पहले जेठ से चुदी फिर दूध वाले से
हॉट भाभी अन्तर्वासना कहानी में मैं मस्त हॉट भाभी हूँ, लंड के शिकार करती हूँ. जेठानी के पीछे मैंने जेठ जी का लंड ले लिया. उससे मन भरा तो …
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दोस्तो, मेरा नाम आरती है।
मैं 28 साल की एक मदमस्त, चंचल और शरारती लेडी हूँ।
मैं सुंदर हूँ, गोरी हूँ और दिखने में भी बड़ी हॉट हूँ.
और ये बात मैं नहीं कहती बल्कि वो लोग बोलते हैं जो मुझे चोद चुके हैं और चोदना चाहते हैं।
मैं हमेशा स्लीवलेस, बैकलेस और डीप नेक के कपड़े पहनती हूँ चाहे वो मेरी ब्लाउज हो, सूट हो या टॉप।
मुझे अपनी चुचियों को दिखाने का बहुत शौक है और डीप कट वाले कपड़ों में मेरी बड़ी-बड़ी चुचियाँ झाँकती रहती हैं।
मेरी कमर पतली और चूतड़ थोड़ा उभरे हुए हैं। मेरा फिगर 34डी-28-36 है।
आगे से बड़े-बड़े चुचियाँ और पीछे से मेरी मस्तानी गांड सबका मन मोह लेती है।
हॉट भाभी अन्तर्वासना कहानी कुछ ऐसी है कि मैं अभी तक 12 लड़कों से चुद चुकी हूँ लेकिन उन सब में मुझे मेरे जेठ जी का लंड सबसे मस्त लगा।
मैं अपनी जवानी के खूब मजे लूट रही हूँ और नए-नए लंड की खूब दीवानी हूँ चाहे हो जवान लड़के का लंड हो या फिर किसी अंकल का।
मुझे तो बस नया लंड चाहिए।
इन दिनों मैं अपने जेठ जी से चुदती थी क्योंकि जेठानी भी 2 महीनों के लिए अपने मायके गई हुई थी और मेरे हसबैंड सिंगापुर में जॉब करता है।
सास-ससुर रात को नीचे सोते हैं तो मेरा और जेठ जी का सब कुछ अच्छे से चल रहा था।
एक दिन मुझे लगा कि अब मुझे किसी नए लंड का शिकार करना पड़ेगा क्योंकि एक तो मैं नए-नए लंड की दीवानी हूँ और ऊपर से मैंने जेठ जी का लंड पूरी तरह से निचोड़ दिया।
मैंने सोचा जेठ जी तो घर के हैं जब चाहे उनसे चुद सकती हूँ।
मैं 2-3 दिन इसी सोच में पड़ी रही और मैंने एक दिन अपने जेठ जी को भी बोल दिया कि मेरे लिए नए लंड का इंतजाम करो।
जेठ जी बोले, “कितनी बड़ी चुदक्कड़ है तू!”
मैं हँसते हुए बोली, “वो तो मैं हूँ!”
और जेठ जी से जिद करने लगी।
तभी वो बोले, “मैं कुछ करता हूँ।”
3 दिन ऐसे ही गुजर गए।
फिर एक दिन हमारे दूध वाले का लड़का दूध लेकर आया।
वो 23-24 साल का हट्टा-खट्टा एक मजबूत लौंडा था।
वो बोला, “भाभी जी अब मैं ही दूध लेकर आया करूँगा क्योंकि पापा की तबीयत खराब रहती है।”
मैंने कहा, “कोई बात नहीं।”
मैंने उससे उसका नाम पूछा तो उसने अपना नाम मोनू बताया।
मोनू दिखने में इतना स्मार्ट नहीं था लेकिन उसके शरीर की बनावट को देखकर मैं समझ गई कि इसका लंड बड़ा मस्त होगा।
मैं मन ही मन खुश हुई और सोचने लगी, “हो गया नए लंड का इंतजाम।”
रात को मैंने चुदते वक्त जेठ जी को सब कुछ बता दिया।
वो बोले, “कुछ गलत हो गया तो?”
मैं बोली, “आप टेंशन ना लो, मैं सब संभाल लूँगी!”
नेक्स्ट डे जेठ जी भी ऑफिस चले गए और मेरे सास-ससुर भी अपनी जॉब पर चले गए तो मैंने एक छोटी सी नाइटी पहन ली और नीचे ब्रा भी नहीं पहनी।
नाइटी में से मेरी बड़ी-बड़ी चुचियाँ आधे से ज्यादा बाहर थीं और मेरी नाइटी इतनी छोटी थी कि मेरी गांड को भी अच्छे से नहीं ढक पा रही थी।
फिर डोर बेल बजी और मैंने जैसे ही गेट खोला तो मुझे देखा रह गया।
नाइटी के गहरे गले से दिखती मेरी मोटी-मोटी चुचियाँ और मेरी वैक्स की हुई चिकनी जाँघों ने उसको पागल सा बना दिया।
मैं बोली, “मोनू क्या हुआ?”
वो घबरा कर बोला, “कुछ नहीं भाभी जी।”
और दूध डालने लगा।
नेक्स्ट डे मोनू टाइम पर नहीं आया और मैं नहाने चली गई।
मैं बाथरूम में नंगी ही नहा रही थी तभी डोर बेल बजी।
मैंने पूछा, “कौन?”
वो बोला, “भाभी जी मोनू।”
मैं बोली, “नहा रही हूँ, किचन में रख दो।”
वो किचन में दूध रखकर चला गया।
और मैं नहाकर और अपनी बॉडी को पोंछकर बाहर आ गई।
मैं नंगी ही बाथरूम से बाहर आ गई और अपनी बॉडी पर मॉइश्चराइजिंग क्रीम लगाने लगी.
तभी गेट खुला और मैंने देखा वो मोनू था।
मैं बिल्कुल नंगी थी और मैंने नाटक करते हुए अपने एक हाथ से अपनी चुचियाँ छुपा ली और दूसरे हाथ से चूत ढक ली।
मैं बोली, “क्यों आए हो अब?”
मोनू बोला, “भाभी जी बिल देने।”
मैं बोली, “कल भी दे सकते थे!”
मोनू बोला, “भाभी जी मुझे क्या पता आप नंगी हो घर पर।”
उसने मुझे बिल दिया और मैंने जैसे ही बिल लेने के लिए हाथ आगे किया मेरी मोटी-मोटी चुचियाँ बिल्कुल आजाद हो गईं।
मैंने सोचा उसने तो अब देख ही लिया तो मैं अपने हाथ से बिल को पकड़कर चेक करने लगी।
वो मुझे नंगी को खा जाने वाली निगाहों से देख रहा था।
तभी मैंने चूत पर रखा हाथ हटाकर अपनी जाँघ खुजाने लगी ताकि उसको मेरी ब्राउन चूत के भी दर्शन हो जाए और हुआ भी ऐसे ही।
इसकी निगाहें मेरी चूत पर थीं और मैं मन ही मन मुस्कुरा रही थी।
तभी मोनू थोड़ा हकलाकर बोला, “मैडम जी आप घर पर ऐसे ही रहती हैं क्या?”
मैं बोली, “हाँ! जब घर पर कोई नहीं होता तो नंगी ही रहती हूँ लेकिन क्यों?”
वो बोला, “डर नहीं लगता आपको? आप इतनी सुंदर हो कोई आपके साथ कुछ गलत कर दे तो?”
मैं बोली, “गेट तो लॉक रहता है, कोई अंदर नहीं आ सकता।”
वो बोला, “मैं तो आ गया!”
मैंने उसके लोअर में उसका तना हुआ लंड देखा और बोली, “तेरी किस्मत अच्छी है!”
इतना कहते ही वो मुझसे चिपक गया।
“भाभी जी! भाभी जी!” और नीचे बैठकर उसने मेरी चूत चाटनी शुरू कर दी।
मेरे बदन में आग सी लग गई लेकिन फिर भी मैं नाटक करते हुए बोली, “मोनू ये क्या कर रहा है साले! छोड़ मुझे कमीने!”
वो कुछ नहीं बोला और उसने मेरी चूत को अपने हाथों से खोलकर पूरी जीभ अंदर डाल दी।
साले का चूत चाटने का स्टाइल बहुत सेक्सी था।
मैं मदक सी सिसकारियाँ लेते हुए उसको रोकने का नाटक कर रही थी और अपनी चूत भी चटवा रही थी।
2-3 मिनट बाद मैं झड़ने वाली थी तो मैंने उसके सिर को अपने हाथों से दबा दिया और उसको और जोर से चाटने का इशारा किया।
वो जोर-जोर से अपनी जुबान से मेरी चूत चाट रहा था तभी मैं झड़ गई.
उसने मेरी चूत का सारा पानी पी लिया और खड़ा होकर बोला, “भाभी जी बहुत अच्छा टेस्ट है!”
मैंने उसके होंठों पर किस करना शुरू कर दी और उसको बोली, “मेन गेट लॉक कर आ।”
वो जैसे ही गेट लॉक करके आया तो मैंने उसके कपड़े निकालकर फेंक दिए और उसका लंड पकड़कर अपने बेडरूम में आ गई और उसको बेड पर लिटा दिया और खुद नीचे बैठकर उसका लंड चाटने लगी।
उसका छोटी-छोटी झंटों वाला लंड लंबा तो 8 इंच का था लेकिन ज्यादा मोटा नहीं था।
फिर मैंने उसका लंड मुँह में ले लिया और चूसने लगी।
कभी मैं उसका लंड चूसती और कभी उसके आंड को मुँह में भर लेती।
मोनू का पूरा लंड मेरे मुँह में था और बीच-बीच में मैं उसके टोपे पर भी जीभ घुमा देती।
फिर मैंने मोनू को घोड़ा बनने को बोला।
जैसे ही वो घोड़ा बना मैंने अपने एक हाथ से उसकी गांड को फैला दिया और उसकी गांड चाटने लगी।
दोस्तो, मुझे गांड चाटने का बहुत शौक है।
मोनू थोड़ा हैरान था लेकिन मैं अपनी जीभ से उसकी गांड के छेद को पूरा टटोल रही थी।
उसकी गांड की गंदी स्मेल मुझे मादक कर रही थी।
मैं एक उंगली से अपनी चूत सहला रही थी और नीचे मेरी चूत से लगातार पानी निकल रहा था।
फिर मैंने मोनू को सीधा लेटने को बोला।
वो सीधा लेट गया.
मैंने उसके लंड को पकड़कर अपनी चूत पर सेट किया और धीरे-धीरे उसके लंड पर अपना दबाव डालने लगी।
उसका पूरा लंड मेरी चूत में समा गया और वो अपनी कमर उठा-उठाकर मुझे चोदने लगा।
मैं सिसकने लगी, “ओह्ह अह्ह अह्ह्ह! आराम से मोनू प्लीज! दर्द हो रहा है आह!”
थोड़ी देर में जैसे ही मुझे दर्द कम हुआ तो मैं भी अपनी गांड उठा-उठाकर उसका साथ देने लगी।
मेरी सिसकारी तेज होने लगी, “आह मोनू मजा आ रहा है आह! कितना सख्त है रे तेरा लंड!”
मुझे अब जोश आने लगा और मैं बोली, “मोनू जोर-जोर से फाड़ दे आज मेरी चूत!” और जैसे ही उसने अपनी स्पीड बढ़ाई पूरे रूम में से फच्ह फच्ह की आवाज गूंजने लगी।
जब लंड अंदर जाता तो उसके मोटे आंड मेरी चूत के दाने से टकराते जिसको मैं ज्यादा देर तक बर्दाश्त नहीं कर पाई और मेरी चूत ने फड़ककर अपना रस निकाल दिया।
मोनू भी समझ गया कि मैं झड़ चुकी हूँ तो उसने तुरंत अपनी स्पीड बढ़ा दी और अपना पानी मेरी चूत में छोड़ दिया।
मैं बोली, “बहनचोद अंदर ही निकाल दिया!”
फिर मैं नीचे उतरी और उसके लंड को चाटकर अच्छे से साफ किया।
मैं बोली, “मजा आया?”
मोनू बोला, “हाँ भाभी!”
मैं बोली, “चूतिए भाभी नहीं आरती!”
मैं अब उसके बालों को सहलाने लगी और उसके लिप्स पर किस करने लगी।
वो भी मेरी गांड को दबाता कभी मेरी पीठ सहलाता।
आखिर 2 मिनट बाद फिर से उसका लोड़ा खड़ा हो गया।
वो मेरे ऊपर आ गया और मेरी टाँगों को फैलाकर अपने कंधों पर रख दी और लंड चूत में डालकर जोरदार चुदाई करने लगा।
इस बार उसने मुझे आधे घंटे तक चोदा और मैं भी 2 बार झड़ चुकी थी।
उसके झड़ने के बाद मैं बाथरूम में गई और उसके वीर्य को अच्छी तरह साफ करके नंगी ही रूम में आ गई और बेड पर लेट गई।
मोनू ने अपने कपड़े पहने और चला गया।
रात को मैंने जेठ जी को इस बारे में बताया तो जेठ जी बोले, “आज रात को मेरा क्या होगा?”
मैं बोली, “होना क्या था? 11 बजे मेरे रूम में आ जाना!”
रात को जेठ जी ने मुझे 2 बार चोदा और मेरी चूत का इतना बुरा हाल हो गया था कि मुझसे चला भी नहीं जा रहा था।
नेक्स्ट डे मोनू दूध लेकर आया।
मैं अपने बेडरूम में थी।
वो दूध किचन में रखकर सीधा मेरे पास आ गया और मुझे देखकर बोला, “क्या हुआ आरती?”
मैं बोली, “बहन के लोड़े, चला भी नहीं जा रहा मुझसे! तूने मेरी चूत फाड़ के रख दी! जा यहाँ से आज कुछ नहीं मिलेगा!”
वो बोला, “बस एक राउंड!”
मैं बोली, “BC भाग यहाँ से! आज नहीं कल!”
फिर वो चला गया।
अब मैं मोनू से तो कभी अपने जेठ से चुदवाती।
हॉट भाभी अन्तर्वासना कहानी कैसी लगी आपको.
लेखिका की पिछली कहानी थी: जेठ जी का काला लंड घुसा मेरी चूत में
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