फैमिली सेक्सपूर्ण

पार्टी-गर्ल मॉम अपने बेटे से चुदी- 1

0 बार पढ़ी गई14 मिनट का पाठलगभग ९ घंटे पहले

माँ बेटा सेक्स कहानी में मैं रात को अपने पति से चूत मरवाने के लिए अपने रूम में आई. वे कई दिन बाद घर आये थे. बिजली गुल थी तो मैं बिस्तर पर लेट गयी और पति का लंड पकड़ लिया.

नमस्ते, मैं सिम्मी आपकी सेवा में फिर से हाजिर हुई हूँ.

यह माँ बेटा सेक्स कहानी मैं अपनी परिचिता आयशा की जुबानी लिख रही हूँ.

हाय फ्रेंड्स, मेरा नाम आयशा है.

मैं 39 साल की एक हाउसवाइफ हूँ.

मेरे शौहर अपना खुद का बिजनेस करते हैं और ज्यादातर बाहर ही रहते हैं; हफ्ते दस दिन में एक या दो दिन के लिए ही घर आते हैं.

हम लोग काफी हाई सोसाइटी से हैं.

मुझे किसी भी मर्द से सेक्स करने की आदत है.

मैं अपने क्लब्स की पार्टी गर्ल हूँ और काफी सेक्सी हूँ.

इतनी सब आजादी के बाद भी मैंने कभी अपने बेटे से चुदने की कल्पना नहीं की थी.

मेरा बेटा भरपूर जवान है और उसका नाम शौक़त है. अभी उसकी उम्र 19 साल है और वह दिखने में बहुत सुंदर है. उसकी कद-काठी बिल्कुल अपने बाप पर गई है.

वे दोनों बाप-बेटे, एक जैसे ही लगते हैं.

एक दिन शौक़त के पापा घर आए हुए थे.

उस दिन न जाने लाइट को क्या हुआ और पूरे घर की लाइट ऑफ हो गई

लाइट जाने से दस मिनट पहले तक हम दोनों चुदाई की बातें कर रहे थे, जिसमें मैंने उनसे कहा था कि आप रूम में चलिए, मैं आती हूँ.

तभी अचानक से लाइट चली गई.

उस दिन बहुत गर्मी थी.

वे मेरे पास किचन में ही आ गए क्योंकि इन्वर्टर की वजह से किचन की लाइट थोड़ी धीमी जल रही थी, बाकी की लाइटें बंद थीं.

वे मुझसे बोले- मैं छत पर जा रहा हूँ!

मैंने ओके बोलते हुए कह दिया- ठीक है जाइएगा, पर जल्दी आ जाना.

शायद उन्होंने मेरी बात सुनी नहीं और वे छत पर चले गए.

करीब दस मिनट बाद जब मैं रूम में गई तो मैंने जैसे ही देखा कि कोई है मुझे लगा कि मेरे पति छत से आ गए हैं.

तो मैंने उन्हें देख कर अपने मन में सोचा कि आज इनका मेरी जल्दी लेने का मन है क्या? शायद इसी वजह से इतनी जल्दी आ भी गए.

उस वक्त लाइट बहुत धीमी थी, सिर्फ नाइट लैंप जल रहा था तो मुझे कुछ साफ दिख ही नहीं रहा था.

बस मैंने अंदाज लगा लिया था कि ये वे ही हैं.

मैंने अपने कपड़े उतारने शुरू किए और अन्दर से रूम भी बंद कर दिया.

मुझे लगा कि अगर बेटा बाहर से आएगा तो वह दरवाजा बंद देख कर बाहर से ही चला जाएगा.

यदि वह आवाज भी देगा तो भी हम दोनों उसे जबाव नहीं देंगे और सोने का नाटक करेंगे.

मैं अपने पति के सामने आज पूरी नंगी होना चाहती थी इसलिए मैंने अपने पूरे कपड़े खोल दिए और नंगी हो गई.

बेड पर उन्होंने केवल अंडरवियर पहना था.

मैं धीरे-धीरे उनके बदन पर हाथ फेरने लगी और आखिर में उनके अंडरवियर में हाथ डालकर उनके लंड को हिलाने लगी.

आज मुझे अपने पति का लंड बहुत जबरदस्त लग रहा था.

फिर मैं किस करने लगी और लंड को मुँह में लेकर चूसने लगी.

मैं लंड को तभी मुँह में लेती थी, जब मैं बहुत ज्यादा एक्साइटेड होती थी.

मैं बहुत मस्ती से उनका लंड चूसने लगी.

वे भी मेरे मुँह में अपना पूरा लंड धकेल रहे थे.

मैं कुछ हैरान भी थी कि आज मेरे पति के लंड ने मेरे गले तक झटका मारा था लेकिन मैं उत्तेजित थी, तो बस मस्ती से अपने पति के लंड को लगातार चूसती रही.

करीब 5 मिनट के बाद मैं धीरे से बोली- उठो न … अब डाल दो मेरे अन्दर, क्यों इतना तड़पा रहे हो!

यह कह कर मैं बेड पर ही घोड़ी बन गई.

वे उठ गए और मेरी चूत पर लंड रखकर एक झटका दे मारा.

आज उन्होंने एक ही झटके में अपना पूरा लंड मेरी चुत के अन्दर घुसा दिया था.

चूंकि लंड मेरे चूसने के कारण पहले से ही एकदम गीला हुआ पड़ा था इसलिए आसानी से अन्दर घुसता चला गया था.

एक बार में ही कड़क लंड के घुसने से मेरी चीख निकल गई.

हालांकि मैंने अपनी आवाज़ दबाई और धीरे से बोली- आह मर गई .. क्या हुआ … आज इतना तेज क्यों कर रहे हो? क्या कुछ खाकर आए हो आज?

उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया और मुझे चोदने में लग गए.

वे करीब 15 मिनट तक पागलों की तरह मेरी चुदाई करते रहे और उसके बाद मेरे अन्दर ही सारा पानी छोड़ दिया.

मैं थक कर चूर हो गई थी और एकदम संतुष्ट हो गई थी तो आंखें बंद करके नंगी ही बिस्तर पर लेट गई.

फिर करीब 5 से 7 मिनट बाद मैं वापस से उनके लंड पर हाथ रखने लगी.

उनका लंड फिर से खड़ा होने लगा तो मैं बोली- चलो, फिर से करते हैं!

उन्होंने कुछ नहीं कहा और बस मेरे मम्मे पकड़ कर दबाना शुरू कर दिया.

मैं अपने मम्मे चुसवाने लगी.

वे मस्ती से मेरे दूध चूस रहे थे तो मैं भी अपनी आंखें बंद करके मस्ती से काफी देर तक मम्मे चुसवाती रही.

मेरे बूब्स एकदम से लाल हो चुके थे क्योंकि वे मेरे मम्मों में दांत लगा रहे थे.

फिर उन्होंने मुझे फिर से घोड़ी बनाया और मेरी चूत में लंड पेल दिया.

लंड लेते समय इस बार भी मुझे हल्का सा दर्द हुआ लेकिन मजा आया.

उसके बाद वे मेरी गांड के छेद में लंड लगाने लगे तब मैं बोली- यार इसमें मत डालना, पिछली बार भी जब आपने डाला था तो मैं दो-तीन दिन अच्छे से चल नहीं पाई थी … और आज तो आपका लंड भी बहुत बड़ा लग रहा है!

लेकिन उन्होंने मेरी एक नहीं सुनी और लंड मेरी गांड पर घिसते रहे.

मैंने सोचा कि चलो, ये एक हफ्ते के बाद आए हैं तो कोई बात नहीं, कर लेने दो.

मैंने कहा- ठीक है, लेकिन प्यार से करना.

उन्होंने धीरे-धीरे मेरी गांड में लंड देना शुरू किया और सुपारे को गांड के छेद में फंसा कर एक हल्का सा झटका दे मारा.

इससे उनका पूरा टोपा व लंड का भी कुछ हिस्सा मेरी गांड में अन्दर घुसता चला गया.

उनके लौड़े से मुझे बहुत दर्द होने लगा, मैं दबी आवाज में चिल्लाने लगी- आह प्लीज जानू, निकालो बहुत दर्द हो रहा है … आज आज आपका लंड इतना बड़ा क्यों लग रहा है … जैसे किसी गधे का लंड हो!

लेकिन वे नहीं माने और उन्होंने एक और झटका दे मारा.

इस बार उनका लगभग 4 इंच लंड मेरे अन्दर चला गया.

मैं इस बार भी हल्के से चिल्लाई- यार प्लीज निकालो, बहुत दर्द हो रहा है.

लेकिन वे नहीं माने और धीरे-धीरे झटके देने लगे.

मैंने उन्हें रुकने के लिए कहा तो वे रुक गए.

मुझे राहत सी मिल गई.

फिर दो मिनट के बाद उन्होंने एक और जोरदार झटका लगाया, जिससे उनका पूरा लंड मेरी गांड के अन्दर चला गया.

पूरा लवड़ा पेलने के साथ ही उन्होंने मेरी गांड में अन्दर तक लौड़े को सैट करने के लिए दो तीन बार कड़क कड़क से झटके मारे.

इससे मैं पूरी हिल गई थी.

मैं पुनः चिल्लाने ही वाली थी कि तभी दरवाजे पर आहट हुई, शायद हमारा बेटा शौक़त था.

मैंने अपने कानों पर हाथ रख दिए और धीरे से बोली- लगता है कि शौक़त है बाहर … आप सोने का ही नाटक कीजिएगा, दरवाजा खोलने की मत कहना और न ही ‘आ रहा हूँ’ कहना

उन्होंने मुझे हुंस्स कहते हुए हल्की सी डांट सी पिलाई मानो वे खुद को ज्यादा समझदार बता रहे हों.

फिर वे मेरे मुँह पर हाथ रखकर मुझे चोदने लगे.

मुझे भी अब गांड मरवाने में अच्छा लगने लगा था तो मैं भी मस्त हो गई थी.

इस बार उन्होंने मुझे करीब 30 मिनट तक चोदा.

बाहर दरवाजे पर जो भी था, उसने एक-दो बार और खटखटाया, फिर वह चला गया.

मुझे आज पहली बार ऐसा महसूस हुआ कि मैं वाकयी में रगड़ कर चोदी जा रही हूँ.

इस बीच मैं दो बार झड़ी भी और एकदम लस्त हो गई थी.

अंत में उन्होंने अपना सारा पानी मेरी गांड के अन्दर ही छोड़ दिया.

मैं आज बहुत खुश थी क्योंकि मुझे जो दर्द में मज़ा आ रहा था, वह मैं किसी और को बता नहीं सकती थी.

मेरा यह दर्द सिर्फ एक औरत ही समझ सकती है कि इस दर्द का कितना आनन्द होता है.

फिर हम दोनों ऐसे ही लेट गए.

गांड में दर्द के कारण मुझे अपनी टांगें जोड़नी पड़ी थीं और मैं आगे की ओर होकर लेटी थी.

कोई दस मिनट के बाद वे बेड से नीचे उतरे और मुझे पकड़ कर एक साइड को खींचा.

अब उन्होंने मेरी टांगें अपने कंधों पर रखीं और वापस से अपना लंड मेरी गांड में पेल दिया.

इस बार भी मुझे बहुत दर्द हुआ, लेकिन मैं फिर भी कुछ नहीं बोल पाई; बस मज़े लेती रही.

इस बार चुदाई में करीब एक घंटा लगा होगा.

वे एक घंटे तक मुझे चोदते रहे और इस बार उनके झटके बहुत मज़बूत थे.

वे बार बार लंड के लिए छेद बदल बदल ले रहे थे.

वे कभी मेरी चूत में लंड दे रहे थे, तो कभी मेरी गांड में.

सच बता रही हूँ कि आज मुझे उनके लंड से जो मज़ा अपनी गांड मराने में आ रहा था, वह चूत में नहीं आ रहा था.

बल्कि मैं यहां यह भी लिखना चाहूँगी कि आज तक मैंने जितने भी लंड अपनी चुत और गांड में लिए थे, उनमें से यह मेरे साथ सबसे अच्छा सेक्स महसूस हो रहा था.

मैं पूरे समय तक मज़े से गांड चुदवाती रही और अंत में उन्होंने अपने लौड़े का सारा पानी फिर से मेरी गांड में ही निकाल दिया.

उनसे चुदने में मुझे बहुत मज़ा आने लगा था, लेकिन अब तक मेरी हालत ऐसी हो गई थी कि मुझे पता ही नहीं चल रहा था कि मैं कहां पड़ी हूँ.

आज मेरे पति को मुझे चोदते हुए दो-ढाई घंटे बीत चुके थे.

आज से पहले तो वे ज़्यादा से ज़्यादा 5 मिनट या कभी-कभी दस मिनट तक ही चल पाते थे.

इतना लंबा सेक्स कभी नहीं चला था.

फिर मैं लेट गई और मेरी आंख लग गई.

मुझे पता ही नहीं चला कि मैं कब सो गई.

अचानक जब फिर से मेरी गांड में लंड गया, तब मेरी आंख खुली.

मैं बोली- क्या हो गया जान आज … आप चोदने से रुक ही नहीं रहे? पहले तो आप एक से ज़्यादा बार करते नहीं थे!

उन्होंने मुझे फिर नीचे बिठाया और चोदने लगे.

अब तो पता नहीं कितना समय बीत गया था. जब मैंने फोन पर टाइम देखा तो एक बज चुका था.

मैंने कहा- जान टाइम देखो कितना हो गया है .. सुबह उठना भी है या नहीं? देर होगी तो शौक़त क्या सोचेगा?

लेकिन वे नहीं हटे.

इस बार उन्होंने फिर से मुझे बहुत ज़बरदस्त तरीके से और काफी देर तक चोदा.

जब उनका पानी मेरे अन्दर निकला, तब समय 2:10 AM हो रहा था.

मैं पागल सी होने लगी थी.

करीब दस मिनट के बाद मेरी फिर से आंख लग गई और मैं सो गई.

सुबह जब मैं उठी, तब 8 बज चुके थे.

मेरे ऊपर चादर थी और मैंने देखा कि मेरे पास कोई नहीं था.

मैंने सोचा शायद वे बाथरूम में गए होंगे, पर वहां भी कोई नहीं था.

फिर मैं उन्हें ढूँढने लगी. मैंने कपड़े पहने और ऊपर गई.

बेटे शौक़त के रूम में देखा तो वह सो रहा था. जब मैं टेरेस पर गई, तो वहां ‘वे’ सो रहे थे.

मैंने उन्हें हिलाया और बोली- आप इधर क्या कर रहे हो?

वे उठे और बोले- क्या करूँ? रात को तुम तो घोड़े बेचकर सो गई थीं, मैं आया तो था, पर तुमने दरवाज़ा ही नहीं खोला!

मैं चुपचाप खड़ी रह गई.

अगर रात में दरवाज़े पर ये थे, तो अन्दर कौन था?

मुझे शक हो गया था कि अगर ये नहीं थे, तो वह शौक़त ही होगा!

मैं बोली- आप रात को कहां सोए थे?

वे बोले- यहीं पर ही सोया था. रात 10:00-11:00 बजे नीचे आया था. तुमने दरवाजा ही नहीं खोला, शायद तुम जल्दी सो गई थीं. मेरा तो चोदने का भी मन था, लेकिन मैं फिर भी अपने आप पर कंट्रोल करके यहीं पर सो गया!

मैं सोचने लगी कि बाप रे, क्या हो गया? अगर यह नहीं था, तो मुझे कौन चोद गया!

मैं फिर से शौक़त के रूम में गई और देखा तो वह अभी भी सो रहा था.

मैंने उसको हिलाना चाहा, लेकिन मैं फिर वापस आ गई क्योंकि मुझे शर्म भी आ रही थी और गुस्सा भी बहुत था.

शौक़त को नीचे आने को बोलकर मैं भी नीचे आ गई और किचन में काम करने लगी.

तब तक मैंने नाश्ता बना दिया था.

इनका कोई दोस्त कॉल कर रहा था जिसके कारण उनको जल्दी जाना था.

मैं किचन में काम कर रही थी और साथ में इनको नाश्ता भी सर्व कर रही थी.

तभी शौक़त आया और उसने मुझे ‘गुड मॉर्निंग’ बोलकर पीछे से हग कर लिया.

उसका लंड अभी पूरा खड़ा था, मैं महसूस कर रही थी.

मैं धीमे से बोली- शौक़त, तूने कल ठीक नहीं किया!

तो वह बोला- क्या हुआ मॉम?

मैं बोली- इतना भी अनजान मत बन, तुझे सब पता है!

तब शौक़त बोला- नहीं मॉम, मुझे तो कुछ नहीं पता.

मैं भी नहीं चाहती थी कि मैं अभी खुलकर इससे बात करूँ.

तभी उसके पापा ने आवाज़ दी.

मैं बोली- जी आई.

फिर मैंने शौक़त से कहा- लो, नाश्ता देकर आओ अपने पापा को!

शौक़त नाश्ता लेकर गया और अपने पापा को दे दिया.

जब वे नाश्ता कर रहे थे, तभी मैंने शौक़त से कहा- तुम भी यहीं पर बैठ जाओ, तुम्हें भी नाश्ता से देती हूँ!

मैं उसको भी नाश्ता देने लगी.

शौक़त भी नाश्ता करने लगा और उन दोनों ने एक साथ ही नाश्ता खत्म कर लिया.

अब मैं अन्दर ही अन्दर सोचने लगी कि कैसे बात करूँ इससे कि रात को तुमने मुझे चोदा था.

हालांकि एक बात यह भी थी कि मुझे उससे चुदवाने में मज़ा भी बहुत आया था.

अब बोलती क्या इसको?

… और अगर इसने बोला कि मैंने नहीं चोदा, तो फिर तीसरा कौन चोद गया मुझे?

मैं अभी इसी उधेड़बुन में थी कि तभी शौक़त के पापा चले गए.

मैं भी साथ में गई और उनको दरवाजे पर छोड़ा.

उनका फ्रेंड बाहर गाड़ी में ही था, तो मैं ज्यादा कुछ बात नहीं कर पाई.

वे गाड़ी में बैठे और चले गए.

फिर मैं भी नाश्ता करने लगी, पर मेरे गले से एक ग्रास भी अन्दर नहीं जा रहा था क्योंकि मुझे शर्म भी बहुत आ रही थी.

साथ ही मुझे यह भी अजीब सा लग रहा था कि कहीं मुझे कोई तीसरा ना चोद गया हो.

हालांकि मुझे इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता था कि कौन चोद गया था … बस इस बात से डर लग रहा था कि वह मुझे चोद कर क्या साबित करना चाहता था!

खैर … यही सब सोच-विचार करते हुए कब एक घंटा बीत गया, पता ही नहीं चला.

तभी शौक़त के पापा की कॉल आई.

उन्हें जहां जाना था, वहां वे पहुंच गए थे.

उन्होंने मुझसे कहा- जान आज तैयार हो ना? आज रात को तुझे अच्छे से चोदूँगा!

मैंने हंस कर कहा- ठीक है, आ तो जाओ आप!

वे बोले- हां, आ जाऊंगा और आज तेरी ऐसी चुदाई करूँगा कि पूरा एक महीने तक तेरी गांड दुखती रहेगी!

मैं मस्ती से बोली- आप आओ तो सही फिर जो दिल करे, कर लेना.

ऐसे ही थोड़े-बहुत कामों में पूरा दिन निकल गया.

शाम के 6:00 बजे वे वापस घर आ गए.

फिर उन्होंने ड्रिंक करना शुरू किया.

बीच में मैं भी उनके पास गई तो मैंने भी दो पैग ले लिए.

पीते-पीते रात के 8:00 बज गए.

तब मैं खाना बनाने लगी थी.

खाना बन जाने के बाद मैंने सबको खाना दिया.

शौक़त ने भी खा लिया और उसके पापा ने भी खाया.

खाने के बाद शौक़त अपने कमरे में चला गया और हम अपने कमरे में आ गए.

चूँकि आज मैंने बर्तन नहीं धोए थे, हम दोनों जल्दी ही कमरे में आ गए.

मैंने देखा कि शौक़त के पापा ने कोई मेडिसिन खाई थी, जिसके कारण उनका लंड थोड़ा लंबा लग रहा था.

मैंने उनसे बात की, क्योंकि मैं कन्फर्म होना चाहती थी.

मैंने कहा- आज तो यह बहुत बड़ा लग रहा है!

वे बोले- बस, जो माल अन्दर गया है, ये उसका कमाल है!

वे माल किसको कह रहे थे … शराब को या किसी दवा को … यह चुदाई के बाद पता चलेगा.

दोस्तो, इस सेक्स कहानी के अगले भाग में मैं आपको बताऊंगी कि दरअसल क्या हुआ था और एक दिन पहले वाली रात को मुझे किसने चोदा था.

आप मेरे साथ जुड़े रहें और प्लीज प्लीज माँ बेटा सेक्स कहानी पर अपने मेल व कमेंट्स जरूर लिखें.

माँ बेटा सेक्स कहानी का अगला भाग: पार्टी-गर्ल मॉम अपने बेटे से चुदी- 2

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