फर्स्ट टाइम सेक्सपूर्ण

मेरे बालम का लंड गोरा चिट्टा 8 इंच का

0 बार पढ़ी गई10 मिनट का पाठलगभग ९ घंटे पहले

फर्स्ट नाईट डिफ्लोरेशन स्टोरी में मैं बहुत भरे बदन की सेक्सी माल हूँ. मेरी शादी भी ऐसे ही सेक्सी पुरुष से हुई. हमारी सुहागरात को मैंने अपने पति का गोरा चिट्टा 8 इंच का लंड देखा.

यह कहानी सुनें.

फ्रेंड्स, मेरा नाम नेहा है. मेरी उम्र 22 साल है.

मेरी शादी 16 फरवरी 2012 को हुई थी.

मेरे हसबैंड का नाम राज है.

मैं देखने में बहुत अच्छी हूँ. लंबी हूँ, क्यूट हूँ, सेक्सी हूँ.

मेरे होंठ बहुत रसीले हैं, बूब्स भी बहुत बड़े हैं, चूत बहुत आकर्षक है और मेरी गांड भी बहुत बड़ी है.

मेरे बूब्स का साइज़ 36 है, गांड का साइज़ 38 है और कमर का साइज़ 32 है.

मेरे हसबैंड भी बहुत हॉट हैं.

वे मुझसे लंबे हैं, उनका अच्छा कसरती बदन है.

उन्होंने जिम करके मस्त बॉडी बनाई हुई है और उनका चेहरा भी बहुत आकर्षक है.

उन्हें देखकर उनके पास रहने का ही दिल करता है.

उनका लंड भी मोटा और लंबा है, गांड भी बहुत अच्छी है.

लंड का साइज़ 8 इंच लंबा और 3 इंच मोटा है.

खास बात यह है कि लंड एकदम दूध जैसा गोरा है. आमतौर पर लंड गोरा नहीं होता है.

हम दोनों की फर्स्ट नाइट बहुत रोमांटिक थी.

पूरा बेड फूलों से सजा हुआ था.

पूरे कमरे में फूलों की खुशबू फैली हुई थी.

मैं बेड पर बैठकर उनका इंतज़ार कर रही थी.

उस वक्त सब कुछ बहुत अच्छा लग रहा था.

फिर वे कमरे में आए, दरवाजा लॉक किया और मेरे पास आ गए.

मेरे पास आकर उन्होंने मुझे प्यार देखा और मेरे होंठों पर अपने होंठ रख कर वे मुझे किस करने लगे.

मैंने उन्हें रोका और बोली- पहले कुछ पिक ले लो … आज की रात की याद में. जब भी ये सब पिक देखोगे तो आज की सुहागरात की याद आ जाएगी कि कैसे-कैसे क्या-क्या हुआ था!

वे मुस्कुरा दिए और हम दोनों ने कई फ़ोटो ले लीं.

अब वे मुझे किस करने लगे.

मेरे होंठों पर अपने होंठ लगा कर मस्त चुंबन लिया, फिर होंठ चूसने की बजाए वे मेरे गालों पर अपने नर्म होंठ फेरते हुए मुझे उन्मादित करने लगे.

मेरी आंखें बंद हो गईं तो वे मेरी आंखों के ऊपर और लगभग मेरे पूरे चेहरे पर उन्होंने चुंबनों की बारिश सी कर दी.

मैं उनके प्यार में मदहोश हो गई और उनसे लिपट गई.

मेरे पति धीरे-धीरे मेरी गर्दन पर अपने होंठ फिराने लगे.

उसके बाद उन्होंने मेरे दूध सहलाए तो मेरे जिस्म में सिहरन दौड़ गई.

अब मेरे पति मेरे कपड़े उतारने लगे.

उन्होंने ब्लाउज को हटाया और मुझे ऊपर से सिर्फ ब्रा में कर दिया.

नीचे के कपड़े अभी नहीं हटाए थे.

अब उन्होंने मेरी नथ उतारने के लिए मेरी नाक को चूमा तो मैं समझ गई और मैंने कहा- इसे रहने दीजिए.

उन्होंने ओके कहा और बाकी की सारी ज्वेलरी को उतार दिया.

अब उन्होंने मुझे अपनी चौड़ी छाती में कस लिया.

मैं तो मर्दाना जिस्म के टच से ही होश में नहीं रही थी.

वे मुझे चूम कर और भी ज्यादा मदहोश कर रहे थे.

मेरे पति मेरे होंठों को काटने लगे, बूब्स दबाने लगे.

मुझे बहुत अच्छा लग रहा था.

मैंने भी उनका सर सहलाना शुरू कर दिया, उन्हें किस करने लगी.

उनके चेहरे पर, गर्दन पर मेरी गर्म सांसें उन्हें उत्तेजित करने लगी थीं.

फिर मैंने भी उनके सारे कपड़े उतार दिए. उनके शरीर पर एक भी कपड़ा नहीं बचा.

नंगे होने के बाद वे मेरी ब्रा के ऊपर से ही मेरे बूब्स दबाने लगे.

फिर उन्होंने मेरा लहंगा उतार कर हटा दिया.

इसके बाद ब्रा उतारी और पैंटी भी हटा दी.

अब मैं पूरी नंगी हो गई.

उन्होंने मुझे बेड पर चित लिटा दिया और मुझे चूमना शुरू कर दिया.

उनके चूमने से ऐसा लग रहा था कि कि वे न जाने कितने भूखे हैं.

मेरे होंठों को चूसने लगे और मेरी जीभ से अपनी जीभ को लड़ाने लगे.

आह … सच में बड़ा ही कामुक अहसास था.

कुछ देर बाद मेरे पति ने अपनी जीभ मेरे मुँह से निकाली और धीरे से मेरी गर्दन को चाटते हुए वे नीचे आ गए और उन्होंने मेरे दूध को चाटते हुए मेरे एक निप्पल को अपने मुँह में ले लिया.

आह … गजब की सुरसुरी होने लगी थी मुझे … एक अजीब सी बेचैनी होने लगी थी.

उनकी हल्की हल्की दाढ़ी मेरे बूब्स में गड़ रही थी.

वे मेरे एक दूध को अपने मुँह में पूरा भर कर उसको काट रहे थे और निप्पल को चुभला कर उसे खींच दे रहे थे.

सच में गजब का मीठा अहसास था वो!

मैंने भी उनका सर अपनी छाती में और ज़ोर से दबाना शुरू कर दिया.

वे भी और ज़ोर-ज़ोर से मेरे मम्मों को काटने लगे और मसलने लगे.

एक हाथ से वे दूसरे दूध को पकड़ कर उसकी मां चोदने के अंदाज में दबा रहे थे.

मुझे बहुत अच्छा लग रहा था.

फिर उन्होंने इसी तरह से मम्मों की अदला बदली की.

जिस दूध को वे चूस रहे थे, उसको दबाना चालू किया और दूसरे को चूसने लगे.

काफी देर तक मेरे पति ने मेरे दोनों बूब्स को चूस-चूस कर और मसल मसल कर बुरा हाल कर दिया था.

अब वे धीरे-धीरे से नीचे को सरके और मेरे पेट को चूमने लगे, मेरी नाभि पर आ गए.

मुझे बहुत बेचैनी हो रही थी.

फिर वे नीचे को सरकते चले गए.

उन्होंने मेरी जांघों से लेकर पैरों तक चूमना शुरू कर दिया था मगर चुत पर मुँह नहीं लगाया था.

मेरी चुत भयंकर चू रही थी.

अब शायद चुत का नंबर आ गया था.

उन्होंने मेरे दोनों पैरों को फैलाया और मेरी चिकनी चूत को प्यार से देखा … उसे हाथ की एक उंगली से छुआ, और चूमने लगे.

फिर वे उसे चूसने लगे.

उनका चुत चूसने का अंदाज ऐसा था मानो वे आज उसका सारा रस पी जाएंगे.

मेरी चुत में मेरे पति की जीभ अन्दर बाहर होने लगी थी.

वे अपनी ज़ुबान को मेरी चुत में डाल निकाल, डाल निकाल का खेल खेलते हुए उसे चाट रहे थे.

उनकी चूत चूसने की इस अदा से मेरे शरीर में अजीब सा होने लगा था.

चूत गीली तो थी ही अब शायद वह रोने वाली हो गई थी.

मैं उनके हर स्पर्श का अहसास कर रही थी.

मैंने उनके मुँह को अपनी टांगों में दबाया हुआ था और मेरे मुँह से आवाज निकलने लगी थी.

पर ज्यादा तेज आवाज न निकले इसलिए मैंने अपने मुँह को बंद कर लिया था ताकि बाहर कोई सुन न ले.

मेरे पति ने चुत से मुँह हटाया और मेरे तरफ किसी भूखे जानवर की तरह से देखा.

वे मुझे पलट कर मेरे पीछे आ गए और मेरी पूरी पीठ को चूमने लगे.

मुझे औंधी लिटा कर मेरी गांड को चूमने लगे.

मैं मस्त हो चुकी थी और मेरी सांसों का बुरा हाल हो चुका था.

अभी मैं कुछ समझ पाती कि मेरे पति ने मेरी टांगों को चौड़ा किया और मेरी गांड के होल में अपनी जीभ डालने लगे.

आह … यह तो सेक्स की पराकाष्ठा थी.

जैसा पति मैं चाह रही थी, ये उससे भी दस कदम आगे वाले मर्द साबित हो रहे थे.

फिर वे मेरी चुत में उंगली करने लगे तो मैं सह न पाई और झड़ गई.

उन्होंने मेरी चुत में उंगली से रस निकाल निकाल कर चाट लिया.

अब मैं शिथिल अवस्था में लेट गई थी.

वे भी शांत होकर लेटे से लग रहे थे लेकिन उनका लंड छत की तरफ मुँह उठाए गुर्रा रहा था.

मैंने उन्हें देखा तो उनके ऊपर आ गई. मैंने भी अब मोर्चा संभाल लिया था, उनके पूरे चेहरे पर किस करने लगी. उनके होंठ चूसने लगी.

उनके जैसे मैं भी धीरे-धीरे गर्दन पर किस करती हुई नीचे को सरकी और अपने दोनों मम्मों से उनके छोटे-छोटे निप्पलों को इरेक्ट करने लगी.

उनके निप्पल अपनी सख्ती को लंड के माध्यम से जता रहे थे क्योंकि उनका लंड मेरी गांड के छेद में घुसने को बेताब लग रहा था.

मैं मन ही मन मुस्कुरा दी और उनके एक निप्पल को चूसने लगी.

उन्हें बहुत अच्छा लग रहा था.

मैंने दोनों निप्पल को चूसा.

वे मेरे मम्मों को अपने सीने पर दबाने की चेष्टा कर रहे थे और मैं बार बार हंस कर अपने दूध ऊपर उठा ले रही थी.

फिर मैं नीचे को सरकी और धीरे-धीरे उनके पेट को चूमने लगी.

उसके बाद लंड को नजरअंदाज करती हुई मैं अपने पति के दोनों पैरों को चूमने लगी.

वे अपने लौड़े को सहलाते हुए इशारा कर रहे थे कि इसे चूसो.

कुछ पल के बाद मैंने उनके लंड को देखा, जो एकदम अकड़ कर खड़ा था.

वह मेरे मुँह में जाने के लिए तैयार था.

मैं लंड के बाहर से जीभ फेरने लगी, तो पति के मुँह से सिसकारी निकल गई ‘आह सक इट मेरी जान!’

मैंने उनके लंड को अपने मुँह में भर लिया और दो तीन इंच लंड को अपने मुँह में भर कर ऐसे चूसने लगी, जैसे कोई लॉलीपॉप हो.

कुछ देर बाद मैं उनको पलटने के लिए बोली और उन्होंने मेरी बात को मान लिया.

मैंने पति की पीठ पर अपनी सवारी गाँठी और उनकी पीठ को अपने मम्मों से मसाज देती हुई उसे चूमने व चूसने लगी.

कुछ पल बाद मैं नीचे को सरक आई और अपने पति की गांड को चूमने लगी.

अब मेरे हसबैंड से रहा न गया तो उन्होंने मुझे पकड़ कर बेड पर चित लिटा दिया और मेरे ऊपर चढ़ गए.

वे मुझे किस करने लगे. मेरा पूरा शरीर उनके शरीर से रगड़ रहा था.

हम दोनों आदमजात बिना कपड़ों के थे और सेक्स की शुरुआत करने वाले थे.

अब उन्होंने मेरी चूत में थूक लगाया और हाथ से सहलाने लगे.

मैं लंड के लिए तड़पने लगी.

जितना मैं तड़प रही थी, वे मुझे और तड़पा रहे थे.

फिर उन्होंने अपना मोटा लंड अपने हाथ से पकड़ा और उसे मेरी चूत में धीरे से डालने लगे.

मुझे बहुत दर्द हो रहा था.

मैं उन्हें रोकने की कोशिश कर रही थी लेकिन वे मेरी एक नहीं सुन रहे थे.

वे अपना और अन्दर डालने लगे.

मैं दर्द से तड़फ रही थी और उन्हें मना कर रही थी- जानू मत डालो … आह दर्द हो रहा है!

पर वे मेरी सुन ही नहीं रहे थे.

उन्हें तो अपने लंड की प्यास बुझानी थी.

अचानक से वे रुक गए और मुझे किस करने लगे.

मैं उनके चुंबन में दर्द भूल गई तो उन्होंने अपने लंड को पूरी ताकत से चूत में ज़ोर से धकेल दिया.

फर्स्ट नाईट डिफ्लोरेशन में मुझे बहुत ज़्यादा दर्द होने लगा था.

मैं उन्हें अपने ऊपर से हटाने लगी, पर तब भी वे लंड नहीं निकाल रहे थे.

तभी एक बार उन्होंने और ज़ोर से लंड का धक्का दे मारा और इस बार मेरी सील टूट गई.

मेरी चुत से खू.न आने लगा था.

हम दोनों को ही खू.न आने का अहसास हो गया था, फिर भी उन्होंने लंड नहीं निकाला.

वे वैसे ही र.क्त रंजित चुत में अपने लंड को अन्दर-बाहर करने लगे.

मैं तो रोने लगी थी.

मुझे इतना ज्यादा दर्द हो रहा था कि क्या ही बताऊं!

उधर वे धकापेल मचाए हुए थे और इधर चुत की सील टूटते ही दर्द और ज़्यादा होने लगा था.

मैं रो रही थी तो वे मुझे चुप करवाते हुए कहने लगे- फर्स्ट टाइम दर्द होगा ही!

वे अपनी मस्ती में मेरी चुत चोदने में लग गए.

उन्होंने मुझे इतना ज्यादा चोदा कि मेरी नवेली चूत का भर्ता बना दिया.

चुत सूज कर कचौड़ी हो गई थी.

एक मजबूत मर्द की चाह में गांड फट गई थी मेरी.

आधा घंटा तक ठोकने के बाद उनका पानी आया.

कुछ ऐसी हुई थी मेरी फर्स्ट नाइट … मुझे तो बहुत दर्द हुआ था.

दोस्तो, मेरी फर्स्ट नाईट डिफ्लोरेशन स्टोरी आपको कैसी लगी, प्लीज जरूर बताएं.

अगले भाग में मैं अपनी गांड चुदाई की कहानी लिखूँगी.

फर्स्ट नाईट डिफ्लोरेशन स्टोरी का अगला भाग:

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