टीचर सेक्सपूर्ण

मेरी बीवी की पहली चुदाई टीचर ने की

0 बार पढ़ी गई7 मिनट का पाठलगभग ९ घंटे पहले

मेरी बीवी की चूत की कहानी में पढ़ें कि मेरी बीवी ने मुझे अपनी पहली चुदाई की पूरी कहानी सुनाई कि कैसे वो ट्यूशन पर अपने टीचर से चुदी.

मेरी पिछली कहानी

चुदी चुदाई बीवी संग चुदाई का मजा

में आपने पढ़ा कि मेरी शादी के बाद पहली रात को मुझे पता चाला कि मेरी बीवी की चूत फटी हुई थी, उसने चुदवा चुदवा कर चूत का भोसड़ा बनवा रखा था.

अब आगे मेरी बीवी की चूत की कहानी:

इस तरह हमारी सेक्स लाइफ चलती रही।

वह मजे से चुदवाती थी और मेरे ऊपर चढ़कर मुझे चोद भी रही थी।

चुदाई के वक्त मुझे ऐसा लगता था कि मैं जन्नत में हूँ।

उसका अंदाज़ ही अलग था चुदवाने का। मुझे बहुत अच्छा लगता था।

उसके चुदाई के वक्त जो फेस के एक्सप्रेशन होते थे, वह किसी पॉर्न स्टार से कम नहीं होते थे।

अब मुझे उसका साथ बहुत पसंद आने लगा था।

फिर एक दिन मैंने मोनिका से कहा, “वह कौन शख्स है जिसमें मोनिका को एक सेक्सी अप्सरा बना दिया है? क्या मुझे तुम अपनी सेक्स की शुरुआत बता सकती हो? सेक्स की शुरुआत कैसे हुई, यह बताओगी?”

मोनिका ने कहा, “जरूर! लेकिन पहले मैं मेरा चॉको बार चूस लूँ।”

ऐसा बोलकर उसने मेरा शॉर्ट उतार दिया और लंड चूसने बैठ गई।

वह आज एक अलग ही अंदाज़ में थी।

वह नीचे से ऊपर तक पूरा लंड चूसने लगी।

जब मेरा वीर्य निकलने वाला था, तब मैंने कहा, “वीर्य बाहर आ रहा है!”

उसने कहा, “आज पूरा माल मेरे बूब्स पर निकालोगे?”

मेरा वीर्य उसके बूब्स पर गिरा।

फिर उसने बूब्स पर से वीर्य उंगली में लेकर अपने फेस पर लगाया।

और जो बूब्स पर चिपक के रह गया था, उसको वहीं पर रगड़ दिया।

मैंने उससे पूछा, “फेस पर क्यों लगाया?”

तब उसने बोला, “वीर्य फेस पर लगाने से स्किन टाइट रहती है!”

फिर उसने मुझसे बोला, “मेरी सेक्स लाइफ कैसे कब शुरू हुई, वह जानना है ना आपको?”

मैंने कहा, “हाँ हाँ बेबी! मैं सुनना चाहता हूँ!”

तो उसने शुरुआत की:

जब मैं 10th स्टैंडर्ड में थी, तब ट्यूशन क्लासेस जा रही थी।

वहीं पर ट्यूशन टीचर मुझे कभी-कभी टच कर लिया करते थे।

मेरे बूब्स इस टाइम थोड़े बड़े थे और मुझे उनका टच अच्छा भी लगता था।

हम दोनों ने यह बातें नोटिस की थीं।

फिर कुछ महीने बाद मैंने कहा, “सर, मुझे एक्स्ट्रा ट्यूशन की जरूरत है।”

ऐसा बोलकर मुझे ट्यूशन सर घर पर एक घंटा और रुकने के लिए बोलते थे।

मेरे घर से परमिशन भी मिल गया था।

जब सब लड़कियाँ चली जाती थीं, फिर सर मेरा एक्स्ट्रा ट्यूशन शुरू करते थे।

इस दौरान उन्होंने मेरे बूब्स को टच किया।

मैंने कुछ भी आपत्ति नहीं की, कोई इन्कार नहीं किया।

उन्होंने हिम्मत करके मेरे शर्ट के बटन खोल दिए, मेरे निप्पल्स को टच किया।

मेरे निप्पल्स टाइट हो गए थे और बूब्स भी टाइट हो गए थे।

सर ने मेरे बूब्स से खेलना शुरू किया।

पहले दिन उन्होंने मेरे बूब्स से खेलना पसंद किया और मुझे कहा, “कैसा लगता है तुझे?’

मैं कुछ बोल ही नहीं, सिर्फ उनका मुँह के सामने देखा।

फिर कुछ पढ़ाई की और मैं घर गई।

पूरी रात मुझे नींद नहीं आई।

उनका टच कुछ अलग ही एहसास करा रहा था।

जब दूसरे दिन मैं ट्यूशन गई, तब अब मैं टीचर को एक नई नजरिया से देखने लगी थी।

अब मुझे वह मेरा हीरो लगते थे।

एक्स्ट्रा ट्यूशन टीचर के साथ क्लास शुरू हुआ।

लेकिन आज सर ने मेरे लिए कुछ खास रखा था।

उन्होंने टीवी पर ब्लू फिल्म लगाई, जो मैं पहली बार देख रही थी।

सर ने बताया, “आज सेक्स ट्यूशन होगा, जो जिंदगी के लिए भी जरूरी है।’

फिर उन्होंने बताया कि यह सब प्रोफेशनल है, लेकिन शुरुआत धीरे-धीरे करते हैं।

सर ने मेरे कपड़े धीरे-धीरे करके निकाले, मेरे बूब्स चूसने लगे और मेरे हाथ को उनके लंड पर लगाया।

उन्होंने बोला, “यह है तेरा असली हीरो!’

सर ने मुझे उनका लंड हिलाने के लिए बोला।

फिर उन्होंने मेरी चूत में लुब्रिकेंट उंगली से लगाया।

फिर उनकी उंगली मेरी चूत में आगे-पीछे करने लगे।

मुझे बहुत ही नया फीलिंग आ रहा था।

काफी देर तक वे ऐसे ही करते रहे।

उनका लंड से पानी निकला, जो चिपचिपा था।

उन्होंने कहा, “यह स्पर्म है, जो बच्चे पैदा करता है।’

ऐसा बोला और कुछ देर मेरी बॉडी के साथ खेलते रहे।

उस दिन मुझे बहुत मजा आया।

ऐसे ही चूत में उंगली डालना उन्होंने करीब 3 महीने किया।

3 महीने में वे दो-तीन उंगली डालकर मेरी चूत के अंदर-बाहर करते थे।

फिर इस दौरान उन्होंने उनके लंड का टेस्ट करवाया।

पहले जब उन्होंने उनका लंड मेरे मुँह में रखा, वह तो मुझे मिर्च-मसाला लगने लगा था।

मैंने उनको बोला।

फिर उन्होंने मुझे बताया, “तुम एकदम से पूरा लंड मुँह में मत लो। जो ब्लू फिल्म में देखा था, वैसे स्लोली-स्लोली लो। हमको बहुत जल्दी नहीं है।’

मैंने ऐसे शुरू किया।

दूसरे दिन उन्होंने उनके लंड के लिए कैडबरी मेल्ट हुई रखी थी।

उन्होंने अपने लंड पर पूरी कैडबरी लगा दी और मुझे चूसने के लिए बोला।

आज कैडबरी का टेस्ट आ रहा था।

मुझे भी अच्छा लगने लगा था।

अब कुछ समय बाद उनका साथ चाहिए था।

मुझे ऐसा लगता था कि कब ट्यूशन का टाइम हो और मैं वहाँ हूँ।

फिर एक दिन उन्होंने बताया, “तुम्हारी चूत अब लंड के लिए तैयार है। थोड़ा दर्द होगा, लेकिन लंड ले सकेगी।”

ऐसा बोलकर मेरी चूत में लुब्रिकेंट लगाया।

उन्होंने अपने लंड पर भी लुब्रिकेंट लगाया और धीरे से मेरी चूत में लंड को डाल रहे थे।

स्टार्ट में मुझे थोड़ा दर्द हुआ लेकिन लंड अंदर चले जाने से थोड़ी राहत भी मिली।

फर्स्ट टाइम उन्होंने लंड को अंदर रहने दिया और मुझे कहा, “अगर दर्द न हो तो तुम धीरे-धीरे आगे-पीछे करो।’

मैंने वैसा किया।

मुझे मजा आ रहा था।

सर मेरे बूब्स चूस रहे थे।

मुझे बहुत मजा आ रहा था।

कुछ देर बाद सर ने अपना लंड निकाल दिया और मेरे बूब्स पर वीर्य निकाला।

फर्स्ट टाइम लंड मेरी चूत में गया था।

थोड़ा दर्द भी हो रहा था।

फिर मैं घर गई।

आज मेरी चाल थोड़ी अलग सी थी।

थोड़े दर्द की वजह से मेरी मम्मी ने देखा।

उन्होंने पूछा, “आज क्यों ऐसी चल रही है?”

मैंने कहा, “हाँ, वहाँ फोड़ा हुआ है, थोड़ा दर्द कर रहा है।”

जाने क्यों ऐसा मेरे मुँह से निकल गया।

मम्मी को कुछ शक नहीं हुआ।

ऐसे ही कुछ दिन सेक्स चलता रहा मेरे सर के साथ।

फिर एग्जाम आ गए।

लेकिन मुझे सर के साथ सेक्स करना मजा आता था।

उनके बिना पढ़ाई में मन नहीं लगता था।

मैं सर के पास कोई न कोई बहाना करके चली जाती थी और उनसे चुदवा कर रहती थी।

एग्जाम खत्म होने के बाद सर उनकी फैमिली के पास उत्तर प्रदेश चले गए।

अब मैं क्या करूँ? तो कुछ न कुछ अपनी चूत में डालती थी।

ऐसे ही वैकेशन निकल दिया।

मुझे सर पर बहुत गुस्सा आता था।

मैं उनको कॉल करती थी, उनकी वाइफ से भी मैं बात करती थी।

मैं उनसे कहती थी, “सर कब आ रहे हैं? नेक्स्ट ईयर के लिए अभी से तैयारी करती हूँ।”

मैं सबकी वाइफ से भी अच्छी तरह बात करती थी।

ऐसे ही वैकेशन का टाइम खत्म हुआ।

सर ने मुझे बोल दिया था कि वह कौन सी डेट को वापस मुंबई आ रहे हैं।

ट्रेन का टाइम हुआ।

मैं घर से बोलकर निकली कि आज मैं अपनी सहेली के साथ मूवी देखने जा रही हूँ।

मम्मी से परमिशन लेकर मैं सीधा रेलवे स्टेशन चली गई।

वहाँ सर के आने से जैसे हीरा मिल गया।

मुझे ऐसा होने लगा।

मैं और सर सीधा उनके फ्लैट पर चले गए।

वहाँ जाते ही मैं सर को चूमना शुरू कर दिया।

बहुत टाइम बाद सर मिले थे और खास उनका लंड मिल रहा था।

उनकी पैंट निकालकर मैं लंड निकालकर चूसना शुरू कर दिया।

उन्होंने मुझे नंगा करना शुरू कर दिया।

हमने दो घंटे सेक्स किया।

फिर मुझे घर नहीं जाना था लेकिन जाना पड़ा।

यह थी मेरी सेक्स की शुरुआत, मेरा और ट्यूशन टीचर का।

वह दो साल रिलेशनशिप रहा।

मेरी बीवी की चूत की कहानी कैसी लगी आपको?

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