भाभी सेक्सपूर्ण

पड़ोसन को रात में तीन बार चोदा मैंने

0 बार पढ़ी गई13 मिनट का पाठलगभग ९ घंटे पहले

हॉट भाभी चुदाई स्टोरी में मेरे पड़ोसी की बीवी मस्त सेक्सी है. मेरी बीवी से उसकी दोस्ती है. एक बार मैं उनके घर गया तो वह अकेली थी. उसने मुझे रोक लिया, बिठा लिया.

मेरा नाम अमित है. मैं 35 साल का एक शादीशुदा नौजवान हूँ, कसरती हूँ, हट्टा कट्टा हूँ. रंग मेरा गोरा है और बाल घुंघराले हैं।

कद मेरा 5′ 10″ का है.

मैं एक अच्छी सर्विस करता हूँ।

मेरी बीवी अंकिता 30 साल की है।

वह भी बहुत खूबसूरत है, सेक्सी है और हॉट है।

मेरा एक ब.च्चा है. हालाँकि वो अभी स्कूल नहीं जाता है।

मैं दिन भर अपने ऑफिस में काम करता हूँ और मेरी बीवी बच्चे को संभालती है तथा घर का पूरा काम करती है।

ऑफिस से आकर मैं भी घर के कामों में हाथ बटा लेता हूँ।

मेरे पड़ोस में मिस्टर यश भार्गव रहते हैं।

वे लगभग मेरी उम्र के हैं, देखने में स्मार्ट और हैंडसम हैं।

उसकी बीवी रूचि बहुत ही खूबसूरत और सेक्सी है।

वह अक्सर साड़ी और ब्लाउज़ में रहतीं हैं।

ब्लाउज़ क्या बल्कि ब्रा ही कहिये उसे।

यह हॉट भाभी चुदाई स्टोरी इन्हीं भाभी की है.

हम दोनों की दोस्ती अच्छी है।

हमारा एक दूसरे के घर आना जाना खूब रहता है।

मिस्टर यश का भी एक बेटा है पर वह अभी छोटा है।

हम दोनों कपल एक दूसरे से काफी घुल मिल गए हैं।

मैं उसकी बीवी को रूचि भाभी कहता हूँ और वह मेरी बीवी को अंकिता भाभी कहता है।

मेरी बीवी और उसकी बीवी दोनों आपस में दोस्त बन गयी हैं।

नजदीकियां बढ़तीं हैं तो फिर प्यार मोहब्बत हो ही जाता है।

बड़ी अच्छी ज़िन्दगी गुज़रने लगी हमारी।

हमें घर में भी अच्छा लगने लगा और ऑफिस में भी।

एक दिन मैं जब उसके घर पहुंचा तो यश घर पर नहीं था।

रूचि भाभी अकेली थीं।

उनका बेटा सो रहा था।

मैं वापस जाने लगा तो वह बोली- अरे ऐसे कैसे चले जाओगे अमित जी, थोड़ा रुको न? थोड़ी देर मेरे पास भी बैठो न प्लीज। मुझे भी अच्छा लगेगा। हमेशा अपनी ही बीवी के पास बैठे रहते हो।

मैं मुस्करा पड़ा और बैठ गया।

मेरे सामने रूचि भाभी बैठ गयी।

उसकी साड़ी का पल्लू गिर गया तो उसकी बड़ी बड़ी चूचियों की झलक मुझे मिल गयी।

चूचियों के बीच की क्लीवेज बड़ा और गहरा दिखाई पड़ा तो मेरा मन मचलने लगा।

भाभी को परवाह नहीं थी कि उसका पल्लू गिर गया है।

उसकी खुली खुली हुई मस्त मस्त बाहें बड़ी सेक्सी लग रहीं थीं।

वह इतने में अपने दोनों हाथ ऊपर करके अपना जूड़ा बाँधने लगी तो मेरे बदन में करंट दौड़ गया।

उसके आर्मपिट बड़े सेक्सी लग रहे थे।

लग रहा था कि 2-3 दिन से बालों की सफाई नहीं हुई।

मेरे मन में आया कि भाभी की झांटें भी ऐसी ही होंगी।

उस दिन पहली बार मेरी नियत रूचि भाभी पर ख़राब हो गयी।

मेरे अंदर उसे नंगी देखने की इच्छा पैदा हो गयी।

मेरे लण्ड में खलबली मचने लगी।

मेरा मन हुआ कि मैं अभी भाभी की चूचियाँ मसल डालूं और इनके अंदर अपना लण्ड घुसेड़ दूं।

लेकिन मैं सब्र किये हुए बैठा रहा।

मुझे सच में रूचि भाभी से प्यार हो गया।

भाभी ने मुझे बड़े प्यार से चाय नाश्ता कराया और खूब हंस हंस कर बातें की।

ऐसे ही एक दिन वह सवेरे सवेरे मेरे घर आ गईं.

इत्तिफाक से मेरी बीवी घर पर नहीं थी और मैं अकेला ही था।

मैं तौलिया लपेटे हुए नहाने जा रहा था।

तभी किसी ने डोर बेल बजा दी।

मैंने दरवाजा खोला तो देखा की बाहर रूचि भाभी खड़ीं हैं।

तो मैंने उसे अंदर बैठा दिया और दरवाजा बंद कर दिया।

वह मुझे देखते ही बोली- अरे अमित जी, तुम तो नंगे बदन बड़े हैंडसम लग रहे हो!

मैंने कहा- अरे भाभी जी, आप मजाक कर रही हैं।

वह बोली- नहीं यार, मैं सच में कह रही हूं। तुम्हारी चौड़ी छाती और तुम्हारी मस्त भुजाएं बड़ी सेक्सी लग रही हैं। तुम्हारी चौड़ी छाती पर काले काले बालों से तुम्हारा मरदानापन झलक रहा है।

मैंने कहा- भाभी जी, आप यह सच में कह रहीं हैं या बस यूँ ही?

वह मुस्कराकर बोली- मैं सच में कह रही हूँ। तुम अगर तौलिया न पहने होते तो और ज्यादा हैंडसम लगते. और ज्यादा अच्छे मरद दिखाई पड़ते!

भाभी की इस बात पर मुझे हंसी आ गयी लेकिन भाभी के इस कमेंट ने मुझे अंदर तक झकझोर दिया।

मेरे बदन में करंट लग गया।

मेरा लौड़ा साला अंदर ही अंदर कसमसाने लगा।

फिर वह बोली- अच्छा सुनो, आज मुझे ज़रा बैंक जाना है, तुम मुझे वहां तक छोड़ दोगे। मैं बस यही कहने आई हूँ।

मैंने कहा- हां हां, बिल्कुल छोड़ दूंगा भाभी जी। तुम चिंता न करो। मैं गाड़ी लेकर आपके घर आ जाऊंगा। आप तैयार हो जाइये, मैं अभी आधे घंण्टे में आता हूँ।

वह चली गयी तो मैं जल्दी जल्दी तैयार हो गया।

मैं ख़ुशी ख़ुशी अपनी गाड़ी निकाल कर उसके घर के सामने खड़ा हो गया।

मैंने जब उसे मेकअप में देखा तो मेरा दिल बाग़ बाग़ हो गया।

वह सच बड़ी हसीन और हॉट लग रहीं थीं।

मैंने कार का दरवाजा खोला तो वह मेरे बगल वाली सीट पर ही बैठ गयीं।

मैं उसे लेकर बैंक पहुँच गया।

भाभी ने काम किया तो वह बोली- अमित जी, मुझे थोड़ा शॉपिंग करनी है.

मैंने कहा- हां हां भाभी जी, कर लीजिये, मुझे कोई जल्दी नहीं है।

वह मुझे लेकर एक ब्रा की शॉप में पहुँच गयीं और तरह तरह के ब्रा देखने लगीं।

वहां के लोग मुझे उसका हसबैंड समझने लगे।

मैं भाभी की बातें सुन रहा था.

वह बोली- अरे इससे थोड़ा बड़ा दिखाओ। ये तो बड़ी टाइट होगी। मैं अभी दो महीने पहले ले गयी थी वह तो अब इतनी टाइट हो गयी कि पहनते ही नहीं बनती!

दुकानदार ने कहा- लो मैडम, ये सबसे बड़ा साइज है।

भाभी ने कहा- हां यह ठीक है।

भाभी उसे लेकर मेरे साथ चल पड़ी फिर कॉस्मैटिक का सामान भी खरीदने लगीं।

बाल साफ़ करने की क्रीम और बाल बनाने वाली मशीन भी खरीदी।

उसको ट्रिम्मर की भी जरूरत थी।

ये सब सामान लेकर वह मेरी कार में बैठ गई और बोली- चलो।

मैं समझ गया की भाभी की चूचियों का साइज बढ़ता ही जा रहा है।

मेरे लण्ड में सुरसुरी होने लगी।

इतने में भाभी ने बातचीत शुरू कर दी।

उसने कहा- अरे यार अमित, हमारे बाल बहुत जल्दी बढ़ जाते हैं।

उसी झोंक में वह कह गयीं- नीचे के बाल तो मुझे जल्दी जल्दी साफ़ करने पड़ते हैं।

मैं समझ गया की भाभी अपनी झाटों की बात कर रहीं हैं।

फिर वह संभल कर बोली- नहीं नहीं, मैं पैरों के बाल की बात कर रहूं हूँ यार अमित!

मैंने कहा- हां भाभी जी, आप सही कह रही हैं।

फिर मैं उन्हें एक रेस्टोरेंट में ले गया.

वहां हम दोनों ने चाट खाई।

भाभी ने कहा- मुझे चाट को चाटने में बड़ा मज़ा आता है।

मुझे ऐसे ही आम चूसने में मज़ा आता है तो मैंने कहा- हां भाभी जी, मुझे भी आम चूसने में बड़ा मज़ा आता है।

वह बोली- हां आम तो अब हर समय मिलता है अमित, जब चाहो तब चूसो।

मैंने मन में कहा कि भाभी तेरे पास जो दो बड़े बड़े आम हैं उन्हें चुसा दो न मुझे। तुमको चाटना अच्छा लगता है तो तुम मेरा चाट लो।

लेकिन मैं उससे कुछ कह न सका.

एक दिन भाभी ने फोन किया- अमित, आज मेरा हसबैंड 3 दिन के लिए टूर पर चला गया है। अब मुझे 3 दिन अकेली रहना पड़ेगा। तुम मेरा साथ दोगे न अमित?

मैंने कहा- हां बिल्कुल दूंगा भाभी जी। वैसे आज मेरी भी बीवी अपने मायके एक हफ्ते के लिए गई है। मैं भी अकेला ही हूँ।

वह बोली तो फिर लंच पर मेरे घर आ जाना।

स दिन मैंने लंच उसी के घर में किया।

शाम को भाभी का फिर फोन आ गया।

वह बोली- अमित यार डिनर भी यहीं मेरे घर में करना।

मैं उसकी बात मान गया और उसके घर शाम को 8 बजे पहुँच गया।

उसने बताया कि बेटा खा पीकर सो गया है, अब वह सवेरे ही उठेगा। अच्छा बोलो क्या पियोगे?

मैंने कहा- भाभी जो भी आप पिला दें?

मुझे हैरानी हुई जब भाभी ने मेरे सामने व्हिस्की रख दी।

दो पैग बनाये और मेरे आगे रख दिये, बोली- मैं कॉलेज के दिनों में शराब पीती थी अमित। यह बात मेरे हसबैंड को मालूम नहीं है। तुम बताना भी नहीं!

मैंने कहा नहीं भाभी मैं उसे कभी नहीं बताऊंगा।

फिर हम दोनों ने खूब जम कर शराब पी।

फिर मस्ती में उसके मुंह से सच निकल पड़ा।

वह बोली- अमित इन 3 दिनों तक मैं तेरी बीवी हूँ। मुझे अपनी बीवी बनाकर रखो। जो चाहो वो करो मेरे साथ लेकिन करो जरूर!

उसने मेरे गाल चूम लिया।

मैंने कहा- भाभी, सच में कह रही हो या मजाक कर रही हो?

वह बोली- भोसड़ी के अमित, तुझे अब भी विश्वास नहीं हो रहा है? इतने टाइम से तुम मेरे साथ घूम रहे हो, तुम्हें पता नहीं चला कि मैं क्या चाहती हूँ? कहो तो मैं तेरा लण्ड पकड़ के दिखा दूँ कि मुझे यही चाहिए मादरचोद अमित। तेरा लण्ड मुंह में डाल कर चूस लूँ तब तुझे विश्वास होगा? मैंने कहा न कि मैं तेरी बीवी हूँ इन ३ दिनों तक। मुझे तीन दिनों तक बीवी की तरह चोदो न अमित।

फिर क्या … मैंने उसे अपनी बाँहों में भर लिया।

वह मुझसे एकदम चिपक गई।

इसी बीच मैंने ब्रा का हुक खोल दिया।

उसने खुद ब्रा खींच कर फेंक दी।

मैं उसकी बड़ी बड़ी मस्तानी चूचियाँ देख कर अपने होश गंवा बैठा।

मैं बिंदास उसके मम्मे मसलने लगा चूमने चाटने लगा और वह मेरे कपड़े उतारने लगी।

मैं नंगा हुआ तो वह खड़ा लण्ड पकड़ कर बोली- बाप रे बाप, इतना बड़ा लण्ड? यार मज़ा आ गया। मैं इसे पकड़ने के लिए बहुत तड़प रही थी अमित। आज मौका मिला है। तेरा लण्ड मादरचोद बड़ा जबरदस्त है. मेरे मन-मुताबिक है और बड़ा प्यारा हैंडसम है। शादी के बाद आज मुझे कोई मस्त लौड़ा मिला है.

उसने मेरे लण्ड की कई चुम्मियाँ लीं और लण्ड का टोपा जबान निकाल कर खूब मजे से चाटा।

टोपा मुंह में भर कर चूसा और बोली- तेरा लण्ड ही मेरा असली हसबैंड है अमित। जो लण्ड मुझे पसंद आये वही मेरा हसबैंड!

मैं उसके पूरे नंगे बदन पर हाथ फिराने लगा।

मैंने जब उसका पेटीकोट उतारा तो उसकी मस्तानी चूत मेरे सामने खुल गयी.

मैं उस पर प्यार से हाथ फिराने लगा और कहा- क्या मस्त चूत है भाभी आपकी? चूत के झाटों की डिजाइन बहुत अच्छी है भाभी।

वह बोली- मैं डिजाइन खुद बनाती हूँ. और कभी कभी पार्लर से बनवाकर आती हूँ।

मैंने मस्ती से उसकी चूत की चुम्मी ली और मोटी मोटी जांघों पर हाथ फेरा।

मैंने उसे नंगी नंगी गोद में उठा लिया और बेड पर लिटा दिया।

मैं उसके ऊपर चढ़ बैठा लेकिन मेरा मुंह उसकी चूत पर था और उसका मुंह मेरे लण्ड पर।

मैं उसकी बुर चाटने लगा वह मेरा लण्ड।

पूरी मस्ती में वह भी थी और मैं भी।

वह मेरे पेल्हड़ चाटने लगी तो मैं उसकी गांड भी चाटने लगा।

मुझे पराई बीवी की चूत और गांड बड़ा मज़ा दे रही थी।

वह बोली- अमित, मुझे पराए मरद का लण्ड बड़ा प्यारा लगता है। तेरा लण्ड तो मेरे दिल में समा गया है।

वह लण्ड ऐसे चूस रही थी जैसे उसे पहली बार कोई लण्ड मिला है चूसने को।

वह मेरे लण्ड की लार चाट रही थी और मैं उसकी चूत की लार।

फिर हम दोनों घूम गए।

मैं नीचे हो गया वह मेरे ऊपर।

हम दोनों के मुंह जहाँ से तहां ही बने रहे।

इतने में वह बोली- अमित, अब रहा नहीं जा रहा। अब तुम पेल दो अपना लण्ड मेरी चूत में चोद डालो मेरी चूत! मैं बहुत चुदासी हूँ।

मैं भी बड़ा उत्तेजित था।

मैंने घूम कर लौड़ा भाभी की चूत में टिका दिया थोड़ा उस पर रगड़ा और फिर गच्च से घुसा दिया पूरा का पूरा।

भाभी पूरा लौड़ा पेलवा कर बोली- यार अमित, तेरा लौड़ा बड़ा चिपक कर घुसा है। मज़ा आ गया। आज तो सच में मुझे बड़ा आनंद आएगा।

मैंने लौड़ा बार बार निकाल कर पेलना शुरू किया तो रूचि भाभी भी मेरे साथ एन्जॉय करने लगी।

भाभी की टांगें फैली हुई थी उसकी चूत बिल्कुल खुली हुई थी और मैंने पागलों की तरह घपाघप चोदन शुरू किया।

वह मज़ा भी ले रही थी और सिसिया भी रही थी।

उसे मीठा मीठा दर्द भी हो रहा था और वह मज़ा भी लूट रही थी।

वह बोली- अमित, मैं बुरचोदी लण्ड की बड़ी दीवानी हूँ। मैं आज तुम्हें बता रही हूँ कि मैं शादी के पहले चुदी हुई थी। इसलिए मुझे अपने पति के अलावा और लोगों से चुदाने की बड़ी इच्छा थी। तुम पहले गैर आदमी हो जो शादी के बाद मेरी चूत ले रहा है। आगे भी लेते रहना। हाय रे और चोदो मुझे, मज़ा आ रहा है. ओ हो हां ओहो हाय रे बड़ा मस्त लौड़ा है. खूब धकाधक चोदो मेरे राजा। फाड़ डालो मेरी चूत। चीर डालो मेरी बुर। तू तो बहुत अच्छी तरह चोद रहा है। तेरा लण्ड मादर चोद बड़ा बेरहम है। ये तो बिना रुके चोदे जा रहा है। मेरी फटी जा रही है और ये भोसड़ी का फाड़े जा रहा है। फाड़ दो कोई बात नहीं। ये चूत साली जितनी चुदे उतना अच्छा है.

मैं बहुत उत्तेजित था।

मैंने चुदाई की रफ़्तार बढ़ा दी।

उसने भी अपनी कमर हिलाने की रफ़्तार बढ़ा दी।

फिर उसकी चूत ढीली हो गयी।

चूत की गर्मी निकल गयी।

तब तक मेरा लौड़ा भी झड़ने के मुकाम पर आ गया।

मैंने पूरा माल उसके मुंह में उड़ेल दिया।

भाभी ने जिस तरह से मेरा झड़ता हुआ लण्ड चाटा वो तो वाकई बड़ा मजेदार था।

फिर बाथ रूम जाकर भाभी ने मेरे लण्ड पर प्यार से साबुन लगाकर मुझे नहलाया।

उसने पूछा- अमित, तेरी बीवी तुझसे किस तरह चुदवाती है?

मैंने कहा- मेरी बीवी मुझसे इतनी अच्छी तरह से नहीं चुदवाती जितनी अच्छी तरह से तुम चुदवाती हो भाभी! मुझे लगता है कि वह मुझसे बेमन चुदवा रही है।

एक घंटे के बाद भाभी ने मेरा लण्ड पकड़ कर खड़ा कर दिया।

इस बार मैंने उसे पीछे से चोदा और खूब जम कर चोदा।

हॉट भाभी चुदाई करके फिर हम लोग नंगे नंगे ही सो गए।

सवेरे जब हम उठे तो मेरा लण्ड साला मुझसे पहले उठ चुका था।

भाभी ने लपक कर उसे पकड़ लिया और बोली- जानते हो अमित, सवेरे का लौड़ा बड़ा कड़क होता है, बड़ा ताकतवर होता है। अब तुम मुझे अपने लण्ड पर बैठा कर चोदो।

उसका कहना हुआ नहीं कि मैंने उसे नंगी नंगी लण्ड पर बैठा लिया।

उसके बैठते ही लण्ड पूरा उसकी चूत में घुस गया और मैं झमाझम एक बार फिर उसे चोदने लगा।

हॉट भाभी चुदाई स्टोरी कैसी लगी आपको?

लेखिका की पिछली कहानी थी: कॉलेज स्टूडेंट को चोदने में आया खूब मज़ा

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