इंडियन सेक्सपूर्ण

मेरी गांड में घुसा गोरा चिट्टा 8 इंच का लंड

0 बार पढ़ी गई10 मिनट का पाठलगभग ९ घंटे पहले

ऐस्सहोल फक स्टोरी में मुझे मेरे पति का गोरा लम्बा लंड पसंद है. हम दोनों को चुदाई पसंद है. एक रोज मैं बाथरूम में थी, वे भी आ गए. वहां उन्होंने मेरी गांड पहली बार मारी.

यह कहानी सुनें.

दोस्तो, मेरा नाम नेहा है. मैंने आपके लिए अपनी सुहागरात की चुदाई की कहानी को लिखा था.

आप सभी ने मेरी सच्ची सेक्स कहानी

मेरे बालम का लंड गोरा चिट्टा 8 इंच का

पढ़ कर मुझे काफी संख्या में मेल किए, उसके लिए आप सबका धन्यवाद.

आज मैं आपको अपनी पहली बार गांड कैसे चुदी, उस ऐस्सहोल फक स्टोरी को लिख रही हूँ.

सुहागरात को हुई मेरी चुदाई से मैं सारी रात अपनी चुत में जलन और दर्द से बेहद तड़फती रही थी.

करीब एक घंटा बाद पति ने दूसरी बार चुदाई के लिए चुत में हाथ लगाया तो मैं रोने लगी और मैंने अपनी समस्या उन्हें बताई.

मेरे पति काफी केयरिंग भी हैं.

उन्होंने मुझे एक पेन किलर दी और बाथरूम से गर्म पानी लेकर आए.मेरी चुत की गर्म पानी से सिकाई की और उस पर बोरोलीन लगाई.

उस रात मुझे सच में बड़ा ही सुकून मिला था कि दर्द के बाद दवा देने वाला पति भी मिला था.

दो दिन तक उन्होंने मुझे सिर्फ चूम कर प्यार किया क्योंकि मेरी चुत फट गई थी तो मुझे काफी दर्द होता रहा था.

दो दिन के बाद मेरी चुत में पुनः चुदने की चुल्ल होने लगी और मैंने अपने पति के लंड को चूसना चालू कर दिया.

वे समझ गए कि अब चुत को लंड चाहिए है.

उन्होंने मुझे चित लिटाया और बिना कुछ शुरुआत के लंड चुत में घुसेड़ दिया.

मैं दर्द से कलप उठी लेकिन सहन कर गई.

उस रात पति ने मुझे दो बार चोदा.

अब वे मुझे रोज़ 2-3 बार चोदने लगे थे.

मेरी चुत भी उनके लवड़े की दीवानी हो गई थी.

अब तो मैं खुल कर खेलने लगी हूँ.

पहले तो मुझे अजीब लगता था, दर्द होता था, पर बार-बार चोदने से मुझे भी अच्छा लगने लगा.

और कैसे अच्छा नहीं लगता!

वे इतना अच्छे से चोदते हैं कि पूरे बदन को सुकून मिल जाता है.

वे रोजाना दिन में ही कमरे में आ जाते हैं, कमरा लॉक करके मुझे चोदने लगते हैं.

एक शॉट तो शाम को छह बजे से पहले ही लग जाता है.

कुल मिला कर वे मुझे बहुत खुश रखते हैं!

शादी को एक साल हो गया था लेकिन उनके चोदने का स्टाइल अभी भी बहुत अच्छा है.

उनके चोदने के विभिन्न स्टाइल हैं और उनके सभी आसन मुझे बहुत पसंद आते हैं.

कभी वे मुझे लिटा कर खुद ऊपर आकर मेरी चूत में लंड डाल कर पेलते हैं, तो कभी डॉगी बनाकर, बैठकर, बेड के साइड में मुझे लिटा कर और वे खुद खड़े होकर लंड डालते हैं.

बहुत सारे स्टाइल से वे मुझे मस्त चोदते हैं.

जब वे तेज-तेज रफ्तार से मुझे चोदते हैं तो मुझे बहुत अच्छा लगता है.

मैं उनके लंड पर बैठ जाती हूँ और ऊपर-नीचे करने लगती हूँ.

इस आसन में मेरे हसबैंड मुझे चोदते समय मेरे दूध पकड़ पकड़ कर खींचते हुए चूसते हैं तो मुझे बहुत अच्छा लगता है.

अब तो मैं उन्हें देखकर मचल जाती हूँ और मेरा मन करने लगता है कि वे मेरे बूब्स दबाएं, मेरी गांड सहलाएं.

वे कहीं से भी आकर मेरे बूब्स दबा देते हैं. उन्होंने मुझे पूरी तरह से रंडी बना दिया है.

बस उनके आठ इंच लंबे और मोटे लंड की प्यासी हूँ मैं!

उनका लंड ऐसा है, जिसका कोई भी दीवानी हो जाए.

मैं उनके लंड को प्यार से खूब चूसती हूँ और अपनी मुट्ठी में लेकर ऐसे मसलती हूँ … जैसे मैं किसी मोटे केले को पकड़ कर चूस रही हूँ.

उनका लंड मुझे एकदम मीठा गन्ना सा लगता है मैं चूस-चूस कर उसका रस पी जाती हूँ.

कभी मैं लंड को अपने बड़े-बड़े बूब्स में दबा लेती हूँ और बूब्स से ही रगड़ कर बूब फक का मजा देती हूँ.

लंड को हाथ से सहलाती हूँ, थूक लगा-लगा कर सहलाती हूँ.

मैं बहुत मजा लेती हूँ लंड का!

वे भी मेरे निप्पलों को चबाते हैं.

मेरे दोनों निप्पल को बारी बारी से ज़ोर-ज़ोर से काटते हैं और बोलते हैं कि मुझे तेरा दूध पीना है!

जैसे बच्चा मां का दूध पीता है, वे भी मेरे दूध को काटते हैं और बोलते हैं- रंडी दूध पिला ना!

मैं भी उन्हें चूची पिला कर अपना दूध कटवाती हूँ.

उन्हें देखते ही मेरे होंठ सूखने लगते हैं, चूत में खुजली होने लगती है.

बस मन करता है कि वे मुझे चोदने लगें और लंड पेल कर अन्दर ही पेले रहें.

उन्हें तो दिन-रात का कोई पता ही नहीं होता.

बस जब मन किया, तब मुझे चोद दिया.

वे इतनी अच्छे से चोदते हैं कि मुझे उन्हें मना करने का मन ही नहीं करता.

मैं उन्हें देखकर खुद को रोक नहीं पाती!

फिर एक दिन उन्होंने मेरी गांड मार दी.

हुआ यूं कि उस दिन मैं बाथरूम साफ कर रही थी. मेरे पूरे कपड़े गीले हो गए थे.

मेरे हसबैंड को नहाना था, तो वे भी बाथरूम में आ गए.

हम लोग दोनों बाथरूम में थे.

वे बाथरूम में आते ही मेरा गीला बदन देखकर खुद को रोक नहीं पा रहे थे.

मेरे कपड़ों के ऊपर से ही मेरे निप्पल दिख रहे थे और मेरी गांड भी दिख रही थी.

वे मुझे देखते ही एकदम पगला गए और उन्होंने खुद को बिल्कुल नहीं रोका.

वे मुझको किस करने लगे, मेरे कपड़े उतारने लगे.

मैं मना करने लगी.

मेरा मन तो मना करने का नहीं था, पर उस समय घर में सब कोई थे और हम लोग दोनों बाथरूम में सेक्स करें, ये कम अच्छा लग रहा था.

इसलिए मैं उन्हें मना कर रही थी.

पर वे मेरी कहां कुछ सुनने वाले थे!

उन्हें तो बस मेरे निप्पल दिख रहे थे.

उन्होंने मेरे कपड़े उतार दिए.

हम दोनों बाथरूम में पूरे नंगे हो गए

मेरे इतने बड़े-बड़े बूब्स हैं कि उन्हें देखते ही वे खुद को रोक ही नहीं पाते.

वे उन्हें काटने लगे.

मैं भी मजा लेने लगी.

मैं उनके 8 इंच के लंड को चूसने लगी.

उनका लंड आज कुछ ज्यादा ही मोटा और लंबा लग रहा था.

मैं उसे चूसने लगी … चूस-चूस कर मैंने लंड को खड़ा कर दिया.

उन्होंने मुझे डॉगी बना दिया और अपने लंड में शैंपू लगा कर मेरी गांड में लंड डाल दिया.

लंड गांड में गया तो मुझे बहुत दर्द होने लगा.

मैं आवाज निकलने लगी- आआह… गलत जगह डाल दिया है आह रुको!

वे मेरी गांड मारने के मूड से ही आए थे तो मेरे दूध मसलते हुए बोले- सही जगह घुसेड़ा है मेरी रंडी … साली आज तेरी गांड मारने का मन कर रहा था.

यह कहते हुए वे अपने लंड को मेरी गांड में अन्दर-बाहर करने लगे थे और उंगली चूत में डाल रहे थे.

जब मैं ज़्यादा आवाज करने लगी तो उंगली को मुँह में डाल दिया और मेरे बाल खींचकर बोलने लगे- साली रंडी! आज तेरी गांड फाड़ दूंगा … तेरी चूत का भर्ता बना दूंगा!

वे तेज रफ्तार से गांड में लंड डालने लगे.

ऐस्सहोल फक से हुए दर्द से मैं तड़फ उठी थी और तेज-तेज आवाज करने लगी.

मैं सब भूल गई थी कि घर में कोई है.

कुछ देर के बाद मुझे गांड मरवाने में मजा आने लगा और अब मैं पूरा मजा लेने लगी थी.

मैं भी बोलने लगी- आह और चोदो मुझे! मेरी गांड को फाड़ दो!

फिर कुछ देर बाद मेरे पति ने मुझे बाथरूम के फर्श पर ही लिटा दिया और मेरी चूत में लंड घुसा दिया.

वे निप्पलों को मींजने लगे और तेज रफ्तार से लंड को चूत में धकेलने लगे.

मैं भी साथ में अपनी गांड को धकेलने लगी.

उन्होंने पूरा पानी मेरी चूत में ही छोड़ दिया.

वे चुत में पानी निकाल कर मुझसे बोल रहे थे- आह … साली रंडी बन गई है तू … रंडी जैसी चुदवाती है!

मैं भी शर्मा गई.

फिर हम लोग साथ में नहाकर रूम में गए.

वहां पर वे तौलिए से अपना जिस्म पौंछ रहे थे तो मैं उनकी बॉडी को देखकर खुद का कंट्रोल खो रही थी.

उनका इतना आकर्षक जिस्म देख कर मेरी चुत में चुनचुनी होने लगी थी.

उनके सीने के छोटे-छोटे निप्पलों को देख कर बस मेरा मन कर रहा था कि उनके निप्पल को काट लूं.

उनके लटके हुए लंड को देखकर मुझे अच्छा नहीं लग रहा था, उसे खड़ा करने का मन होने लगा.

इतना सोचते-सोचते मेरी चूत गीली हो गई.

मैं उनको बेड पर लेकर गई और उनके ऊपर जाकर बैठ गई, उनके निप्पल को चूसने लगी.

वे मुझसे बोलने लगे- क्या हुआ रंडी? अभी प्यास नहीं बुझी?

मैं बोली- ये बुझने वाला चीज ही नहीं है!

मैं निप्पल चूसते-चूसते चूत को लंड पर रगड़ने लगी, लंड को चूसने लगी और चूस-चूस कर उसे खड़ा कर दिया.

फिर मैं 69 पोज में आ गई.

मैं उनका लंड चूसने लगी.

वे भी मेरी रसीली चूत को चूसने लगे और जीभ अन्दर डाल कर रस पीने लगे.

हम दोनों ने एक दूसरे को बहुत देर तक चूसा.

चूस-चूस कर मैंने उनका लंड खड़ा कर दिया और वे मेरे ऊपर चढ़ गए.

उन्होंने मेरी चूत में लंड पेल कर उसका भर्ता बना दिया.

फिर वे बोले- आज तू कर जो तुझे करना है!

मैं अपने पति के खड़े लंड को पकड़ कर उस पर अपनी चुत फंसा कर बैठ गई.

लंड सरसराता हुआ चुत की जड़ तक घुस गया और मैं अपनी गांड को ऊपर-नीचे करने लगी.

मैं बार बार चुत का डायरेक्शन बदल बदल कर लौड़े से चुद रही थी.

कभी आगे मुँह करके बैठ जाती तो कभी पीठ दिखाती हुई बैठ जाती.

वे मेरे दूध और गांड के साथ खेलते हुए मुझे चोद रहे थे और मैं भी तेज-तेज रफ्तार से लौड़े के ऊपर-नीचे करती हुई चुत की खुजली को मिटाने लगी थी.

फिर कुछ देर बाद मेरे पति ने मुझे खुद ही लंड के ऊपर से हटा दिया और बेड पर चित लिटा दिया.

अब वे मिशनरी पोज में आकर मेरी चूत में लंड डालकर बहुत तेज रफ्तार से अन्दर-बाहर करने लगे.

मेरी और तेज आवाजें निकलने लगी थीं ‘आआहह .. ओह .. जोर जोर से चोदो डियर आह मजा आ रहा है!’

मेरी कामुक आवाजें निकलने लगी थीं.

वे भी मुझे पेलते हुए बोलने लगे- आह साली रंडी… आज तो तेरी चूत को फाड़ ही दूंगा … बहन की लौड़ी ने बहुत प्यास जगा दी है … आज .तेरी भी सारी प्यास बुझा देता हूँ!

ये सब बोलते हुए वे और तेज गति में मेरी चुत की चुदाई करने लगे.

उस समय मुझे बहुत अच्छा लग रहा था.

उस दिन पहली बार इतनी वे तेज रफ्तार से मुझे चोद रहे थे.

मेरे पूरे शरीर में झटके लग रहे थे.

मेरा पूरा शरीर का एक-एक पार्ट थक गया था.

मगर वे किसी पगलाए सांड की तरह मुझे चोदते जा रहे थे.

न जाने कितनी देर के बाद उनका पानी निकला और तब जाकर उनका मोटा सा लंड मेरी चूत से निकला.

आज तो हम दोनों ही बहुत ज़्यादा थक गए थे … दोनों पूरे पसीने-पसीने हो गए थे.

वे हंस कर बोले- कैसा लगा मेरा प्यार?

कुछ देर आराम करने के बाद हम दोनों एक बार फिर से नहाने घुस गए और नहा कर कमरे में आकर नंगे ही लिपट कर सो गए.

इसके बाद तो उन्होंने रोज का नियम बना लिया था कि पहले वे मेरी गांड में लंड पेलते और उसके बाद मेरी चुत चोदते. मुझे भी अब उनसे अपनी गांड मरवाने में मजा आने लगा है.

दोस्तो, चूंकि यह मेरे पति के साथ मेरी चुदाई की कहानी है तो आप समझ ही रहे होंगे कि इसमें लेशमात्र भी झूठ नहीं है.

ऐस्सहोल फक स्टोरी में आपको मजा आया होगा, प्लीज जरूर बताएं.

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