मामा की जवान बेटी की चूत चुदाई
गरम बुर की चुदाई कहानी में मेरी दूसर के रिश्ते की बहन मुझे एक शादी में मिली. हम बात करने लगे. वो मेरी गर्लफ्रेंड के लिए पूछने लगी. मैं समझ गया कि इस बुर में खुजली हो रही है.
दोस्तो, सभी को मेरा प्यार भरा नमस्कार!
मेरा नाम हर्ष है!
मैं एक 21 साल का लड़का हूँ। देखने में कुछ खास तो नहीं हूँ, पर हाँ शरीर से भरा-पूरा हूँ।
मैं जिम भी जाता हूँ।
मेरा लंड 7 इंच का और 3 इंच मोटा है, जो किसी भी लड़की या औरत की चीखें निकालने के लिए काफी है!
मैं अन्तर्वासना का नियमित पाठक हूँ.
मैं इस साइट पर पिछले 4 साल से कहानियां पढ़ रहा हूँ।
तो मैंने भी सोचा कि अपनी जिन्दगी की आपबीती आपके साथ साझा करूं।
ये मेरी पहली कहानी है। उम्मीद करता हूँ आपको ये गरम बुर की चुदाई कहानी पसंद आएगी।
ये मेरी और मेरी दादी के भाई के लड़के की लड़की यानी मेरी बहन के बीच हुई चुदाई की है।
एक दिन की बात है, हमें शादी में जाना था।
शादी का इनविटेशन सबको मिला था और शादी दादी के चाचा के लड़के के लड़के की थी, तो मेरी बहन भी आने वाली थी।
हम शादी में गए।
ऐसे ही टहलते-टहलते मैं बाहर आ गया।
मैंने देखा कि वहाँ मेरी बहन खड़ी हुई थी।
मैं उसके पास चला गया।
अरे, वैसे मैं इन सबमें उसका नाम बताना भूल गया।
उसका नाम आनिया (बदला हुआ) है।
उसकी उम्र 19 साल है।
उसका फिगर 29-31-32 है।
तो कहाँ थे हम…
हाँ!
मैंने उससे पूछा, “यहाँ क्या कर रही हो?”
उसने कहा, “कुछ नहीं!”
तो मैंने कहा, “तो ऐसे ही अकेले क्यों खड़ी हो? अंदर चलो!”
हम अंदर आकर आमने-सामने वाली कुर्सियों पर बैठ गए और बातें करने लगे।
बातों ही बातों में मैंने उससे पूछ लिया, “तेरा कोई बॉयफ्रेंड तो नहीं है?”
उसने ना कहा।
मेरे मन में लड्डू फूटने लगे कि साली अभी सील पैक माल है।
वैसे मेरे मन में उसके लिए कोई गंदा विचार नहीं था।
लेकिन उस दिन पता नहीं क्या हुआ कि उसकी ये बात सुनकर मेरे मन में उसके लिए गंदे विचार आने लगे।
फिर मेरा इतना कहते ही उसने भी पूछ लिया, “तेरी कोई गर्लफ्रेंड है?”
तो मैंने झूठ कह दिया, “मेरी अभी तक कोई गर्लफ्रेंड नहीं बनी!”
उसने कहा, “क्यों?”
मैंने कहा, “कोई मिली नहीं तेरे जैसी!”
उसने फिर कहा, “मुझे ऐसा क्या है?”
तो मैंने कुछ नहीं कहा।
फिर उसने पूछा।
तो मैंने थोड़ा सोच-समझकर जवाब दिया।
वैसे भी लड़कियों की आदत होती है कि वो अपने सामने किसी और लड़की की तारीफ नहीं सुन सकतीं।
तो मैंने भी उससे कह दिया, “तेरे में जो बात है वो किसी में नहीं है!”
उसने कहा, “क्या है मेरे में ऐसा?”
मैंने भी उससे खुलकर कह दिया, “तेरे बड़े-बड़े आम बहुत रसीले हैं! मन करता है इनका सारा रस पी जाऊँ!”
तो उसने भी फट से कहा, “तो पी ले! किसकी राह देख रहा है?”
सच में मुझे ऐसा मन हुआ कि साली को यहीं पटक कर पेल दूँ!
लेकिन सब लोग थे तो ज्यादा कुछ कर नहीं सकते थे।
तो मेरे दिमाग में आया कि जब मैं यहाँ आया था तो मैं रूम्स की तरफ गया था।
फर्स्ट फ्लोर वाले रूम भरे थे दुल्हन और उसकी दोस्तों से। तो मैं सेकंड फ्लोर पर गया था।
वहाँ एक ही रूम खाली था और उसका कोई ताला भी नहीं था।
तो मैंने कहा, “चल!”
उसने कहा, “तू चल, मैं कुछ बहाना करके आती हूँ।”
क्योंकि उसके मम्मी-पापा और भाई भी थे।
मैं वहाँ पहुँचकर उसका इंतज़ार करने लगा।
लगभग 15-20 मिनट बाद वो आई और कहने लगी, “जो करना है जल्दी कर!”
तो मैंने भी उसके होठों से होठ मिला दिए।
क्या बताऊँ, क्या एहसास था!
मेरा पहला चुंबन अलग ही फीलिंग आ रही थी।
करीब 10-12 मिनट एक-दूसरे को किस करने के बाद मैंने अपने दोनों हाथ उसके टॉप में घुसा दिए और उसकी ब्रा ऊपर करके उसके 29 साइज़ के दोनों बूब्स ज़ोर-ज़ोर से दबाने लगा।
वो सिसकारियाँ भरने लगी।
फिर मैंने अपने मुँह में उसका एक निप्पल भर लिया और चूसने लगा, बारी-बारी से दोनों निप्पल चूसने लगा।
फिर एक हाथ उसकी जीन्स में घुसा दिया और उसकी गीली चूत को पैंटी के ऊपर से ही हाथ फिराने लगा।
उसकी सिसकारियाँ और भी तेज हो गईं।
फिर मैंने उसे दीवार से टिकाया और उसकी जीन्स उतार दी और पैंटी भी।
अब उसकी एकदम गुलाबी और चिकनी चूत मेरे सामने थी।
मैंने अपना मुँह उसकी चूत पर लगाया ही था कि वो झड़ गई और ढेर सारा नमकीन पानी छोड़ दिया।
लेकिन मैंने फिर भी उसकी चूत चाटना जारी रखा।
थोड़ी देर बाद वो फिर गरम हो गई और सिसकारियाँ लेने लगी।
10 मिनट बाद वो फिर झड़ गई और मैंने उसका सारा पानी पी लिया और वो शांत हो गई।
अब मैंने उसको घुटनों के बल बैठने को कहा तो वो मना करने लगी, कहने लगी, “कोई आ जाएगा!”
लेकिन मैंने उसे समझाया तो वो मान गई।
अब मैं दीवार से सटकर खड़ा हो गया और अपना 7 इंच लोड़ा उसके सामने कर दिया, कहा, “इसे चूस कर माल निकाल!”
लेकिन वो मान करने लगी और जाने लगी।
लेकिन मैंने उसका हाथ पकड़ कर उसे रोका और उसे बहुत मिन्नतें करके मना लिया।
और उसका हाथ लोड़े पर रख दिया तो वो किसी रंडी की तरह उसे मुँह में भर कर चूसने लगी।
मैं तो जैसे स्वर्ग में पहुँच गया था।
ये मेरा पहली बार था।
मैं ज्यादा देर तक नहीं टिक पाया और 8-10 मिनट बाद उसके ही मुँह में झड़ गया और उसने मेरा माल थूक दिया।
मैंने उससे कहा, “पी जाती तो चेहरे पर नहीं लग जाता!”
तो वो हँसने लगी।
और हम दोनों वापस आ गए।
उस दिन हमसे ज्यादा कुछ नहीं किया क्योंकि उसका और मेरा फोन बजने लगा तो हम वहाँ से एक-एक करके निकल गए।
अगले दिन मुझे उसका फोन आया।
कहने लगी, “मुझे तुम्हारा लंड चाहिए!”
तो मैंने कहा, “कहाँ मिलें?”
उसने कहा, “मेरे घर आ जा। घर पर कोई नहीं है।”
तो मैं जल्दी तैयार होकर उसके घर पहुँच गया।
उसने गेट खोला तो मैं देखकर हैरान रह गया।
वो सिर्फ ब्रा और पैंटी में थी।
तो मैं समझ गया आज ये कुछ तूफानी करने के मूड में है।
उसने कहा, “ऐसे क्या देख रहा है? अंदर आ जल्दी, कोई देख लेगा!”
मैं जल्दी से अंदर आ गया और उसने कुंडी लगा दी।
मैंने उसे पकड़ लिया।
उसने कहा, “जान इतनी जल्दी क्या है? अंदर तो आओ!”
वो आगे-आगे और मैं पीछे।
अंदर जाते ही मैंने रूम का दरवाजा बंद कर दिया और उसे पकड़ कर उसके होठों पर टूट पड़ा।
वो भी मेरा साथ देने लगी।
फिर मैंने उसकी ब्रा और पैंटी भी उतार दी।
अब वो मेरे सामने बिल्कुल नंगी हो चुकी थी।
मैं अभी कपड़ों में था।
तो उसने किस करते-करते मेरे कपड़े कब उतार दिए, मुझे मालूम ही नहीं चला।
जब मालूम चला तो मैं पूरा नंगा खड़ा था उसके सामने और वो मेरा लंड सहला रही थी।
अब वो नीचे बैठकर मेरा लोड़ा चूसने लगी।
आज उसने बिना कहे ऐसा किया तो मुझे बहुत खुशी हुई।
करीब 20-25 मिनट लोड़ा चूसने के बाद मैं झड़ गया।
तो वो मेरा पूरा माल पी गई।
अब मैंने उसे बेड पर लिटा दिया और उसकी टाँगें खोलकर उसकी चूत में जीभ लगा कर चाटने लगा और वो सिसकारियाँ लेने लगी, “आह! उफ्फ! ओह! आह!”
10 मिनट बाद उसका शरीर अकड़ने लगा और वो एक लंबी आह के साथ झड़ गई।
और मैं उसका कामुक रस पी गया।
अब वो कहने लगी, “और मत तड़पाओ! जल्दी अंदर डालो!”
मैं उसके ऊपर आ गया और उसकी टाँगें खोल दी।
मैं उसे और तड़पाना चाहता था तो मैं अपना लोड़ा उसकी चूत पर घिसने लगा।
वो और तड़पती हुई कमर उठाकर लंड अंदर लेने की कोशिश करने लगी और मुझे गालियाँ देने लगी। “मादरचोद! बेहूदा लोड़े! और मत तड़पा! डाल दे जल्दी से अपना लोड़ा मेरी चूत में! फाड़ दे मेरी मुनिया को!”
तो मैंने लोड़ा सेट किया और धक्का लगाया।
लंड का टॉप अंदर गया तो वो इतनी ज़ोर से चीखी कि कोई बाहर गली में होता तो अंदर आ जाता गेट तोड़ के!
लेकिन मैंने भी उसके मुँह पर हाथ लगा कर उसकी आवाज दबा दी।
और अब उसकी घुट्टी हुई आवाज के साथ उसके आँसू भी निकल आए।
मैं भी उसके निप्पल बारी-बारी मुँह में लेकर चूसने लगा तो उसका दर्द कम हुआ।
तो वो नीचे से कमर चलाने लगी।
मैंने फिर एक ज़ोरदार धक्का मारा तो वो बेहोश सी हो गई।
मैंने नीचे देखा तो मेरा 7 इंच का लोड़ा पूरा उसकी छोटी चूत के अंदर समा चुका था।
उसकी सील टूट गई थी और खू.न भी आ गया था।
तो मैंने उसे बताया तो वो मना करने लगी।
कहने लगी, “बाहर निकाल ले! मुझे नहीं करना!” लेकिन मैंने उसे समझाया तो वो मान गई।
अब उसका दर्द कम हुआ।
तो मैंने धीरे-धीरे अपना लोड़ा अंदर-बाहर करने लगा।
वो “उफ्फ! आह! फक मे हार्ड! ये उफ्फ! इश्ह!” करके सिसकारियाँ ले रही थी।
तो मैंने गरम बुर की चुदाई की अपनी स्पीड बढ़ा दी तो वो और ज्यादा चिल्लाने लगी।
करीब 15 मिनट बाद झड़ गई।
मेरा अभी नहीं हुआ था तो मैं अपनी पूरी रफ्तार से उसे पेल रहा था।
और मैं 25 मिनट बाद आने को हुआ तो मैंने उससे कहा, “कहाँ?”
उसने कहा, “अंदर ही गिरा दो! मेरी प्यास बुझा दो। मैं बाद में गोली लूंगी!”
मैं झड़ गया और उसके ऊपर निढाल हो गया।
फिर हम दोनों सो गए।
शाम को 6 बजे हमारी आँख खुली।
मेरे घर से फोन आया था तो मैं अपने घर के लिए निकल गया।
सच दोस्तो, पहली चुदाई का अहसास कमाल का था!
अब जब भी मौका मिलता है हम चुदाई करते हैं।
बाद में मैंने उसकी मम्मी की चुदाई भी की।
उसकी कहानी अगले बार।
नमस्कार!
मुझे मेल करके ज़रूर बताना मेरी गरम बुर की चुदाई कहानी कैसी लगी।
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