फैमिली सेक्सपूर्ण

मामी की चूत में लौड़े का बीज बो दिया

0 बार पढ़ी गई9 मिनट का पाठ२ दिन पहले

देसी मामी चुदाई कहानी में मैं जिम करता हूँ तो मेरी बॉडी बहुत शानदार बनी हुई है. मेरी मामी मस्त माल है, मेरा लंड उनको देख कर खड़ा हो जाता था.

दोस्तो, मेरा नाम अनिल है और मैं एक बहुत ही आकर्षक व्यतित्व वाला जवान लड़का हूँ.

मैं जिम करता हूँ तो मेरी बॉडी बहुत शानदार बनी हुई है.

मेरे जिस्म की कसावट को देख कर लड़कियां मुझे एकटक देखने लगती हैं.

यह सब देख कर मुझे बड़ा अच्छा लगता है.

यह देसी मामी चुदाई कहानी तब बनी जब मैं गर्मी की छुट्टियों में अपने मामा के यहां गया था.

मामा मामी की कोई संतान नहीं थी.

ऐसा क्यों हुआ था इसका कारण मुझे नहीं पता था.

मेरी मामी मुझे देख कर बहुत खुश हुई थीं और मुझे उनकी खुशी उन्हीं लड़कियों के जैसी दिखाई दी थी जो मेरी जिम बॉडी को देख कर समझ आती है.

मामी को देखकर किसी का भी लंड खड़ा हो जाता था.

उनकी उम्र करीब 40 साल जरूर थी लेकिन वे 30 से ज्यादा की नहीं लगती थीं.

सच में वे माल थीं … उनके बड़े-बड़े दूध थे और खिली हुई गांड एकदम मोटी व बड़ी सी, जिसे देखकर किसी का भी लंड खड़ा हो जाए.

जब वे कमर मटका कर चलती थीं न … तो आह आह करके लंड से पानी निकालने का मन करने लगता था.

मैं मामी की नजरों को ताड़ते ही समझ गया कि मामी जी भी मुझे देख कर फ्लैट हो गई हैं.

उस वक्त मामा जी घर पर नहीं थे तो मैंने मामी से मजाक किया.

मैंने कहा- क्या हुआ मामी जी! आपकी नजरों में तो भूख दिख रही है!

मेरी बात सुन कर वे शर्मा गईं और बोलीं- सच में अनिल, तुमने बहुत अच्छी बॉडी बना ली है. लड़कियां तो तुम पर मरती होंगी!

मैंने कहा- हां आपकी नजरों को देख कर तो यही लग रहा है डिम्पल जी … सॉरी मामी जी!

वे अपने नाम को पुकारे जाने से बड़ी खुश हुईं और बोलीं- तुम मुझे डिम्पल ही कहो न!

मैंने कहा- हां, डिम्पल कहने में यंग गर्ल वाली फ़ील आती है न .. मामी कहने में तो ऐसा लगता है कि न जाने कितनी बड़ी उम्र की लेडी को बुलाया जा रहा है.

वे हंस दीं और मेरे करीब आकर मेरे बाईसेप्स को टच करने लगीं.

मैंने कहा- असली हैं डिम्पल रानी!

जब मैंने रानी शब्द कहा तो वे बोलीं- रानी हूँ क्या मैं?

मैंने कहा- हां अपने पति की तो आप रानी ही हो न!

वे पति का नाम सुनते ही कुछ अजीब सा रिएक्ट करने लगीं.

उनके चेहरे पर वितृष्णा के भाव आ गए.

मैंने कहा- क्या हुआ मैडम! मामा का नाम सुनते ही स्वाद खराब हो गया है क्या?

वे मुझे देखती हुई मुझमें कुछ खोजने लगीं.

मैंने कहा- क्या हुआ?

वे मेरे सीने से लग गईं और रोने लगीं.

मैं समझ गया कि मामा के बस का कुछ नहीं है वर्ना आज मामी यूं मेरे सीने से अपने दूध न रगड़ रही होतीं.

मैंने उनके बालों पर चुम्बन किया क्योंकि मैं पूरे छह फीट का हूँ और मामी सवा पांच फिट की औसत कद वाली महिला हैं.

फिर मैंने भी डिम्पल मामी को अपनी बांहों में कस लिया और उनके सीने की धड़कन को महसूस करने लगा.

वे मेरे सख्त होते हुए लौड़े को महसूस कर रही थीं शायद … और मैं खुद भी कुछ कुछ गर्म होता सा महसूस करने लगा था.

एक मिनट बाद मामी मुझसे अलग हुईं और बोलीं- मैं भी कैसी पागल हूँ कि तुम्हें बैठने के लिए भी नहीं कहा. न तुम्हारे लिए चाय पानी लाई!

मैंने उन्हें वापस अपने सीने से लगाते हुए कहा- अरे डिम्पल रानी, सीधे गुलाबजामुन खिला रही हो तो चाय पानी किस चूतिया को चाहिए!

वे हंस दीं और अचानक से उन्होंने मेरे लंड को पकड़ कर कह दिया- अपने मूसल को काबू में रखो अनिल!

जैसे ही मामी ने लौड़े को पकड़ा तो मैंने कहा- यही तो काबू में नहीं हो रहा है डिम्पल जी. इसी का इलाज तो आपसे करवाने आया हूँ!

वे हंस दीं और मेरे सीने से चिपक कर बोलीं- क्या सच कह रहे हो?

मैंने उन्हें चूमा और कहा- रातों की नींद चुराने वाली डिम्पल रानी … आपको तो मैं न जाने कबसे याद कर रहा हूँ!

वे मेरी छाती को चूमने लगीं और बोलीं- ओके मैं कोशिश करूंगी कि मेरे अनिल को गुलाबजामुन खाने को मिल जाए!

मैं हंस दिया.

तभी किसी स्कूटर के रुकने की आहट हुई और हम दोनों अलग हो गए.

कुछ देर बाद मामा जी अन्दर आ गए थे.

अब मैं मामा जी से मिला और उधर ही हम लोग बातें करने लगे.

उस दिन से मैं मामी को चोदने की फिराक में रहने लगा था और मामी भी मुझे सता रही थीं.

एक दिन की बात है, जब घर पर कोई नहीं था.

तब सिर्फ मैं और मामी ही घर पर थे.

उस दिन वे नहा रही थीं.

उनके बाथरूम की खिड़की जीने से खुली हुई थी.

उधर से अन्दर झांको तो अन्दर का नजारा एकदम साफ दिखाई देता था.

मैं उधर गया और चुपके से उन्हें देखने लगा.

बाथरूम के अन्दर मामी पूरी नंगी थीं और वे अपनी चुत में उंगली कर रही थीं.

उन्हें देख कर मैं तो सच में पागल ही हो गया था.

उन्हें देखते देखते मैंने अपना लंड निकाल लिया और जोर-जोर से मुठ मारने लगा.

तभी मेरे कंठ से आह की आवाज निकल गई और गड़बड़ हो गई.

मामी ने मुझे देख लिया और बोलीं- अरे, ये क्या कर रहे हो?

मैंने जल्दी से उधर से हट कर अपने लंड को अन्दर किया और कुछ कह ही न पाया.

मैं जीना से नीचे उतरा ही था कि मामी ने अपने जिस्म पर तौलिया लपेटी और बाहर आकर मेरे पास आकर खड़ी हो गईं.

मैं कुछ कहता तब तक उन्होंने मेरा लंड पकड़ लिया और मुझे देखने लगीं.

मैं एकदम चुप था.

वे अपनी तौलिया हटा कर नंगी हो गईं और घुटनों के बल बैठ गईं.

मैं उन्हें नंगी देखने लगा और वे मेरे आधे खड़े लंड को अपने मुँह में लेकर चूसने लगीं.

मैं हैरान रह गया.

मैंने भी मस्ती से लंड चुसवाया और कुछ देर बाद उन्हें पकड़ कर उठा लिया.

वे मेरे सीने से लग गईं और मेरे कपड़े खोलने लगीं.

उन्होंने कहा- अपना अमृत यूं ही बर्बाद क्यों कर रहे हो मेरे राजा!

मैंने कहा- अब आप मौका ही नहीं दे रही थीं डिम्पल डार्लिंग … तो क्या करता!

वे बोलीं- चलो आज अपने मन की कर लो.

यह सुनकर मैंने भी जल्दी से अपने सारे कपड़े हटाए और उन्हें उधर ही धरती पर लिटा कर 69 में उनके ऊपर झुक गया.

मैं अब उनकी चूत चाट रहा था और वे मेरे लंड को चचोर रही थीं.

मामी ने जल्द ही अपनी चुत का रस छोड़ दिया तो मैंने उनकी चुत का सारा नमकीन रस पी लिया.

अब वे मेरे लौड़े के टट्टों को चाट रही थीं, तो कभी लौड़े को चूस रही थीं.

लेकिन मेरा लंड लंबी दौड़ का घोड़ा है तो वह जल्दी नहीं झड़ता है.

मैं लौड़े पर पचास ग्राम का वजन लटका कर उसकी कसरत करता हूँ, जिस वजह से लौड़े की देर तक खड़े रहने की पॉवर बढ़ गई थी.

मामी हैरान थीं कि मेरा लंड झड़ क्यों नहीं रहा है.

वे बोलीं- यह झड़ता नहीं है क्या?

मैंने उनसे कहा- आप रहने दो, आपकी चुत इस काम को सही से करेगी. मेरा लंड चुत में आधा घंटा तक चलता है.

वे बोलीं- बहुत खूब … इससे तो आज मेरी जोरदार चुदाई होगी.

मैंने कहा- हां क्यों नहीं.

बस हम दोनों 69 से सीधे मिशनरी पोज में आ गए और मैंने मामी की चुत में अपना मोटा लंड लगा दिया.

मामी की चुत लंड की गर्मी पाकर खिल उठी थी और लंड को अन्दर लेने के लिए मचल रही थी.

उनकी झड़ी हुई चुत फिर से फड़क उठी थी.

मैंने मामी के होंठों को अपने होंठों में भरा और कुछ देर चूम कर उन्हें चुदास से भर दिया.

वे बोलीं- अब पेल भी दे न!

मैंने उनसे कहा- आपकी फट जाएगी!

वे शोखी से बोलीं- तो फाड़ दे न!

मैंने कहा- तो लो … झेलो.

यह कह कर मैंने वापस अपने मुँह से मामी के मुँह को दबाया और झटका दे दिया.

मामी की चुत चिर गई और मेरा आधा लौड़ा चुत को फाड़ता हुआ अन्दर घुस गया.

वे मुँह बंद होने से चिल्ला तो न सकीं, लेकिन उनकी छटपटाहट बता रही थी कि उन्हें काफी दर्द हो रहा था.

मैंने उनके दर्द की परवाह न करते हुए लंड को बाहर खींच कर वापस एक और करारा झटका दे मारा.

मामी की चुत के चिथड़े उड़ गए थे और मेरे लंड ने उनकी बच्चेदानी में जाकर अपना सर मार दिया था.

मैं मामी को अपनी मजबूत भुजाओं में कसे हुए यूं ही पड़ा रहा और उनके होंठों का रस चूसता रहा.

कुछ देर बाद मैंने मुँह से मुँह हटाया तो वे रो पड़ीं और कहने लगीं- तुमने तो सच में मेरी चूत फाड़ दी.

मैंने कहा- चलो चुप हो जाओ डिम्पल डार्लिंग … अब अगली बार से चुत नहीं फटेगी. अगली बार गांड फाड़ूँगा.

वे दर्द में भी हंस दीं और कराहती हुई बोलीं- अभी कुछ मत करना. ऐसे ही पड़े रहो.

मैं समझ गया और उनके दूध चूसने लगा.

मस्त रसीली चूचियों को चूसा तो मामी को मजा आने लगा और उनकी चुत से कुछ रस निकलने लगा.

इससे लंड को राहत मिल गई और मैंने हल्के हल्के से झटका देना शुरू कर दिया.

आधा घंटा तक मैं मामी की चुत की भोसड़ा बनाने के अंदाज में चुदाई की.

वे तीन बार झड़ चुकी थीं, तब मेरे लौड़े से पानी निकलने को हुआ.

मैंने उनसे पूछा- पानी निकलने वाला है मामी … किधर लोगी!

वे बोलीं- चुत के अन्दर ही अनलोड कर दो.

मैंने कहा- बेबी हो जाएगा!

वे बोलीं- यदि तेरे मामा जी नहीं चाहते, तो तुम मेरे ऊपर आज चढ़ ही न पाते!

उनके मुँह से यह सुनकर मैं अवाक रह गया.

फिर मैं समझ गया कि मामी को बच्चा नहीं हुआ था इसलिए मामा जी ने मामी को मेरे साथ चुदने की छूट दे दी थी.

मैंने उनकी चुत में ही अपना लावा निकाल दिया और उनके बाजू में लेट गया.

उस दिन मामी ने मामा को कह दिया कि आज की रात आप दूसरे कमरे में सो जाओ.

मैं मामी के साथ चुदाई में लग गया और पूरी रात भर उनकी चुदाई चलती रही.

अब मामी पेट से हो गई हैं और जल्द ही मेरे वीर्य से बच्चे को जन्म देंगी.

हम दोनों को अभी चुदाई का मौका है, दो महीने के बाद चुदाई नहीं होगी.

इसलिए हम दोनों खूब चुदाई करते हैं.

दोस्तो, यह एकदम सच्ची सेक्स कहानी है.

देसी मामी चुदाई कहानी आपको कैसी लगी, प्लीज मुझे मेल करके जरूर बताएं.

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