मामी ने अपनी बेटी को मेरे साथ सुहागरात मनाने भेजा
बहन भाई सुहागरात कहानी में मेरी ममेरी बहन हमेशा के लिए मेरे साथ रहने की जिद करने लगी. मैंने मामी को बताया तो उन्होंने हम दोनों की सुहागरात मनवा दी.
दोस्तो, मैं आपको अपनी भाई बहन सेक्स कहानी में एक बार अपनी ममेरी बहन मेघा की मम्मी यानी अपनी मामी की चुदाई का मजा भी लिख चुका हूँ.
उस सेक्स कहानी
गर्म मामी की चूत चाट कर चोदी
पर आपके बहुत मेल आए, पढ़कर अच्छा लगा.
अब आगे बहन भाई सुहागरात कहानी का मजा लीजिए.
एक दिन मेघा ने मुझसे कहा- भैया, मेरा आपके साथ ही रहने का मन करता है.
मैंने उसे समझाया कि ऐसा पॉसिबल नहीं है.
उस दिन से वह मुझसे काफी अपसेट रहने लगी और हम लोगों के बीच में थोड़ी दूरियां आने लगीं.
यह बात मामी को अच्छे से समझ आ रही थी लेकिन इसके लिए वे भी कुछ नहीं कर सकती थीं.
फिर मैंने और मेघा ने एक प्लान बनाया.
मेघा को एक दिन पेट में दर्द हुआ और मामी ने उसे मेरे साथ डॉक्टर के पास भेज दिया.
हम दोनों ने मामी से झूठ बताया कि मेघा को एक बीमारी है जो सिर्फ शादी के बाद ही ठीक हो पाएगी.
मामी ने पूछा- ऐसी कौन-सी बीमारी है?
तो मैंने झूठ बोलकर मामी की अपने एक दोस्त से बात करा दी कि ये डॉक्टर है.
मेरे दोस्त ने मामी को सारी बात समझा दी.
अब मामी भी रोने लगीं.
लेकिन मामा को कुछ नहीं बताया गया.
उधर मैंने अपना जॉब ट्रांसफर भी मामा के घर के पास ही ले लिया था.
एक महीना बीतने के बाद मामी ने मुझसे ही पूछा- इस बीमारी का इलाज क्या है?
मेघा सिर्फ 21 साल की थी और उसकी ऐसे बिना इलाज करवाए शादी नहीं की जा सकती थी.
मामी को मेघा की बीमारी ये बताई गई थी कि जब भी मेघा का सेक्स का मन करे तो उसे तुरंत सेक्स कर लेना चाहिए वरना मेघा को हेल्थ प्रॉब्लम हो सकती है.
एक महीने बाद मामी ने मेघा के सामने मुझसे पूछा- क्या तुम मेघा से शादी कर सकते हो?
लेकिन मैंने मना कर दिया. मैंने कहा- फैमिली में सब क्या सोचेंगे?
मैंने मामी को एक ऑप्शन दिया कि मेघा की शादी भी न हो और उसे शादी वाला सुख भी मिलता रहे.
मामी उसी वक्त हम दोनों की प्लानिंग समझ गईं लेकिन उन्होंने ऐसी एक्टिंग की जैसे उन्हें कुछ पता ही न हो.
मामी ने मेघा से पूछा- तुझे तेरा भाई कैसा लगता है?
मेघा ने बोल दिया- भैया मुझे अच्छा लगते हैं.
फिर मामी ने हम दोनों को सामने बिठाकर ये सॉल्यूशन निकाला कि मुझे और मेघा को हसबैंड-वाइफ की तरह रहना होगा.
हम दोनों ने मामी के सामने बहुत एक्टिंग की और मना कर दिया.
लेकिन मामी रोने लगीं और फाइनली हम दोनों राजी हो गए.
जबकि मुझे, मामी और मेघा तीनों को ही रियलिटी पता थी.
मामी ने मेघा को अपने रूम में बुलाया और कहा- आज रात तुम्हारी तुम्हारे भाई के साथ पहली रात होगी, इसलिए तुम एक दुल्हन की तरह सज-धज कर जाना.
फिर मामी ने मुझे बताया- आज तुम्हारी और मेघा की पहली रात सुहागरात है.
मैं मुस्कुरा दिया.
मेरे और मेघा के मन में लड्डू फूट पड़े.
फाइनली रात का वक्त आ गया.
मामी ने मेघा को दुल्हन की तरह तैयार कर दिया और मेघा को अकेले में सब कुछ समझा दिया कि पहली रात को क्या होता है.
मेघा भी पूरी तरह से रेडी थी.
उसने पूरी बॉडी की वैक्स कराई थी और हूर की परी लग रही थी.
मेघा रूम में अन्दर आ गई.
फिर मामी ने मुझे बाहर बुला कर सब बातें बताईं कि उन्हें हम दोनों का पूरा प्लान पता है.
मैंने मामी के गालों पर किस किया और रूम में चला गया.
मेघा मुझसे लिपट गई.
मैं- आज आखिर वह दिन आ ही गया.
मेघा- आज मुझे एक नई दुल्हन की तरह प्यार करना, पिछले दिनों जो हुआ, उसे भुला कर … ठीक है न!
मैं- ठीक है.
मैंने रूम की लाइट ऑफ कर दी और छोटी लाइट ऑन कर दी.
मैंने देखा कि टेबल पर लुब्रिकेशन वाला ट्यूब रखा है, उसके अलावा हथकड़ियों के जोड़े भी थे, कंडोम के पैकेट भी रखे थे.
मेघा- वाह भैया, मुझे तो लगा था आप बीवी बना कर प्यार करोगे, लेकिन आपने तो पूरी दुकान लगा रखी है.
मैं सोच रहा था कि मामी ने बहन भाई सुहागरात का सारा सामान पहले ही रख दिया था.
मैं मन ही मन खुश हो गया.
मैंने मेघा से बोला- आज तुम्हें हर तरीके से प्यार करूँगा मेरी जान.
मेघा- मुझे आज की रात पूरी तरह से अपना बना लो.
मेघा बेड पर बैठ गई थी. बेड फूलों से सजा था.
मैंने पहले मेघा की ज्वेलरी उतार दी और फिर उसके बाल खोल दिए.
मेघा सिर्फ मुझे देख रही थी.
फिर मैंने और मेघा ने धीरे-धीरे किसिंग शुरू कर दी.
हम दोनों एक महीने बाद मिले थे.
मैं मेघा की जीभ और होंठ को बहुत धीरे-धीरे चूस रहा था.
मेघा भी एक प्रेमिका की तरह मुझे किस कर रही थी.
कुछ देर बाद मैंने मेघा की चोली उतार दी.
उसने रेड कलर की ब्रा पहनी थी.
मेघा के कंधे चौड़े थे और दूध भी बड़े-बड़े थे इसलिए वह रेड ब्रा में बहुत खूबसूरत लग रही थी.
मैं- मेघा, आज तुम्हें इतना पियूँगा कि तुम खुद मना करोगी मुझे.
मेघा- मेरी जवानी सिर्फ आपके लिए है, जितनी तरह से एक लड़की को प्यार किया जा सकता है, उतनी तरह से प्यार करो आज मुझे.
फिर मैंने मेघा की रेड ब्रा उतार दी. उसके दोनों मोटे-मोटे दूध उछल कर बाहर आ गए और पिंक निप्पल मुझे ललचाने लगे.
मैंने मेघा के एक दूध को मुँह में भर लिया और प्यार से मेघा के दूसरे दूध को मसलते हुए पहले को पीने लगा.
मेघा- आह्ह.
मैं- बहुत खूबसूरत हो तुम मेघा!
मेघा- उम्म … प्यार करना तो कोई आपसे सीखे.
मैंने मेघा के दूध हाथ में लेकर मसल भी रहा था और चूस भी रहा था.
मेघा- आह्ह भैया.
मैं मेघा के निप्पल के चारों तरफ जीभ घुमा रहा था.
मेघा- म्म्म्म बहुत तड़प मच रही है.
मैं- मेघा, इतनी ज्यादा खूबसूरत हो तुम कि क्या करूँ मैं!
मेघा- ऐसे ही प्यार करो … मुझे पूरा दुल्हन वाला फील चाहिए.
मैंने करीब 20 मिनट मेघा के दोनों दूध मसले और निप्पल पिए.
उसके दूध काफी टाइट हो गए थे.
मेघा- मुझे पूरी तरह गीला कर देते हैं आप!
मैंने हंस कर उसे चूमा और उसका लहंगा भी उतार दिया.
फिर अन्दर वाली शॉर्ट्स भी.
अब वह सिर्फ रेड पैंटी में थी.
मेघा- आप मुझे ऐसे कई बार देख चुके हैं, लेकिन आज मैंने पूरी बॉडी वैक्स कराई है ताकि आपको और ज्यादा सुंदर लग सकूँ … और आपको पूरे मजे दे सकूँ.
मैं मेघा पूरे बेड पर सिर्फ रेड पैंटी में लेटी थी.
मैंने टेबल पर रखी हथकड़ी उठाई और मेघा के दोनों हाथ-पैर बाँध दिए.
मेघा- आज तो कुछ ज्यादा ही रोमांटिक हो रहे हो!
मैं- आज हम दोनों की सुहागरात है, रोमांटिक तो होना ही पड़ेगा.
मैंने मेघा की पैंटी उतार दी और दोनों जांघें फैला दीं.
मैं- आज तुम्हारा पूरा पानी पी जाऊंगा मेरी जान.
मेघा- भैया, चुसवाने से बहुत गुदगुदी होती है.
मैं- चुसवाने में मजा भी तो आता है तुम्हें.
मैंने मेघा की चूत की फांकें खोल कर जीभ से चाटनी शुरू कर दी.
मेघा- म्म्म …
मैं- मेघा, बहुत मुलायम चूत है तुम्हारी आज पूरा रस पी जाऊंगा इसका!
मेघा- आआआह्ह.
मैंने एक उंगली मेघा की चूत में डाली और उसकी चूत के दाने को मसला.
इससे मेघा तड़प उठी- आह मार डालोगे आप तो!
अब मैंने मेघा की चूत को खोल कर मुँह में भर लिया और चूसने लगा.
मेघा- आह्ह्ह क्या कर रहे हो? बहुत गुदगुदी हो रही है.
मैं- मुझे पीने दो.
मेघा ने अपनी दोनों टांगें फैला दीं- आह चाट लो जितना मन करे!
मैंने मेघा की पूरी चूत मुँह में भर कर चूसनी शुरू कर दी.
मेघा- आआ आह्ह्ह भैया, आह्ह आराम से … बहुत तड़प उठ रही है.
मैं- तुम्हारी जैसी हुस्न की परी को आराम से प्यार नहीं कर सकता मैं!
मेघा- तो खा जाओ मेरी चूत को.
मैं- खा ही तो रहा हूँ.
मेघा- मेरी चूत पीना आपको बहुत अच्छा लगता है.
मैं- तुम्हारे शरीर का हर एक अंग पीने में बहुत मजा आता है.
मेघा- आह जी भरके पी लो मेरी चूत का पानी!
मैंने करीब 20 मिनट मेघा की चूत चूसी.
मेघा- भैया, मेरी चूत का रस पियोगे?
मैं- क्या निकलने वाला है?
मेघा- हां … खूब बेरहमी से चुत को पियो, तब निकलेगा.
मैंने मेघा की कमर के नीचे तकिया लगाया और मेघा की चूत को खाने लगा.
मेघा- म्म्म … आआ आह्ह्ह और तेज और तेज.
मैं मेघा की दोनों जांघें कसके पकड़े था और चूत को मुँह में भर के कस-कस चूस रहा था.
मेघा छटपटा रही थी.
कुछ ही देर में मेघा की चूत से गाढ़ा-गाढ़ा ऑर्गेज्म निकल गया.
मैंने पूरा रस पी लिया और चूत चाट कर साफ़ कर दी.
मेघा इतने में ही एकदम पसीने-पसीने हो गई थी.
मैंने मेघा की हथकड़ी खोल दी.
मेघा- मुझे आपका वाला पीना है.
मैं हां में सर हिला दिया.
मेघा बेड पर बैठ गई.
मैंने अपना लंड मेघा के हाथ में दे दिया और मेघा लंड को आइसक्रीम की तरह चाटने लगी.
मेरा लंड एकदम टाइट था.
मैंने मेघा के बाल पकड़े और लंड मेघा के मुँह में पूरा अन्दर-बाहर होने लगा.
लंड काफी लंबा था तो मेघा के गले के अन्दर तक आ जा रहा था.
मेघा- भैया, आज तो ये बहुत लंबा लग रहा है.
मैं- इसी से पूरी रात काम करना है तुम्हारा.
मेघा- मैं तो रेडी हूँ.
मैं काफी तेज-तेज लंड मेघा के मुँह में चला रहा था और थोड़ी देर में मैंने मेघा के चेहरे पर पिचकारी मार दी, उसका फेस गीला कर दिया.
मेघा ने सारा लिक्विड चाट लिया.
अब मैं और मेघा बिस्तर पर पूरा नंगे लेटे थे.
हम लोगों ने 5 मिनट लेटे-लेटे बातें कीं.
फिर मेघा बोली- भैया, मुझे अपनी ये सुहागरात यादगार बनानी है.
मैं- वह कैसे?
मेघा- डर्टी टॉक कीजिए न मेरे साथ.
मैं- मेघा, तुम्हें एक बात बतानी है, लेकिन तुम ये बात किसी से नहीं कहोगी.
मेघा- कौन-सी बात?
मैं- मेरे और तुम्हारे बारे में मामी को सब मालूम है.
मेघा ने अपनी आंखें बड़ी कर लीं- मतलब उनको पता है कि हम लोग नाटक कर रहे हैं बीमारी का?
मैं- हां.
मेघा- तो वे राज़ी क्यों हो गईं?
मैं- वे चाहती हैं कि तुम जवान हो और मैं तुम्हारा ख्याल रखूँ. वरना तुम किसी बाहरी को बॉयफ्रेंड बना लोगी और फैमिली की बदनामी होगी.
मेघा- अच्छा ये बात मम्मी ने खुद बोली आपको?
मैं- हां.
मेघा- मुझे क्यों नहीं बोला उन्होंने?
मैं- तुम उनकी सगी बेटी हो, तुमसे ये सब बातें नहीं बोल सकतीं वे!
मेघा- मतलब आपने मम्मी से ये सब गंदी बातें की हुई हैं?
मैं- गंदी नहीं, लेकिन हां, सेक्स-वेक्स की बातें करने में शर्म नहीं आती अब. क्योंकि मामी थोड़ा क्लोज़ हो गई हैं मुझसे और मैं भी अब उनसे शर्माता नहीं हूँ.
मेघा- कहीं मम्मी भी तो आपको अच्छी नहीं लगने लगीं?
ये बोल कर मेघा हंसने लगी.
मैं- अब जिसकी लड़की इतनी खूबसूरत हो तो उसकी मां भी अच्छी लगने ही लगेगी.
मेघा- अरे पागल हो क्या आप!
मैं- शुरुआत तो तुमने की ना!
मेघा- मैं तो मजाक कर रही थी.
मैं- लेकिन मामी इतनी उम्र में भी हॉट लगती हैं.
मेघा- ये बात तो आपने सही कही. माल तो हैं मेरी मम्मी.
मेघा फिर से हंसने लगी.
मैं- लेकिन आज तो मस्त माल मम्मी की कांटा माल बेटी की सुहागरात है.
मेघा अब मेरे ऊपर आ गई और बोली- सुहागरात के दिन बातें कम होती हैं और एक्शन ज्यादा किया जाता है … मेरे स्ट्रॉंग भैया!
मैं- कौन-सा एक्शन ज्यादा करवाना है मेरी जान?
मेघा नशीली आवाज में बोली- आज के दिन चुत चुदाई का एक्शन ज्यादा होता है.
ये बोल कर मेघा ने मेरे होंठों को अपने होंठों में भर लिया और हम दोनों ने किसिंग शुरू कर दी.
उस वक्त मेघा पूरी नंगी थी और मेरे ऊपर थी.
हम दोनों पागलों की तरह किस कर रहे थे.
मेघा- भैया डालो ना अब. लेकिन कंडोम लगा कर करना, डॉटेड वाला … जिससे मेरी चुत की खुजली अच्छे से मिट जाए.
मैंने लौड़े पर कंडोम पहना और उसे मेघा की चूत में एक ही शॉट में पूरा अन्दर तक डाल दिया.
मेघा- आआह्ह्ह.
मेघा कुछ समझ पाती कि मैंने अपना लंड उसकी चूत में अन्दर-बाहर करना शुरू कर दिया.
मेघा- आह भैया, आज ये बहुत मोटा लग रहा है … ये कैसे हो गया?
मैं- मोटा है बहना … तब भी इतनी आसानी से चला गया अन्दर.
मेघा हंस कर बोली- वह तो आप चुत को इतना ज्यादा गीला कर देते हो कि सट से घुसता चला जाता है.
मैं हुमच हुमच कर लंड को मेघा की चूत में अन्दर-बाहर कर रहा था.
मैं- इतनी ज्यादा हॉट हो तुम कि इससे भी मोटे लंड से चोदना चाहिए तुम्हें!
मेघा गांड हिलाती हुई बोली- मुझे चोदना अच्छा लगता है आपको!
मैं- हां मुझे तुम्हें पूरी नंगी करके चोदना अच्छा लगता है.
मेघा- नंगी तो कर ही दिया है आपने मुझे पूरी … आह आह.
मेरा लंड पूरी ताकत से मेघा की चूत में अन्दर-बाहर हो रहा था और लौड़े पर लगा डॉटिड कंडोम चुत की दीवारों को मस्त रगड़ रहा था.
मैं- आह इतना गठीला बदन है तुम्हारा मेघा, इतने चौड़े कंधे, बड़े-बड़े दूध, मोटी-मोटी जांघें. तुम्हें नंगी करके चोदने का अलग ही मजा है.
मेघा- भैया, मेरी चुत में आपके लौड़े के लिए बहुत तड़प उठती है और मैं तरस जाती हूँ आपके लंड के लिए … यही वह लौड़ा है तो मेरी चुत की तड़प को अच्छे से मिटा सकता है.
मेरा लंड पूरी स्पीड से मेघा की चूत में अन्दर-बाहर हो रहा था और मेघा मेरे लंड पर मस्त उछल रही थी. उसके दूध भी झूल रहे थे.
अब मेघा ने अपने बाल अपने दोनों हाथों से पकड़ लिए थे और वह मेरे लंड पर अपनी चुत घिसती हुई मस्ती से अन्दर-बाहर करवा रही थी.
मैं- किसी हुस्न परी से कम नहीं लग रही हो तुम!
मेघा- कुछ और बोलना चाह रहे हो, बोल दो.
मैं- नहीं, सच में हुस्न परी ही लग रही हो.
मेघा- बोल दो, शर्माओ मत.
मैं- बोल दूँ?
मेघा- हां.
मैं- रंडी की तरह उछल रही हो तुम मेरे लंड पर बाल खोल कर … आह!
मेघा- अच्छा, लेकिन अभी बीवी की तरह चोद लो, फिर बाद में आपकी रंडी भी बन जाऊंगी.
अब मैंने मेघा को अपने नीचे किया और उसके ऊपर आ गया.
मैंने अपना लंड मेघा को दिखाया, वह एकदम चिपचिपा और टाइट था.
मेघा- हाआआ कितना मोटा है ये एकदम घोड़े की तरह … इतना मोटा लंड चूत में चला गया मेरी!
मैं- हां मेरी जान.
मेघा- तो जल्दी से डालिए न फिर से अन्दर.
मैंने लंड मेघा की चूत में डाला और उसकी चुदाई शुरू कर दी.
मेघा- आह्ह्ह.
मैं- मजा आया.
मेघा- मेरे ऊपर चढ़ के जब करते हो न, तो बहुत अच्छा लगता है.
मैंने मेघा के दोनों हाथ पकड़े और चुदाई तेज कर दी.
मेघा- म्म्म … और तेज भैया.
मैं- ले और तेज ले मेरी मेघा रानी!
मेघा- आह और कस-कसके चोदिए आह भैया मजा आ रहा है!
मैं मेघा के दूध चूसते हुए उसकी चूत को लगातार फुल स्पीड से चोदने में लगा हुआ था.
मेघा- आह और कस- कस के मसलो मेरे आमों को. आह और कस-कसके चोदो भैया … और अन्दर तक पेलो. आह्ह बहुत अच्छा लग रहा है … तेज भैया!
मैं- और अन्दर मेघा?
मेघा- हां और अन्दर डाल कर चोदो!
मैं- और कस के चोदूँ जान?
मेघा- हां और तेज.
मैं- आर पार निकाल दूँ क्या?
मेघा हंस दी- आप बस तेज तेज चोदो!
मैं- मेघा.
मेघा- भैया.
मैं- मेघाअआ आह!
मेघा- भैया आह … निकलने वाला है मेरा … म्म्म्म… मम्मी.
मेघा का पानी निकल गया.
दोस्तो, उस सारी रात मैं मेघा को चोदता रहा और मामी मुझे एक स्पाइ कैमरे से देखती रहीं.
आपको मेरी बहन भाई सुहागरात कहानी पढ़ कर कैसा लगा? प्लीज बताइएगा जरूर!
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