देसीपूर्ण

कुंवारी लड़की और उसकी दीदी की चुत चुदाई- 3

0 बार पढ़ी गई13 मिनट का पाठ२ दिन पहले

इंडियन बिग बूब फक का मजा मैंने अपनी गर्लफ्रेंड की बड़ी शादीशुदा बहन की बड़ी बड़ी चूचियों के बीच में लंड रखकर चुदाई करके लिया. मेरी गर्लफ्रेंड देख रही थी.

मित्रो, मैं लव आपको अपनी सैटिंग ट्विंकल की सीलपैक चुत की चुदाई की कहानी सुना रहा था.

कहानी के दूसरे भाग

कुंवारी लड़की की नाजुक बुर चोदी

में अब तक आपने पढ़ा था कि मैं ट्विंकल की एक सहेली के घर पर उसकी चुदाई करके सो गया था.

अब आगे इंडियन बिग बूब फक का मजा:

जब मैं उठा तो एक बज गया था. मेरे बाजू में ट्विंकल सो रही थी.

मैंने उसे उठाया तो उससे खड़ा नहीं हुआ जा रहा था.

लेकिन वो काफी खुश लग रही थी.

वो मुझे किस करने लगी.

मेरा लंड खड़ा हो गया.

मैं- कैसा लग रहा है?

ट्विंकल- बहुत दर्द हो रहा है लेकिन मजा भी बहुत आ रहा है. एक बार फिर करो ना … तुम्हारा तो हुआ भी नहीं था?

मैं- बहुत दर्द होगा, लाओ मैं तुम्हारी चूत की सिकाई कर देता हूं.

फिर मैंने पानी गर्म किया और उसकी चूत की सिकाई कर दी.

मैं- टाइम भी हो गया है, अब चलना चाहिए.

ट्विंकल- लाओ, मैं तुम्हारे लंड को प्यार कर देती हूं.

वो मेरा लंड चूसने लगी.

दस मिनट बाद मैं उसके मुँह में झड़ गया.

मैंने लंड निकालना चाहा लेकिन उसने कस कर पकड़ लिया और आखिरी बूंद तक निचोड़ लिया.

उसके बाद हम दोनों निकल गए.

मैं घर आ गया.

अगले दिन उसने फिर से बुलाया और मैं चला गया.

जाते ही उसने मुझे दबोच लिया और हमने चुदाई शुरू कर दी.

आज उसे कम दर्द हो रहा था.

मैंने उसकी एक चूची को मुँह में भर लिया और धक्के लगाने लगा.

मस्त चुदाई होने लगी.

फिर मैंने आसन बदला, उसे अपनी गोद में बिठा लिया और उसकी चूत में लंड डाल कर उसे कमर से पकड़ कर चुदाई करने लगा.

वो भी गांड उठा कर चुदाई करवा रही थी.

मैं उसे अपने सीने से लगा कर उसकी गांड पकड़ कर चुदाई करने लगा.

वो काफी आवाज निकाल रही थी और मुझे किस करते हुए झड़ गई.

मैं लंड निकालने लगा तो उसने मना कर दिया और कुछ देर बाद गांड उठाकर चुदाई करवाने लगी.

एक बार वो झड़ गई, तो अब मैं भी आने वाला था.

मैंने उससे पूछा- कहां निकालूं?

उसने कहा- अन्दर ही निकल जाओ.

पर मैंने लंड निकाल दिया तो वो लंड मुँह में लेकर चूसने लगी.

मैं झड़ गया.

कुछ देर बाद हम दोनों उधर से निकल गए.

निकलने से पहले उसने बताया कि कल मैं अपने घर पर ही तुम्हें बुलाऊंगी. मम्मी पापा बाहर जा रहे हैं. घर पर सिर्फ मैं ही अकेली हूँ.

मैंने ओके कह दिया.

अगले दिन उसने मुझे अपने घर बुला लिया.

अन्दर आते ही उसने मेरी आंखों पर पट्टी बांध दी, मुझे बेड पर लिटा दिया और मेरे कपड़े उतारने लगी.

उसने खुद के भी कपड़े उतार लिए और मेरे लंड को चूसने लगी.

तभी मुझे लगा कि कमरे में कोई और है.

मैंने महसूस किया कि कोई और मेरे लंड को हाथ लगा रहा है, ये ट्विंकल का हाथ नहीं था.

मैंने झट से अपनी पट्टी खोल दी, लेकिन कोई नजर नहीं आया.

मैं अपनी पट्टी खोलते हुए बोला- कोई रूम में है क्या? क्या हो रहा है यहां ट्विंकल?

ट्विंकल मेरे सीने पर लेटती हुई मुझे किस करने लगी और मेरे लंड को थोड़ा अपनी चूत पर घिसती हुई बोली- बेबी, मुझे तुम्हें एक बात बतानी थी. मेरी एक सहेली है, वो भी तुम्हारे साथ सेक्स करना चाहती है.

मैं गुस्से में बोला- क्या बकवास है. मैं क्या कोई प्लेबॉय हूं?

ट्विंकल- सुनो तो बेबी, सिर्फ एक बार. जिसके रूम में हम गए थे, वही है. उसने भी तो हमारी मदद की है.

मैं- पर उसका तो पति है ही न!

ट्विंकल- बाकी तुम उसी से पूछ लेना.

मैं- ठीक है, बुलाओ उसे!

ट्विंकल- दीदी, बाहर आ जाओ.

मैंने देखा कि उसकी उसकी बड़ी बहन बबली अचानक रूम से निकली.

मैं उसे देख कर शर्म से पानी पानी हो गया और जल्दी से ट्विंकल को दूर हटा कर अपने शरीर को वहीं पड़ी बेडशीट से ढक लिया.

मैंने अपने चेहरे को भी ढक लिया.

अब मुझे रोना सा आ गया और मैं सुबकता हुआ अपना अपराध भाव दिखाने लगा.

ट्विंकल- क्या हुआ बेबी, रो क्यों रहे हो?

मैं कुछ नहीं बोला और सुबकता रहा.

तब बबली दीदी मेरे पास आईं और मेरे सर को अपने गोद में रखती हुई मुझे चुप कराने लगीं.

बबली- अरे मेरे भाई, चुप हो जा. रो क्यों रहा है?

मैं- आपने ऐसा क्यों किया, आप जानती थीं कि मैं आपको बहन मानता हूं कितनी इज्जत करता हूँ आपकी. मैं आपके साथ ये नहीं कर सकता!

बबली- मेरी मजबूरी है. तीन साल हो गए मेरी शादी को, लेकिन मैं मां नहीं बन सकी हूँ. मुझे तुमसे एक बच्चा चाहिए.

इतना बोलकर वो रोने लगीं.

उन्हें रोता देख ट्विंकल भी रोने लगी.

फिर मैं उठा और मैंने बेडशीट कमर में लपेट कर दोनों को चुप कराया.

मैं- क्यों क्या हुआ है. आपने डॉक्टर को दिखाया क्या?

बबली- डॉक्टर को तो नहीं दिखाया लेकिन मैं दिन रात ताना सुनती हूं. सिर्फ एक बार ट्राई करके देखना चाहती हूँ. अगर मैं मां बन गई तो ठीक, नहीं तो डॉक्टर के पास जाऊंगी.

मैं- तो मैं ही क्यों, आपको तो कोई भी मिल जाएगा ट्राई करने के लिए?

बबली- ट्विंकल ने कहा कि उसे तुम जैसा ही भांजा चाहिए.

मैं ट्विंकल को गुस्से से देखते हुए बोला- लेकिन ये गलत है?

ट्विंकल मुझसे चिपकती हुई- बेबी मान जाओ ना प्लीज़.

वो अभी भी नंगी थी, बोली- देखो हमारी तो शादी होगी नहीं, तो मैं अपने भांजे में तुम्हें याद कर लिया करूंगी.

मैं- अगर भांजी हुई तो?

ट्विंकल- तो एक बार और ट्राई कर लेना.

बबली- प्लीज मान जाओ ना!

मैं- ओके.

मेरे मुँह से इतना सुनते ही दोनों मुझे किस करने लगीं और गले लगने लगीं.

मैं उठा और पहली बार बबली दीदी को गौर से देखने लगा.

उनका फिगर 34-30-36 का रहा होगा, कमाल लग रही थीं.

दीदी ने लाल साड़ी पहन रखी थी.

वो खड़ी हो गईं और मेरे सीने से लग गईं.

मैंने उन्हें अपनी बांहों में भर लिया.

फिर ट्विंकल ने भी मुझे पीछे से अपनी बांहों में भर लिया.

मैंने दीदी को दूर किया और उनकी आंखों देखते हुए उनकी साड़ी उतारने लगा.

कमाल के बूब्स थे उनके!

आज मेरा चूची चोदने का सपना पूरा होने वाला था.

मैंने उनकी साड़ी उतार कर उन्हें किस करने लगा और हाथ से उनकी पीठ सहलाने लगा.

फिर ट्विंकल ने उनका पेटीकोट और मेरी बेडशीट कमर से हटा दी, साथ ही उसने अपनी दीदी का हाथ मेरे लंड पर रख दिया.

बबली दीदी का हाथ कांप रहा था.

मैंने उन्हें लेटा दिया और ब्लाउज के बटन खोल कर उनकी ब्रा निकाल दी.

अब वो सिर्फ पैंटी में थीं.

उन्होंने शर्म से अपनी आंखें बंद कर लीं.

मैंने उनकी आंखों को चूम लिया और उनके माथे, गाल, होंठ, गर्दन, कंधे को चूमते हुए उनके बूब्स पर जीभ को रख दिया.

उनके बूब्स काफी बड़े थे एकदम सफेद, बीच में डार्क निपल्स. उनके एक निप्पल को जीभ से छेड़ते ही वो सिहर गईं.

फिर मैं उनके चूचों को जोर जोर से चूसने चाटने लगा, कभी एक तो कभी दूसरा.

ट्विंकल मेरे पास आई और दीदी की एक चूची अपने मुँह में लेकर चूसने लगी.

अब बबली दीदी की दोनों चूचियां हम दोनों किसी बच्चों की तरह चूस रहे थे.

वो आह आह करती हुई हम दोनों के बालों में हाथ फेरने लगी थीं.

मैंने दीदी के पेट को चूसते हुए उनकी पैंटी के ऊपर से उनकी चूत पर जीभ को फिरा दिया.

वो सिहर गईं.

फिर मैंने दीदी की पैंटी उतार दी.

उनकी चूत एकदम गोरी थी, बिना बालों की.

ट्विंकल अब मेरा लंड चूसने के लिए नीचे आ गई और मेरा लंड चूसने लगी.

मैं बबली दीदी की चूत चाटने लगा.

वो मेरा सर अपने चूत पर जोर से दबाती हुई झड़ गईं और हांफने लगीं.

मैं भी अब ऊपर आ गया और उन्हें किस करने लगा.

फिर मैं उनके चूचे चूसते हुए उन्हें गीला कर दिया और अपना लंड उनके बूब्स के बीच रख कर उनके बूब्स चोदने लगा.

इंडियन बिग बूब फक का मजा मुझे और उसे दोनों को मिल रहा था, वो आह आह करने लगीं.

ट्विंकल- मेरे साथ तो ऐसा तुमने कभी नहीं किया!

बबली दीदी उठती हुई- क्योंकि तेरे चूचे अभी छोटे हैं.

ये कहकर वो हस पड़ीं.

तो ट्विंकल मुझे देखने लगी.

मैंने उसे गोद में बिठा लिया और उसकी एक चूची को मुँह में भर लिया.

फिर बबली दीदी नीचे बैठ कर मेरे लंड पर बूब्स रख कर अपने बूब्स चुदवाने लगीं.

ये देख कर ट्विंकल भी वैसे ही करने लगी और पूछा- मजा आ रहा है?

मैं- हां.

फिर कुछ देर बाद बबली दीदी मेरे ऊपर लेट गईं और मेरा लंड अपनी चूत में डालने लगीं लेकिन वो डाल नहीं पा रही थीं.

मैंने उनको पलटते हुए उनको नीचे कर दिया और लंड चूत पर घिसते हुए बोला- डाल दूं?

बबली- हां डाल दे, कस कर रगड़ दे.

इतना सुनते ही मैंने एक झटके में अपना सुपारा घुसा दिया.

वो चीख पड़ीं.

ट्विंकल ने जल्दी उनके होंठ अपने होंठों से बंद कर दिए.

फिर कुछ देर उनकी चूची चूसने के बाद वो कुछ नॉर्मल हुईं तो इस बार धीरे धीरे करके मैंने पूरा लंड उनकी चूत में सरका दिया और हल्के हल्के धक्के लगाने लगा.

वो आह आह अह माई गॉड बोलने लगीं.

फिर कुछ देर बाद मैं उनके ऊपर मिशनरी पोजीशन में आ गया और उन्हें सहलाने लगा, उनके होंठों को चूसने लगा और धीरे धीरे धक्के देने लगा.

कुछ देर बाद उन्होंने मेरी पीठ को पकड़ लिया और अपनी जांघों को मेरी कमर पर लपेट कर जोर जोर से चोदने को कहने लगीं.

मैं भी अब स्पीड बढ़ा कर जोर से चोदने लगा.

कुछ देर में वो झड़ गईं तो मैं लंड निकालने लगा.

उन्होंने मना कर दिया.

मैं ऐसे ही उसके ऊपर लंड डाले लेटा रहा.

मैंने पलट कर ट्विंकल को देखा तो वो बड़ी बड़ी आंखों से हमें देख रही थी.

इतनी दमदार चुदाई उसने पहली बार देखी थी.

मैंने जब भी उसे चोदा, प्यार से धीरे धीरे ही चोदा था.

बबली- ओह यार मजा आ गया, कितने दिन बाद ऐसे चुदी हूं. फिर से शुरू हो जा, अभी ट्विंकल को मौसी बनाने वाला काम बाकी है.

मैं बबली दीदी को फिर से चोदने लगा.

इस बार मैं पूरा लंड निकालता और वापस ठोक देता.

वो आह आह करके रह जातीं.

फिर मैं और वो एक साथ झड़ गए.

मैं पहली बार किसी की चूत में झड़ रहा था. मुझे इतना मजा आ रहा था कि मैं बता नहीं सकता.

झड़ते हुए ट्विंकल हम दोनों को देख रही थी.

मैंने उसे भी अपने साथ गले लगा लिया.

अब मैंने अपना लंड निकाला और बेड पर पीठ के बल लेट गया.

मेरे दोनों तरफ ट्विंकल और बबली लेट गईं.

बबली दीदी मेरे सीने पर हाथ फेरती हुई बोलीं- चूत में गर्म माल जाने से कितना मजा आता है न! तुम्हें कैसा लगा मेरी चूत में झड़ कर?

मैं- बहुत अच्छा लगा.

ट्विंकल- तुम कभी मेरी चूत में तो नहीं झड़े, हमेशा बाहर निकाल लेते हो और तुमने ना ही कभी मेरी ऐसी जबरदस्त चुदाई की है!

मैंने हंसते हुए उसे अपने सीने पर लिया और कहा- अगर मैं तुम्हारे अन्दर झड़ता, तो तुम्हारी जगह बबली दीदी मौसी बन जातीं.

ट्विंकल ने शर्माते हुए अपना चेहरा मेरे सीने में छुपा लिया.

फिर मैं ट्विंकल को चोदने लगा.

काफी देर बाद जब मैं जब झड़ने वाला था तो मैंने लंड निकालना चाहा.

उसने अपने पैर मेरी कमर पर लपेट दिए.

मैं- ये क्या कर रही है, मुझे निकलने दो.

ट्विंकल- बेबी, मेरे अन्दर ही निकल जाओ ना प्लीज़ … सिर्फ एक बार!

मैं- नहीं, अभी तुम्हारी दीदी को इसकी जरूरत है.

मैंने जबरदस्ती लंड निकाल लिया तो वो रोने लगी.

मैंने उसे समझाया कि जब तेरे पीरियड्स खत्म होते हैं, उसके अगले 3 दिन तक मैं तेरे अन्दर निकलूंगा.

मेरी इस बात पर वो कुछ शांत हुई.

अभी मेरा झड़ा नहीं था, तो मैंने सीधा अपना लंड बबली दीदी की चूत में डाल दिया.

वो अचानक लंड पेले जाने से जोर से चीख पड़ीं.

फिर कुछ मिनट बाद मैं उनके अन्दर झड़ गया.

अब हम तीनों सो गए.

मैं जब उठा, तो 2 बजे का समय हो गया था.

बबली दीदी पहले ही उठकर खाना बना रही थीं.

मैंने जाकर उनको पीछे से पकड़ लिया और उनके गाउन के ऊपर से उनके चूचे मसलते हुए चूमने लगा.

बबली- क्या बात है, कुछ देर पहले तो कह रहे थे कि मैं तुम्हारी बहन जैसी हूं. अपनी बहन के कोई चूचे मसलता है?

मैं- आप हो ही इतनी प्यारी!

बबली- चलो, अब ज्यादा तारीफ मत करो और उसे उठा कर नहा लो.

मैं- एक बात बताइए, आपको पता है कि लावली और मैंने पिछले 2 दिन उसकी सहेली के घर में सेक्स किया था?

बबली बोली- हाँ, मुझे पता है.

फिर मैंने पूछा- वो ट्विंकल की सहेली का नहीं, आपका ही घर है न? और आप भी उस वक्त वहीं घर में थी?

बबली दीदी अपने चेहरे को मेरे सीने में छिपाती हुई शर्माईं और बोलीं- हां. वो मेरा ही घर है, मैं तब बाथरूम में छिपी हुई थी.

अब मैं समझ गया कि बाथरूम में जाने न देने का क्या रहस्य था.

मैं- तो मेरे जाने के बाद क्या उस दिन ज्यादा दर्द हुआ था ट्विंकल को?

बबली- नहीं, तुमने काफी प्यार से चोदा था उसे … और तुमने जो एक बार उसकी चूत सिकाई कर दी थी, तो ज्यादा दर्द नहीं था. फिर रात में मैंने भी उसकी सिकाई कर दी थी.

अब तक ट्विंकल जाग गई थी तो मैंने उसे उठाया और सीधा बाथरूम में ले गया.

फिर मैं बबली दीदी को लेने आया, तो वो मना करने लगीं.

मैंने उन्हें गोद में उठाया और बाथरूम में ले जाकर खड़ा कर दिया.

अगले ही पल मैंने शॉवर ऑन कर दिया.

वो गाउन में पूरी भीग कर सेक्सी लग रही थीं.

फिर हम दोनों ने उनका गाउन निकाल दिया और उनके चूचे चूसने लगे.

हम दोनों उनके एक एक चूचे चूस रहे थे.

मैं अपना एक हाथ नीचे ले गया और उनकी चूत सहलाने लगा.

फिर वहीं उनकी टांग उठा कर चोदने लगा. वो 5 मिनट में ही झड़ गईं.

तो अब मैंने ट्विंकल को गोद में उठा कर उसकी चूत में लंड घुसा दिया और चोदने लगा.

ट्विंकल भी झड़ गई तो बबली दीदी नीचे बैठ कर अपने चूचों में मेरा लंड डाल चूचे चुदवाने लगीं.

उन्हें देख कर ट्विंकल भी अपने छोटे छोटे चूचे चुदवाने लगी.

मैं बबली दीदी के चूचे कस कर चोदते हुए उनके चूचों पर ही झड़ गया.

मुझे काफी मजा आया.

फिर हम तीनों नहा कर बाहर आ गए.

हमने खाना खाया और एक बार बबली दीदी के चूचे चूसते चूसते सो गया.

तो फ्रेंड्स, आपको मेरी ये सेक्स कहानी कैसी लग रही है प्लीज़ मुझे कमेंट्स करके बताएं.

सेक्स कहानी के अगले भाग में मैं आपको इन दोनों की चुत चुदाई के साथ गांड चुदाई की कहानी भी लिखूँगा.

मेरे साथ बने रहें और बताएं कि यह इंडियन बिग बूब फक का मजा आपको भी मिल रहा है ना!

इंडियन बिग बूब फक कहानी का अगला भाग: कुंवारी लड़की और उसकी दीदी की चुत चुदाई- 4

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