फैमिली सेक्सपूर्ण

सर्द रात में बुआ की लड़की को चोदा

0 बार पढ़ी गई10 मिनट का पाठ२ दिन पहले

हॉट टीन सिस्टर सेक्स कहानी में मैं बुआ के घर रुका तो सब लोग एक कमरे में सोये. उनकी बेटी मेरे साथ लेटी थी. वह मेरे कम्बल में आकर मेरे सोये हुए लंड को सहलाने लगी.

हैलो एवरी वन, मैं ओडिशा से शेखर हूँ. मेरी उम्र 25 साल है और हाइट 5 फुट 7 इंच की है.

दिखने में मैं सामान्य सा लड़का ही हूँ.

इस साइट पर मुझे एक साल से ऊपर हो गया है, मैं रोजाना इस साइट पर प्रकाशित सेक्स कहानियां पढ़ता हूँ.

मैंने जब इस पटल पर अनेकों सेक्स कहानियां पढ़ीं तो मुझे लगा कि मैं भी अपने साथ घटी एक कामुक घटना को आप सभी के साथ साझा करूं.

इस घटना को मैं सेक्स कहानी के माध्यम से आपके सामने रखने का प्रयास कर रहा हूँ.

इस हॉट टीन सिस्टर सेक्स कहानी की नायिका मेरी बुआ की लड़की पूजा नाम बदला हुआ है.

वह गुरुग्राम में अपने पेरेंट्स के साथ रहती है.

उसकी उम्र अभी 20 साल है और हाइट 5 फुट की ही है.

वह दिखने में किसी रबर की गुड़िया जैसी लगती है.

उसका एक एक अंग एकदम सांचे में ढला हुआ लगता है.

वह इतनी ज्यादा सेक्सी लड़की है कि उसे कोई भी एक बार देखेगा तो वह अपने लंड को मसलने लगेगा.

उसकी फिगर का साइज़ 34-30-36 का है.

केवल साइज़ ही नहीं बल्कि उसके जिस्म के हर कटाव इतने मस्त हैं कि लौड़े में मानो करंट दौड़ जाता है.

प्यारे दोस्तो, आपका अपने लंड को आगे-पीछे करने और चूत में एक से ज़्यादा उंगली डालने का टाइम आ गया है … इसलिए देर न करते हुए सीधे कहानी पर चलते हैं.

यह बात दो साल पुरानी है.

तब मैं गुरुग्राम में असिस्टेंट अकाउंटेंट के पद पर जॉब कर रहा था.

मेरी जॉब शुरू हुए एक महीना हुआ था.

उस समय मैं दिल्ली से गुरुग्राम रोज़ आता जाता था.

कुछ दिन बाद दिल्ली में बहुत ठंड हो गई.

इतनी ठंड में मुझे सर्दी और ज़ुकाम हो गया.

मुझे रूम तक आने में दिक्कत होने लगी थी तो मैंने सोचा कि क्यों न आज बुआ जी के पास चला जाऊं.

कंपनी के ऑफिस से बुआ जी का रूम कुछ ही दूरी पर था.

मैं फोन करके उनके रूम पर चला गया.

उस वक्त शाम के सात बज चुके थे.

मेरी तबीयत और भी बिगड़ने लगी थी.

फूफा जी मेरे लिए दवा लेकर आए.

तब करीब रात के 9 बजे का समय हो गया था.

उनकी एक बड़ी बेटी है जो मेरी ही उम्र की है.

उसने मेरी छाती की तेल से मालिश की तो काफी चैन पड़ा.

फिर हम सबने साथ मिल कर खाना खाया और सोने की तैयारी करने लगे.

फूफा जी कर घर एक कमरे वाला ही था.

किचन के अतिरिक्त एक ही लैटबाथ था.

उनके इस रूम में एक ही डबल बेड था.

बुआ जी ने कहा- तुम तीनों बेड पर ही सो जाना. मैं और तेरे फूफा नीचे सो जाएंगे.

दोनों बहनों को ओढ़ने के लिए एक कम्बल था और एक अलग कंबल मेरे लिए था.

रात में ठंड ज़्यादा होने लगी और मुझ पर दवा का असर भी था, तो मैं गहरी नींद में सो गया.

करीब रात के एक बजे के आस पास जब मेरी नींद खुली तो मुझे महसूस हुआ कि कोई मेरे कम्बल के अन्दर मुझे पीछे से हग करके सोया हुआ है.

मैंने अपनी बहन को अब तक कभी सेक्स की नज़र से नहीं देखा था.

मुझे लगा कि शायद वह नींद में मेरे कम्बल में आ गई है.

मैं धीरे से करवट बदलने लगा और सीधा हो गया.

वह मुझसे अलग हो गई.

उस वक्त मुझे पसीना बहुत आ रहा था क्योंकि बुखार की दवा से पसीना आता है.

मैंने उठ कर अपने कपड़े उतार दिए.

सिर्फ अंडरवियर और उसके ऊपर तौलिया लपेट कर मैं वापस सोने लगा.

कुछ मिनट के बाद पूजा ने फिर से अपना एक पैर मेरे ऊपर रखा और अपने घुटने से मेरे अंडरवियर के ऊपर से मेरे लंड को सहलाने लगी.

उस वक्त मुझे पता चला कि वह सोई नहीं है लेकिन मैं सोने की एक्टिंग करने लगा.

कुछ देर बाद मेरा लंड अपना आकार बढ़ाने लगा और उसने अपने सात इंच के आकार में आकर तौलिया में तंबू बना दिया.

मेरा अंडरवियर लौड़े के सख्त होने के कारण एकदम फूल गया था.

उसे भी पता चल गया कि मैं भी जागा हुआ हूँ तो उसने अपना पैर हटा दिया और सोने की कोशिश करने लगी.

मेरे दिमाग में खिचड़ी पकने लगी.

मैंने सोचा कि क्यों न आज पहली बार इस लड़की के साथ सेक्स का मज़ा लिया जाए.

कुछ देर बाद मैं भी उसके ऊपर एक हाथ रख कर सोने लगा.

उसने सोचा कि मैं भी नींद में हूँ.

लेकिन उसे यह कहां पता था कि मेरे अन्दर का शैतान जाग चुका है.

अब मुझे कैसे भी करके लंड को उसकी चूत के अन्दर घुसा कर अपना पानी निकालना था.

तभी उसने धीरे से अपना टॉप ऊपर कर दिया. फिर अपने हाथ से खुद मेरा हाथ पकड़ कर अपने बूब्स पर रखवा दिया और धीरे-धीरे दूध दवबाने लगी.

दोस्तो, क्या बताऊं … उसके बूब्स इतने मुलायम-सॉफ्ट थे कि मुझे उन्हें मसलने में बहुत अच्छा लग रहा था.

मैं उत्तेजित हो गया और उसकी एक चूची को जोर से दबा दिया.

इससे उसे पता चल गया कि मैं भी जागा हुआ हूँ.

वह धीरे से मेरे कान में बोली- आवाज़ मत निकालना … दीदी है साथ में!

इतना बोलते ही मैंने उसके होंठों को अपने होंठों में जकड़ लिया और चूमने लगा.

हॉट टीन सिस्टर सेक्स में मस्ती से मेरा साथ दे रही थी.

कोई दस मिनट चूमाचाटी करने के बाद मैं एक हाथ से उसकी एक चूची को मसल रहा था और उसके मुँह में जीभ डालकर उसे स्मूच कर रहा था.

वह मस्त थी और मेरे लौड़े को अपने हाथ से सहलाने लगी थी.

मैं भी अपने दूसरे हाथ से उसकी पैंटी के ऊपर से चुत को सहलाने लगा.

फिर मैंने पैंटी के अन्दर हाथ डाला और महसूस किया कि उसकी चूत पर छोटे-छोटे बाल थे और चूत पूरी गीली हो चुकी थी.

तभी मैं उसकी चूत के अन्दर एक उंगली को धीरे-धीरे करके पेलने लगा.

वह मेरी उंगली घुसने से बिलबिला उठी और बोली- आह … धीरे से करो!

कुछ मिनट बाद उंगली ने चुत की चुदाई चालू कर दी और उसने अपने बदन को अकड़ा लिया.

मैं समझ गया कि इसका रस छूटने वाला है तो मैं और तेजी से फिंगर फक करने लगा और उसके दूध को मुँह में लेकर चूसने लगा.

उसी पल उसने अपना सारा रस छोड़ दिया और निढाल हो गई.

कुछ समय बाद वह मेरे अंडरवियर से लंड को बाहर निकालने लगी.

जब वह मेरे लंड को सहलाने लगी, तो मैंने उससे पूछा- ये सब कहां से सीखा?

उसने कहा- पॉर्न वीडियो देख कर … क्यों तुम क्या समझे?

मैं चुप रहा.

मुझे पता चल गया कि ये पॉर्न वीडियो देखती है और उसी वजह से लंड की प्यासी हो गई है.

मैंने कहा- मेरे लंड को एक बार चूस न!

उसने मना किया.

मैंने कुछ नहीं कहा.

पर कुछ देर बाद उसने 69 में होकर मेरे लंड को मुँह में लेकर चूसना शुरू कर दिया और मेरे आंड मुँह में लेकर चूसने व चाटने लगी.

उसकी आंड व लंड चुसाई से मेरा तो बुरा हाल हो रहा था.

लौड़े से चिकना पानी निकल जाने के बाद मैं कुछ रिलेक्स हुआ.

कुछ पल बाद मैंने उसे वापस सीधा लिटाया और उसकी चूत में फिर से एक उंगली डाली.

उंगली को अन्दर-बाहर करते-करते मैंने उसकी चूत में दो उंगलियां अन्दर डाल दीं.

मैं उसकी चूची को मुँह में लेकर चूसने लगा.

उसने अपने मुँह को दबाकर रखा था ताकि बाहर आवाज़ न निकले.

दस मिनट बाद उसने मुझे अपने ऊपर खींच लिया और मेरे कान में बोली- भैया, आप मेरी बुर में अपना लंड डाल दो … अब और ज्यादा मत तड़पाओ!

मैं तो उस वक्त वासना की आग में सब कुछ भूल चुका था कि कमरे में कौन कौन सो रहा है और क्या हो सकता है.

मैंने देरी न करते हुए उसकी गीली चूत में अपना सात का लंड फंसाया और ताकत लगाते हुए एक शॉट दे मारा.

वह कुछ आवाज करती, उससे पहले मैं उसके होंठ दबा कर उसे किस करने लगा.

एक दो मिनट बाद जब मैंने उसे देखा, तो उसकी आंखों में आंसू आ गए थे और वह मेरे होंठों को काटने लगी थी.

वह मेरे कान में बोली- धीरे-धीरे डालने में क्या दिक्कत थी? इतनी जोर से क्यों शॉट मारा … मैं कहीं भाग थोड़ी रही हूँ?

मैं हल्के से हंस दिया और ऐसे ही धीरे-धीरे उसकी चूत में लंड को आगे-पीछे करता रहा.

अब वह भी मेरे साथ ऊपर-नीचे होने लगी.

उस वक्त हम दोनों को चुदाई करने में इतना ज्यादा मज़ा आ रहा था कि क्या बताऊं!

दोस्तो, चुदाई में जब तक डर न हो, तब तक पूरा मजा भी नहीं मिलता है.

उसकी बहन को पता न चले, इसी डर से मैं कम्बल के अन्दर ही उसे धीरे-धीरे मिशनरी पोज में चोदता रहा.

चुदाई करते हुए हम दोनों को बीस मिनट हो गए थे.

वह इस दौरान और दो बार झड़ चुकी थी.

उसने मुझे हटने के लिए कहा मगर मेरा तो अभी तक कुछ हुआ नहीं था.

मैंने उसे फिर से किस करना शुरू किया और धीरे-धीरे चोदने लगा.

कुछ देर बाद जब मैं झड़ने वाला था, तो मैंने उससे पूछा- कहां निकालूँ?

उसने बोला- लंड बाहर निकालो.

लेकिन मैं उस टाइम इतना उत्तेजित हो गया था कि मैं लंड बाहर नहीं निकाल पाया.

जब मेरा वीर्य छूटा, तो मैंने लंड को और अन्दर तक पेल दिया, उसकी बच्चेदानी मुझे महसूस हो रही थी.

उस वक्त मेरा इतना ज्यादा वीर्य निकला कि क्या बताऊं .. रस उसकी चूत से बाहर आने लगा.

हम दोनों हांफ रहे थे.

कुछ देर बाद हम दोनों ने एक एक करके बाथरूम में जाकर साफ सफाई की और वापस आकर हम लोग सोने लगे.

मैंने अगले दिन कंपनी से छुट्टी एक ले ली और उसके अगले दिन संडे भी था, तो मैं बुआ के घर पर ही रुक गया.

अगले दिन जब बुआ जी और उनकी बड़ी बेटी बाजार गईं, तब हम दोनों ने दो घंटे तक दरवाजा बंद करके दो बार और चुदाई की.

उस वक्त भी मैंने अपने लौड़े का सारा माल उसकी चुत के अन्दर ही छोड़ा.

जब मैंने उससे पूछा- कुछ होगा तो नहीं?

तो उसने कहा- मैं मैनेज कर लूंगी.

उसके बाद हम दोनों भाई बहन की चुदाई का खेल चलता रहा.

कुछ दिन के बाद मैं फिर से ओडिशा वापस आ गया और यहां जॉब करने लगा.

अब बुआ जी की बड़ी लड़की की शादी हो गई थी.

उन दिनों बुआ जी और पूजा दोनों गांव में आई हुई थीं.

मुझे उसके साथ सेक्स करने का एक मौका और मिल गया था.

दूसरी बार जब मैंने उसे चोदा था तो महसूस किया था कि वह और ज्यादा मस्त हो गई थी.

दोस्तो, यह मेरी सच्ची सेक्स कहानी है.

अगर आपको हॉट टीन सिस्टर सेक्स कहानी अच्छी लगी तो प्लीज मुझे जरूर बताएं.

शेखर

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