देसी ग्रुप सेक्सपूर्ण

समुद्र तट पर बुड्ढे से चुद गयी

0 बार पढ़ी गई9 मिनट का पाठलगभग ९ घंटे पहले

गैंगबैंग ऑन द बीच स्टोरी में पुराने विचारों वाले परिवार से निकल कर एक लड़की खुला जीवन जीने की चाह में मुंबई चली आई. एक रात उसके साथ क्या हुआ?

मेरा नाम रोज़ी है. मैं मुंबई में अकेली रहती हूँ अपने फ्लैट में.

मैं स्वछंद खुला जीवन जीती हूँ.

मैं सेक्स की शौकीन हूँ, जो मुझे अच्छा लग जाए, उससे चुद लेती हूँ.

सही बताऊँ तो मेरा असली नाम रजिया कुरैशी है.

और मेरी परिवार दकियानूसी परदे वाला है.

मुझे वो नारकीय जीवन बहुत बुरा लगता था तो अपनी पढ़ाई पूरी करके जॉब के लिए इस महानगर में आ गयी थी.

मैंने अपना नाम रजिया से बदल कर रोज़ी कर लिया था.

एक रात मैं पार्टी करके आई थी.

मुझे उम्मीद थी कि कोई मर्द मुझे मिल जाएगा तो चोद चोद कर मेरी तसल्ली करवा देगा.

एक मिला भी … वह हट्टा कट्टा था.

वह मुझे एक 5 स्टार होटल में ले गया.

होटल का वो लग्जरी सूट, मद्धम लाइट्स, और बड़ा सा किंग साइज बेड।

वो हट्टा-कट्टा लड़का (जिसका नाम उसने बताया था राहुल) मुझे दीवार से सटाकर जोरदार किस करने लगा।

मैं भी पूरी तरह गर्म हो चुकी थी।

पार्टी की शराब और हॉर्नीनेस का कॉम्बिनेशन था।

मैंने उसकी शर्ट उतारी, उसकी छाती चाटी, और उसकी पैंट की चेन खोल दी।

उसका लंड पहले से ही खड़ा होकर तना हुआ था।

मैं घुटनों पर बैठ गई और उसे मुंह में ले लिया।

अच्छा मोटा और लंबा था।

मैं जोर-जोर से चूस रही थी, लिक कर रही थी।

वो कराह रहा था, “आह रोज़ी… तुम बहुत हॉट हो यार…”

थोड़ी देर बाद उसने मुझे उठाकर बेड पर पटक दिया।

मेरी ड्रेस ऊपर कर दी, पैंटी उतारी और सीधे मेरे ऊपर चढ़ गया।

बिना ज्यादा फोरप्ले के उसने अपना लंड मेरी चूत में धकेल दिया।

पहले तो अच्छा लग रहा था, मैंने अपनी टांगें उसके कमर पर लपेट ली और बोली, “जोर से चोदो मुझे…”

वो जोर-जोर से धक्के मारने लगा।

मैं आहें भर रही थी, “हां… और जोर से… फाड़ दो मेरी चूत…”

लेकिन… बस तीन-चार मिनट ही हुए होंगे कि उसका शरीर अचानक अकड़ गया।

वो जोर से कराहा और मेरे अंदर ही झड़ गया, पूरा लोड मेरी चूत में भर दिया।

मैं अभी भी पूरी तरह से गर्म थी, मेरी चूत अभी भी भूखी थी।

मैंने उसे नीचे धकेलकर ऊपर आने की कोशिश की लेकिन वो पहले ही ढीला पड़ चुका था।

“बेबी… एक राउंड और?” मैंने उसकी लंड को सहलाते हुए कहा।

“सॉरी यार… बहुत थक गया हूँ। अगली बार ठीक से करेंगे.”

कहकर वो करवट बदलकर लेट गया।

मुझे गुस्सा आ गया।

पूरा मजा खराब कर दिया इसने।

मैं वहाँ पड़ी रह गई, अधूरी, जलती हुई।

मेरी गर्म हुई पड़ी चूत से वीर्य बह रहा था, लेकिन मुझे कोई राहत नहीं मिली।

मैंने तुरंत उठकर अपनी ड्रेस ठीक की, ब्रा पहनी, और बिना कुछ बोले बाथरूम गई।

वहाँ अपना मेकअप ठीक किया और बाहर आई।

“मैं जा रही हूँ,” मैंने ठंडे स्वर में कहा।

“अरे रुक तो…” वो कह रहा था, लेकिन मैंने दरवाजा खोलकर बाहर निकल ली।

लिफ्ट से नीचे उतरी और होटल से बाहर आ गई।

रात के करीब 3 बजे थे।

मुंबई की हवा ठंडी थी।

मैंने टैक्सी ली और समुद्र तट की तरफ चली गई।

जुहू बीच।

समुद्र किनारे पहुंचकर मैंने अपनी चप्पल उतारी, पैरों में रेत महसूस की।

लहरें आ रही थीं।

मैं वहाँ बैठ गई, घुटनों पर सिर रखकर।

मेरी चूत अभी भी गीली और अधूरी थी।

गुस्सा और निराशा दोनों साथ-साथ चल रहे थे।

“साला… इतना हट्टा-कट्टा दिखता था, पर 3 मिनट का चूतिया निकला.” मैं मन ही मन बड़बड़ाई।

हवा मेरे बाल उड़ा रही थी।

मैंने सोचा – आज रात अभी खत्म नहीं हुई है। शायद बीच पर ही कोई सही मर्द मिल जाए, जो मुझे पूरी तरह संतुष्ट कर सके।

पर पूरा बीच निर्जन था.

सुबह के 4 बजे रहे थे और मैं बीच में थी।

मेरे बैग में मेरा गुलाबी वाइब्रेटर था जिसे मैं हमेशा अपने साथ रखती हूँ.

मैंने अपने कपड़े उतारे और अंदर से मैं पहले ही बिकिनी पहनी हुई थी, वह भी ट्रांसपेरेंट वाली।

मेरे बैग में से मैंने एक वाइब्रेटर निकाला और अपने पुसी यानी चूत फुद्दी में डाल लिया और मोबाइल के ऐप द्वारा मैंने उसका मोशन चालू कर दिया.

फिर मैं वहाँ ओशन यानी समुद्र क्वे पानी में चली गई और स्विमिंग करने लगी।

ऊपर काला आसमान, मेरे साथ ठंडा पानी और चूत के अंदर वाइब्रेटर के वाइब्रेशन.

मुझे पसीना आ रहा है कि नहीं … पता नहीं चल रहा था।

और मैं पानी में लगभग एक घंटे से अपने आप को एंजॉय कर रही थी।

असली गैंगबैंग ऑन द बीच स्टोरी अभी शुरू होगी।

तभी बीच के अंदर एक कार आई.

उस कार में से पहले चार बॉडीगार्ड उतरे, और फिर कार से एक बूढ़ा उतरा.

उसके बाल सफेद थे.

और वह बीच पर आया, जहां मेरा बैग था, उधर आकर वह बेंच पर लेट गया।

मैंने जब यह पूरा देखा तो मैंने सोचा यह क्या हुआ।

मैं थोड़ी देर स्विमिंग करने लगी और मेरा वाइब्रेटर अपना काम चला रहा था।

पर मुझे ऑफिस भी जाना था।

तो वाइब्रेटर मैंने अपने अंदर से निकाला और हाथ में पकड़ लिया और मुंह में डाल के एक बार चूसने लगी।

और मैं सागर के पानी से निकलने लगी।

तभी सभी बॉडीगार्ड्स ने मेरी तरफ देखा और पहले से मैंने ट्रांसपेरेंट बिकिनी पहनी थी तो उनके मुंह ही थे।

मैंने अपना वाइब्रेटर अपने हाथों में छुपा लिया और बंद करके अपना मोबाइल में ऐप को बंद किया।

मैं अपने कपड़े ढूंढने लगी, मुझे मेरा टी-शर्ट मिला, पर मेरा पैंट नहीं दिखा.

मैंने सोचा कि क्या पैंट बूढ़े के पीछे छिप गया है शायद?

तो मैं बूढ़े के पास गई, वह तभी सो रहा था।

वह जब उठा तो उसके मुंह से स्मेल आ रही थी।

मुझे वहाँ अच्छा नहीं लगा।

उसने मुझे पूछा, “क्या हुआ मैडम?”

और वह मुझे ऊपर से नीचे देखने लगा।

मैं उसकी नजरों से समझ गई।

पर मैं अभी कुछ नहीं कर सकती थी।

वह बूढ़ा सीधा बोला, “मैम आपका रेट बताइए!”

“क्या बोला आपने!” मैंने थोड़ा गुस्से में पूछा।

बूढ़ा बोला, “नहीं मैम, आपको अपना बॉडी हमें देना होगा बस। इतनी सी बात है. उसके बदले में मैं आपको 2 लाख दूंगा।

मैं थोड़ी देर सोचती रही और फिर लालचवश मैं मान गई।

तभी बूढ़े ने बोला- मेरी कुछ शर्तें हैं।

मैंने मन में सोचा, “यह बूढ़ा तो बड़ा हरामी!”

और मुंह से बोली, “जी बताइए।”

बूढ़ा बोला, “आपको ग्रुप सेक्स करना होगा, हम सबके साथ पहले! आपको हम सबका जो मुंह का सलाइवा है, पिस, और कम जो होता है वह हम आपको आखिरी में ग्लास में भर के देंगे, और वह आपको पीना होगा। बस ये शर्तें हैं। और आपको मैं उसके 5 लाख दे दूंगा।”

पता नहीं मुझे क्या हो गया, मैंने हां बोल दिया।

ग्लास में पानी होगा समझ के पी लूंगी उसमें क्या है।

और हमारा सेक्स एक्शन शुरू हो गया।

मैंने बूढ़े को लिटा कर उसके पेनिस को अपनी चूत में डाल दिया.

उसके बाद उसके बॉडीगार्ड्स ने अपने पेनिस मेरे सामने किये और मैं बारी-बारी जर्किंग करने लगी।

वे चारों मेरे बोब्स दबाने लगे और मैं एंजॉय करने लगी।

बूढ़े का पेनिस तो नरम था, शायद उसकी उम्र के वजह से।

बाकी बॉडीगार्ड्स का पेनिस एकदम सख्त था रॉड की तरह।

और अब एक पेनिस यानी लंड मुंह में था, दूसरा ब्लोजॉब के लिए वेट कर रहा था।

एक-एक करके उन्होंने अपना पोजीशन चेंज किया।

और मैं उसके साथ मूव हो रही थी।

सब बॉडीगार्ड्स मुंह के अंदर अपना टंग रख के मोशन में ऐसा हिला रहे थे क्या बताऊं उस फीलिंग के बारे में।

और नीचे अप-डाउन चालू ही था।

पेनिस ऐसे लग रहे थे इंटरक्रॉस में जैसे कि मैं फट जाऊंगी।

पर मैं अब मजबूर थी पर सेक्स प्लेजर भी मिल रहा था।

और तभी एक बॉडीगार्ड ने मेरे नाभि के इधर को चूमा।

बॉडीगार्ड्स मुझे रेत में लिटाया।

वे टोटल 5 लोग थे और मुझे कोई प्रॉब्लम नहीं था।

तो एक बॉडीगार्ड ने अपना टंग और लिप्स मेरे मुंह में रखा.

बूढ़ा मेरे पुसी को किस कर रहा था, दूसरा बॉडीगार्ड मेरे गांड में अपना पेनिस डाल के ड्रिल कर रहा था.

तीसरा बॉडीगार्ड मेरे नाभि को चूम रहा था, काट रहा था।

और चौथा बॉडीगार्ड मेरे बोब्स को चूस रहा था और आर्मपिट्स को चाट रहा था।

अब आप ही सोचिए मेरा क्या हो रहा था।

सुबह का टाइम था तो किसी ने ब्रश भी नहीं किया होगा।

और मुझे ड्रिलिंग, राइडिंग, किसिंग, लिकिंग और कितने सारे इमोशंस मिल रहे थे, क्या बताऊं।

और थोड़ी देर बाद मैं डॉगी स्टाइल आई, और मैं सोची क्यों आई डॉगी स्टाइल में।

क्योंकि बूढ़ा का एनर्जी हो गया और वह एक ग्लास लेके जाके, अपना कम और पेशाब भरने लगा.

पर बॉडीगार्ड्स तो एक का पेनिस मुंह में, एक का एनल में और दो का पुसी में और एकदम मोशन जैसे मैं टूटने के कगार पर हूं।

और एक-एक बॉडीगार्ड उठा और उसी ग्लास में अपना-अपना कम और पिसाब भरने लगे और दूसरा आके होल में फिर से पेनिस डाल देते थे या मुंह में डाल देते थे।

और पूरा मेरा ग्रुप सेक्स कंपलीट हुआ।

करते-करते पूरा ग्लास भर गया था।

और सब लोग मेरे सामने खड़े हो गए।

बूढ़े ने ग्लास मेरे सामने रखा और उसके पास चेक रखा।

मैं समझ गई कि क्या करना था।

तभी बूढ़े ने बोला, “हराम से, मुंह में टंग की मदद से रोटेट करना और पीना!”

मैं सोचने लगी कि कैसा बूढ़ा है?

पर मैंने वैसे ही पिया, जैसा बूढ़ा ने बोला करने को।

और मैं टेस्ट के कुछ बोल ही नहीं सकती।

और बूढ़ा बोलने लगा, “अगर इतना किया है तो और एक काम कर लो।”

मैं उसकी तरफ देखी और पूछी, “क्या?”

बॉडीगार्ड मेरे सामने आया और अपना पेनिस लिप्स को टच किया, और दूसरा बॉडीगार्ड मेरे सिर के पीछे से जोर से पकड़ने लगा।

और उसका पेनिस उसने मेरे मुंह में डाल के और पिस करने लगा।

मेरे गले से गरम-गरम पिस नीचे उतर रहा था और मेरे हाथ हिल रहे थे और पैर हिल रहे थे।

मेरी आंख से पानी आ रहा था.

क्या फील था, मैं बातों में नहीं बता सकती।

एक बॉडीगार्ड ने चेक बनाया, बूढ़े ने उस पर साइन किया और मुझे दे दिया.

मैंने भी चेक ले लिया.

पूरी 6 लाख का चेक था. जितना उसने कहा था उससे ज्यादा.

इसके बाद बूढ़ा चला गया.

मुझे भी देर हो रही थी था, और मैं भी चली गई अपने घर।

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