फैमिली सेक्सपूर्ण

देसी मामी की प्यासी चूत मारने का मजा

0 बार पढ़ी गई7 मिनट का पाठलगभग ९ घंटे पहले

हॉट मामी पोर्न कहानी में ननिहाल में शादी के लिए मैं मामा के घर रुका. मामा लकवे से ग्रसित थे तो मामी की चूत की सेवा नहीं हो पा रही थी. मैंने मामी को हिंट दिया तो वे चुदाई के लिए तैयार थी.

नमस्कार दोस्तो, मेरा नाम राजेश है और मैं औरैया, उत्तर प्रदेश का रहने वाला हूं, वहीं एक सरकारी बैंक में कार्यरत हूं।

मेरी उम्र 23 वर्ष है और लन्ड 6.5 इंच लम्बा और 3 इंच मोटा है जो किसी भी औरत को संतुष्ट कर सकता है।

ये मेरी और मेरी मामी की कहानी है।

अब बात करते हैं मेरी प्यारी मंजू मामी के बारे में।

उनकी उम्र 35 वर्ष है लेकिन लगती 27-28 वर्ष की हैं।

दिखने में आम ग्रामीण परिवेश की साधारण महिला हैं।

रंग गेहूंआ लेकिन चूचे ऐसे कि किसी की भी प्यास बुझा दे और गांड का तो कहना ही क्या!

उनको देख कर कोई भी नहीं कह सकता कि तीन बच्चों की मां है ये।

यह हॉट मामी पोर्न कहानी लगभग 6 माह पहले की है जब मेरी माता जी के चचेरे भाई के बेटे की शादी का निमंत्रण आया।

माता जी के अस्वस्थ होने के कारण और शादी का गेस्ट हाउस मेरे कार्यालय के पास होने की वजह से मुझे ही अकेले जाना पड़ा।

वैसे तो सप्ताहांत पर मैं कहीं नहीं जाता परंतु माता जी की गैरहाजिरी में मुझे 1 दिन पहले ही गांव के लिए निकलना पड़ा।

गांव पहुंच कर सबसे पहले मैं शादी के घर में सबसे मिलकर और उनका आशीर्वाद लेकर शादी की तैयारी में मदद करने लगा।

इतने में ही माता जी का फोन आया और उन्होंने बोला कि मेरे ठहरने की व्यवस्था उन्होंने मंजू मामी के यहां कर दी है।

अभी तक मेरे मन में मंजू मामी के लिए गलत विचार नहीं थे।

यह सुन कर मैं थोड़ा निश्चिंत हुआ क्योंकि शादी का घर पहले ही मेहमानों से भरा हुआ था और अभी भी कुछ मेहमानों का आना बचा था।

ऐसे में उनके यहां ठहरना मुनासिब नहीं था।

मंजू मामी के पति यानी मेरे मामा जी को 5 साल पहले लकवा मार गया था तो वो बस खाट पर पड़े रहते थे.

इसीलिए मैं उनके पूरे परिवार के लिए नए कपड़े और कुछ मिठाई लाया था।

थोड़ी देर बाद मंजू मामी खुद मुझे ढूंढते हुए आई और अपने घर चलने के लिए बोली।

मैं सबसे नमस्ते करके उनके साथ चल दिया।

उनका घर वहां से ज्यादा दूर नहीं था।

उनके घर पहुंच कर पहले मैंने सबको तोहफे दिए जो मैं उनके लिए लाया था।

ये देख कर मंजू मामी की आंखों में आंसू आ गए क्योंकि मामा के बीमार होने के बाद उनका जीवन यापन काफी मुश्किल भरा था।

उनको सांत्वना देने के लिए मैं उन्हें शांत करने लगा लेकिन वो मेरे सीने से लग कर और जोर से रोने लगी।

शायद उनको अहसास नहीं हुआ था कि उनके चूचे मेरे सीने से रगड़ रहे हैं.

लेकिन मुझे इस बात का पूरा ज्ञान था और धीरे धीरे मेरे लंड को भी इसका अहसास होने लगा लेकिन मैंने खुद को बहकने नहीं दिया।

उनको चुप कराने के बाद मैं फ्रेश होने चला गया।

बाथरूम में उनकी ब्रा पैंटी भी वहीं टंगी हुई थी।

ये देख कर मुझे उनके चूचे के स्पर्श याद आ गया और अब मैंने सोच लिया कि मामी को चोदना पड़ेगा।

मामी भी 5 साल से किसी लंड के लिए तरस रही थी और यही बात मेरा काम आसान करने वाली थी।

बाथरूम से निकलने के बाद मैं बिना चड्डी पहने ही शॉर्ट्स पहन कर मामी के पास बैठ गया और उनसे बात करने लगा।

घर भी खाली था क्योंकि बच्चे बड़े मामा के यहां काम में मदद कर रहे थे।

मैं, “मामी जी बिना मामा के काम में बहुत समस्या होती होगी?”

मामी, “हां बेटा होती तो है पर नसीब से कभी कोई जीता है क्या!”

मैं, “पर मामी कई काम तो बिना मामा के हो ही नहीं सकते!”

मामी, “क्या मतलब बेटा?”

मैं, “मवेशी हरी कराना मामी क्योंकि वो तो यहां से काफी दूर है।”

मामी, “ओह अच्छा तो ये मतलब था तुम्हारा!”

इतना कहते ही मामी के चेहरे पर एक कातिल मुस्कान उभर आई और मैं समझ गया कि मामी टांगें उठा कर चुदाने के लिए तैयार है।

मैंने भी झट से बोल दिया, “हरी तो आप भी नहीं हुई हो 5 साल से!”

मेरा इतना कहना हुआ और मामी भी समझ गई कि मैं उनके जिस्म की आग बुझाने के लिए तैयार हूं।

इतनी बातों में मेरे लंड ने शॉर्ट्स में तंबू बना दिया था जिसको मामी की प्यासी नजरों ने भी देख लिया।

फटाफट मामी ने मेरा लंड मसलना शुरू किया और मैंने भी उनके बूब्स ब्लाउज के ऊपर से ही दबाने शुरू किए।

फिर उनका ब्लाउज उतार कर फेंक दिया।

उनके गोरे और बड़े बूब्स मेरे चेहरे के सामने लटक गए जिसको बिना समय खराब किए मैंने चूसना चालू कर दिया।

मामी ने मेरे कपड़े उतारकर लंड मुंह में लेना चालू किया और वो सीधे गले तक ले रही थी।

ज्यादा समय न होने के कारण ये कामक्रीड़ा जल्दी रोकनी पड़ी क्योंकि बाहर किसी ने मामी को बुला लिया।

मामी जल्दी से अपना ब्लाउज उठा कर साड़ी ठीक करके दरवाजे की ओर गई और मैं अंदर आ गया।

जब मामी वापस आई तब उन्होंने कहा कि बारात के निकलने का समय हो रहा है तो ये सब बाद में करते हैं।

मुझे भी बारात में शामिल होना था तो मैं भी बेमन से तैयार होने लगा क्योंकि अभी तक मामी के सिर्फ बूब्स के दर्शन हुए थे और चूत की मुंह दिखाई तो बाकी थी।

मामी और मैंने ये तय किया कि वो और मैं बारात से जल्दी वापस आ जाएंगे।

जल्दी जल्दी बारात विदा कराकर हम दोनों वापस आ गए और अधूरी रह गई कामक्रीड़ा को दोबारा चालू किया।

इस बार मैं मामी के ऊपर हावी हो गया और उन्हें अपनी तरफ खींच कर उनकी साड़ी उनके जिस्म से अलग किया।

अब वो मेरे सामने बस ब्लाउज और पेटीकोट में थी।

ब्लाउज से उनके दोनों कबूतरों को आजाद करके उनको अपने ऊपर चढ़ने का इशारा किया।

वो पेटीकोट ऊपर करके मेरे लंड पर बैठ गई और अब चुदासी मामी की प्यास बुझाने का कार्यक्रम चलने लगा।

मामी 5 सालों से चोदी नहीं गई थी तो उनकी चूत एकदम कसी हुई थी।

लंड का टोपा ही अंदर गया था और उनकी चीख निकल गई, “आह आह आराम से करो जानू! पूरी की पूरी चूत ही तुम्हारी है!”

लेकिन मैं तो झटका देता रहा।

अगले झटके में पूरा लंड ही उनकी चूत में उतर गया और उनका तो बुरा हाल हो गया, “उई मां… मर गई मैं… साले आराम से चोद… मैं कहीं भागी जा रही हूं क्या… 5 साल बाद लंड ले रही हूं… थोड़ा तो रहम कर!”

ऐसी बातें अपनी “संस्कारी मामी” के मुंह से सुन कर मुझे और जोश आ गया और मैं और जोर से चोदने लगा।

हॉट मामी तो बेहाल ही हो गई।

5 मिनट बाद पोर्न मामी झड़ भी गई।

मैं बोला, “मामी अब बताओ दर्द हुआ कि मजा आया!”

मामी तो एकदम चहक उठी, “बेटा ऐसे तो कभी तुम्हारे मामा नहीं चोद पाए! मजा आ गया!”

मैं, “तो क्या सारे मजेदार अकेले ही लेने हैं तुझे रांड…. अभी मैं कहां झड़ा हूं!”

इतना सुनते ही मामी ने झट से मेरा लंड मुंह में लिया और चूसने लगी।

5 मिनट की चुसाई के बाद मैंने उनको बेड पर घोड़ी बनाया और पीछे से उनकी चूत में लंड सटा कर उनकी गांड में उंगली करने लगा।

मेरा ये प्रहार मामी सह न पाई और तिलमिला गई, “अब इतना भी मत तड़पाओ राजा.”

और फिर सीधा लंड उतार दिया अपनी रखैल की चूत में।

2 मिनट चोदने के बाद लंड का टोपा अब गांड में डाल कर गांड चोदने लगा।

ऐसे ही बारी बारी 20 मिनट चूत और गांड मारने के बाद मैं उसकी चूत में झड़ गया।

10 मिनट एक दूसरे से लिपटने के बाद मैं चूत चाटना शुरू किया।

69 पोजिशन बना कर मामी मेरा लंड खाने लगी।

दोबारा लंड खड़ा होने के बाद अब तेल लगा कर गांड मारी क्योंकि पिछली बार थोड़ा ज्यादा दर्द हो रहा था मामी को।

10 मिनट की घमासान कामक्रीड़ा के बाद वीर्य से मामी की गांड भर दी।

उस रात मामी को 4 बार और चोदा और इसके बाद मामी भी मेरे रूम पर आने लगी अपनी प्यास बुझाने।

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