स्पीड बढ़ती जा रही थी.

करीब आधा घंटा की घमासान चुदाई के बाद पूनम दी और मैं एक साथ झड़ गए.

पूनम दी ने चैन की सांस ली और मैंने नंगी पूनम दी को अपने सीने से लगाकर चिपका लिया.

पूनम दी ने जोरदार ढंग के मेरे गालों और होंठों पर चुबंन की बौछार कर दी.

वे बोलीं- प्रिंस तुमने मुझे खुश कर दिया.

पूनम दी मेरे लौड़े के ऊपर से उतर गईं तो डॉली ने एक कटोरे में पूनम दी की चुत से रिसने वाला वीर्य और रज का का मिला-जुला रस जमा कर लिया.

उसके बाद डॉली, शोभा और पिंकी ने आकर मुझे गले से गला लिया, मैंने भी उन तीनों के स्तनों को दबाकर, योनि को सहलाकर और होंठों को चूमकर उनका स्वागत किया.

फिर वे तीनों मुझे नंगा ही डाईनिंग टेबल पर ले आईं और पूनम दी भी नंगी ही हमें खाना परोसने लगीं.

कई तरह के एक से एक स्वादिष्ट आईटम थे.

उन्हें देख कर ही मेरा मन ललचाने लगा.

खाने के साथ ही खाने की थाली के किनारे कुछ सफेद लसलसा सा चटनी टाईप का कुछ था.

मेरे पूछने पर शोभा ने बताया कि यह पूनम दीदी की योनि का वही रस है, जो तुम्हारे और पूनम दी के संभोग के बाद पूनम दी की योनि से रिस रहा था और डॉली ने कटोरे में जमा किया था.

पिंकी ने बताया- यह हम सबको यानि पांचों को थोड़ा थोड़ा चखने को मिला है. यही तो असली भोजन है.

यह सुनकर सब मुस्कुरा दिए.

पूनम दी बोलीं- प्रिंस, अभी तो तुमने बस फिल्म का एकदम छोटा सा ट्रेलर देखा है, पूरी फिल्म तो अभी बाकी है.

सब हंसने लगीं, लेकिन मुझे भी अंदाजा हो गया था कि आगे कुछ अच्छा, मजेदार और जोरदार होगा.

हम लोग खाना खाने लगे.

पिंकी मेरे बगल में बैठी और मेरे लिंग को सहला रही थी.

उसके दोनों दूध खुले हुए थे और टेबल के ऊपर धरे हुए थे.

मैं भी खाना खाते हुए रह रह कर उसके एक दूध को दबा देता था, कभी उसकी योनि पर भी हाथ फेर देता था.

खाना खाते हुए शोभा ने बताया- हम लोग खाने के साथ यह लिंग-योनि रस जरूर खाते हैं, वह भी एकदम ताजा. इसलिए भोजन से पहले एक बार जीजाजी डॉली, पिंकी, पूनम दी या मुझे एक बार जरूर चोद लेते थे ताकि हमारी योनि से ताजा योनि-लिंग रस प्राप्त हो. बीवी हो, बहन हो या साली हो, क्या फर्क पड़ता है, सबकी योनि का रस पीना चाहिए.

शोभा ने बताया कि जीजाजी सबसे ज्यादा अपनी बहन डॉली की चुत का रस पीना, उसकी योनि चाटना, चूसना पसंद करते हैं. लेकिन खाने से पहले हर टाईम बारी बारी से कभी तो कभी पूनम दी, कभी मेरे साथ, कभी पिंकी, कभी डॉली के साथ संभोग करते हैं और रस को भोजन के साथ जरूर लेते हैं.

मैंने देखा कि वे सभी बड़े चटखारे ले लेकर पूनम दी और मेरे योनि-लिंग रस को चाट चाट कर खा रही थीं.

दोस्तो, यह मेरी ग्रुप सेक्स कहानी की शुरुआत है.

अगले भाग में मैं आपको चुदाई की मस्त और रसीली कहानी लिखूँगा.

आप मुझे अपने मेल से बताएं कि आपको Xxx हॉट गर्ल चुदाई कहानी कैसी लग रही है!

Xxx हॉट गर्ल चुदाई कहानी का अगला भाग: दोस्त की बहन ने रखी चुदाई पार्टी- 2

चर्चा(0)

चर्चा में शामिल होने के लिए साइन इन करें।

अभी कोई टिप्पणी नहीं। सबसे पहले आप लिखिए!

विकल्प