अन्तर्वासनापूर्ण

किन्नर की गांड चुदाई का मजा- 1

0 बार पढ़ी गई13 मिनट का पाठलगभग ९ घंटे पहले

किन्नर सेक्स कहानी में मैं शहर में कमरा लेकर रहता था, मुझे चूत नहीं मिली थी. एक बार मैंने दो हिजड़ों को देखा. उनके चूचे बहुत बड़े थे भाभियों जैसे.

फर्स्ट टाइम किन्नर के साथ चुदाई की किन्नर की गांड मारने का जो मजा मिला, वह चूत मारने में कहां!

ये मेरी फर्स्ट टाइम किसी किन्नर के साथ चुदाई की सच्ची किन्नर सेक्स कहानी है.

हाय दोस्तो, मेरा नाम सोनू है और मैं 22 साल का जवान लड़का हूँ.

मैं गोंदिया के पास एक छोटे से गांव का रहने वाला हूँ.

मेरी हाइट नॉर्मल 5 फुट 7 इंच है और मेरे हथियार का साइज करीब 7 इंच है.

मैं साधारण से परिवार से आता हूँ तो पैसे की कोई ज्यादा कमी नहीं है और ज्यादा फालतू भी नहीं रहता है.

मैं गोंदिया में पढ़ाई करता हूँ तो मैं वहीं कॉलेज के पास ही एक 2 रूम की खोली में रहता हूँ.

इस खोली में मैं अकेला ही रहता हूँ.

मेरा स्वभाव थोड़ा गुस्से वाला है, इस वजह से मेरे साथ कोई रूम पार्टनर रहता भी नहीं है.

अपने इसी स्वभाव की वजह से मैं अकेला रहता हूँ और कभी कभी वासना की आग में सोचता हूँ कि कोई साथी कितना जरूरी है.

ये घटना पिछले साल गर्मी के दिनों में अप्रैल महीने की है.

मैं हर दिन शाम को घूमने स्टेशन की तरफ जाता था.

कभी बाहर खाने का मन हुआ तो मैं अपने आस पास रहने वाले दोस्तों के साथ स्टेशन के पास ही खाने चला जाता था.

एक दिन कुछ ऐसा हुआ कि मुझे 2 किन्नर दिखाई दिए.

सामान्यतः किन्नर इस इलाके में नहीं दिखते हैं तो इस बार ये दोनों बहुत दिनों बाद दिखाई दिए थे.

वे स्टेशन के पास से निकल रहे थे.

उन दोनों किन्नर के बूब्स देखकर हम सब दोस्त हैरान हो गए थे क्योंकि उनके बूब्स काफी बड़े थे.

लगभग 36 इंच के तो रहे ही होंगे.

खास बात यह थी कि उन्होंने अपने मम्मों को किसी पैड या बॉल आदि से नहीं फुलाए हुए थे. उनके दूध वास्तव में किसी महिला की तरह ही थे.

उनके ब्लाउज के गले काफी खुले हुए थे तो मम्मों की घाटी साफ साफ बता रही थी कि इनके दूध वास्तव में बड़े बड़े हैं.

हम लौंडे मस्ती करने लगे थे.

गलती से उन हिजड़ों के सामने मेरे मुँह से निकल गया- यार, इन किन्नरों के बूब्स कितने बड़े बड़े हैं … कैसे फुला लिए होंगे?

यह बात उन दोनों किन्नरों ने सुन ली.

लेकिन वे कुछ बोले नहीं.

सच्ची में उनके बूब्स देखने के बाद हम दोस्त लोग डिस्कस करने लगे कि किन्नरों के बूब्स इतने बड़े कैसे हुए हैं.

कोई आधा घंटा तक घूम-फिर कर हम सब वापस अपने अपने कमरे पर वापस जाने लगे.

उस वक्त हम लोग रूम की तरफ जा ही रहे थे कि उन किन्नरों में से एक ने आवाज दी- अरे चिकनों … सुन तो जरा!

अब उनकी आवाज के साथ ताली भी बजती है तो गांड फट गई कि क्या बवाल हो गया!

हम सब डर गए और वहां से भागने लगे.

मेरे सारे दोस्त जल्दी से दौड़ लगा कर भाग गए क्योंकि हम सभी को डर लगने लगा था कि ये किन्नर कहीं कुछ कर न दें.

मैं भी भागा पर अपने दोस्तों से कुछ पीछे रह गया.

एक किन्नर जोर से आवाज दी- ए लड़के भाग मत, हम कुछ नहीं करेंगी … सिर्फ ये एड्रेस बता दो!

यह सुनकर मैंने राहत की सांस ली और मैं उनके पास आ गया.

उनके हाथ से कागज लेकर देखा तो वह एड्रेस मेरे रूम के पास में ही एक शादी हो रही थी, वहां का था.

मैंने उनको एड्रेस बता दिया.

‘ये तो मेरे रूम के पास ही है और उनके यहां शादी है!’

तो वह किन्नर बोलने लगा- हां, पता है उनके यहां नाचने आए हैं … वे रिच फैमिली वाले हैं ना, पैसा मोटा मिलेगा. इसी वजह से तो हम दोनों रायपुर से यहां नाचने आए हैं!

उसने ऐसा बोला, तो मैंने उनसे कहा- ठीक है चलो मेरे साथ.

अब वे दोनों मेरे साथ में बातें करते करते आने लगे.

मैं बार बार उनके बूब्स को देखता जा रहा था.

उन्होंने वह नोटिस किया और एक बोली- ए लड़के तेरा नाम क्या है?

मैंने बताया- सोनू.

वह बोली- ओए सोनू टोनू … तूने किसी औरत के बूब्स नहीं देखे क्या .. जो हम किन्नरों के देख रहा है?

मैंने नजरें झुका दीं- मैं कहां कुछ देख रहा हूँ?

इस बार उन दोनों ने एक साथ कहा- झूठ मत बोल, हमें पता है .. तुम सब लोग हमारे बूब्स देख देख कर बात कर रहे थे कि किन्नरों के बूब्स इतने बड़े कैसे होते हैं … सब सुनी थी हमने!

अब मैं बहुत डर गया कि कहीं कुछ कर न दें.

फिर उनमें से एक किन्नर ने अपना नाम खुद बताया.

एक का नाम रेशमा था और दूसरी का नाम रेणुका.

फिर वे दोनों मुझसे अच्छे से बात करने लगीं.

एक ने कहा- सच्ची बोल रहे थे कि किन्नरों की चूचियां इतनी बड़ी थोड़ी होती हैं.

मैंने हां में सर हिलाया और मेरी नजरों में सवाल देख कर उन्होंने बताना शुरू कर दिया.

एक ने कहा- ये हमने ऑपरेशन से करवाए हैं. बूब्स को बड़ा करने का ऑपरेशन किया जाता है. इसके लिए हमें 40 हजार रुपये लगे. इससे हम ज्यादा हॉट लगने लगती हैं न!

दूसरा बोला- हां, लौंडिया के दूध बड़े बड़े हों तो सबसे पहले मर्द की नजर उसके चूचों पर ही जाती है!

वे दोनों काफी फ्रेंडली बात करने लगे थे.

मैंने पूछा- तुमने अपने बूब्स बड़े क्यों किए?

रेशमा बोली- हम लोग शादियों में नाचने जाते हैं, तो हमारे बूब्स हिलते हैं … उसी को देख कर तो लोग ज्यादा पैसे उड़ाते हैं हम पर … और वह सारा पैसा हमें ही मिलता है.

मैं उनकी बात सुनकर कुछ दंग सा रह गया.

अब तक हम लोगों ने आधा रास्ता तय कर लिया था.

हम लोग जा रहे ही थे कि रास्ते में कुछ कुत्ते भौंकने लगे.

उन किन्नरों को कुत्तों से बहुत डर लगता था.

रेशमा बोली- यारी रेणुका, यहां तो कुत्ते हैं … साले चढ़ने को रेडी दिख रहे हैं … हम कैसे जाएंगी?

मैंने कहा- अरे कुछ नहीं करेंगे.

रेणुका बोली- हमारे पीछे एक बार कुत्ते दौड़े थे, तो मेरी फट कर फ्लावर हो गई थी. साले काट लें तो पेट में सुइयां घुसवानी पड़ती हैं … मुझे तो तभी से इन मुए कुत्तों से बहुत डर लगता है.

फिर मैं उन्हें दूसरे रास्ते से ले गया.

मेरी उन किन्नरों से अच्छी दोस्ती हो गई थी.

रेशमा ने मुझसे पूछा- तेरी कोई जीएफ है क्या?

मैं शर्माते हुए बोला- नहीं है, मेरी जीएफ नहीं है!

रेणुका बोली- क्यों झूठ बोल रहा है चिकने … तेरी जीएफ तो पक्के में होगी … और तू उसकी लेता भी होगा!

ऐसा कह कर उसने हिजड़ों वाली ताली बजाई तो मुझे शर्म आ गई.

मैंने उन्हें पुन: बताया- मेरी कोई नहीं है.

पर वे दोनों मुझसे मस्ती करने करने लगे थे और मान ही नहीं मान रहे थे.

फिर बड़ी मुश्किल से उन दोनों ने उस बात को माना.

कुछ पल बाद रेशमा बोली- सोनू, तुम अकेले ही रहते हो क्या? या तुम्हारे मम्मी पापा भी रहते हैं तेरे साथ?

मैं बोला- नहीं, मैं रूम किराए से लेकर रहता हूँ और यहां गोंदिया में पढ़ाई करने आया हूँ.

रेशमा- अच्छा है … तेरे पास रूम है तो तेरे रूम में कितने लड़के रहते हैं?

मैं- मैं अकेला ही रहता हूँ.

रेशमा- वाह. अच्छा तो क्या हम तेरे रूम में आज के दिन रुक सकते हैं?

मैं- मेरे रूम में आस-पास के लोग क्या सोचेंगे?

रेशमा- अरे मजाक कर रही हूँ सोनू, तू घबरा मत.

मैं- मैं क्यों घबराऊंगा?

रेशमा और रेणुका एक साथ बोलीं- अच्छा तो तू नहीं घबराएगा … चलो तुम्हारे कमरे में ही रुक जाती हैं हम दोनों.

मैं- अरे नहीं बाबा.

दोनों हंसने लगीं.

रेणुका- अरे चिकने तू तो सच्ची में घबरा गया है … हम तो मजाक कर रही हैं.

कुछ देर के बाद हम तीनों रूम के पास पहुंच गए.

वे दोनों किन्नर रेशमा और रेणुका शादी वाले घर में चली गईं.

शादी वाला घर मेरे रूम से पास में ही था तो मैंने उनको जाते हुए देखा और बाय बोला.

इधर मैं आपको उन किन्नरों के बारे में बताता हूँ कि वे किस तरह के मस्त माल दिख रहे थे.

उनके बड़े बड़े बूब्स थे, यह तो आपने पढ़ा ही है.

उन दोनों की गांड की साइज भी करीबन 38 की रही होगी.

काफी बड़ी और चौड़ी गांड थी जो मटकने पर जलवा बिखेरती होगी.

उनकी कमर का साइज़ एकदम स्लिम था और यही कोई 32 इंच का रहा होगा.

कमोवेश दोनों का फिगर एक जैसा ही था और दोनों गोरी चिट्टी माल जैसी लगती थीं.

बस उनकी ताली बजाने की हरकत व आवाज से ही उन्हें लोग समझ जाते थे कि ये लोग किन्नर हैं, वर्ना वे यदि चुप रहें तो कोई भी उन्हें लड़कियां ही समझे.

उस शादी वाले घर में रात में संगीत का कार्यक्रम था तो वे दोनों किन्नरों ने उधर खूब नाच गाना किया.

मैंने छत से देखा था कि उन्होंने लहंगा चुनरिया पहना हुआ था, वे दोनों अपने दूध गांड हिला हिला कर डांस कर रही थीं.

मैं जब अपने घर की छत से देख रहा था, तो उन दोनों ने मुझे भी देखा था.

संगीत का कार्यक्रम दो घंटे तक चला.

उसके बाद वे दोनों किन्नर किसी रूम में सो गए होंगे.

यहां मैं रात भर उनके बूब्स के बारे में सोच रहा था और मेरा 7 इंच का लंड मेरी पैंट में तंबू बनाता जा रहा था

कुछ देर बाद जब रहा न गया तो मैंने अपनी पैंट निकाल कर अलग कर दी और नारियल का तेल लेकर अपने लौड़े की मालिश करने लगा.

मैं उस वक्त उन दोनों किन्नरों के बूब्स सोचकर लंड को सहला रहा था और तेल से मालिश करने लगा.

नारियल का तेल लगाने से मुझे बेहद ज्यादा मजा आ रहा था.

मैंने ऐसे ही लंड की मालिश 15 मिनट तक की और उसके बाद झड़ कर नंगा ही सो गया.

सुबह में मैं जब उठा, तो मैंने अपने सब काम किए.

कॉलेज की छुट्टियां होने वाली थीं, लेकिन प्रैक्टिकल के लिए जाना पड़ता था.

मैंने कॉलेज जाने की तैयारी की और नीचे जाने लगा.

सामने वाले जिस जगह शादी थी, वहां वे दोनों किन्नर नाचते गाते बारात के साथ जा रही थीं, उनके घर से आज बारात किसी दूसरी जगह जा रही थी तो आगे बस व कारें लगी थीं.

मैं छत से देखने लगा.

दोनों किन्नरों ने मुझे देखा और स्माइल करते हुए नीचे आने का इशारा किया.

मैं नीचे गया और उनका डांस देखने लगा.

उनके दोनों बूब्स क्या हिल रहे थे, सीन देखकर मेरा लंड टाइट हो रहा था.

रेशमा ने इशारा किया- चल, साथ में करते हैं!

मैं बारात के साथ जाने लगा.

आगे के मोड़ पर गाड़ियां खड़ी थीं, तो वहां तक डांस करते करते दोनों किन्नर गईं और वापस आ गईं.

मैं भी उनके साथ वापस आ गया.

मेरे मुहल्ले के सब लोग शादी में गए थे.

मेरे रूम के नीचे के भी अंकल आंटी दोनों शादी में गए थे.

यहां से शुरू होता है चुदाई की कहानी.

मैं वापस आने लगे तो दोनों मेरे साथ आने लगीं.

वे दोनों मुझसे बातें करने लगीं- डांस कैसा लगा? मजा आया कि नहीं देखकर?

मैं बोला- बहुत मजा आया, मस्त डांस करती हो तुम दोनों!

रेशमा- चिकने तुझे अच्छा लगा ना डांस … तू भी तो बड़ी अच्छी गांड हिला रहा था!

यह कह कर वे दोनों हंसने लगीं.

अब वे दोनों शादी वाले घर में गए और जिधर उनका सामान रखा था, उधर जाकर वे अपने कपड़े बदलने लगीं.

उन्होंने अपना अपना लहंगा निकाला.

तभी रेशमा बाहर आई और उनसे मुझे अन्दर बुलाया.

‘चाय पीने का मन कर रहा है, कोई चाय की टपरी है क्या यहां?’

मैं बोला- अरे चलो न मेरे रूम में, मैं पिलाता हूँ.

रेशमा- तुझे अब डर नहीं लग रहा सोनू? तेरे घर मालिक क्या बोलेंगे? तेरे आस पास वाले लोग क्या बोलेंगे?

मैं- वे सब शादी में गए हैं तो कोई डर नहीं है.

रेशमा- चल तो फिर तेरे रूम पर चलती हूँ. मैं भी देख लूँगी कि तू कहां रहता है?

हम दोनों मेरे रूम पर आ गए.

रेणुका नहीं आई क्योंकि उसे नींद आ रही थी.

मैंने रेशमा को अपने कमरे में लाकर नीचे गद्दे पर बैठने को कहा.

रेशमा ने ऊपर टॉप पहना था और नीचे व्हाइट लेगिंग्स टाइप पजामी पहनी थी, जिसमें से उसकी गांड बड़ी हाहाकारी लग रही थी.

हम दोनों ऐसे ही बातें करते रहे.

मैंने चाय बनाई और हम दोनों पीने लगे.

मैं रेशमा के बूब्स को देखकर तड़पने लगा था.

यह बात रेशमा ने नोटिस कर ली थी.

रेशमा- सोनू, तू तब से मेरे चूचों को देख रहा है … क्या तेरा मूड बन रहा है?

मैं- नहीं, कहां देखा … क्या देखा?

रेशमा- झूठ मत बोल चिकने … मैं डांस कर रही थी, तब भी तू देख रहा था और अब भी देख रहा है. तेरे लंड का भी तो सबूत है … देख न … कितना टाइट हो गया है?

यह कह कर उसने मेरे लौड़े को छू दिया.

मैं अपने लंड को छुपाते हुए बोला- अरे वह तो पहले से ऐसा है.

रेशमा- घबरा मत यार … मैं कुछ नहीं बोलूँगी.

मैं- मैं नहीं घबराता … और क्यों घबराऊं?

रेशमा- अच्छा यह बता कि तूने कभी सेक्स किया है क्या?

मैं उसके मुँह से ये सुनकर दंग रह गया और बोला- सेक्स … मैंने कभी नहीं किया.

वह हंस दी.

मैंने पूछा- तुमने कभी किसी औरत के साथ सेक्स किया है क्या?

रेशमा बोली- नहीं रे चिकने … मेरे पास भी तेरे जैसा ही लंड है … और कोई भी औरत किसी किन्नर से थोड़ी ही चुदवाएगी … उसे तो सांड जैसा मर्द चाहिए होता है!

मैं मन को फ्री करके बोला- अरे ऐसी बात नहीं है, तुम दिखने में भी सेक्सी हो. कोई तुम्हारे साथ सेक्स करने को मना क्यों करेगा!

रेशमा- हम किन्नर हैं रे सोनू, हमसे कोई सेक्स कभी नहीं करेगा.

मैंने ये मौका पाकर चौका लगाते हुए कहा- मैं करूँगा ना!

रेशमा हंसती हुई बोली- पागल है रे तू सोनू … कैसी बात कर रहा है!

अब तक हमारी चाय खत्म हो गई थी.

हम दोनों थोड़ी इधर-उधर की बात करते रहे और इस बीच मेरा लंड एकदम टाइट हो गया.

रेशमा ने मेरे खड़े लौड़े को देख लिया- तुम तो फुल फॉर्म में लग रहे हो सोनू, तेरा तो लंड टाइट हो गया पूरा!

मैं- क्या करूँ तुम्हारे मुँह से सेक्स की बातें सुनकर मेरा टाइट हो गया है.

वह हंस दी.

मैंने पूछा- तुम्हारा लंड टाइट नहीं होता क्या?

रेशमा- होता है ना … लेकिन उसको करना पड़ता है.

अब हम दोनों में सेक्स की फीलिंग आने लगी थी.

मैं बोला- रेशमा, क्या तुम मेरे साथ सेक्स करोगी?

रेशमा बोली- हां करूँगी लेकिन तुझे मेरा साथ देना होगा. मैं जो बोलूँगी, करना होगा!

मैं सेक्स मूड में था तो मैंने हां बोल दिया.

अब मैंने अपने रूम का दरवाजा लगाया और खिड़की को भी बंद कर दिया.

अब मैं और रेशमा दोनों गले लग गए, मैं रेशमा के बूब्स दबा रहा था.

उसके बूब्स मस्त सॉफ्ट सॉफ्ट लग रहे थे. वह ब्रा भी नहीं पहनती थी. इसी लिए उसके बूब्स नाचते समय बहुत हिलते थे.

हम दोनों सेक्स के मूड में आ गए.

दोस्तो, किन्नर के साथ किस तरह से गांड चुदाई हुई, वह सेक्स कहानी मैं अगले भाग में पूरी लिखूँगा.

किन्नर सेक्स कहानी पर आप प्लीज अपने विचार मुझे जरूर भेजें.

किन्नर सेक्स कहानी का अगला भाग: किन्नर की गांड चुदाई का मजा- 2

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