दोस्त की बहन ने रखी चुदाई पार्टी- 3
पुसी पुसी सेक्स कहानी में मेरे एक लंड के चार जवान चूत थी जिनमें एक शादीशुदा बाकी तीन चुदी हुई पर अनमैरिड लड़कियां थी. हम सबने मिलकर खूब चुदाई का आनन्द लिया.
दोस्तो, मैं प्रिंस आपको पूनम दी की बहन शोभा और दो ननदों पिंकी और डॉली की चुत चुदाई वाली सेक्स कहानी सुना रहा था.
कहानी के दूसरे भाग
चूतलोक के स्वर्ग की परियां
में अब तक आपने पढ़ लिया था कि मैं पिंकी और शोभा को चोद चुका था.
अब आगे पुसी पुसी सेक्स कहानी:
अब सबसे छोटी वाली डॉली की बारी आ गई थी.
मेरा मोटा और लम्बा लिंग देखकर वह डर रही थी लेकिन तीन तीन चुदाई देखने के बाद उसका डर बहुत कम हो गया था.
तभी पूनम दी ने उसे ढाढस बंधाते हुए कहा- डॉली कुछ नहीं होगा. बहुत मजा आएगा.
पूनम दी ने मुझसे कहा कि प्रिंस एकदम धीरे धीरे घुसाना और ले ये तेल लगा कर पेलना!
यह कह कर पूनम दी ने ढेर सारा नारियल का तेल डॉली की चुत में डाल कर मेरे लिंग पर भी ढेर सारा नारियल का तेल टपका दिया.
मैंने अपने कड़क लंड को मुठिया का चिकना किया और उसे चोदने के लिए रेडी हो गया.
दीदी ने कहा- अब धीरे धीरे डॉली के चुत के छेद में घुसाओ.
मैंने वैसा ही किया.
नारियल के तेल की बहुत ज्यादा चिकनाई होने के वजह से लिंग आराम से फिसलता हुआ डॉली की चुत में प्रवेश कर गया.
लेकिन डॉली की योनि काफी छोटी होने के कारण टाईट ही थी, तो वह लंड के कारण चिर सी रही थी.
हालांकि पिंकी और शोभा की योनि भी बहुत टाईट थी लेकिन डॉली चूंकि सबसे छोटी थी तो इसकी योनि कुछ ज्यादा ही टाईट थी.
मैं अपने लिंग को धीरे धीरे आगे पीछे कर रहा था और पूनम दी डॉली के माथे को सहला रही थीं.
वे उसके होंठों को भी चूस रही थीं.
मैं डॉली के स्तनों से खेलते हुए उसके एक दूध को पी रहा था.
डॉली दर्द बर्दाश्त करती हुई मजे से लंड को अन्दर ले रही थी.
काफी देर तक चूसने चाटने के बाद पूनम दी ने मुझे स्पीड बढ़ाने का इशारा किया.
मैंने धकापेल शुरू की तो डॉली पहले तो ‘आह … उह …’ कर रही थी.
लेकिन जैसे ही लंड ने बमपिलाट शॉट लगाने शुरू किये तो वह जोर जोर से चीखने लगी.
पूनम दी बोलीं- रूको मत, चोदते रहो.
मैं भी नहीं रूका और धक्का लगाता रहा.
करीब पंद्रह मिनट बाद डॉली का चीखना बंद हुआ.
अब वह भी लौड़े से चुदने के मजे ले रही थी.
हालांकि वह अभी भी कराह रही थी लेकिन यह दर्द वाला स्वर नहीं था, आनन्द और मजा वाली आवाज थी.
मैंने एकदम से उत्तेजित होकर डॉली को कसकर दबोच लिया और उसकी दोनों चूचियों को एक साथ करके पीते हुए जोर जोर से धक्के मारने लगा.
डॉली मेरे तेज प्रहारों से इतना जोर जोर से चीखने लगी थी कि पूरे कमरे में उसकी ही चीख सुनाई दे रही थी.
काफी देर की जोरदार चुदाई के बाद डॉली ने एक जोरदार चीख मारी और शांत हो गयी.
हम सब समझ गए कि डॉली झड़ गयी है.
मैं उसके चूचुकों को चूसते हुए, स्तनों को सहलाते और होंठों को चूसते हुए धक्के लगाने में लगा रहा.
कुछ ही देर में मेरे लिंग ने गर्म गर्म लावा डॉली की चुत के अन्दर उड़ेल दिया और मेरे गर्म वीर्य ने डॉली की चुत को सेंक सी पहुंचा दी.
डॉली भी संतुष्ट हो गयी.
मैंने एक जोरदार चुम्मा लेते हुए अपने लिंग को बाहर निकाल लिया.
मैंने डॉली से पूछा- क्यों डॉली मजा आया?
डॉली ने मुँह से तो कुछ नहीं कहा, वह बस मुस्कुरा कर उठी और मेरे होंठों को चूम कर उसने अपना भाव प्रकट कर दिया.
पूनम दी ने आगे बढ़ कर मेरे शेर को अपने हाथ में लेकर चूमा और तीनों लड़कियों से पूछा- क्यों मेरी राजकुमारियां, मजा आया? हैं न मेरे भाई का लंड मजेदार!
तीनों एक स्वर में बोली- हां रानी साहिबा, बहुत मजा आया.
पूनम दी बोलीं- जब तक प्रिंस यहां है, मैं तुम सब लोगों को रोज अलग अलग मजा करवाती रहूँगी. बस मेरे भाई प्रिंस का ख्याल रखना.
शोभा ने कहा- हां पूनम दी, हम सब भैया का पूरा ख्याल रखेंगी.
अब वे तीनों खिलखिलाने लगी थीं.
पूनम दी बोलीं- प्रिंस, तुमने परी लोक की परियों को खुश कर दिया. अब रानी को खुश करना है. लेकिन थोड़ा ठहरो, तुम थक गए होगे. थोड़ा आराम कर लो तब हम दोनों अपनी पारी खेलेगें. तब तक तुमने कैसा खेला है इसका एक चलचित्र देख लेते हैं.
यह कहते हुए पूनम दी ने कैमरा रिवर्स करके कमरे में लगे टीवी से कनेक्ट कर दिया और टीवी ऑन कर दिया.
उसमें हमारे रूम में आने से लेकर, शोभा, पिंकी और डॉली की योनि पान से लेकर चुदाई तक की पूरी फिल्म थी.
हम लोग अपनी ही चुदाई की ब्लू फिल्म देखने लगे.
बहुत मजा आ रहा था, सब एक दूसरे को छेड़ रहे थे और कॉमेंट पास कर रहे थे.
खासकर डॉली का चीखना तो सबसे ज्यादा मजेदार था.
सब डॉली को चिढ़ाने लगे.
तब तक पूनम दी अपने हाथों में ट्रे लेकर आईं जिसमें मिश्री, मेवे से बना दूध से भरा बड़ा सा ग्लास था.
वे मेरे करीब आईं और मुझसे दूध पीने को कह कर खुद नंगी ही मेरी गोद में बैठ गईं.
मैं दीदी को अपनी गोद में बिठा कर उनके स्तनों को दबाने और सहलाने लगा.
साथ ही दूध को मम्मों पर टपका कर चूचे चूसने लगा.
सारा दूध पी लेने के बाद मेरे शरीर में नई जान आ गयी और मैं फिर से एक नई व लंबी पारी खेलने को तैयार हो गया.
मैं पूनम दी की चूचियों को जोर जोर से मसल रहा था तो पूनम दी भी समझ गईं कि मुर्गा तैयार है, इसको हलाल करना चाहिए!
पूनम दी ने भी नीचे हाथ डाला और मेरे लिंग को पकड़ कर उसे मसलने लगीं.
जल्दी ही मेरा लंड टाईट हो गया था और बहन की चुत में घुसने को तैयार था.
पूनम दी ने अपनी योनि में मेरा लिंग सैट कर लिया.
लेकिन मुझे उतना मजा नहीं आ रहा था.
मैंने पूनम दी को बिस्तर पर पटक दिया और उनके ऊपर सवार हो गया.
मैंने अपना पूरा लिंग पूनम दी की योनि में ठेल दिया और हचक कर धक्का लगाने लगा.
पूनम दी ‘आह … उह …’ करने लगीं. उनके साथ सेक्स करने में मुझे एक जोश आ रहा था.
मैंने अपनी स्पीड बढ़ा दी और तेजी से ताबड़ तोड़ धक्का मारने लगा, साथ ही पूनम दी के दोनों चूचों को मसलते हुए उनके होंठों को चूसने लगा.
मैं बिल्कुल वाईल्ड एनिमल (जंगली जानवर) हो गया था.
पूनम दी भी पूरा वाईल्ड हो गयी थीं.
वे चिल्लाने लगी थीं- वाउ प्रिंस … वाह क्या ताकत है और जोर से चोद साले बहन के लौड़े … आह अब ठीक है … सही है मेरी जान तेरी बहन को तेरे लौड़े से चुदने में खूब मजा आ रहा है … आज तो अपने भाई के मोटे लंड से चुदने का मजा ही आ गया … वाह मेरे प्रिंस … वाह … अपनी रानी की चुत को फाड़ दो आज … आह!
मैं जोर जोर से धक्के पर धक्का लगाये जा रहा था.
तभी पूनम दी की सांस उखड़ने लगी थी.
पंद्रह मिनट तक ताबड़तोड़ धक्का मारने के बाद मैंने स्पीड थोड़ी कम कर दी और दीदी की चूचियों को लपालप पीने लगा.
मेरे रुक जाने से पूनम दी सांसें लौट आईं.
अब वे आह … उह … करती हुई मुझे अपने दूध पिलाने लगी थीं.
दीदी उस वक्त पूरी तरह मेरे आगोश में समायी हुई थीं और मैं उन पर किसी पूरी तरह पगलाए हुए सांड की तरह से सवार था.
थोड़ी देर बाद पूनम दीदी बोलीं- प्रिंस रूक क्यों गए? धक्का लगाओ ना.
मैंने स्पीड बढ़ा दी और पुन: अपने दोनों हाथों में उनके दोनों स्तनों को कसकर पकड़ कर अपने टाईट लंड से पूनम दी की योनि में ताबड़तोड़ धक्का मारने लगा.
थोड़ी ही देर में पूनम चिल्लाने लगीं- आह … प्रिंस … आह … उह, आह … उह माँ … आह … प्रिंस, बहनचोद, अपनी बहन को चोद दे साले, तू पक्का बहनचोद है रे प्रिंस … प्रिंस मत छोड़ अपनी दीदी को, फाड़ डाल आज … आह!
दीदी यही सब चिल्लाती हुई मस्ती से चुदवा रही थीं.
काफी देर तक चली इस ताबड़तोड़ चुदाई के बाद आखिरकार हम दोनों एक साथ झड़ गए.
पूनम दी मुझसे बुरी तरह चिपक गईं और मैंने भी उन्हें कसकर अपनी बांहों में भींच लिया.
मैंने जब तक अपना सारा वीर्य पूनम दी की योनि में विसर्जित नहीं कर दिया, तब तक मैंने पूनम दीदी को छोड़ा ही नहीं.
उन्हें कसकर अपने आगोश में दबाये रखा.
जब मेरा सारा वीर्य पूनम दी की योनि में समा गया और मैं खाली हो गया, तब मैंने पूनम दी को छोड़ा.
पूनम दी मेरे होंठों और गालों पर कसकर चुम्मा लेती हुई बोलीं- प्रिंस भाई, तुमने आज मुझे खुश कर दिया, अपनी बहन को सच में पूरा खुश कर दिया. तुम्हारे लंड में सचमुच बहुत ताकत है. मैं तो निहाल हो गयी. आज मुझे अपने भाई पर बहुत गर्व है.
यही सब कहती हुई बहन ने मुझे अपने आगोश में ले लिया और मेरे गालों और होंठों पर चुबंन की झड़ी लगा दी.
चुदाई के बाद हम चारों नंगे ही बिस्तर पर बैठ कर बातें करने लगे.
डॉली हम सबके लिए कॉफी ले आयी. हम कॉफी पीते हुए बातें करने लगे.
फिर मैंने पूनम दी से पूछा- अच्छा पूनम दी, तुम्हारी इतनी सुन्दर सुन्दर, इतनी प्यारी प्यारी ननदें हैं, तुम्हें तो खुब मन लगता होगा?
पूनम दी हंस कर बोलीं- बहुत, अपने मायके से भी ज्यादा, शोभा का भी जब मन करता है तो ये चली आती है उससे हम सबको और ज्यादा अच्छा लगने लगता है.
मैंने मजाक किया कि पूनम दी इतनी सुन्दर सुन्दर राजकुमारियों का सील सबसे पहले जिसने तोड़ी होगी, वह तो बहुत नसीब वाला होगा न? प्लीज आज बताओ ना सभी लोग अपनी पहली चुदाई की कहानी?
मैं जिद करने लगा.
पूनम दी ने बताया कि पिंकी और डॉली की चुत की सील इनके भैया यानि तुम्हारे जीजाजी ने ही तोड़ी है.
यह सुनकर मैं चकित रह गया.
तब पूनम दी ने अपनी ससुराल की पूरी कहानी बताई कि किस प्रकार और किस कारण से मेरे ससुराल में ओपन सेक्स होता है. साथ ही अपने और अपनी बहन शोभा के होमो सेक्स की कहानी भी बताई.
साथ ही उन्होंने कहा- देखो प्रिंस, भगवान ने मनुष्य को सेक्स के रूप में बहुत ही सुन्दर और अनुपम उपहार दिया है. जब तक जीवन है इसका पूरा आनन्द उठाना चाहिए. क्योंकि सेक्स से ज्यादा आनन्द संसार में और किसी चीज में नहीं है. लेकिन इंसान ने इसे खराब और पाप बताकर बर्बाद कर दिया. जब ईश्वर में हमें योनि और लिंग दिया है तो कुछ सोच कर ही दिया है ना! ये रिश्ते नातों का सेक्स से क्या संबध! हां मानती हूँ कि एक रक्त संबध जैसे सगे भाई बहन से उत्पन्न बच्चा कमजोर हो सकता है … तो तुम्हें भाई बहन से बच्चे पैदा करने के लिए कौन कह रहा है, मत करो ना. लेकिन आपस में सेक्स करने की मनाही बिल्कुल नहीं होनी चाहिए. एक बात बताओ, तुम्हें मेरा स्तन छूने से, दबाने से, मेरी योनि देखने से मेरे साथ सेक्स करने का मन करता है कि नहीं?
मैंने कहा- हां पूनम दी, बहुत मन करता है. मैं तो चाहता हूँ कि दिन रात इन्हें चूसता रहूँ, संभोग करता रहूँ.
पूनम दी बोली- वैसे ही मुझे भी तुम्हारा लिंग देखकर लगता है कि मैं इसे मुँह में लेकर चूसती रहूँ, अपनी योनि में घुसाये रखूँ. अब मान लो हम दोनों का मन एक दूसरे से सब कुछ करने का करता है लेकिन हमें करने को ना मिले तो क्या होगा? यदि मेरी शादी ना हुई होती तो मैं भी किसी बाहर वाले लड़के के साथ ये सब करती और तुम भी किसी बाहर वाली लड़की के साथ करते. तो यह क्या बात हुई …! बाहर वाले लड़के के साथ करना सही है और घर में साथ रहने वाले लड़के के साथ गलत? ये कहां का इंसाफ है? अगर कोई भाई अपनी बहन को शारीरिक सुख देता है या कोई बहन अपने भाई को शारीरिक सुख देती है तो इसमें मेरे अनुसार कुछ भी गलत नहीं है.
एक पल रुकने के बाद दीदी ने आगे पुनः कहना शुरू दिया- मेरे अनुसार तो बाहर वाले लड़के से करवाना ही गलत है. ये क्या बात हुई कि तुम्हारे घर की मिठाई पूरे मुहल्ले में बँट गयी और और तुम्हीं को ना मिली, तुम्हीं को खाने की सख्त मनाही?
मैं उन्हें देख कर मंत्रमुग्ध हुआ जा रहा था.
दीदी- मेरे ख्याल से भाई बहन में कुछ भी परदा नहीं होना चाहिए. घर में साथ नहाना साथ सोना चाहिए वह भी नंगे यानि बिना कपड़ों के ताकि दोनों एक दूसरे से खुल कर जी सकें और दोनों एक दूसरे का सब कुछ महसूस कर सकें. मेरे मायके ही नहीं, मेरी ससुराल में भी सबका यही मानना है.
पिंकी ने आगे बढ़ कर दीदी को चूम लिया.
दीदी बोलीं- अच्छा तो अब सो जाओ, कल मैं तुम सभी लोगों को सेक्स का नया आनन्द दूंगी यानि नये तरीके से इंजॉय करवाऊंगी. इसमें सभी को आज से भी दुगुना मजा आएगा.
हम सब सोने लगे कि तभी पूनम दी आवाज गूंजी- वत्स, तूने सभी अप्सराओं का स्तनपान और योनिपान तो कर लिया लेकिन इससे जो अप्सराओं के शरीर में कामोत्तेजना का ज्वार उमड़ आया है यह तुम्हें संभोग करके आगे भी शांत करते रहना होगा.
हम सब मुस्कुरा दिए और सो गए.
दोस्तो, आपको मेरी इस पुसी पुसी सेक्स कहानी में कितना मजा आया, प्लीज जरूर लिखें.
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