फैमिली सेक्सपूर्ण

गांव की चाची की चुदास मिटा दी- 3

0 बार पढ़ी गई14 मिनट का पाठ३ दिन पहले

चाची सेक्स कहानी में मैं गाँव गया तो चाची ने मेरी देखभाल की. हम साथ रहे तो मुझे लगा कि चाची की जवानी प्यासी है. मैं उनकी जवानी का मजा उनको चोद कर लिया.

फ्रेंड्स, मैं विराट आपको अपनी गांव वाली चाची की चुदाई की कहानी लिख रहा था.

कहानी के दूसरे भाग

चाची ने मेरे साथ सेक्स की इच्छा जाहिर की

में अब तक आप पढ़ चुके थे कि मैं चाची को चुदास से भर चुका था.

अब आगे चाची सेक्स कहानी:

फिर मैंने धीरे-धीरे किस करना शुरू किया और चाची ने भी अब मेरे होंठों को चूसना शुरू कर दिया था.

कुछ 10 मिनट तक हम दोनों खड़े-खड़े किस करते रहे.

ना तो उनके स्तन मेरे हाथ में फिट हो रहे थे, ना ही उनकी 38″ की गांड.

पर मुझे बहुत मज़ा आ रहा था.

मैं चाची से अलग हुआ और उन्हें वासना से देखने लगा.

मैं- कैसा लगा?

वे बोलीं- मैंने कभी ये सब नहीं किया. ना मिला, ना ही कभी देखा है कहीं पर. इतना अच्छा लग रहा है और मज़ा आ रहा है कि मैं बता नहीं सकती!

फिर उन्होंने मेरा हाथ पकड़ा और अपने दूध पर रखकर बोली- देख कितना तेज़ दिल धड़क रहा है!

मैंने उनके दूध को दबा दिया तो वे आह कर उठीं.

उसके बाद चाची बिस्तर पर बैठ गईं और ज़ोर-ज़ोर से सांस लेती हुई बोलीं- मज़ा आ गया विराट, ये सब भी होता है … पता ही नहीं था!

मैंने कहा- ये तो कुछ भी नहीं है. ये तो शुरुआत है.

तो वे बोलीं- और क्या-क्या होता है? जल्दी बता ना!

मैंने कहा- रुको तो चाची, सांसें तो ले लो.

वे बोलीं- नहीं, मुझे लग रहा है मैं हवा में हूँ. मन कर रहा है नाचने का!

मैंने कहा- तो चलो नाचो!

वे बोलीं- नहीं, मुझे शर्म आ रही है.

मैंने कहा- अब कैसी शर्म?

फिर मैंने गाना लगा दिया और उन्हें बिस्तर से उठा लिया.

हम दोनों ने नाचना शुरू कर दिया.

चाची एकदम पागलों की तरह कूदने लगीं, इधर-उधर नाचने लगीं.

उनके स्तन इतने ज़ोर से ऊपर-नीचे हो रहे थे कि मुझे लगा उनकी ब्रा फट जाएगी.

मैंने उन्हें कमर से पकड़ा, दीवार से लगा दिया और किस शुरू कर दिया.

चाची को शॉक और मज़ा दोनों आ रहा था. मैं दोनों हाथों से उनके स्तन दबाने लगा.

फिर मैं उनकी गर्दन और स्तनों के ऊपर किस करने लगा.

उसके बाद नीचे पेट पर किस करने लगा.

फिर उनका एक पैर अपने कंधे पर रखा और जांघों को चूमने लगा.

वे पूरी तरह से मदमस्त हो गई थीं और अपने काबू में नहीं थीं.

वे पागलों की तरह इधर-उधर हिल रही थीं, मेरे बाल खींच रही थीं … तो कभी सहला रही थीं.

ये सब उनके लिए पहली बार था.

मैंने उनकी चूत की खुशबू ली.

उनकी चुत की वह खुशबू मुझे हिला गई.

एक मस्त सी, बिना चुदी हुई सालों से, उस चूत की ताज़ी-ताज़ी महक मुझे पागल कर रही थी.

मैंने अपनी जीभ से उनकी पैंटी के ऊपर से ही चूत को चाटा.

वे ऊपर की तरफ कूदने लगीं और मुझे उठाने लगीं.

फिर वे बोलीं- क्या कर रहा है? छोड़, हट!

मैंने एक नहीं सुनी. मैंने उनकी जांघों को ज़ोर से पकड़ रखा था और चूत को चाट रहा था.

वे मुझे खींच रही थीं और अलग करने की कोशिश कर रही थीं.

कुछ मिनट तक मैं यही करता रहा.

फिर मैं खड़ा हुआ और उन्हें पीछे पलट दिया.

अब उनकी पीठ को किस करते हुए नीचे तक आया और पेटीकोट उठाकर उनकी गांड को अपने दांतों से काटने लगा, तो कभी किस करता.

चाची की पूरी चूत पानी-पानी हो चुकी थी.

वे दीवार पर अपने हाथ मार रही थीं, पीछे हाथ करके मेरे सर को अपनी गांड से धक्का देकर हटा रही थीं पर मैं हट नहीं रहा था.

मैं दोनों हाथों से उनकी गांड को दबा-दबाकर काट रहा था.

दस मिनट तक मैंने ऐसा किया.

फिर मैं खड़ा हुआ और उन्हें ऐसे ही पकड़ा.

उनकी गांड में लंड दबाकर उनकी ब्रा का हुक खोला और आगे से दोनों दूधों को ज़ोर-ज़ोर से दबाने लगा.

मैं निप्पल को दबाता, नोचता और खींचता.

चाची अब बिलकुल होश में नहीं थीं.

वे एक बार झड़ चुकी थीं और अब अपनी गांड मेरे लंड पर पीछे से मार-मार कर दबा रही थीं.

मैंने उन्हें सीधा किया और उनके दूधों पर टूट पड़ा, एक को दबाता और दूसरे को पी रहा था.

मैं पागलों की तरह दूध पी रहा था.

फिर चाची बोलीं- पियो बेटा, पी ले … सालों से ये दूध तेरे लिए ही बना है. पी और पी, पूरा मेरा दूध निचोड़ ले!

वे मेरा सर अपने दूध ज़ोर-ज़ोर से दबा रही थीं और अपनी चूत मेरे लंड पर रगड़ रही थीं.

मैंने एक-एक करके दोनों दूधों को करीब 15 मिनट तक पिया.

उनके सालों से दूध भरे हुए निप्पल्स दोबारा टाइट हो चुके थे.

अब मैं दीवार की तरफ मुड़ा और चाची से बोला- जैसा मैंने किया, वैसे ही सेम टू सेम आप भी करो.

वे समझ गईं और उन्होंने मेरे होंठों से शुरू किया.

वे मेरी गर्दन चूमने लगीं, फिर मेरे सीने और दूधों को चूसने लगीं.

मेरे पेट और नाभि में अपनी गर्म जीभ डालने लगीं.

मेरी तो पहली बार ही हालत ख़राब हो गई.

उन्होंने मेरी हाफ पैंट खोल दी.

मेरा लंड खड़ा दिखा.

चाची ने ऊपर को मुँह उठाया और मेरी तरफ देखा, फिर अंडरवियर के ऊपर से ही लंड को चूमने लगी.

उनके मुलायम होंठ और गर्म-गर्म चुम्बनों से लंड बेकाबू हो रहा था.

मैंने कहा- चाची, खोल दो इसको!

चाची ने अंडरवियर खोला और मेरा लंड बाहर कूदकर उनके चेहरे पर लग गया.

उन्होंने सख्त लंड को भनभनाता देखा, तो वे बोलीं- अब?

मैंने कहा- अब इसे अपने हाथों से पकड़ो.

उन्होंने लौड़े को पकड़ा और बोलीं- ये तो बहुत गर्म हो गया है.

मैंने कहा- तो ठंडा कर दो!

वे वासना भरी आवाज में बोलीं- कैसे?

मैंने कहा- आंखें बंद करो और अपना मुँह खोलो!

उन्होंने किया.

मैंने उनके मुँह में लंड का आगे वाला हिस्सा डाला और कहा- आंखें नहीं खोलना … इसको चूसो … और इसका मजा लो!

चाची- मैंने कभी नहीं किया, मुझे अजीब सा लग रहा है.

मैंने कहा- आप कुछ मत सोचो, बस इसको चूसो!

चाची ने मेरा लंड चूसना शुरू किया.

कुल 5 मिनट में ही मेरा पानी निकलने को हो गया.

मैंने उनके मुँह से लंड बाहर निकाल कर पानी बाहर निकाला और फिर उनके मुँह में दे दिया.

मैंने कहा- चूसती रहो!

कुछ मिनट लंड चूसने से दोबारा खड़ा हो गया.

अब चाची को भी लंड का स्वाद अच्छा लगने लगा था.

वे ज़ोर-ज़ोर से लंड चूसने लगीं और साथ में मेरी बॉल्स के साथ भी खेलने लगीं.

अब तो वे आंखें खोलकर बड़े प्यार से लंड चूस रही थीं.

दस मिनट तक चाची मेरे लौड़े को लगातार चूसती रहीं.

फिर खुद ही खड़ी हुईं और बोलीं- क्या-क्या करवा रहा है तू मुझसे?

मैंने कुछ नहीं बोला.

मैंने उन्हें बिस्तर पर लिटाया, पेटीकोट खोला, उनकी पैंटी भी सरका दी और चूत चाटना शुरू कर दिया.

चाची ने मेरा सर पकड़ा और बोलीं- अब नहीं!

मैंने कुछ नहीं कहा, बस उनकी चूत पर जीभ घुमाने लगा, दाने को होंठों से दबा कर खींचने लगा.

चाची ने तभी अचानक से मुझे ऊपर खींच लिया और बोलीं- बच्चा, तेरा मैं चूस ली ना, पर तू मेरे साथ नहीं कर सकता. मान जा … मैं नहीं चाहती कि मेरी चुदी हुई चूत को तू चाटे. बस मेरी ये बात मान ले, बाकी सब सुनूंगी तेरी!

मैंने कहा- ठीक है.

फिर मैं दूध पीने लगा.

चाची- विराट, बहुत अच्छा लग रहा है आज मज़ा आ रहा है, पर पता नहीं तुझे कैसा लग रहा है. लड़की की जगह एक औरत के साथ ऐसा कर रहा है!

मैंने कहा- आप लड़की से ज़्यादा अच्छी हो!

चाची- अच्छा सुन ना बच्चा, मेरे अन्दर आग लगी है, खुजली हो रही है अन्दर … मिटा दे न!

मैंने पूछा- कहां चाची?

तो उन्होंने मेरा हाथ खींच लिया और चूत के पास रखकर बोली- यहां.

वे मेरी आंखों में देख भी नहीं पा रही थी शायद शर्म से ऐसा कर रही थीं वे.

फिर मैंने उनका चेहरा अपनी तरफ किया और बोला- मेरी आंखों में देखिए और बोलिए क्या चाहिए आपको!

वे बोलीं- मुझे शर्म आ रही है, तू कर दे ना!

मैंने कहा- आपके मुँह से जब तक पूरा नहीं सुनूँगा, कुछ नहीं करूँगा. आपको मेरे साथ खुलकर बात करनी होगी.

वे बोलीं- तुम्हारा नीचे वाला …

मैंने पूछा- नाम?

तो वे धीरे से बोलीं- लंड …

मैंने कहा- ज़ोर से बोलिए न!

फिर वे जोश में आ गईं और बोलीं- अपना लंड मेरी चूत में डाल दे और चोद दे … इतना ज्यादा चोद कि मेरी चूत फट जाए … सालों से बंद पड़ी मेरी नसों को खोल दे मेरी चूत … ये सालों से प्यासी है. मेरी प्यास बुझा दे और इतना चोद दे कि मैं थक कर चूर न हो जाऊं … रुकना नहीं!

मैंने कंडोम पहनना शुरू किया, उनके पैरों को खोला और हवा में कर दिया.

चाची की सांसें तेज़-तेज़ चल रही थीं.

मैंने चुदाई की पोजीशन में चूत के मुँह पर लंड रखा.

मेरा लंड काफी बड़ा हो गया था और गर्म था.

उनकी चूत भी एकदम फूली हुई थी.

मैंने थोड़ी देर तक अपने लौड़े के सुपारे के साथ चूत से खेला, फिर चूत के मुँह पर लौड़ा रखकर धीरे-धीरे अन्दर डालने लगा.

चाची को दर्द शुरू हुआ.

मैं थोड़ा डालता और निकालता, फिर थोड़ा डालता और निकालता … जैसे कुंवारी चूत हो.

ऐसे करते-करते पूरा लंड चूत में घुसा दिया और रुककर पूछा- आप ठीक हो?

वह कराह कर बोली- हां!

वे दर्द से ‘उफ्फ … उफ्फ … ’ कर रही थीं लेकिन हां भी कह रही थीं.

मैंने धीरे-धीरे आगे-पीछे होना शुरू किया और चाची की चुत को प्यार से चोदना शुरू कर दिया.

कुछ 5 मिनट तक मैंने ऐसे ही किया, फिर लंड बाहर निकाला. फिर एक झटके में पूरा लंड पेल दिया.

चाची दर्द से रो पड़ी और ज़ोर से चिल्ला दीं- आह्ह्ह … उफ्फ़ क्या कर रहा है? आराम से करो ना!

मैं धीरे-धीरे शुरू हुआ और फिर तेज़ होने लगा.

अब चाची को अच्छा लगने लगा.

पर इस बार जब लंड निकाला तो वह खून से सना हुआ था.

मैंने कुछ नहीं पूछा और दोबारा डालकर ज़ोर-ज़ोर से चोदने लगा.

चाची चुदाई के पूरे न.शे में थीं.

चुदाई की आवाज़ पूरे कमरे में गूंज रही थी.

कुछ मिनट ऐसे ही चोदने के बाद मैंने उन्हें घोड़ी बनाया.

उधर जो नज़ारा दिखा, वह यहां बयान करना संभव ही नहीं होगा.

उनकी बड़ी सी गांड, उसमें एक फूल सा गांड का छेद और एक लंबी सी लाइन चूत की.

मैंने चूत को चाटा, थूक लगाया, लंड सैट किया और ज़ोर से धक्का मारा.

चाची आगे की तरफ झुक गईं, पर मैंने उनकी कमर पकड़ रखी थी और चोदना शुरू कर दिया.

मैं प्यार से और धीरे-धीरे चोद रहा था.

चाची बोलीं- ज़ोर ज़ोर से पेल ना!

तो मैं और ज़ोर से चोदने लगा.

पूरे कमरे में बस उनकी ‘आह्ह्ह … आह्ह्ह …’ की आवाज़ और ‘फच-फच’ की चुदाई की आवाज़ आ रही थी.

चाची अब अपनी गांड पीछे करके मस्ती से चुदवा रही थीं.

मुझे भी इतना ज्यादा मज़ा आ रहा था कि बता नहीं सकता.

फिर मैं नीचे लेट गया और उन्हें ऊपर ले लिया.

लंड के ऊपर वे अपने आप बैठ गईं.

अब वे धीरे-धीरे चुदने लगीं. उनके दूध मेरे मुँह से चुस रहे थे.

अब मुझ पर नियंत्रण नहीं हो रहा था.

कुछ देर बाद चाची ढीली हुईं तो मैं समझ गया कि वे शायद झड़ गई हैं या झड़ने वाली हैं.

मैंने भी उन्हें बताया कि अब मेरा होने वाला है.

लौड़े में कंडोम लगा हुआ था तो कोई चिंता नहीं थी.

तभी वे बोलीं- मेरा भी आने वाला है, तू बोल क्या करूँ?

मैंने कहा- ज़ोर-ज़ोर से चोदो मुझे आप!

फिर उन्होंने अपने दोनों पैरों को सुसु वाले पोज में सैट किया और मेरी कमर को पकड़ कर लंड पर कूदना शुरू कर दिया.

उनके दूध मेरे सामने हिल रहे थे. मैंने उन्हें पकड़ा और एक को चूसने लगा.

फिर मेरा पानी निकल गया, पर मैंने चाची को नहीं बताया.

लंड अभी भी खड़ा था और चाची चोदे जा रही थी.

कुछ मिनट में वे भी झड़ने वाली थीं. वे और ज़ोर से कूदने लगीं.

फिर वे आह आह करती हुई अचानक से रुक गईं.

मैंने उनकी गांड को पकड़ा, हल्का उठाया और नीचे से ज़ोर-ज़ोर से चोदने लगा.

वे पानी-पानी हो गई थीं और उनका पूरा माल निकल गया था.

उन्होंने मुझे अपने नीचे दबा दिया ताकि मैं धक्के न मार सकूँ.

वे मेरे ऊपर एकदम बेहोशी की हालत में गिर गई थीं और ज़ोर-ज़ोर से हांफ रही थीं.

मैं उनकी गांड पर हाथ रखकर ऐसे ही लेटा रहा. उनके दिल की धड़कन अपने दिल के पास महसूस कर सकता था.

कोई 15-20 मिनट तक ऐसे ही लेटे रहने के बाद मैंने लंड चूत से बाहर निकाल लिया.

फिर मैंने उनसे पूछा- कैसा लगा चाची?

वे कुछ भी नहीं बोल रही थीं.

मैंने दोबारा पूछा.

तीसरी बार पूछने पर वे रोने लगीं.

वे बहुत देर तक रोईं.

फिर वे बोलीं- मैं इस प्यार के लिए 15 साल तड़पी हूँ, रोई हूँ. घुट-घुट कर जी रही थी और खुद को ही जिंदगी भर कोसती रही. आज जब तूने मुझे प्यार दिया, तब जाकर अहसास हुआ कि मुझे क्या नहीं मिला था. पति आता था, अंधेरे में 5 मिनट के लिए चोद कर खुद शांत होकर चला जाता था.

मैंने उन्हें चुप करवाया और कहा- वह सब छोड़ो … अभी कैसा लगा, यह बताओ?

वे बोलीं- बहुत अच्छा लगा … बहुत हल्का-हल्का महसूस कर रही हूँ. पूरा अन्दर से लग रहा है कि बहुत भारी बोझ उतर गया.

वे अभी भी मेरे ऊपर ही थीं.

मैं उठा और उन्हें गोद में ऐसे ही बिठा कर गले से लगा लिया.

वे भी ज़ोर से गले लग गईं और बोलीं- अब मर जाऊं तो भी कोई फर्क नहीं पड़ेगा, मैं खुश हूँ.

मैंने कहा- अभी क्यों? अभी तो ये बचपन का प्यार था. अभी जवानी का प्यार नहीं लेना क्या?

वे हंस कर बोलीं- तू जो देगा सब लूँगी!

मैंने कहा- चाची, रात के 2 बज रहे हैं. सोना नहीं है क्या?

तो वे बोली- पिछले 15-20 साल से सो ही तो रही हूँ.

मैंने कहा- ठीक है, आज आपको … जब तक आप ना बोलो, तब तक आपकी भूख शांत करूँगा.

फिर हम दोनों उठ कर सुसु करने गए और वापस आकर बिस्तर पर लेट गए.

मैंने कहा- चाची, अब क्या करना है … बोलो?

तो चाची बोलीं- चाची नहीं बोल, शोभा बोल मुझे … मैं तेरी हो चुकी हूँ. शोभा बोल ना!

मैंने कहा- तो शोभा मेरी जान, तैयार हो आगे के लिए!

चाची- तेरे मुँह से अपना नाम सुनकर इतना सुख मिला, मैं बता नहीं सकती. हां, तैयार है तेरी शोभा.

मैं हंस दिया.

चाची- अच्छा, तुझे मेरे इतने बड़े दूध और गांड से फर्क नहीं पड़ता क्या?

मैंने कहा- मुझे यही तो पसंद है!

तो वे बोलीं- ऐसा चोदना कहां से सीखा?

मैंने कहा- सब बताऊंगा. अभी आप बोलो अब कैसे शुरू करें?

तो वे बोलीं- रुक, बताती हूँ.

फिर वे लंड के पास आईं, मुँह में लंड डालकर चूसने लगीं.

मेरे लंड की चुसाई से उन्होंने लौड़े को फिर से खड़ा कर दिया.

फिर लंड पर बैठकर वे सुबह 5 बजे तक बार बार चुदती रहीं.

चुदाई के बाद हम दोनों सो गए.

जब मैं उठा तो चाची नहीं थीं.

मैंने नहा कर ताज़ा होकर खाना खाया और चाची को लेकर वापस खेत में निकल गया.

चाची बहुत ही ज्यादा खुश थीं.

मैंने देखा कि रात की चूमा चाटी से उनका पूरा चेहरा लाल हो गया था.

उनकी गर्दन पर मेरे काटने के निशान भी थे जो उन्होंने साड़ी से छुपा लिए थे.

अब हम दोनों का जहां मन होता, वहां चुदाई कर लेते.

चाची तो मेरे लंड की दीवानी हो गई थीं.

गांव के खेत, बाथरूम, ट्यूबवेल, जंगल और भी बहुत जगहों पर मैंने उन्हें हुमच हुमच कर चोदा था.

फिर हमारी चुदाई के बारे में यानी चाची सेक्स कहानी का छोटी चाची को पता चल गया और उसके बाद वह कांड हुआ, जिसको जानकर आप सबको मज़ा आ जाएगा.

दोनों चाचियों ने मेरा बुरा हाल कर दिया था.

ये सब कैसे हुआ, आपके मेल मिलने के बाद अगले भाग में लिखने की सोचूँगा.

मेरी चाची सेक्स कहानी आपको कैसी लगी, सब कोई जरूर बताएं.

मेल आईडी है

धन्यवाद.

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