आंटी सेक्सपूर्ण

पड़ोसन आंटी की चूत और गांड की जबरदस्त चुदाई- 2

0 बार पढ़ी गई10 मिनट का पाठलगभग ९ घंटे पहले

गरम आंटी चुदाई कहानी में पड़ोसन आंटी मेरे साथ सेक्स के लिए सेट हो चुकी थी. रात को उन्होंने मुझे अपने घर बुलाया था. मैं उनके घर पहुंचा तो अंकल वहीं सो रहे थे.

फ्रेंड्स, मैं मैक्स रॉकी आपको अपनी पड़ोसन चंदा आंटी की चुदाई के रस से भरी सेक्स कहानी सुना रहा था.

कहानी के पहले भाग

पड़ोसन आंटी की चूत की प्यास

में अब तक आपने पढ़ लिया था कि चंदा आंटी मुझसे चुदने के लिए रेडी हो गई थीं और रात को अंकल के चले जाने के बाद हम दोनों चुदाई का मजा लेने वाले थे.

अब आगे गरम आंटी चुदाई कहानी:

रात को मेरे घर में सब लोगों ने खाना खाया और अपने अपने कमरे में जाने लगे.

मैंने जल्दी जल्दी में थोड़ा खाना ही खाया था क्योंकि मेरा ध्यान आंटी की चुत गांड की चुदाई पर था.

खाना ज्यादा खाने से चुदाई में मजा कम आता है, नींद सी आती है.

फिर रात के 11 बजे मैं आंटी के घर में बगल की दीवार फांद कर चला गया.

आंटी मेरा ही इंतज़ार कर रही थीं. उन्होंने गेट खोला और मैं अन्दर आ गया.

आंटी ने मुझसे कहा- अंकल का प्रोग्राम बदल गया है … और वे बाहर नहीं गए हैं.

मैं सोचने लगा कि आज तो मामला गड़बड़ हो गया.

तभी आंटी ने मुझे दूसरे कमरे में बैठने को कहा.

फिर वे अपने पति को देखकर मेरे पास आ गईं.

इस वक्त आंटी लाल रंग की साड़ी पहने हुए थीं जिसमें वह बहुत हॉट लग रही थीं.

आंटी रूम में आईं और रूम बंद करने के लिए मुड़ीं तो मुझसे रहा नहीं गया.

मैंने आंटी को पीछे से कमर पकड़ ली.

आंटी बोलीं- इतना क्या जल्दी है मेरे राजा? आज रात भर मैं तुम्हारी हूँ!

मैंने कहा- अंकल?

वे बोलीं- वे दारू पीकर सो गए हैं, अब सुबह ही उठेंगे.

यह सुनते ही मैंने आंटी को बेड पर पटक दिया और उनकी साड़ी खोलकर अलग कर दी.

आंटी बड़ी मस्त माल लग रही थीं.

उसके बाद मैंने आंटी का ब्लाउज और पेटीकोट भी खोल दिया.

अब आंटी सिर्फ काले रंग की ब्रा और पैंटी में थीं … बड़ी ही मस्त माल लग रही थीं.

अब मैंने आंटी के होंठ चूसने शुरू कर दिए.

आंटी भी मेरा साथ देने लगीं.

कुछ देर बाद आंटी ने मुझे पूरा नंगा कर दिया.

मेरा लंड पूरा तनकर खड़ा हो गया.

मेरा 8 इंच लौड़ा देखकर आंटी से रहा नहीं गया.

उन्होंने लंड को अपने मुँह में लेकर चूसना शुरू कर दिया.

कुछ देर बाद मैंने आंटी की ब्रा और पैंटी खोलकर फेंक दी.

आंटी के मुँह और चूची को अपने लौड़े से चोदने लगा.

कुछ देर बाद मैंने आंटी को बेड पर लेटने को कहा.

आंटी तुरंत बेड पर लेट गईं और मैंने आंटी की बड़ी-बड़ी चूची को चूसना शुरू कर दिया.

आंटी को अब चुदास चढ़ने लगी थी और वे लंड को पकड़ कर अपनी चुत पर रगड़ रही थीं और उनके मुँह से ‘ऊह … आह … इस … आह’ की आवाज़ें निकलने लगी थीं.

मैंने आंटी की नाभि चाटनी शुरू की और कुछ देर बाद उनकी चूत को चूसने लगा.

आंटी ने आज ही अपनी चूत साफ की थी इसलिए चूत बिल्कुल चिकनी थी.

कुछ देर चुत चूसने के बाद आंटी की चूत ने प्रीकम वाला रस छोड़ दिया.

आंटी बोलने लगीं- अब नहीं रहा जाता रॉकी अपना लंड डाल दो … चोदो ना मुझे!

मैंने आंटी को अपना लौड़ा मुँह में डालकर फिर से चुसवाया और उनकी चूत चूसने लगा.

आंटी की चूत का सारा रस मैंने पी लिया.

अब आंटी से भी नहीं रहा जा रहा था.

फिर मैंने आंटी की चूत पर अपना लौड़ा सैट किया और एक ज़ोर से धक्का मारा.

मेरा आधा लौड़ा आंटी की चूत में घुस गया.

आंटी दर्द से चीखने लगीं- आह मैं मर गई … साले तेरा लंड बहुत मोटा है .. आह छोड़ दो रॉकी बहुत दर्द हो रहा है!

मैंने आंटी की एक नहीं सुनी और उनकी दोनों चूचियों को जोर से पकड़ कर होंठों को चूसने लगा और फिर एक झटके में पूरा 8 इंच का लौड़ा आंटी की चूत में डाल दिया.

आंटी दर्द से कराहने लगीं- ऊह … आह आह … मम्मी मर गई … छोड़ दो रॉकी बहुत दर्द हो रहा है आह!

मैं लंड को पेले हुए ही रुक गया और कुछ देर तक उनकी दोनों चूचियों को बारी बारी से पीने के बाद शायद आंटी का दर्द चला गया था.

उन्होंने अपनी कमर उठाकर नीचे से झटका मारा.

तो मैं समझ गया कि अब आंटी चुदने के लिए तैयार हैं.

अब मैंने भी पोज सैट किया और आंटी को जोर-जोर से चोदना शुरू कर दिया.

दस मिनट चोदने के बाद आंटी ने पानी छोड़ दिया.

अब मैंने आंटी की गांड के नीचे दो तकिए लगाए और उनके दोनों पैरों को अपने कंधे पर रखकर चोदना शुरू कर दिया.

मैं आंटी की चूत में पूरा लौड़ा अन्दर-बाहर करके जोर-जोर से चोद रहा था.

आंटी भी अब पूरी मस्ती में चुदवा रही थीं और बोल रही थीं- और जोर से चोदो मेरे राजा … आह फाड़ दो मेरी प्यासी चूत को … आह इसे चोद-चोदकर भोसड़ा बना दो आह आज मेरी चूत को भोसड़ा बना दो!

कुछ देर बाद मैंने आंटी की चूत से लौड़ा निकाल कर उनके मुँह में डाल दिया और मुँह चोदने लगा.

आंटी लंड मुँह से निकाल कर बोलीं- साले चूत में डाल कर चोदो मुझे मेरे राजा … आह खूब चोदो मेरी चूत को आज मेरी चूत की प्यास बुझा दो राजा!

मैंने आंटी को डॉगी पोज़ में चोदना शुरू किया.

‘वाह री आंटी क्या मस्त गांड है तेरी!’ यह कह कर मैंने आंटी की गांड पर थप्पड़ मार-मारकर पूरा लाल कर दिया.

आंटी बोलीं- पहले मेरी चूत को शांत करो रॉकी बाद में गांड की बात करना!

बस मैंने जोर-जोर से झटके मारकर चोदना जारी रखा.

आंटी चिल्लाती रहीं, फिर भी मैं उन्हें चोदता रहा.

करीब 45 मिनट के बाद अब मेरा माल निकलने वाला था.

मैंने आंटी से पूछा- कहां डालूँ मेरी रंडी?

आंटी बोलीं- चूत में ही डाल दो मेरे चोदू राजा!

अब तक आंटी 2 बार झड़ चुकी थीं.

फिर मैंने सारा माल आंटी की चूत में डाल दिया और उनके ऊपर ही लेट गया.

कुछ देर बाद मैंने घड़ी देखी तो रात के 1 बज रहे थे.

गरम आंटी चुदाई के बाद हम दोनों नंगे ही एक-दूसरे से लिपट कर सो गए.

मेरी नींद 3 बजे खुली तो देखा कि आंटी मेरे लंड को चूस रही हैं.

फिर मैंने भी 69 की पोजीशन में आकर आंटी की चूत चूसनी शुरू कर दी.

कुछ मिनट चूत चूसने के बाद आंटी की चूत ने फिर पानी छोड़ दिया.

फिर मैंने आंटी की चूचियों में लंड डालकर चोदना शुरू किया.

क्या बताऊं, आंटी की चूचियां अभी भी बहुत टाइट हैं … क्योंकि अंकल ने उनकी चूचियों को ज्यादा नहीं दबाया था.

ये बात आंटी ने खुद बताई.

फिर मैंने लौड़ा आंटी के मुँह में डालकर चोदना शुरू किया और सारा माल उनके मुँह में डाल दिया, कुछ चूचियों पर भी गिरा दिया.

आंटी ने सारा माल पी लिया और मेरे लौड़े को चाट-चाटकर साफ कर दिया.

अब मैंने आंटी से गांड मारने के लिए कहा.

आंटी बोलीं- बहुत दर्द होगा यार, आज तक मैंने अपने पति से कभी गांड नहीं मरवाई … और तुम्हारा तो लौड़ा बहुत बड़ा और मोटा है. मैं तो मर ही जाऊंगी!

मेरे बहुत जोर देने पर आंटी मान गईं.

आंटी ने लौड़ा चूस-चूसकर पूरा गीला कर दिया.

मैंने आंटी की गांड के नीचे तकिया लगाया, उनके पैर उठाकर चूचियों के पास कर दिए और आंटी की गांड को खूब चूसा.

सच में बड़ी ही मस्त गांड थी आंटी की … पूरी सेक्सी और मस्त.

अब मुझसे रहा नहीं गया.

मैंने आंटी की गांड पर लौड़ा रखकर एक झटका दिया.

अभी थोड़ा सा ही लंड गांड में घुसा था कि आंटी दर्द से रोने लगीं और आगे को खिसक गईं जिससे मेरा लंड गांड से बाहर निकल गया.

आंटी जोर से कराहने लगीं और मुझसे विनती करने लगीं- छोड़ दो प्लीज़ बहुत दर्द होता है!

लेकिन आंटी की गांड चोदे बिना मैं छोड़ नहीं सकता था.

बरसों से उनकी मस्त गांड की चुदाई याद करके कितनी बार मुठ मारी थी मैंने.

मैंने आंटी को तेल लाने को कहा.

आंटी तेल लेकर आईं.

मैंने आंटी की गांड के नीचे तकिया लगाया, दोनों पैर अपने कंधे पर रखे और उंगली में तेल लगाकर आंटी की गांड में धीरे-धीरे डाला.

आंटी की गांड को मैंने मुलायम किया और उन्हें विश्वास दिलाया कि अब दर्द नहीं होगा बल्कि आपको बहुत मज़ा आएगा!

आंटी बोलीं- धीरे-धीरे डालना मेरे राजा, नहीं तो गांड का छेद फट जाएगा!

कुछ देर के बाद गांड और लौड़े पर खूब तेल लगा कर मैंने लंड को आंटी की गांड पर सैट किया.

आंटी के कूल्हों को जोर से पकड़ लिया और उनके होंठों को अपने होंठों से दबाकर चूसने लगा.

आंटी का डर खत्म हुआ और वे पूरा साथ देने लगीं.

फिर मैंने इसी का फायदा उठाते हुए मौका देखते ही एक ज़ोर का झटका मारा … आधा लौड़ा आंटी की गांड में घुस गया.

आंटी चिल्लाईं और आगे को खिसकने की कोशिश करने लगीं.

लेकिन इस बार मेरी पकड़ मज़बूत होने की वजह से वे सफल न हो सकीं और दर्द से तड़पने लगीं.

आंटी बोलीं- आह रॉकी गांड में बहुत दर्द हो रहा है छोड़ दे मेरे राजा!

मैंने आंटी को प्यार से चूची चूसी, कुछ देर होंठों को जोर-जोर से काटा.

कुछ देर बाद आंटी शांत हुईं.

अब मैंने दूसरा झटका लगा दिया.

मेरा पूरा लंड आंटी की गांड में घुस गया तो वे आह-आह करके रोने लगीं- मर गई … मम्मी ऊह ऊह आह!

आंटी ने इससे पहले कभी गांड नहीं मरवाई थी, तो दर्द तो होना ही था.

मैंने आंटी की कुंवारी गांड की सील को तोड़ दिया था.

कुछ देर के दर्द के बाद आंटी को भी मज़ा आने लगा और उन्होंने भी धीरे-धीरे मेरा साथ देना शुरू कर दिया.

अब मैंने आंटी को बेड पर डॉगी पोज़ में किया और उनकी गांड मारी.

आंटी को भी गांड मरवाने में मज़ा आने लगा और वे बोलने लगीं- आह रॉकी मजा आ रहा है … आह जोर जोर से चोदो मेरे राजा … आज मेरी गांड और चूत दोनों की प्यास बुझा दो!

मैंने काफी देर तक गांड मारी और आंटी की गांड में ही सारा माल निकाल दिया.

बाद में गांड को रूमाल से पौंछा तो समझ में आया कि आंटी की गांड से खून निकल रहा था.

आंटी ने अपनी पैंटी से ही साफ किया और मेरे लौड़े को भी अपनी पैंटी से साफ कर दिया.

उस रात मैंने आंटी को दो बार चूत चुदाई की और एक बार गांड मारी.

आंटी बहुत खुश हो गई थीं.

वे बोलीं- अब तुम मुझे रोज इसी तरह चोदना राजा!

मैंने आंटी की चूचियों को चूस-चूसकर पूरा मज़ा दिया.

अब सुबह के 4 बजने को थे, तो मैं अपने घर चला गया.

उस दिन से अब मैं रोज आंटी को चोद कर खुश रखता हूँ.

आपको याद है ना कि मैंने बताया था कि आंटी की तीन जवान बेटियां हैं.

मैं आंटी के कहने पर तीनों को बारी-बारी से पटाकर उनकी चूत और गांड चोदी, जिसमें आंटी ने मेरी मदद की.

वह सेक्स कहानी फिर कभी लिखूँगा.

गरम आंटी चुदाई कहानी आपको कैसी लगी?

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