अन्तर्वासनापूर्ण

धूम्र.पान, तंबा.कू और न.शीले पदार्थों से कैसे बचें

0 बार पढ़ी गई5 मिनट का पाठलगभग ९ घंटे पहले

भारत में युवाओं— विशेषकर स्कूल, कॉलेज और यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट्स को धूम्रपा.न, तंबा.कू और न.शीले पदार्थों से बचाने के लिए सिर्फ डर पैदा करना पर्याप्त नहीं है; उन्हें यह समझाना जरूरी है कि लोग पहली बार क्यों फँसते हैं, सामने वाला किस तरह दबाव बनाता है और ऐसी स्थिति में क्या जवाब देना चाहिए।

इस जानकारी को ध्यान से सुनें.

1. न.शे से बचने के लिए युवाओं को कौन-कौन सी सावधानियां रखनी चाहिए?

सबसे पहली सावधानी— “पहली बार में ही मना करें, नहीं, मुझे नहीं लेना है.”

न.शे में लिप्त लोग अपने साथियों को यह कहकर फंसाते हैं कि सिर्फ एक बार … कुछ नहीं होगा … बस एक बार ट्राई करके देखो।

वे पहली और दूसरी बार मुफ्त में भी आपको ये बुरी चीजें दे देंगे.

वे इसलिए मुफ्त देते हैं कि उनको यही चीजें बाद में आपको महंगे दाम पर बेचनी हैं.

इसलिए किसी से भी किसी भी अनजान गोली, पाउडर, सिग.रेट, वेप या दूसरे न.शीले पदार्थ को प्रयोग के लिए स्वीकार न करें।

आप अपने दोस्तों का चुनाव सोच-समझकर करें।

जिस ग्रुप में न.शे को स्टाइल, मर्दानगी, आधुनिकता या मनोरंजन का प्रतीक बनाया जाता हो, उससे दूरी रखना समझदारी है।

लड़के लड़कियों को ऐसे छोटे और स्पष्ट जवाब देने चाहिए:

* “नहीं, मुझे इसमें रुचि नहीं है।”

* “मैं न.शा / स्मोकिंग नहीं करता।”

* “तुम लोग करो, मैं जा रहा हूँ।”

* “मेरी पढ़ाई और हेल्थ मेरे लिए ज्यादा महत्वपूर्ण हैं।”

ऐसी पार्टियों या स्थानों पर सावधान रहें जहाँ न.शीले पदार्थ आसानी से उपलब्ध हों।

विशेषकर ऐसी जगह जहाँ खाने और पीने की चीजें बिना किसी की देख रेख के रखी हुई हों.

कोई व्यक्ति जबरदस्ती कुछ खिलाने-पिलाने की कोशिश करे तो साफ़ मना कर दें।

अगर कोई युवा किसी मानसिक परेशानी, तनाव, असफलता, ब्रेकअप, अकेलापन, परीक्षा का दबाव या पारिवारिक समस्या को झेल रहा है तो इस समय युवा ज्यादा जल्दी न.शे की लत का शिकार हो सकता है।

ऐसे समय माता-पिता, भाई बहन, शिक्षक, काउंसलर या भरोसेमंद मित्र से बात करना बेहतर है— न कि न.शे को “तनाव दूर करने का तरीका” बनाना।

सोशल मीडिया पर दिखाई जाने वाली ‘कूल’ छवि पर भरोसा न करें।

फिल्म, रील या सोशल मीडिया में smo.king/dru.gs को आकर्षक दिखाया जाना उसके वास्तविक नुकसान को नहीं दर्शाता।

युवाओं को तंबा.कू, न.शीले पदार्थ से दूर रखने के लिए स्कूल-आधारित जागरूकता और *refusal skills* यानी दबाव में भी “ना” कहने की क्षमता विकसित करना महत्वपूर्ण है।

2. न.शे की लत लगाने वाले लोग कौन-कौन से हथकंडे अपनाते हैं?

यह हिस्सा युवाओं को विशेष रूप से समझाना चाहिए। आम तौर पर शुरुआत सीधे “न.शा करो” कहकर नहीं, बल्कि विश्वास और सामाजिक दबाव के माध्यम से हो सकती है।

“सिर्फ एक बार ट्राई करो”

पहला कदम बहुत छोटा दिखाया जाता है ताकि व्यक्ति खतरे को गंभीर न समझे।

“इससे कुछ नहीं होता” / “यह तो हल्का है”

हानिकारक पदार्थ को सामान्य या सुरक्षित बताने की कोशिश की जाती है।

“सब लेते हैं”

व्यक्ति को यह महसूस कराया जाता है कि अगर उसने मना किया तो वह दोस्तों से अलग या पिछड़ा हुआ लगेगा।

“तुम डरते हो क्या?”

मजाक उड़ाकर या चुनौती देकर निर्णय लेने पर मजबूर किया जाता है।

“पढ़ाई का तनाव खत्म हो जाएगा”

न.शे को तनाव, चिंता, नींद या मानसिक परेशानी का समाधान बताने की कोशिश की जा सकती है।

“तुम्हें इसकी आदत नहीं लगेगी”

यह बहुत खतरनाक आश्वासन है। किसी पदार्थ की निर्भरता का जोखिम व्यक्ति और पदार्थ दोनों पर निर्भर करता है।

पहले मुफ्त देना, बाद में पैसे मांगना

किसी पदार्थ को “फ्री” या “दोस्तों की तरफ से” देकर प्रयोग की आदत डालने की कोशिश हो सकती है।

बात को गुप्त रखने का भरोसा दिलाना

जैसे—”घर पर किसी को पता नहीं चलेगा”, “मैं किसी को नहीं बताऊंगा।”

इमोशनल कमजोरी का फायदा उठाना

अकेलापन, प्रेम-संबंध की समस्या, परीक्षा में असफलता, पारिवारिक तनाव या आर्थिक / सामाजिक परेशानी के समय व्यक्ति को प्रभावित करना।

न.शा बेचने वाले अपने शिकार युवाओं को यह विश्वास दिलाते हैं कि वह कभी भी छोड़ सकता है।

लेकिन निकोटीन सहित सभी न.शीले पदार्थ लत पैदा कर सकते हैं, युवा को अत्यधिक addictive बनाता है।

3. माता-पिता और शिक्षकों को क्या करना चाहिए?

सबसे महत्वपूर्ण बात है बच्चे से पूछताछ डांट-डपट, मार-पीट करने के बजाय बात करें.

* बच्चे के मित्रों और सामाजिक वातावरण को समझें।

* अचानक व्यवहार, पढ़ाई में गिरावट, पैसे की असामान्य मांग, घर से दूरी, अत्यधिक गोपनीयता या संदिग्ध नए समूह जैसे बदलावों को नजरअंदाज न करें।

* लेकिन केवल इन संकेतों के आधार पर बच्चे को “न.शेड़ी” घोषित भी न करें।

* समस्या दिखे तो शांत होकर बात करें।

* स्कूल/कॉलेज में counsellor या trained professional की सहायता लें।

* न.शे की समस्या सामने आने पर शर्मिंदा करने या सामाजिक रूप से अपमानित करने के बजाय उपचार और पुनर्वास पर ध्यान दें।

4. युवाओं के लिए एक सरल “5 नियम”

जानकारी रखो → पहली बार मना करो → गलत संगति से बचो → तनाव में मदद मांगो → समस्या होने पर तुरंत बताओ।

और एक महत्वपूर्ण संदेश: अगर कोई छात्र पहले से smoking या किसी न.शीले पदार्थ का सेवन शुरू कर चुका है, तो उसे “अब तो आदत लग गई” सोचकर छोड़ देना नहीं चाहिए। मदद लेने में देर नहीं करनी चाहिए।

इसका इलाज करके न.शे की लत छोड़ी जा सकती है.

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