सामने वाली नई नवेली भाभी को रगड़ कर चोदा
न्यू भाभी फक स्टोरी में हमारे पड़ोस में एक बड़ा परिवार किराये पर आया. उनमें एक भाभी नवविवाहिता थी. मैं उस पर नजर रखता था. एक दिन मैंने भाभी को अधनंगी देखा.
हाय दोस्तो, मेरा नाम आदित्य है और मैं महाराष्ट्र के नासिक का रहने वाला हूँ.
मैं मिडिल क्लास फैमिली से हूँ.
अन्तर्वासना की सेक्स कहानी का मैं बहुत बड़ा फैन हूँ.
मैं रोज़ाना सेक्स कहानी पढ़ता हूँ और अपना हथियार हिला लेता हूँ.
मैं 2 लड़कियों को पहले ही पेल चुका हूँ.
यह न्यू भाभी फक स्टोरी कुछ हफ्तों पहले की ही है.
हमारे मोहल्ले में कुछ लोग रहने आए जो उत्तर प्रदेश से थे.
उनका पानी पूरी (गोलगप्पे) का बिजनेस था.
उन्होंने हमारे घर के सामने वाला घर किराए पर लिया था.
उसमें 3 भाई और 2 औरतें रहती थीं.
उनमें से मंझले वाले भाई की शादी नई-नई हुई थी.
उनकी शादी को 3-4 महीने हुए होंगे.
मेरा वर्क फ्रॉम होम था इसलिए मैं घर पर ही रहता था.
जब मैं बालकनी में काम करता तो वह नई दुल्हन यानि रितु भाभी कुछ न कुछ काम करती हुई मुझे दिख जाती थीं.
लेकिन हमारी कभी बात नहीं होती थी.
एक दिन ऐसे ही मैं बालकनी में काम कर रहा था.
मेरी नज़र सामने वाली खिड़की पर गई.
अन्दर रितु भाभी साड़ी ऊपर करके चूत में उंगली कर रही थीं.
लेकिन वे मेरी तरफ पीठ करके बैठी थीं इसलिए मुझे ज़्यादा कुछ नहीं दिख रहा था.
बस उनकी गांड थोड़ी-बहुत दिख रही थी.
मुझे उन्हें चोदने का मन होने लगा.
लेकिन कैसे चोदूं?
तभी मुझे एक आइडिया आया.
मैंने अपना फोन निकाला और वीडियो बनाने लगा.
लेकिन वीडियो में भी वही दृश्य आ रहा था यानि भाभी की सिर्फ गांड दिख रही थी.
मैंने एक गमला जो मेरी बालकनी में था, उसे नीचे गिरा दिया.
भाभी आवाज़ से पलट कर देखने लगीं और मुझे उनके गोरे और बड़े बूब्स के दर्शन हो गए क्योंकि उनका ब्लाउज भी सामने से खुला था.
मैं उनके मम्मों में इतना खो गया कि मेरा ध्यान ही नहीं रहा कि रितु भाभी ने मुझे वीडियो बनाते हुए देख लिया है.
वे झट से अपना मादक बदन छुपाकर साइड में हो गईं.
मैंने उस दिन उनके ख्याल में ही मुठ मार ली.
लेकिन मेरा लंड शांत नहीं हो रहा था.
मेरे सामने सिर्फ उनके बड़े-बड़े बूब्स और वह गोरी गांड आ रही थी.
उनका फिगर भाई क्या बताऊं मैं … एकदम पक्का 34-28-36 का था.
अब मैं उन्हें चोदने के बारे में सोचने लगा … और वह दिन भी जल्द ही आ गया.
उनके घर में सबसे छोटे भाई की शादी की बात चल रही थी, तो सब लड़की देखने उनके गांव (यूपी) गए थे.
लेकिन रितु भाभी नहीं गई थीं.
वे घर पर ही थीं.
जाते वक्त उनके हसबैंड हमारे घर आकर मम्मी को बोलकर गए थे कि रितु का ध्यान रखना.
अगले दिन मम्मी ने कहा- जा देखकर आ, रितु क्या कर रही है और खाने पर बुला ला उसे!
मैंने मना कर दिया क्योंकि मुझे डर लग रहा था कि अगर उस दिन की बात, जो मैंने वीडियो बनाया था, वह अगर रितु भाभी ने मम्मी को बोल दिया तो क्या होगा.
फिर जब मम्मी मुझे चिल्लाने लगीं तो मुझे जाना पड़ा.
मैं जैसे ही गया, भाभी नहा रही थीं.
मैंने बेल बजाई तो रितु भाभी ने पूछा- कौन है?
मैंने बोल दिया- आदि हूँ भाभी … आपको मम्मी ने बुलाया है!
वे कहने लगीं- अरे आदि अन्दर आ जाओ न … दरवाजा खुला ही है. मैं नहा रही हूँ तो अभी आती हूँ!
उनके नहाने का सुनकर मैं अन्दर ही अन्दर गर्म होने लगा और अन्दर आ कर सोफे पर बैठ गया.
कुछ देर बाद रितु भाभी तौलिए में अपने बदन को लिपटा कर बाहर आईं.
उन्हें यूं देखकर मेरा लंड खड़ा हो रहा था.
उनके गीले बालों में वे बहुत सेक्सी लग रही थीं.
उन्होंने इठलाते हुए कहा- बोलो, क्या हुआ?
मैंने उन्हें देखते हुए कहा- मम्मी ने आपको खाने पर बुलाया है!
उनसे बात करते समय मेरी नज़र उनके मम्मों पर से हट ही नहीं रही थी.
उन्होंने मेरी नजरों को भाँपते हुए कहा- तेरा हो गया … नाश्ता?
मैंने उनकी इस दो अर्थी बात को समझ तो लिया था लेकिन मैंने हड़बड़ाते हुए कहा- नहीं … अभी तो नहीं हुआ!
वे बोली- तो मुझे खाकर ही मानेगा क्या?
जैसे ही उन्होंने ये बोला, मैंने अपनी नज़र उनके मम्मों पर से हटा ली.
मैं कहने लगा- क्या भाभी! कुछ भी बोलती हो आप!
उन्होंने हंस कर कहा- तो उस दिन वीडियो क्यों निकाल रहा था?
ये सुनकर मुझे समझ में नहीं आया कि क्या कहूँ.
मैंने बोल दिया- प्लीज, मम्मी को मत बताना!
वे मेरी बात से समझ गईं कि ये डर गया है.
वे इसी बात कर फायदा उठाती हुई बोलीं- मैं तो पक्का बताने वाली हूँ तेरी मम्मी को!
वैसे तो वे उम्र में मेरे बराबर की ही हैं … लेकिन भाभी का रिश्ता माना है तो लिहाज जरूरी था.
मुझे उनकी बात सुनकर गुस्सा आ गया और मैंने भी बोल दिया- ठीक है, बता देना! लेकिन मैं भी वीडियो वाय रल कर दूंगा!
यह सुनकर वे सहम गईं और बोलीं- कुछ नहीं बताऊंगी यार, तू डिलीट कर दे वीडियो!
मैंने कहा- अभी नहीं.
तो वे बोलीं- तो कब?
मैंने कहा- टाइम आने दो. मुझे कुछ चाहिए उसके बदले!
अब वे हंस कर बोलीं- क्या चाहिए?
मैंने कहा- बाद में बताऊंगा. अभी चलो घर, मम्मी वेट कर रही हैं.
वे रेडी होकर आईं और हम दोनों घर आ गए.
उधर खाना वगैरह हुआ.
तभी मम्मी को कॉल आया और किसी वजह से पापा-मम्मी को अर्जेंट मौसी के घर जाना पड़ गया.
भाभी अपने घर चली गईं.
मैं अपना काम करने लगा.
कोई आधा घंटा बाद मेरे घर की बेल बजी.
मैंने दरवाज़ा खोला तो सामने रितु भाभी थीं.
उन्होंने कहा- तेरी मम्मी का कॉल आया था. मौसी के लड़के का एक्सीडेंट हो गया है तो वे लोग कल सुबह आएंगे. उन्होंने मुझसे तेरे लिए खाना बनाने को बोला है.
मैं ये सुनकर खुश हो गया.
मैंने मन बना लिया था कि आज तो भाभी को पक्का चोदूंगा!
कुछ देर बाद रात हो गई.
रितु भाभी ने घर आकर खाना बनाया.
हम दोनों ने खाना खाया.
फिर भाभी जाने लगीं तो मैंने कहा- कहां जा रही हो?
उन्होंने कहा- घर!
मैंने उनसे रुकने को बोल दिया- आज रात के लिए मेरे पास सो जाओ न!
वे भी मुस्कुरा कर मान गईं.
हम दोनों सोने चले गए.
भाभी मेरे कमरे में सोने को मान गई थीं.
हम दोनों एक ही बेड पर सोए थे लेकिन अलग-अलग कोने पर.
कुछ देर बाद मुझसे रहा नहीं गया और मैं भाभी से चिपक गया.
उन्हें लगा कि नींद में हुआ होगा तो वे कुछ नहीं बोलीं.
लेकिन जब मेरा लंड उनकी गांड में चुभने लगा तो उन्होंने कसमसा कर मुझे ऐसे जताया कि वे जाग रही हैं.
मैंने अपना हाथ उनके बूब्स पर रख दिया और दबाने लगा.
भाभी ने मेरा हाथ हटा दिया.
मैं सोने का नाटक करता रहा.
कुछ देर बाद मैं फिर से भाभी के बूब्स दबाने लगा.
उन्होंने पलट कर मेरे गाल पर एक चमाट लगा दी.
मैं उठकर उनसे बोला- क्या हुआ? क्यों मारा?
उन्होंने कहा- क्या कर रहा है तू?
मैंने बोला- कुछ भी तो नहीं.
उन्होंने बोला- किधर हाथ लगा रहा था?
मैंने अनजान बनकर बोला- किधर?
वे बोली- मैं जा रही हूँ अपने घर!
तभी मैंने उसे रोका और बेड पर खींचकर बोला- भाभी क्यों ड्रामा कर रही हो … ये सीन देख कर याद करो कि आपको लंड की जरूरत है!
उन्होंने कहा- साले तुमने ये सीन अभी तक डिलीट नहीं किया था?
मैंने कहा- नहीं … लेकिन आज मेरी तड़प शांत कर दो न … उसके बाद डिलीट कर दूंगा!
उन्होंने बोला- क्या करना होगा मुझे?
मैंने फायदा उठाते हुए कहा- कपड़े उतार दो अपने.
वे मना करने लगीं तो मैंने उन्हें अपनी बांहों में कसते हुए कहा- उतार दो न भाभी!
अब उन्होंने हंस कर अपने कपड़े उतार दिए.
आह क्या मस्त माल थी यार वह!
भाभी को नंगी देख कर मेरा लंड और टाइट हो गया.
वे कपड़े पहनती हुई बोलीं- पहले वीडियो डिलीट कर!
मैंने कहा- रुक जाओ न भाभी, जरा पूरा काम तो हो जाने दो.
मैंने उनके हाथ से कपड़े छीन लिए.
वे मेरे सीने से लग गईं और हम दोनों चुम्मा चाटी करने लगे.
कुछ देर बाद मैंने भाभी को ज़मीन पर घोड़ी बनाकर कहा- चल मेरी घोड़ी टिक टिक टिक!
मैं भाभी के ऊपर सवारी करते हुए उन्हें कमरे में चलाने लगा.
वे घोड़ी बनकर चलने लगीं.
क्या गांड दिख रही थी भाई!
मेरे लंड में पानी आने लगा!
फिर मैंने उन्हें अपने सामने लाकर अपना लंड उनके मुँह में देने लगा.
वे लंड चूसने से मना कर रही थीं.
मैंने उनके एक दूध को पकड़ कर मसला, तो उनके मुँह से आह निकल गई और मुँह खुल गया.
उसी वक्त मैंने अपना लंड ज़ोर से उनके मुँह में दे दिया और मुँह चोदने लगा.
पहले तो वे मना कर रही थीं, पर बाद में वे खुद मस्ती से लौड़े को चूसने लगीं और मेरे टट्टे सहलाने लगीं.
दस मिनट तक भाभी के मुँह को चोदने के बाद मैंने उन्हें बेड पर लिटाया और उनके मम्मों के बीच लंड फंसा कर उनके मम्मों की चुदाई करने लगा.
मैं उन्हें ऐसे चोद रहा था कि मेरा लंड भाभी के बूब्स से होते हुए उनके मुँह में जा रहा था.
कुछ देर बाद मैंने ऐसे ही अपनी मलाई निकाल दी और साइड में लेट गया.
भाभी बोलीं- खुद तो झड़ गए … तो क्या अब मैं घर जाऊं?
तो मैंने भी हंस कर हां कर दी.
लेकिन अब उन्होंने जो बोला, उसे सुनकर मैं शॉक हो गया.
‘तेरा तो हो गया भोसड़ी के … पर मेरी आग कौन बुझाएगा?’
ये सुनकर मेरा लंड फिर से खड़ा होने लगा.
मैंने भाभी से फिर से लंड चूसने को बोला, तो वे खुद ही पलक कर लंड चूसने लगीं.
कुछ ही पलों में मेरा जवान लंड पूरा खड़ा हो गया.
मैंने उन्हें रोका और घोड़ी बना दिया.
अब मैं उनकी गांड पर चांटे मारने लगा. कुछ ही चांटे मारने से भाभी की पूरी गांड लाल हो गई.
वे बोलने लगीं- अब डाल ना! कितना तड़पाएगा?
मैंने भाभी की चूत पर लंड सैट किया और धक्का दे दिया, लेकिन लंड स्लिप हो गया.
मैंने फिर से एक बार ट्राई किया लेकिन फिर से स्लिप हो गया!
उन्होंने कहा- अनाड़ी आदमी से चुदना भी सर दर्द है! घर में तेल होगा? पहले तेल लगाकर चूत गीली करो, फिर अपना मूसल अन्दर डालो.
मैंने बोला- तेल क्यों चाहिए? मेरे पास दूसरी व्यवस्था है.
यह कह कर मैंने अपना मुँह भाभी की चूत पर रख दिया और जीभ अन्दर-बाहर करने लगा.
भाभी मस्त हो गईं और कहने लगीं- मुझे लगा कि तुम अनाड़ी हो!
मैंने कहा- ये तीसरी चुत है, जिसमें मेरा लंड घुसेगा!
वे हंस दीं.
थोड़ी देर में भाभी की चूत गीली हो गई.
मैंने उन्हें फिर से घोड़ी बनाया और लंड अन्दर करने लगा लेकिन अभी भी लंड अन्दर नहीं घुस रहा था.
मुझे एक झटके में पूरा डालना था, तो मैंने ज़ोर से झटका दे दिया.
मेरा पूरा लंड चला गया.
भाभी की तेज चीख निकलने को हुई, मैंने झट से उनके मुँह को बंद कर दिया और उन्हें रगड़ने लगा.
कुछ देर ऐसे न्यू भाभी फक के बाद वे शांत हो गईं और अपनी गांड हिला हिला कर चुत चुदवाने लगीं.
उन्होंने कहा- तुम्हारा लंड बहुत मोटा है इसलिए मुझे दर्द हो रहा था. पर अब अच्छा लग रहा है!
मैंने कुछ देर बाद भाभी को अपने ऊपर लेकर लंड पर बिठा दिया.
वे कूदने लगीं.
कमरे में सिर्फ भाभी के चिल्लाने की आवाज आ रही थी.
इसके साथ मेरे लंड और उनकी गांड के टकराने की आवाज़ आ रही थी.
मैं भाभी के बूब्स दबाते हुए बोला- रंडी साली! आज तेरी चूत को भोसड़ा कर दूंगा … कूद साली छिनाल!
तो वे ‘आहह .. ईईई .. ’ करती हुई बोलीं- आज से मेरी चूत तुम्हारी है. इसे बड़ा करो या उसको भोसड़ा बना दो राजा!
ये सुनकर मैंने नीचे से और धक्के देने शुरू कर दिए.
कुछ देर में भाभी ने पानी निकाल दिया लेकिन मेरा कम निकलना अभी बाकी था.
मैंने भाभी को खड़ी किया और दीवार से गांड टिका कर एक पैर उठाया और लंड चुत में अन्दर डाल कर चोदने लगा.
कुछ ही देर में हम दोनों काफी थक गए थे लेकिन मेरा पानी नहीं निकला.
मैंने भाभी से फिर से डॉगी स्टाइल में आने को बोला, वे बन गईं.
अब मेरे दिमाग में कुछ और चल रहा था.
जैसे ही भाभी घोड़ी बनी, मैंने उनके पेट के नीचे दो बड़े वाले पिलो रख दिए और उनके हाथ बेड से बांध दिए.
फिर मैंने उनकी कमर को ज़ोर से पकड़ा, जिससे वे हिल न पाएं.
अब मैंने लंड पर थूक लगाया और ज़ोर से झटका दे दिया … लेकिन इस बार निशाना उनकी गांड के छेद में लगाया था.
लंड का सुपारा भाभी की गांड को भेद कर अन्दर घुस गया.
वे ज़ोर से चीख पड़ीं- ऊई .. मां मर गई आआह रे .. मादरचोद ने गांड फाड़ दी!
मैं मस्ती से उनके दूध दबाने लगा.
वे रोती हुई बोलने लगीं- प्लीज नि.काल दो!
लेकिन मैं कहां मानने वाला था.
मैंने झटके देना शुरू कर दिए.
भाभी की गांड से खू. .न निकल रहा था.
खू. .न देख कर मैं और ज़ोर से झटके देने लगा. मेरा रस निकलने वाला था तो मैंने पूछा कि रस किधर निकालूँ!
भाभी बोलीं- गांड में मत डालो प्लीज! बहुत दर्द होता है!
मैंने पूछा कि कैसे मालूम?
वे हंस कर बोलीं- मैंने पढ़ा है!
यह सुनकर मैंने लंड बाहर निकाला और आगे बढ़ कर भाभी के हाथ छोड़े.
फिर मैं उन्हें बेड के कॉर्नर पर ले आया.
भाभी का चेहरा बेड के नीचे लटक रहा था.
मैंने उनके हाथ पकड़े और लंड मुँह में डाल दिया.
मैं उनको गले गले तक चोदने लगा.
कुछ ही मिनट में मेरा पानी निकल गया.
कुछ वीर्य भाभी के मुँह में और कुछ चेहरे पर गिरा.
वे मस्ती से लंड को चाटने लगीं और चाट चाट कर उसे साफ कर दिया.
फिर हम दोनों नंगे ही लिपट कर सो गए और सुबह उठ कर पुनः गुड मोर्निंग सेक्स किया.
उसके बाद से मैं भाभी को अब तक 5 बार चोद चुका हूँ, लेकिन अब ज़्यादा मौका नहीं मिलता.
दोस्तो, आपको यह न्यू भाभी फक स्टोरी कैसी लगी … प्लीज कमेंट्स में बताएं.
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