फैमिली सेक्सपूर्ण

लॉकडाउन में बुआ की बेटी मुझसे चुद गई

0 बार पढ़ी गई10 मिनट का पाठलगभग ९ घंटे पहले

कजन फक Xxx स्टोरी में लॉकडॉन में बुआ की बेटी मेरे घर फंस गई, उसे अपने घर की याद आने लगी, वो मेरे गले लगी. फिर धीरे धीरे कजन का रिश्ता प्रेमी में बदल गया मैंने उसकी दमदार चुदाई की।

नमस्कार दोस्तो।

मेरा नाम आशीष है, मेरी उम्र 23 साल है और मेरे लौड़े का साइज 7 इंच है।

मैं किसी भी महिला को चोद के संतुष्ट कर सकता हूं।

मैं अन्तर्वासना पर हर दिन कहानियां पढ़ता हूं.

और इसी से मुझे आज अपनी पहली सेक्स की कहानी लिखने की प्रेरणा मिली।

मैं पहली बार कहानी लिख रहा हूं तो अगर मुझसे कुछ गलती हो जाए तो मुझे माफ कर देना और मेल करके मुझे सजेशन्स देना। मैं इंतजार करूंगा।

अब कजन फक Xxx स्टोरी पर आते हैं।

ये मेरी फर्स्ट टाइम सेक्स की कहानी है जो बिल्कुल सच्ची है।

यह कहानी लॉकडाउन के समय की है, जब मैं 19 साल का था।

मेरे बुआ की बेटी जिनका नाम जूही था, वो मेरे घर किसी काम से आई हुई थी।

अचानक लॉकडाउन लगने से वो मेरे घर फंस गई।

जूही मुझसे 2 साल बड़ी है लेकिन फिर भी मैं उसे नाम से ही बुलाता था।

जूही की हाइट 5 फुट 4 इंच है और उनका शरीर 34-30-36 है।

वो बहुत गोरी भी है जिसे देखकर किसी भी लड़के के पैंट में तंबू बन सकता है और वो बिना मुठ मारे नहीं रह सकता।

मैं और जूही दोनों आपस में बहुत ज्यादा घुले-मिले थे।

साथ में हर जगह जाते थे और एक ही कमरे में दो अलग-अलग बेड पर सोते थे।

शुरुआत में जब लॉकडाउन लगा तो सब ठीक था।

हम लोग साथ में खाते-पीते थे, लूडो खेलते थे, मूवीज देखते थे और फिर सो जाते थे।

जैसे-जैसे दिन बीतते गए, जूही को उसके घर की याद आने लगी और उसे रात में नींद नहीं आती थी।

एक दिन आधी रात में वो अपने बिस्तर से उठकर मेरे बिस्तर पर आकर बैठ गई।

उसने मुझे छुआ तो मेरी नींद खुल गई।

मैंने बोला- क्या हुआ जूही? तुम सो क्यों नहीं रही हो? तुम्हें नींद नहीं आ रही क्या?

जूही- मुझे घर की बहुत याद आ रही है, मैं सो नहीं पा रही हूं।

फिर उसने मेरे बगल में सोने के लिए पूछा तो मैंने कहा- ठीक है, सो जाओ।

तो वो मेरे बगल में आकर सो गई।

कुछ दिन तक वो मेरे बगल में ही सोती रही।

एक दिन उसने कहा- आशीष, मैं तुम्हें गले लगाना चाहती हूं।

मैंने भी हामी भर दी और फिर हम दोनों आपस में गले मिले।

उसने मुझे बहुत टाइट पकड़ा था जिसकी वजह से उसके बड़े-बड़े मम्मे मेरी छाती से चिपक रहे थे।

इस वजह से मेरा लौड़ा खड़ा होने लगा और उसकी जांघों की दरार में टकराने लगा।

उसे भी इसका एहसास हो गया और वो मुझसे अलग हो गई।

मैं उस दिन से पहले किसी लड़की से इतना नहीं चिपका था तो मेरा मन भी नहीं भरा था।

मैंने उससे कहा- जूही, मैंने तुम्हारी बात मानी और तुम्हारे गले भी मिले। तुम भी मेरी एक बात मानोगी?

जूही- क्या बात है? बोलो।

मैं- मुझे तुम्हें किस करना है।

जूही- नहीं! हम लोग ऐसा नहीं कर सकते, ये गलत है।

मैं- ठीक है, तो आज के बाद तुम मुझे बात नहीं करना और मैं तुम्हारे गले फिर कभी नहीं मिलूंगा।

मैंने झूठ-मूठ का नाटक किया।

थोड़ी देर ऐसे ही बोलने के बाद वो मान गई।

फिर मैंने उसके होंठों से अपने होंठ मिलाए और मैं उसे किस करने लगा।

पहले तो वो बस खड़ी रही लेकिन फिर वो भी मेरा साथ देने लगी और हम दोनों किस करने लगे।

हमने बहुत देर तक एक-दूसरे को ऐसे ही किस किया।

फिर जब मैं उसके बूब्स को टच करने लगा तो वो मेरे से अलग हो गई और बोली- आज के लिए बस इतना ही काफी है।

इतना होने के बाद वो अपने बिस्तर पर वापस जाकर सोने लगी और मुझसे बोली- आशीष, तुम मुझे रोज़ एक हग और एक किस देना जिसकी वजह से मुझे थोड़ा अच्छा लगेगा।

मैंने भी ठीक है बोल दिया और वो सो गई।

मेरा लौड़ा तो अभी भी खड़ा था तो मैं उसकी पैंटी लेकर बाथरूम में जाकर उसके नाम की उसकी पैंटी को अपने लौड़े में लपेट के मुठ मार ली।

उसकी पैंटी धोकर रूम में ही रख दी और मैं जाकर सो गया।

अगले दिन हम दोनों एक-दूसरे से नजरें नहीं मिला पा रहे थे और उस दिन हम लोगों में ज्यादा बात भी नहीं हुई।

फिर उसी दिन रात को भी वैसा ही हुआ, और मैं फिर बाथरूम में जाकर मुठ मार ली।

ऐसा लगभग एक हफ्ते तक चला।

फिर एक दिन जब वो मेरे पास आई तो मैंने उससे कहा- मुझे अब तुम्हारे साथ सब कुछ करना है।

उसने मना कर दिया जिसकी वजह से मैं 2 दिन तक उससे बात नहीं किया।

2 दिन के बाद उसने रात में मुझसे कहा कि वो सब कुछ करने को तैयार है।

यह सुनकर मैं खुश हो गया और जोर से उसे गले लगाया।

फिर मैंने उसे चूमना शुरू किया। हम लोग लिप्स किस करने लगे।

मैंने अपनी जीभ उसके मुंह के अंदर डाल दी जिसे वो पूरी तरह से चूसने लगी।

फिर हम लोग एक-दूसरे की जीभ चूसने लगे, होंठ काटने लगे और ऐसे ही 5 मिनट तक एक-दूसरे के साथ चूमाचाटी करते रहे।

उसके बाद मैंने अपना पैंट और चड्डी उतार दी।

वो मेरे लौड़े को देखकर चौंक गई और बोली- उई मां! तुम्हारा तो इतना बड़ा है आशीष! मैं तो अभी तक वर्जिन हूं, इतना बड़ा कैसे ले पाऊंगी?

मैं- अरे जूही… तू चिंता मत कर! सब ठीक होगा। बस धीरे-धीरे देखती जा क्या-क्या होता है।

फिर मैंने उसे नीचे झुकने को बोला और वो अपने घुटनों के बल बैठ गई।

मैंने अपना लौड़ा उसके मुंह में डाल दिया।

वो किसी आइसक्रीम की तरह मेरे लौड़े को चूसने और चाटने लगी।

कभी-कभी वो मेरे टट्टों को भी मुंह में लेकर चाट लेती थी।

ऐसे ही 10 मिनट तक मेरा लौड़ा चूसने के बाद मैं झड़ने वाला था।

मैं जानता था कि उसका पहली बार है तो वो मेरा स्पर्म नहीं पाएगी।

तो मैंने उससे बोला- मेरा निकलने वाला है। तुम उसे पूरा पी जाना वरना मैं तुम्हारे साथ कुछ भी नहीं करूंगा और अभी सोने चला जाऊंगा।

उसके बाद मैंने उसका सर पकड़ के 7-8 जोर के झटके लगाए और उसके मुंह में ही अपना सारा वीर्य निकाल दिया।

वो न चाहते हुए भी मेरा सारा माल पी गई और मेरे लौड़े को चाटकर पूरा साफ कर दी।

फिर मैंने उसे खड़ा किया और धीरे-धीरे करके उसके सारे कपड़े उतार दिए।

उसे बेड पर लिटाकर पटक दिया।

फिर धीरे-धीरे करके मैंने उसके पूरे शरीर को चूमा।

उसके बाद मैं उसके बूब्स को चूसने लगा।

एक बूब्स को मुंह में लेकर चूसता तो दूसरे को हाथों से दबाता।

जिससे उसको बहुत मजा आने लगा और वो- आह!… आह!… उम्म्म… उफ्फ… करके सिसकारियां भरने लगी।

बूब्स का काम तमाम करने के बाद मैं उसके पेट से होते हुए उसकी चूत के पास गया।

मैं तो उसकी चूत देखकर एकदम पागल ही हो गया।

उसकी चूत पूरी साफ थी जैसे कि उसने आज ही अपनी झांटें साफ की हों, और एकदम गुलाबी भी थी।

पूरी तरह से चिपकी हुई थी।

मैंने जैसे ही उसकी चूत में अपनी जीभ लगाई वो सिहर उठी और उसके रोंगटे खड़े हो गए।

मैंने उसकी चूत को चाट-चाट कर पूरा गीला कर दिया।

फिर मैंने जैसे ही उसकी चूत के अंदर अपना एक उंगली डाला वो आह! की आवाज निकालकर उछल गई।

फिर मैं उसकी चूत में उंगली अंदर-बाहर करते-करते उसे चाटने लगा।

जिस कारण से वो थोड़ी देर के बाद झड़ गई।

मैंने उसका सारा रस पी लिया जो कि बहुत ही टेस्टी था।

तब तक मेरा लौड़ा भी फिर से खड़ा हो चुका था और चूत के अंदर जाने को रेडी था।

मैंने उसके दोनों टांगों को जितना हो सके उतना फैला दिया।

फिर अपने लौड़े पर वैसलीन लगाकर उसके चूत पर सेट कर दिया।

मुझे पता था वो चिल्लाएगी इसलिए मैंने पहले ही उसके लिप्स को अपने लिप्स से दबा दिया।

फिर मैंने एक झटका मारा जिसकी वजह से मेरा लंड 4 इंच अंदर चला गया।

वो अपनी आवाज को गटक गई और उसके आंखों से आंसू आने लगे।

वो अपने आप को छुड़ाने की नाकाम कोशिश करने लगी।

मैंने देखा तो उसके चूत से खू.न निकल रहा था और बेड पर भी खू.न लग गया था।

मगर मैं उसे लगातार किस करता रहा और उसके बूब्स दबाता रहा।

थोड़ी देर बाद उसे आराम हुआ तो मैंने फिर से एक झटका दिया और मेरा पूरा लौड़ा अंदर चला गया।

मैं वैसे ही उसे किस करता रहा और उसके बूब्स दबाता रहा।

थोड़ी देर बाद उसे आराम मिला तो मैं उसके होंठों से अलग हुआ।

अलग होते ही उसने मुझसे कहा- कितने बेरहम हो तुम! 2 बार में ही अपना इतना बड़ा लौड़ा मेरे अंदर डाल दिया! ब.च्ची की जान लेगा क्या?

तो मैंने कहा- इसी में तो असली मजा है मेरी जान!

और मैंने धक्का देना शुरू कर दिया।

जिससे वो सिसकने लगी- आह! आशीष… बहुत मजा आ रहा है… उम्म… उम्म्म… और तेज-तेज करो आशीष… फाड़ दो मेरी चूत को आज! आज अपनी कजन को चोद-चोद के उसे अपनी रखैल बना लो आशीष… आह! आह! आह!… उम्म… उई मां!

उसकी ऐसी आवाजें सुनकर मेरा जोश और बढ़ गया।

मैंने उसे कुतिया बनाया और पीछे से उसकी चूत में लंड पेलने लगा।

और मैंने उससे कहा- आज तुझे चोद-चोद के तेरी चूत का भोसड़ा बना दूंगा। ऐसा पेलूंगा कि तुम्हें जिंदगी भर याद रहेगा।

ऐसे ही मैं उसे चोदता रहा।

मैं लेट गया और उससे कहा कि तुम मेरे लौड़े पर आकर बैठ जाओ।

वो मेरे लौड़े पर आकर बैठ गई और उछलने लगी।

मैं भी नीचे से धक्का देता रहा और उसके दोनों बड़े-बड़े स्तनों को दबाता रहा।

फिर वो मेरे ऊपर गिर गई और मैं इसके लिप्स चूमने लगा।

फिर मैंने उसे खड़ी करके गोद में उठाकर चोदा।

और जब मैं झड़ने वाला था तो उस पोजीशन में लंड को बाहर नहीं निकाल सकता था।

इसलिए मैंने अपनी स्पीड बढ़ा दी और तेज-तेज धक्का देते-देते मैं उसकी चूत में ही झड़ गया।

उसके बाद हम दोनों ही बहुत थक गए थे और बेड पर लेट गए।

लेटकर ही मैं उसके बूब्स चूसने लगा और वो अपनी हाथ से मेरा लौड़ा और टट्टे सहलाने लगी।

हम दोनों में फिर से जोश आ गया और मैं एक बार और उसके ऊपर चढ़ गया।

उस रात मैंने उसे 3 बार चोदा।

जिसके बीच मैंने उसकी और उसने मेरी गांड़ भी चाटी।

मेरा बहन की गांड मारने का मन तो हुआ लेकिन गांड मारना इतना आसान नहीं था।

लेकिन जब लॉकडाउन खत्म होने के बाद वो अपने घर गई और कुछ दिनों बाद मैं भी उसके घर गया तो मैंने उसकी गांड भी मारी।

जिसे मैं दूसरी कहानी में बताऊंगा।

रात में ही मैंने अपना बेडशीट धो दिया था जिससे दाग पूरा तो नहीं हटा पर काम चल गया।

गर्मी का मौसम होने की वजह से रात भर में बेडशीट सूख भी गया।

अगली सुबह उससे चला भी नहीं जा रहा था।

वो बीमारी का बहाना बनाकर सोती रही।

फिर मैं मार्केट से इसके लिए पेन किलर और एंटी प्रेग्नेंट दवा लाकर उसे दे दिया।

उसके बाद जब तक वो रही तब तक मैंने उसे रोज चोदा।

आज भी जब मैं उसके घर जाता हूं या वो मेरे घर आती है तो हम लोग चुदाई करते हैं।

तो दोस्तो, आपको मेरी सेक्स कहानी कैसी लगी?

आप कजन फक Xxx स्टोरी पर अपना फीडबैक मुझे जरूर दीजियेगा ताकि मैं और भी आगे कहानियां लिखने के लिए प्रेरित होता रहूं और अपनी कहानियों में थोड़ा सुधार लाऊं।

ये मेरी ईमेल आईडी है।

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