चाची की चूत चुदाई का सपना हुआ साकार
इस हॉट चाची चुदाई कहानी में पढ़िए कि मैं अपनी चाची की चूत चुदाई करना चाहता था. एक दिन मेरा सपना सच हुआ। मैंने चाची को पूरी नंगी करके चोदा.
नमस्कार दोस्तो! मेरा नाम विश्वास है और मैं गुजरात के सोमनाथ जिले के एक छोटे से गाँव में रहता हूँ।
मेरे लंड का माप 7 इंच है जो कि किसी की भी चूत फाड़ कर उसे संतुष्ट कर सकता है।
मैं दिखने में गोरा-चिट्टा 20 साल का लड़का हूँ और अभी मैं कॉलेज कर रहा हूँ।
अब मेरी चाची के बारे में बताऊँ तो उनका नाम रेखा है और वे 45 साल की औरत हैं जिनके 3 बच्चे हैं.
हम सब एक साथ ही एक परिवार में ही रहते हैं।
चाची का फिगर कुछ ज़्यादा नहीं है पर उनके दूध बहुत शानदार हैं।
मैं हर बार उनके दूध को ही देख कर मूठ मारता हूँ।
तो अब सीधा कहानी की ओर आते हैं।
इस हॉट चाची चुदाई कहानी 2023 की है जब सर्दियों के दिन थे।
हमारे गाँव में खेत है जिसमें सर्दियों के मौसम में हमने गेहूँ उगाये हुए थे।
तो उन दिनों चाचा रात को खेत की देखभाल के लिए खाना खा कर चले जाते थे और वे वहीं सो जाते थे।
चाची के 3 बच्चों में से 2 बेटों की शादी हो गई और वे दोनों नौकरी के सिलसिले में बाहर रहते थे और एक बेटी भी बाहर पुलिस में जॉब करती है।
मैं जो कि कॉलेज कर रहा हूँ तो सर्दियों की छुट्टियों के लिए घर पर आया था।
चूँकि मैं घर का छोटा बेटा हूँ तो सब मुझे बहुत लाड़-प्यार करते थे।
तो हुआ यूँ कि चाचा के खेत में चले जाने की वजह से रेखा चाची को अकेले सोना पड़ता था जिसकी वज़ह से उन्हें रात में नींद भी नहीं आती थी।
ये बात मेरी मम्मी भी जानती थी जिसके रहते मम्मी ने मुझे चाची वाले कमरे में सोने के लिए कह दिया और मैं मम्मी के आदेश अनुसार उनके साथ सोने चला गया।
चाची के साथ सोने की बात से ही मुझे चाची की चूत चुदाई का सपना साकार होता हुआ नज़र आने लगा।
मैं भी सोने चला गया।
जब कमरे में मैं गया तो देखा चाची वहाँ नहीं थीं.
मैं सोचने लगा कि चाची कहाँ हो सकती हैं।
दोस्तो, मैं आप लोगों से यहाँ कह दूँ कि हमारे घर में सभी कमरों के साथ बाथरूम भी बनवाये गए हैं।
तो चाची भी बाथरूम में नहाने गई थीं.
वे इस बात से अनजान थीं कि मैं कमरे में आ चुका हूँ।
मैंने कमरे में देखा कि चाची अपने कपड़े और पैंटी अपने बेड पर ही रख के नहाने चली गई थीं।
साथ में वे तौलिया ले जाना भी भूल गई थीं।
जैसे ही उनका नहाना खत्म हुआ वे नंगी ही अपने कमरे में आ गईं और मुझे देख कर चौंक गईं और तुरंत ही फिर से बाथरूम में चली गईं!
क्या बताऊँ दोस्तो, मैंने आज पहली बार चाची को बिना कपड़ों के नंगी देखा।
उनको देख कर ही मेरा लंड खड़ा हो गया।
उनके बड़े-बड़े मम्मे और चिकनी चूत मेरी नजरों के सामने आ रही थी।
चाची ने बाथरूम से मुझे आवाज लगाई तभी मुझे होश आया।
चाची के कहने पर मैंने उन्हें तौलिया और उनके कपड़ों के साथ में पैंटी पकड़ा दी।
चूँकि मैं रात को सोने के समय लोअर और टी-शर्ट ही पहनना पसंद करता हूँ और सोते समय चड्डी भी नहीं पहनता, तो मेरा 7 इंच का लंबा लंड लोअर से साफ़ दिखने लगा था।
चाची जैसे ही बाथरूम से बाहर आईं तो उनकी नजर मेरे खड़े लंड पर पड़ी जिसको देख के उन्होंने आँखें घुमा लीं।
बाथरूम से आते ही उन्होंने मुझे बोला, “ये सब अनजाने में हुआ है और इसका जिक्र किसी से ना करना!”
मैंने भी मुंडी हिला कर हाँ में जवाब दे दिया और फिर हम सोने चले गए।
सोते हुए हम दोनों ऐसे ही बातें करते रहे मेरी पढ़ाई को लेकर और मेरी कॉलेज के बारे में।
फिर वे मुझे चिढ़ाने लगीं, “अगली बारी घर में तुम्हारी है शादी के लिए, तो बताओ कैसी लड़की ढूँढें तुम्हारे लिए और अगर कोई ढूँढ ली हो तो बताना हम बात आगे करें!”
मैंने भी ‘ना’ बोल कर बात टाल दी।
फिर रेखा चाची मुझसे पूछने लगीं, “क्या कोई गर्लफ्रेंड है? तेरी गर्लफ्रेंड ना हो ये तो मैं मान ही नहीं सकती!”
फिर ऐसे ही हम बातें करते-करते सो गए।
दूसरे दिन चाची खेत पर गईं और वहाँ पूरे दिन काम करने की वज़ह से उनके पैरों में दर्द होने लगा।
जिसके चलते रात को जब मैं उनके कमरे में सोने गया तब वे मुझे अपने पैरों की तेल से मालिश करने का कहने लगीं।
मैंने भी बिना वक़्त गंवाये उनकी मालिश करनी शुरू कर दीं।
हमारे यहाँ गाँव में औरतें अक्सर साड़ी, पेटीकोट, ब्लाउज और पैंटी ही पहनती हैं, वे ब्रा नहीं पहनतीं।
मालिश करते हुए उन्होंने अपना पेटीकोट घुटनों तक ऊपर कर लिया और दोनों पैरों के बीच में फंसा दिया।
मैं मालिश करते हुए उनसे बात करने लगा और बात करते-करते मैं मालिश उनकी जांघों तक भी करने लगा।
जब चाची कुछ नहीं बोलीं और बातें करती रहीं तो मैं अपने हाथ और भी ऊपर ले जाने लगा और अब मेरी उंगलियाँ उनकी पैंटी को छू रही थीं।
पैंटी के एहसास से ही मेरे रोंगटे खड़े हो गए और मेरा लंड भी फूलता गया।
जब यह बात का चाची को एहसास हुआ तो उन्होंने मुझे मालिश करने से मना कर दिया और सोने के लिए कहने लगीं।
उन्होंने बातों ही बातों में मुझे कहा था कि उनकी पीठ में भी दर्द है तो मैंने उनसे उनकी पीठ की मालिश के लिए भी पूछ लिया।
उन्होंने हाँ कह दिया और अपना ब्लाउज मेरी तरफ पीठ कर के निकाल दिया।
मैंने उनसे बोला कि मैं उनके पूरे बदन की मालिश कर देता हूँ.
तो पहले तो वो ना-नुकुर करने लगीं पर मेरे ज्यादा जोर देने पर उन्होंने हामी भर दी।
उनके हाँ कहते ही मैंने उन्हें अपने सारे कपड़े उतारने को बोला तो वे मुझे अजीब सी नजरों से देखने लगीं।
इस पर मैंने उन्हें बोला, “आपके कपड़ों पर तेल के दाग लग जाएंगे और वे खराब हो जाएंगे इसलिए कह रहा हूँ! आप उल्टा लेट कर अपने बदन पर तौलिया डाल लीजिए जिससे कि मैं आपकी मालिश कर दूँ।”
इस पर वे राजी हो गईं और अपने सारे कपड़े निकाल कर अपने ऊपर तौलिया डाल कर लेट गईं।
उनके यह सब करते वक़्त उन्होंने मुझे बाथरूम में चले जाने के लिए कहा और फिर जब उन्होंने अपने आप पर तौलिया डाल लिया तब उन्होंने मुझे आवाज दे कर बुला लिया।
मैं जैसे ही बाथरूम से बाहर निकला तो देखा चाची अपनी गांड पर तौलिया डाले उल्टी लेटी हैं।
मैंने उनके पास से तेल लिया और उनके पीठ की मालिश करने लगा।
मालिश करते करते मैं धीरे-धीरे नीचे की ओर जाने लगा और फिर मैं उनके पैरों की भी मालिश करने लगा।
थोड़ी देर पैरों की मालिश करने के बाद उन्होंने मुझे बोला, “पैरों की मालिश तो तू कर ही चुका है, अब थोड़ा जांघों की भी कर दे!”
उनके यह कहते ही मैंने उनकी जांघों की मालिश शुरू कर दी।
मैंने उनसे पूछे बिना ही तौलिया हटा लिया, इस पर चाची कुछ नहीं बोलीं।
तौलिया हटाते ही मैंने देखा कि चाची ने लाल रंग की पैंटी पहनी हुई है।
मैं उनकी जांघों की मालिश करने लगा और मेरा लंड भी खड़ा होने लगा।
जांघों की मालिश के बाद मैंने चाची से पैंटी उतारने की बात बोली तो उन्होंने झट से अपनी कमर ऊपर कर के पैंटी अपने घुटनों तक कर दी।
पैंटी उतरते ही चाची की मस्त गोल मटोल गांड मेरी आँखों के सामने थी।
मैं अपनी उँगलियों से उनके दोनों कूल्हों पर तेल टपकाया और फिर अपने हाथ उनके कूल्हों पर गोल-गोल घुमाने लगा।
थोड़ी देर बाद मैं उनकी गांड की दरार में तेल वालीं उंगलियों से मालिश करने लगा और अपनी उंगलियाँ उनकी गांड से लेते हुए उनकी चूत तक ले जाने लगा.
जिस पर उन्होंने कोई भी विरोध नहीं किया।
ये सब करते-करते मैं उनके मुँह के पास खड़ा हो गया और मैं उनकी पीठ से लेकर उनके कूल्हों से होते हुए उनकी जांघों तक अपने हाथ से मालिश करने लगा।
जिस प्रकार से मैं खड़ा था, मेरा लंड चाची के मुँह के पास ही था जिसे चाची बहुत गौर से देख रही थीं।
तेल की वजह से मेरे लोअर में धब्बे पड़ गये थे जिसे देख कर चाची बोलीं, “तेरे लोअर में देख कितने तेल के दाग हैं, तू इसे उतार दे!”
मैंने उनसे कहा कि मैंने नीचे कुछ पहना नहीं है।
इस पर उन्होंने झट से मेरे लोअर में अपनी उँगलियाँ फंसा कर उसे उतार दिया और कहने लगीं, “मैं भी तो तेरे सामने नंगी हूँ फिर तुझे क्या शर्म!”
लोअर हटते ही मेरा 7 इंच का लंड उनके सामने झूलने लगा जिसे वह देख कर अपने होंठ दाँतों से काटने लगीं।
मैं फिर से उनकी मालिश में लग गया, थोड़ी देर बाद उन्होंने मेरा लंड अपनी मुट्ठी में पकड़ लिया और उसे मुँह में लेकर चूसने लगीं!
मुझे पता ही नहीं चला क्या हो रहा है, मैं बस वैसे का वैसा खड़ा रहा और उनके सिर के बालों को खोल कर उनमें उँगलियाँ घुमाता रहा।
थोड़ी देर बाद वे बेड पर से नीचे उतरकर अपने घुटनों पर बैठ गईं और मेरे लंड को चूसने लगीं।
जल्द ही कुछ 5-6 मिनट में मेरा पानी निकलने को होने लगा जिसकी वज़ह से मैं चाची के मुँह में जोर-जोर से धक्का मारने लगा और मेरा पानी निकल गया जिसे वे सारा पी गईं!
पानी निकलने के बाद हम दोनों बेड पर आ गए और मैं उनके मम्मों को चूसने लगा।
मैं उनके एक मम्मे को चूसता और दूसरे को हाथ से दबाने लगा।
मैं उनके मम्मों को चूसते-चूसते अपने एक हाथ से उनकी चूत में उंगली करने लगा जिसकी वज़ह से वह सिसकारियाँ भरने लगीं।
थोड़ी देर बाद मैं उनकी चूत चाटने लगा और अपनी एक उंगली उनकी चूत में अंदर-बाहर करने लगा।
इसकी वज़ह से उनका पानी निकलने लगा और वे झड़ गईं।
अब तक मेरा लंड भी अपने असली रूप में आ चुका था और मैं चाची की चुदाई के लिए तैयार हो गया था।
चाची भी अब मुझे कहने लगीं, “अब बस डाल दो अपना लंड मेरी चूत में और चोद दो मुझे!”
मैंने भी बिना वक़्त गंवाये अपना लंड उनके मुँह में गीला करने को दे दिया और फिर मैंने उनके पैरों को अपने कंधों पर रख कर अपना लंड उनकी चूत में सेट कर के एक जोरदार धक्का मारा जिससे मेरा आधा से ज्यादा लंड उनकी चूत में चला गया और वह आहें भरने लगीं।
मैंने बाकी बचे हुए लंड को अंदर डालने के लिए एक और जोरदार धक्का मारा और मेरा पूरा लंड उनकी चूत में समा गया!
लंड चूत में घुस जाने के बाद मैं उन पर पड़ा रहा और उनके मम्मों को चूसता रहा।
थोड़ी देर के बाद मैं अपनी कमर हिलाने लगा जिससे मेरा लंड चाची की चूत में अंदर-बाहर होता रहा और मैं उनकी धक्का-पेल चुदाई करता रहा।
इस हॉट चाची चुदाई करते हुए मैं उनके मम्मों को भी दबा रहा था और चूस रहा था।
करीब 15-20 मिनट बाद मैं और चाची दोनों ही साथ में झड़ गए।
चूँकि चाची आज थकी हुई थीं तो हमने और चुदाई नहीं की और दोनों साथ में लिपट कर सो गए।
अब हम हर रोज चुदाई का खेल खेलते हैं।
मैंने उनकी गांड भी मारी और उनकी बेटी की चुदाई भी की, वो मैं अगली कहानी में बताऊँगा।
आपको यह इस हॉट चाची चुदाई कहानी कैसी लगी?
मेल और कमेंट्स में बताएं.
चर्चा(0)
चर्चा में शामिल होने के लिए साइन इन करें।
अभी कोई टिप्पणी नहीं। सबसे पहले आप लिखिए!
विकल्प

