गे सेक्सपूर्ण

खेल-खेल में दोस्त ने पेल दिया

0 बार पढ़ी गई9 मिनट का पाठलगभग ८ घंटे पहले

ऐस गांड ऐनल कहानी में मैं अपने दोस्त के साथ मिलकर मुठ मारा करता था। एक दिन वो बोला कि उसका चुदाई करने का मन है। उसने मेरी गांड मार ली। लेकिन बात यहीं पर खत्म नहीं हुई …

दोस्तो, मेरा नाम सुजीत है, मैं मुंबई में रहता हूं।

मैं जब 19 साल का हुआ तब से ही मैंने एक लड़की की तलाश शुरू कर दी थी जिसे मैं जितनी बार चाहे चोद सकूं।

लेकिन लड़की मिलने तक मैं मुठ मारकर ही काम चला रहा था।

मैंने अपने दोस्त के साथ मुठ मारा करता था।

अब मैं आपको अपनी कहानी बताता हूं।

यह उन दिनों की ही बात है जब मैं अपनी जवानी के चरम पर था।

मुझे उस समय सेक्स की बहुत भूख लगती थी।

मेरे पास मोबाइल फोन नहीं था।

इसलिए मैं अपने दोस्त सुशांत के फोन पर पोर्न देखकर मुठ मारा करता था।

धीरे धीरे मुझे मुठ की लत लग गई।

फिर करते-करते मेरा मन भरने लगा।

अब मुठ में पूरी संतुष्टि नहीं मिलती थी।

इसलिए मैं और मेरा दोस्त अब एक दूसरे की मुठ मारने लगे।

ऐसे ही एक दिन मुठ मारकर मैं दोस्त के रूम में उसके बेड पर लेटा हुआ था।

मेरा काम हो गया था लेकिन सुशांत ने अपना माल नहीं झाड़ा था।

सुशांत बोला- यार, अब रोज मुठ मारकर मजा नहीं आ रहा है।

मैं बोला- तो क्या करें, जब तक कोई चूत नहीं मिलती चोदने के लिए तब तक को काम चलाना ही पड़ेगा।

फिर वो भी बाथरूम में चला गया अपना माल निकालने।

मैं थक गया था तो आंख लग गई।

फिर नींद में मुझे महसूस हुआ कि कोई मेरी गांड को छेड़ रहा है।

मैंने आंख खोलकर देखा तो सुशांत मेरी गांड को दबा रहा था।

मैं बोला- क्या हुआ, तेरा हुआ नहीं क्या अभी?

वो बोला- आज कुछ अलग करने का मन कर रहा है।

मैं बोला- अच्छा, तो क्या करेगा आज?

उसने कहा- आज चुदाई करने का मन कर रहा है यार!

मैंने कहा- लेकिन हमारे पास लड़की तो नहीं है।

वो बोला- तू तो है!

मैं- पागल है क्या, मैं तो लड़का हूं।

उसने कहा- कोई नहीं, तू मान जा, दोस्त के लिए इतना नहीं कर सकता? वैसे भी किसी को कुछ पता नहीं चलने वाला है, बात तेरे-मेरे बीच रहेगी।

उसके काफी कहने के बाद फिर मुझे मानना ही पड़ा।

मैं बाथरूम में जाकर फ्रेश होकर आ गया।

वापस आया तो देखा सुशांत बेड पर नंगा होकर लेटा था।

वो पोर्न देख रहा था।

उसने लंड पर तेल लगा रखा था।

उसका लंड तेल में पूरा चिकना हो चुका था और पूरा चमक रहा था।

सुशांत का लंड मेरे लंड से बड़ा था। मेरा 6.5 इंच था तो उसका 7 इंच के लगभग था।

फिर मैं बेड पर आकर लेट गया।

वो उठकर मेरे ऊपर आ गया और मेरी गांड के साथ खेलने लगा।

उसने मेरी गांड के छेद पर तेल लगा दिया और मालिश करने लगा।

मुझे कुछ देर बाद मजा आने लगा।

मेरी गांड पर वो जोर जोर से मसल रहा था।

उसे चिकनी कर रहा था।

कभी छेद में उंगली कर देता था।

मेरी गांड में अंदर तक चिकनाहट मुझे महसूस हो रही थी।

फिर एकदम से उसने लंड लगाकर अंदर पेल दिया।

इससे मुझे एकदम से चक्कर आ गया जैसे गांड में किसी ने एकदम से कोई सरिया घुसा दिया हो।

मुझे बहुत दर्द हो रहा था।

मैंने बोला- छोड़ दे साले … बहुत दर्द हो रहा है आह्ह … हट ऊपर से!

लेकिन वह लंड घुसाकर मेरे ऊपर चिपकर कर लेट गया।

वह मेरी गर्दन पर चूम रहा था।

मेरे कई बार कहने के बाद भी वो नहीं हटा।

अब तक मेरा दर्द कुछ हल्का होने लगा था।

फिर मैं भी मुंडी नीचे टिकाकर लेट गया।

उसने गांड में लंड को चलाना शुरू कर दिया।

वह मेरी गांड चोदने लगा।

कुछ देर में मुझे अच्छा लगने लगा लेकिन दर्द अभी भी हो रहा था।

धीरे-धीरे वो मुझे चोदे जा रहा था।

पांच मिनट बाद मेरा दर्द लगभग खत्म हो गया था।

अब वो तेजी से मेरी गांड पेलने लगा।

मुझे फिर से दर्द होने लगा।

फिर दो मिनट तेजी से चोदने के बाद वो मेरी गांड में ही झड़ गया।

जब उसने लंड निकाला तो मेरी गांड में काफी जलन हो रही थी।

फिर कुछ देर रुक कर उसने दोबारा से मेरी गांड में लंड दे दिया और चोदने लगा।

इस तरह से उसने दो बार मेरी गांड मारी।

अब मुझे बहुत दर्द हो रहा था।

फिर मैं अपने घर चला गया।

उसके बाद ऐसे ही सिलसिला चलता रहा।

वह मेरी गांड मार लेता तो मैं उसकी।

सुशांत को सिर्फ संडे को समय मिलता था, बाकी के दिन वह ऑफिस में बिजी रहता था।

एक संडे को उसका कॉल आया और उसने मुझे घर बुलाया।

मैं जान गया कि ये फिर से आज मेरी गांड मारेगा।

लेकिन उस दिन जो हुआ वो मैंने सोचा नहीं था।

उसने अपने एक दोस्त को पहले ही घर बुलाकर छुपा दिया था।

मुझे इस बारे में उसने कुछ नहीं बताया।

मैं उसके घर पहुंचा और हम दोनों शुरू हो गए।

वह मेरी चूमा-चाटी करने लगा।

उसने मेरी छाती के निप्पल चूसे।

मुझे मजा आ रहा था।

वह जोर जोर से निप्पल चूस-काट रहा था जिससे मेरी आह निकल जाती थी।

फिर उसने उंगली पर तेल लगाया और मेरी गांड में उंगली करने लगा।

धीरे धीरे हम दोनों जोश में आने लगे।

फिर उसने मुझे घोड़ी की पोजीशन में आने को कहा।

उसके बाद उसने लंड पर तेल लगाया और मेरी गांड में तेजी से लंड को पेलने लगा।

कुछ ही देर में रूम में पट-पट की आवाज गूंजने लगी।

उसे मेरी गांड मारते हुए दस मिनट से ज्यादा समय हो गया था लेकिन वो झड़ने का नाम नहीं ले रहा था।

मैं समझ गया था कि उसने आज सेक्स की गोली खा ली है वरना इतनी देर उसे झड़ने में नहीं लगती थी।

अब दर्द मुझसे बर्दाश्त नहीं हो रहा था।

मैंने उसे हटने को कहा लेकिन वो नहीं माना।

लगभग आधे घंटे बाद वो मेरी गांड में झटके देते हुए झड़ गया।

तब जाकर मुझे आराम आया।

उसी हालत में मुझे नींद आ गई।

लेकिन एकदम से मेरी आंख खुल गई, देखा कि मेरी गांड में फिर से लंड डालने की कोशिश की जा रही थी।

मैंने मुड़कर देखा तो यह रवि था।

मैं सुशांत के दोस्त रवि को पहले से जानता था लेकिन बात नहीं होती थी।

लेकिन मुझे पता था कि रवि उसी का दोस्त है।

वह कहने लगा कि उसने मेरी गांड चुदाई की वीडियो बना ली है।

और वह बोला- चुपचाप लेटा रह, इसी में भलाई है।

मैं अब कुछ नहीं कर पाया क्योंकि मुझे भी डर था कि कहीं वह वीडियो को किसी को दिखा न दे।

फिर सुशांत आ गया और मैं एकदम से हट गया।

मैं बोला- मुझसे नहीं होगा, बहुत दर्द हो रहा है।

तभी सुशांत ने कहा- अरे यार करवा ले, अगर इसने हम दोनों की वीडियो कहीं शेयर कर दी तो बहुत बदनामी होगी। बस थोड़ी ही देर की बात है।

मैं सोच में पड़ गया।

फिर मुझे उसकी बात मानने में ही भलाई लगी।

मैं तैयार हो गया और उसी पोजीशन में लेट गया।

तभी रवि ने अपना मोटा लन्ड मेरे छेद पर रखा और गांड में डालने लगा।

मोटा होने के कारण लन्ड फिसल जा रहा था।

फिर उसने मेरी गांड में उंगली देकर सुशांत का वीर्य अपने लंड पर चुपड़ लिया।

उसने गांड के छेद पर लंड को लगाया और धक्का दे दिया।

मेरी चीख निकल गई- आईईई … ईईई उईईई मम्मी!

लेकिन वह बिना रुके चोदने लगा।

अब तक सुशांत का लंड दोबारा से खड़ा होने लगा था।

रवि मेरी गांड मारे जा रहा था और मैं दर्द में आह आह करता हुआ लंड को बर्दाश्त करने की कोशिश कर रहा था।

मेरी आवाज होते देख सुशांत ने लंड मेरे मुंह में दे दिया।

उसकी यह हरकत मुझे बिल्कुल अच्छी नहीं लगी क्योंकि हम दोनों गहरे दोस्त थे।

वह मुंह में लंड देकर आगे पीछे करने लगा।

लंड मेरे गले तक जाकर लग रहा था।

अब मेरे मुंह और गांड, दोनों ही छेदों में लंड था।

ये दोनों घमासान तरीके से मेरी चुदाई कर रहे थे।

रवि झड़ने को हुआ तो बोला- मुझे भी चुसवाने का मजा लेना है।

फिर सुशांत हटा और रवि ने मेरे मुंह में लंड दिया।

अब सुशांत पीछे आ गया और मेरी गांड में लंड दे दिया।

दोनों ने एकसाथ धक्के शुरू किए।

रवि मेरे मुंह को चोद रहा था और सुशांत गांड को।

मैं रवि के लंड को मुंह से निकालने की कोशिश कर रहा था।

यह देख उसने सुशांत को रुकने को कह दिया।

मैंने सोचा कि चुदाई बंद हो गई।

लेकिन फिर उन्होंने मुझे सीधा लेटा दिया।

अब रवि मेरे ऊपर आ गया और मुंह में लंड देकर लेट गया।

सुशांत मेरी टांगें उठाकर गांड चोदने लगा।

अब रवि का लंड मेरे गले तक लग रहा था।

वह तेजी से मेरी मुंह चुदाई करने लगा।

सुशांत मेरी गांड पटा-पट पेले जा रहा था।

कुछ देर बाद रवि ने स्पीड तेज कर दी और वह मेरे मुंह में ही झड़ गया।

मुझे उल्टी होने लगी।

इतने में सुशांत भी मेरी गांड में झड़ गया।

वे दोनों खाली हो गए और मैं बुरी तरह से हांफने लगा।

फिर सब शांत हो गया।

ऐस गांड ऐनल सेक्स के बाद वे दोनों मुझे देखकर हंस रहे थे।

मुझे सुशांत से ऐसी उम्मीद नहीं थी। खेल-खेल में उसने मुझे, मेरी ऐस गांड को पेल दिया।

फिर मैं वहां से चला आया।

लेकिन बात यहीं पर खत्म नहीं हुई।

इन दोनों ने मेरा वीडियो दोस्तों में शेयर कर दिया।

उसके बाद मेरे साथ कैसे गैंग बैंग हुआ वो मैं आपको अगली कहानी में बताऊंगा।

आपको यह ऐस गांड ऐनल कहानी कैसी लगी मुझे जरूर बताना।

आप लोगों की प्रतिक्रियाओं का इंतजार रहेगा।

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