इंडियन सेक्सपूर्ण

पड़ोस की आंटी के बेटे ने मेरी चूत का पूरा मजा लिया

0 बार पढ़ी गई6 मिनट का पाठलगभग ८ घंटे पहले

यंग बॉय सेक्स कहानी में मेरे पड़ोस में एक नया परिवार आया. आंटी का युवा बेटा मेरा दोस्त बन गया. मैं उससे सब कुछ शेयर करती थी। एक दिन उसने मुझे पूरी नंगी देख लिया.

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नमस्ते दोस्तो, आपकी फेवरेट स्टोरी-टेलर सना सईद वापस हाज़िर है अपनी एक नयी स्टोरी के साथ!

जैसा आप सब जानते हैं मैं गोरी हूँ, मेरा बदन गठीला है और मेरा साइज़ 34-32-36 है, और मुझे चुदने का बहुत शौक़ है।

तो ये यंग बॉय सेक्स कहानी है कुछ समय पहले की, जब हमारे पास वाले घर में एक नयी फैमिली मूव हुई थी।

एक अंकल और आंटी हैं जिनका एक ही बेटा है जो मेरे से कुछ ही साल छोटा है।

मेरी फैमिली और उनकी फैमिली बहुत अच्छे क्लोज हो चुके थे, आना-जाना था और इसीलिए वो लड़का मेरे से कभी-कभी अपनी प्रॉब्लम्स लेकर पूछने आता था—चाहे पढ़ाई की हो या कोई और बात हो।

ऐसे ही समय के साथ हम काफ़ी क्लोज हो गए और अच्छे दोस्त बन गए।

वो मुझे अपनी गर्लफ्रेंड की प्रॉब्लम्स भी बता देता था और सेक्स लाइफ में क्या प्रॉब्लम्स हैं वो भी, और मैं भी उससे सब कुछ शेयर कर लेती थी।

एक बार मेरी फैमिली बाहर गयी हुई थी कुछ दिनों के लिए और मैं घर में अकेली थी।

साथ वाली आंटी अपने बेटे को कभी-कभी मेरी खबर लेने भेज देती थीं।

हम अच्छे दोस्त तो थे ही, इसलिए वो आता था तो हम काफ़ी देर बात करते थे।

ऐसे ही एक बार आंटी ने उसे खाने का कुछ सामान देकर भेज दिया।

मैं तब ही बस नहा कर निकली थी।

घर में अकेली होने के कारण मैं बाथरूम से नंगी ही बाहर आ गयी, ये सोच कर कि रूम में कपड़े चेंज करूँगी।

ये जाने बिना कि उनके पास भी घर की दूसरी चाबी थी, उस लड़के ने गेट ओपन किया और किचन में खाना रख के मुझे ढूँढने लगा।

मैं घर में नहीं मिली तो वो मेरे रूम की तरफ आने लगा जहाँ मैं नंगी खड़ी अभी अपने बाल ही सुखा रही थी।

उसने डोर पर नॉक किये बिना ही दरवाजा खोल दिया!

मैं खुद को संभालती उससे पहले तो वो रूम में आ चुका था और मुझे ऐसी सिचुएशन में देख चुका था।

उसने शॉर्ट्स पहन रखे थे जिसमें उसका लोड़ा खड़ा हुआ साफ़ दिख रहा था।

मैंने तौलिया अपने बदन पर लपेटते हुए उसे बाहर जाने को बोला।

तो उसने मेरे से कहा, “बाहर तो क्या जाऊँ अब! हम इतने अच्छे दोस्त हैं, ये सब में क्या शर्माना!”

उसने मेरे करीब आकर मेरा टॉवल उतार दिया।

मैं पूरी नंगी वहाँ खड़ी थी, शर्म से नज़रें नीचे करे और वो मुझे घूर रहा था।

उसने मेरा मुँह ऊपर करके मेरी आँखों में आँखें डाल के कहा, “हम दोस्त हैं, बेस्ट फ्रेंड्स! हमारे बीच में ऐसी शर्म नहीं होनी चाहिए!”

जिस पर मैंने उससे कहा, “नंगी तो मैं खड़ी हूँ, तुम तो कपड़ों में हो… तुमको क्यों आएगी!”

मेरे इतना कहने पर उसने भी अपने कपड़े उतार दिए और मुझे बोला, “सेक्सी तो बहुत लग रही हो वैसे!”

जो सुन कर मेरे मुँह पर मुस्कान आ गयी और मैंने थैंक्यू बोला।

इसके बाद उसने मुझे अपने सीने से लगा लिया।

उसका खड़ा लोड़ा मेरी दोनों जांघों के बीच में घुस रहा था।

मैंने उससे बोला कि इसको बैठा लो कहीं मेरे अंदर ना चला जाये।

उसने कहा, “अगर जाता है तो जाने दो!”

वो मुझे किस करने लगा।

मैं तो उसका लोड़ा अपनी जांघों के बीच में फील करके ही गरम हो गयी थी इसलिए मैंने उसे रोका भी नहीं और किस करने लगी।

कब मैंने उसका लोड़ा हाथ में पकड़ के हिलाना शुरू कर दिया, मुझे पता भी नहीं चला।

उसके बाद वो नीचे बैठा और दीवार से सपोर्ट लेकर मुझे खड़ा किया।

मेरी एक टांग कंधे पर रखी और मेरी चूत चाटनी शुरू करी और धीरे से दो उँगलियाँ भी अंदर कर दीं।

मैं इतनी गीली हो रही थी कि मेरी सिसकियाँ निकलने लगी थीं।

मैंने उसे बेड पर बैठाया और उसका लोड़ा चूसा जितना अच्छे से चूस सकती थी और दोस्तों मैं बहुत अच्छा चूसती हूँ!

फिर उसने मुझे अपनी गोदी में बैठाया और धीरे से लोड़ा चूत में घुसा दिया।

वो मेरे चूचों से खेलने लगा, उन्हें चूसने लगा, दबाने लगा और काट-काट के, चाट-चाट के लाल कर दिए!

मैं उसका लोड़ा अपने अंदर लेकर पागल हो चुकी थी।

मुझे पहली बार किसी ने इतने आराम से और धीरे-धीरे चोदा था और मुझे बहुत मज़ा आया।

मैं इतनी गरम पहले कभी नहीं हुई थी।

जब उसके लोड़े से पानी निकलने लगा तो उसने मुझे पकड़ के लोड़े पर बैठाया और सारा मुठ मेरी चूत के अंदर ही निकाल दिया!

उसके गरम-गरम मुठ ने जैसे मेरी चूत की सारी प्यास ही बुझा दी।

यंग बॉय सेक्स के बाद मैंने उसका लोड़ा चूस के पूरा साफ़ किया।

हम ऐसे ही थोड़ी देर नंगे बैठे रहे।

आने वाले पूरे हफ्ते हमने रोज़ सेक्स किया।

उसने मुझे दिन-रात, सुबह-शाम चोदा।

मुझे घोड़ी बना के चोदा, किचन के शेल्फ पे बैठा के चोदा, डाइनिंग टेबल पे झुका के पीछे से चूत मारी, बाथरूम में शावर सेक्स किया और मेरी लाइफ का पहला ‘गोल्डन शावर’ भी मुझे इसी ने करवाया जो मुझे बहुत अच्छा लगा।

अब मुझे उसकी आदत पड़ चुकी है, अगर ना करूँ तो मज़ा नहीं आता।

वो तब तक मेरी चूत चाटता था जब तक मेरी चीखें ना निकल जाएँ!

मेरे घर वालों के आने के बाद भी हम अकेले में मिलते रहते थे।

मैं उससे चुदने का कोई मौका नहीं छोड़ती थी और ना ही वो मुझे छोड़ने का मौका छोड़ता था।

हम लोग बहुत करीब आ गए थे।

लगभग एक साल पहले उसने अपनी गर्लफ्रेंड से शादी कर ली.

लेकिन हम आज भी बहुत अच्छे दोस्त हैं।

वो आज भी मौका मिलने पर मुझे चोद देता है और मैं भी मौका मिलने पर उससे चुदने से पीछे नहीं हटती।

हम आज भी अपनी फैमिलीज़ से बच कर ‘वीकेंड गेटअवे’ प्लान करते हैं जहाँ वो मुझे नॉन-स्टॉप चोदता है।

उसके चूत चूसने के बाद दो दिन तक मेरी चूत लाल रहती है।

आज भी वो पहले शॉट का सारा मुठ मेरी चूत के अंदर ही निकालता है और बाकी का मुझे पिलाता है।

मुझे भी उसका मुठ वेस्ट करना अच्छा नहीं लगता।

मेरी नेक्स्ट स्टोरी में बताऊँगी कि कैसे मेरा ये पड़ोसी ‘फ्रेंड्स विद बेनिफिट्स’ से मेरा बॉयफ्रेंड बना और कैसे इसने मुझे अपने दोस्तों से चुदवाया.

और मैं उसकी गर्लफ्रेंड से उसकी और उसके दोस्तों की राँड बनी।

क्या आप मेरी अगली कहानी सुनना चाहेंगे?

तब तक इस यंग बॉय सेक्स कहानी पर अपने विचार बताएं.

मेरी पिछली कहानी थी: मैं छोटे भाई के दोस्तों की रंडी बनी

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