फैमिली सेक्सपूर्ण

मामू को नंगा करके पकड़ लिया लण्ड

0 बार पढ़ी गई11 मिनट का पाठलगभग ९ घंटे पहले

कार सेक्स कहानी में शादी के मैं मायके आई हुई थी कि मामू घर आये. उस वक्त मैं अकेली थी, अम्मी कहीं गयी हुई थी. मामू नहाकर आये तो मुझे उनका लंड बड़ा दिखा.

मेरा नाम आमना है दोस्तो, मैं 24 साल की एक खूबसूरत लड़की हूँ। मेरी शादी अभी कुछ दिन पहले ही हुई है।

मेरी ससुराल लोकल है इसलिए मैं मायके अक्सर आती जाती रहती हूँ।

मैं एक पढ़ी लिखी, बातूनी और बोल्ड लड़की हूँ।

मैं किसी से कुछ भी कह सकती हूँ, कुछ भी बोल सकती हूँ और कुछ भी कर सकती हूँ।

मैं न तो किसी से डरती हूँ और न ही शर्माती हूँ। मेरे मन में जो होता है मैं वह तुरंत बोल देती हूँ।

सेक्स के मामले में बहुत ओपन हूँ। कॉलेज में तो मैं लड़कों और लड़कियों की माँ बहन चोदा करती थी।

लोग मुझे गालियां देने वाले लड़की के नाम से जानते थे।

मैं लड़कों को माँ का लौड़ा कहती थी और लड़कियों को माँ की लौड़ी कहती थी।

मेरे मुंह से घर में भी कभी कभी माँ का लौड़ा और माँ की लौड़ी निकल जाता है।

मैंने ये सब अपनी अम्मी से ही सीखा है।

मेरी अम्मी भी उसी कॉलेज की पढ़ीं हैं जहाँ से मैं पढ़ी हूँ।

मेरी अम्मी आज भी मेरी तरह गालियां देने में कोई लिहाज़ नहीं करतीं।

शादी हो जाने के बाद तो मैं और ज्यादा बोल्ड हो गई हूँ।

अम्मी से मैं तब ओपन हो गई थी जब मैंने उसे अब्बा के दोस्त से चुदवाते हुए देख लिया था।

एक दिन अम्मी ने कहा- बुर चोदी आमना तूने बताया नहीं कि तेरे शौहर का लण्ड कैसा है?

मैंने कहा- अच्छा तो तू मेरे शौहर के लण्ड पर नज़रे गड़ाए बैठी हो, भोसड़ी वाली मेहर।

वह बोली- अरे इसमें क्या? मुझे पता होना चाहिए कि मेरा दामाद मेरी बेटी को संतुष्ट कर पाता है या नहीं? मेरी बेटी को उसका लौड़ा पसंद है या नहीं?

मैंने मजाक करते हुए कहा- बड़ा मस्त लौड़ा है उसका, अम्मी। उसका बस चले तो वो मेरी माँ का भोसड़ा भी फाड़ डाले?

वह बोली- तो उसको मना किसने किया है। उससे कहो यहाँ आये और फाड़ डाले मेरा भोसड़ा।

फिर हम दोनों इसी बात पर हंसने लगीं।

एक दिन मेरा छोटा मामा हैरिस आ गया। वह मुझसे केवल 4 साल बड़ा था।

देखने में हट्टा कट्टा गोरा चिट्टा था। उसका बदन कसरती था।

एक अजीब सा खिंचाव था उसके शरीर में!

मैं उससे खिंचती चली गई और कार सेक्स कहानी की शुरुआत हो गयी.

मैं उसके लण्ड के बारे में सोचने लगी।

कैसा होगा इसका लण्ड? कितना बड़ा और लम्बा चौड़ा होगा इसका लण्ड?

क्या इसका लण्ड मस्ती से चोद पायेगा मुझे?

बस मेरे मन में आया कि मैं इसे नंगा करके इसका लण्ड पकड़ लूं।

उस समय घर में अम्मी भी नहीं थीं।

वह जब नहाने के लिए बाथरूम गया तो मैं उसे बाहर बैठी हुई देखने लगी।

वह तौलिया बांध कर वापस नंगे बदन निकला तो मेरी नियत उस पर ख़राब हो गई।

वह मेरे पास आया तो मैंने उसकी तौलिया खींच ली।

वह अपना लण्ड अपनी दोनों टांगों के बीच छुपाता हुआ बोला- ये क्या कर रही हो आमना? मुझे नंगा कर दिया। मैं तेरा मामू हूँ यार। लाओ मुझे तौलिया वापस दो, नहीं तो मैं आपा से कह दूंगा।

मैंने कहा- तेरी आपा का भोसड़ा! तेरी आपा मेरा क्या उखाड़ लेगी? मैं तौलिया वापस नहीं दूंगी। तुम मुझे नंगे बहुत अच्छे लगते हो मामू यार।

जब वह बहुत गिड़गिड़ाया तो मैंने अच्छा अपने दोनों हाथ ऊपर करो और कहो- तौलिया दे दो आमना।

उसने जब हाथ ऊपर किया तो मैंने उसका लौड़ा पूरा देख लिया।

वह बोला- अब तो तौलिया दे दो।

मैंने कहा- अच्छा मुझे एक बार लण्ड पकड़ कर देख लेने दो।

वह परेशान हो चुका था और बोला- अच्छा देख लो पकड़ कर एक बार।

मैंने लण्ड मुठ्ठी में ले लिया और हिलाने लगी।

मैंने तौलिया दे तो दिया पर कहा- अब क्या करोगे तौलिया लेकर? तुम जिसे छिपाना चाहते हो वो तो मेरे हाथ में है।

यह सुनकर उसका मूड बदल गया, उसने तौलिया फेंक दी और मुझे अपनी बाँहों में भर लिया।

इतने में लौड़ा उसका पूरी तरह टन्ना उठा।

मैंने लण्ड का टोपा चूमा और फिर जबान निकाल कर लण्ड चाटने लगी।

मैंने कहा- क्या मस्त लौड़ा है तेरा मादर चोद मामा। इसे मुझसे अभी तक छुपा कर क्यों रखा भोसड़ी वाले। ऐसा ही लौड़ा मेरी चूत फाड़ सकता है।

मैं लौड़ा मुंह में भर कर चूसने लगी।

तब तक उसने भी मुझे पूरी तरह नंगी कर दिया।

मुझे गोद में उठाया और पटक दिया बेड पर, बोला- तुझे बड़ी जल्दी थी न मेरा लौड़ा देखने की बुरचोदी आमना? तो ले अब अच्छी तरह पकड़ के, चाट के, चूस के देख ले मेरा लण्ड। मैंने तेरे आगे नंगा खड़ा हूँ।

ऐसा बोलते हुए उसने मुझे नंगी कर दिया और बोला- तू तो सच में बड़ी खूबसूरत है, आमना। तेरी ये चूचियाँ बहुत बड़ी बड़ी हो गयीं है। तेरे चूतड़ बड़े मोटे मोटे हैं, तेरी गांड़ बड़ी सेक्सी हो गई है, तेरी चूत साली अच्छी तरह पकी हुई है, तेरी काली काली झांटे बड़ी सेक्सी लग रहीं हैं। अच्छा मुझे सही सही बता तू अपनी ससुराल में किस किस से चुदवाकर आई है? किस किस ने तुझे चोदा?

मैंने कहा- शौहर के अलावा मुझे मेरे देवर ने चोदा और नंदोई ने भी चोदा।

वह बोला- क्या तेरे ससुर ने लौड़ा पेला तेरी चूत में?

मैंने कहा- अभी तो नहीं पेला।

वह बोला- नहीं पेला तो अब पेलेगा। वो तुझे जरूर चोदेगा आमना।

मैंने कहा- तुम ऐसा क्यों कह रहे हो मामा? मैं इसलिए कह रहा हूँ कि उसने मुझसे पहले ही कह रखा है कि मैं एक दिन अपनी बहू की बुर लूँगा।

मैंने पूछा- उसने तुमको क्यों बताया?

वह बोला- क्योंकि मैं उसके साथ दूसरों की बीवियां चोदता हूँ।

मैंने कहा- बाप रे बाप तू तो भोसड़ी का बड़ा हरामी आदमी है, मादर चोद, तेरी बहन का भोसड़ा।

मैं उसका लण्ड पकड़े रही, उसे छोड़ा नहीं!

तो वह भी मेरी चूत की तरफ घूम गया और मेरी जांघें सहलाने लगा, चूत पर उंगलियां फिराने लगा.

फिर उसने चूत के लिप्स खोले और उसके अंदर अपनी जबान घुसा दी।

मेरे बदन में बड़ी जोर का करंट लगा।

वह मेरी चूत चाटने लगा और मैं उसका लण्ड।

मैं तो उसके मस्ताने लण्ड में खो गई थी।

हम दोनों 69 बन एक दूसरे का मज़ा लेने लगे।

लण्ड उसका साला फूलता ही चला जा रहा था।

मैं बहुत ज्यादा गरम हो गई थी।

मेरी चूत आग उगल रही थी।

मुझे लण्ड पेलवाने की बहुत ज्यादा जरूरत महसूस हुई तो मैं घूम गई।

तब मामा भी लण्ड पेलने के लिए बड़ा बेताब हो गया था।

उसने फ़ौरन लण्ड मेरी चूत पर रगड़ा और फिर गच्च से घुसा दिया अंदर।

लण्ड सर्र से पूरा अंदर घुस गया.

मुझे बड़ा अच्छा लगा।

उसने भी मज़ा लिया और फिर वह जल्दी जल्दी पेलने लगा, जल्दी जल्दी चोदने लगा।

मुझे पता चल गया कि मामा भोसड़ी का बहुत बड़ा चोदू है। पता नहीं किस किस को चोदे बैठा है।

मैं तो सच में अपनी टाँगें फैलाये हुए लौड़ा पूरा पेलवाकर चुदाने में जुट गयी।

मेरे मुंह से सिसकारियां भी निकलने लगी और गालियां भी।

कहते हैं कि जब औरत को चुदाई में मज़ा आता है तो कुछ न कुछ अल्लम गल्लम बोलती रहती है।

मैं भी बोल रही- हाय रे भोसड़ी के मामा, तू साला बड़ा हरामजादा है। अपनी बहन की बेटी चोद रहा है साले बेशरम। आआआ ऊऊऊ ऊओ चोदे जाओ मज़ा आ रहा है।

वैसे मैं पहले बहुत चुदी हुई थी पर आज मुझे मामा से चुदने में ज्यादा मज़ा आ रहा था।

मामा तो बस ठोके ही चला जा रहा था।

वैसे भी चोदने वाला जितना बेरहम हो चुदने वाली को उतना ही ज्यादा मज़ा आता है।

इतने में मामा ने पलटी मारी और जल्दी से मुझे घोड़ी बना दिया।

फिर पीछे से लौड़ा घुसेड़ कर मुझे उसी रफ़्तार से चोदना शुरू किया जैसे पहले चोद रहा था।

मैं तो सच में मन से मामा के लण्ड की गुलाम हो गई।

कुछ ही देर में मेरी चूत साली ढीली हो गई और पानी की धार निकल पड़ी।

सारी गर्मी छू मंतर हो गई.

फिर मैंने लण्ड पकड़ कर उसे आगे पीछे करने लगी।

मेरा मुंह खुला हुआ था। उसने झड़ता हुआ लौड़ा मेरे मुंह में घुसेड़ दिया।

मैं लण्ड का सारा माल पी गई और लण्ड का टोपा खूब मस्ती से चाटा।

हम दोनों नंगे नंगे बिस्तर पर लेट गए।

बड़ी राहत की सांस ले रहे थे हम दोनों।

चुदाई से जो संतुष्टि मिली थी उसी आनंद का अनुभव कर रहे थे हम दोनों।

फिर हम दोनों एक ही साथ बाथ रूम में गए और नहा धोकर वहां से बाहर नकल आये.

हम लोग कपड़े पहन ही रहे थे कि तभी मामू ने कहा- आमना, चलो आज हम लोग बाहर किसी अच्छे होटल में खाना खा कर आते हैं। आपा तो हैं नहीं। हम दोनों को ही खाना खाना है।

मैंने कहा- हां ये बात सही है। मैं जल्दी से तैयार हो जाती हूँ।

फिर थोड़ी में हम दोनों तैयार हो गए।

मामा ने अपनी कार निकाली और हम दोनों एक बड़े होटल में पहुँच गए।

होटल बड़ा शानदार था।

मुझे यकीन हो गया कि यहाँ का खाना भी अच्छा होगा।

खाना जब टेबल पर आया तो तबियत मचल गई।

हम दोनों ने बड़े इत्मीनान से खाना खाया और स्वादिष्ट भोजन का आनंद लिया।

बाहर जब निकले तो देखा कि मौसम बड़ा सुहावना हो गया है।

मामा ने कहा- चलो थोड़ा लांग ड्राइव पर निकल चलें।

फिर क्या … मस्ती में हम दोनों कार में बैठ कर निकल पड़े।

अब जब मौसम इतना बढ़िया था तो हम लोगों का मूड भी रोमांटिक हो गया।

मामू बोला- आमना, इस समय तुम बड़ी हसीन लग रही हो.

मैंने भी मजाक में कहा- तो क्या तुम मेरी चूत यहीं फाड़ोगे?

उसने एक सुनसान इलाके में गाड़ी किनारे लगा दी और पीछे की सीट को फ्लैट करके एक बेड बना दिया।

फिर हम लोग आगे बैठ गए और ठंडी हवा का आनंद लेने लगे।

थर्मस में चाय थी।

हम दोनों ने गरम गरम चाय पीना शुरू किया।

क्या मस्त नज़ारा था उस टाइम पर!

बड़ा रोमांटिक माहौल भी बन गया था।

फिर हम दोनों सीट पर लेट गए।

बात करते करते मेरा हाथ उसके लण्ड पर चला गया और उसका हाथ मेरी चूची और चूत पर।

वह बोला- आमना, आज तुम सच में बड़ी खूबसूरत लग रही हो।

उसने मुझे दबोच लिया लेकिन मैंने लौड़ा छोड़ा नहीं।

मैंने कहा- यार आज मैं तेरा लण्ड यहीं जी भर के चूसूंगी।

वह बोला- अच्छा, तुम तो बड़े सेक्सी मूड में आ गयी हो आमना।

मैंने कहा- इतना अच्छा प्राकृतिक माहौल और हम दोनों का अकेलापन और कहाँ मिलेगा।

मैंने लौड़ा चूसना शुरू कर दिया तो उसने मुझे नंगी कर दिया।

फिर खुद भी नंगा नंगा मेरे बदन से चिपक गया।

धीरे धीरे हम लोग 69 बन गए और बड़ी देर तक बने भी रहे।

फिर वह मेरे ऊपर चढ़ गया, लण्ड घुसा दिया मेरी गरम गरम चूत में।

लण्ड घुसते ही मुझे एक अद्भुत आनंद का अनुभव हुआ।

उसने सटासट चोदना शुरू किया तो मैं भी उसका साथ देने लगी।

रिश्ते में भोसड़ी का वह मेरा मामा जरूर था लेकिन वास्तव में वह मेरा चहेता बॉयफ्रेंड था।

इस टाइम उसका लण्ड बड़ा मोटा और कड़क भी लग रहा था।

उसकी चुदाई की रफ़्तार में भी तेजी थी, झटके खूब मार रहा था।

मैं भी उसे जबाब दे रही थी।

उसने मेरी दोनों टांगों के बीच अपने दोनों हाथ फंसा रखा था और घुटनों के बल बैठ कर मुझे चोदे चला जा रहा था।

मेरी गांड भी उसके निशाने पर थी।

बहन का लौड़ा मामू दो उंगली मेरी गांड में भी घुसा रहा था।

मैं चुदाई में मशगूल हो गई, कभी आँखें बंद करके चुदवाने लगती कभी आँखें खोल कर।

मैं सच में चुदाई का पूरा मज़ा ले रही थी।

चार की खिड़कियां बंद थीं, ए सी चालू था।

मगर चुदाई की गर्मी अपना कमाल दिखा रही थी।

मैंने कहा- तू साला भोसड़ी का आज मुझे रंडी बनाकर ही छोड़ेगा। आज के बाद मैं बिना चुदे एक दिन भी नहीं रह पाऊँगी।

मेरी ज़िन्दगी का यह पहला अनुभव था कार में लेट कर चुदवाना।

आखिर में जब उसने मुझे अपने लण्ड पर बैठा कर चोदा वो तो मैं आज तक नहीं भूली।

मैंने सच में कार में बैठ कर लण्ड की सवारी की और एक अच्छी सवारी की।

मैं पहले भी लण्ड पर बैठी थी पर आज जो मज़ा था लण्ड पर बैठने का वो मज़ा पहले कभी नहीं आया।

कार सेक्स यानी चुदाई के बाद हम दोनों शाम को घर आ गए।

घर में फिर चाय नाश्ता हुआ।

मेरे लिए पूरी रात पड़ी थी मामू के लण्ड का मज़ा लेने के लिए।

और मैंने रात भर लिया भी।

डिनर के पहले खूब चुदवाया और डिनर के बाद भी।

रात भर न मैं सोई और न वो सोया।

सवेरे सवेरे वह उठा और वापस चला गया।

सवेरे 9 बजे अम्मी घर आ गईं.

जब उसने पूछा तो मैंने बता दिया कि मामा तो कल ही चले गए थे वापस अपने घर!

कार सेक्स कहानी पर अपनी राय मुझे मेल और कमेंट्स में बताएं.

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