मैंने अपने ही परिवार में सेक्स करके मज़े लिए
सेक्सी वर्जिन Xxx कहानी में मैं मामा के घर गया वहां मौसी की बेटी मिली. उसने मुझे नंगा होकर खेलने को कहा. हम दोनों नंगे हो गए. वो मेरे ऊपर लेट गयी.
हाई दोस्तो,
मेरा नाम है कर्ण।
मैं बिहार में रहने वाला हूँ।
मेरी उम्र 30 साल है और हमारे परिवार में दो भाई और मम्मी और पिताजी हैं।
मैं बड़ा हूँ।
आप सभी का मेरे स्टोरी में स्वागत करता हूँ।
ज्यादा टाइम नहीं लेते हुए सेक्सी वर्जिन Xxx कहानी स्टार्ट करता हूँ।
करीब 10 साल पहले मैं और मम्मी के साथ मामा के घर शादी में गया था।
वहाँ पर एक मामा की बेटी की शादी थी तो सारी मासी भी आई हुई थीं।
बड़ी मासी की दो लड़कियाँ थीं।
वो भी आई हुई थी।
मासी की बड़ी बेटी मेरे से 1 दिन की ही छोटी थी।
उस टाइम हमें तो ज्यादा कुछ नहीं पता था, पर अच्छा लगा।
फर्स्ट टाइम किसी लड़की से इतने करीब से मिलने पर।
वो भी बहुत खुश थी।
उसका भी कोई भाई नहीं था।
वो भी हमसे चिपक कर घूम रही थी और खेल रहे थे।
शादी तो हो गई पर हम दोनों नहीं गए घर, क्योंकि और 8 दिन बाद और एक मामा की बेटी की शादी होने वाली थी।
इसलिए मेरी मम्मी और उसकी मम्मी भी हम दोनों को मामा के घर छोड़ कर लौट गयी।
हम लोगों का भी अच्छे से कट रहा था समय।
एक दिन मामा और मम्मी खेत गए काम करने के लिए।
हम दोनों ही थे अकेले घर में खेलने के लिए।
बाद में अचानक से बारिश होने लगी तो हम दोनों घर के अंदर गए और बिस्तर में लेट गए और इधर-उधर की बातें करने लगे।
तो उसने बोला, “कर्ण, क्यों ना हम बिस्तर में ही एक खेल खेलें?”
मैंने बोला, “क्या खेलना है, पायल?”
सॉरी, मैं उसका नाम बताना ही भूल गया था।
मैंने हाँ कर दिया तो उसने बोला, “तुम अपने सारे कपड़े उतारो और मैं भी उतार रही हूँ! फिर हम दोनों फाइट-फाइट खेलेंगे!”
तो मैंने भी सारे कपड़े निकाल दिए और वो भी।
मेरा लंड खड़ा हो गया था।
जैसे ही मैंने उसके छोटे-छोटे दूध देखे, सफेद-सफेद बीच में रेड निप्पल … ओह क्या बताऊँ!
अरे, मैंने कभी किसी लड़की का नहीं देखा था तो मेरी हालत खराब हो गई।
फिर उसने बोला, “पहले मैं आती हूँ तुम्हारे ऊपर! फिर ऊपर-नीचे होना है, मैं 5 बार, उसके बाद तुम 5 बार!”
मैंने हाँ बोला और लेट गया।
फिर वो मेरे ऊपर जैसे आई, मेरा लंड खड़ा हो गया पूरा 90 की एंगल में।
उसने मेरा लंड अपनी चूत में सटा दिया।
उफ्फ! मैं तो एकदम आँखें बंद कर दी और मजे लेने लगा।
और मेरा हाथ उसकी कमर में चला गया।
उसके बाद वो किस करने लगी मुझे लिप्स और गले में।
मुझे अजीब सा नशा चढ़ने लगा।
फिर वो धीरे-धीरे ऊपर-नीचे होने लगी।
मेरा लंड तो उसके चूत के अंदर गया नहीं, बाहर से टच हो रहा था क्योंकि हम दोनों वर्जिन थे।
पहले कभी नहीं किया था कुछ भी।
उसके 5 बार ऐसी तरह निकल गए।
अब मेरी बारी थी।
मैं उसके ऊपर आया।
क्या मुलायम महसूस हो रहा था, क्या बताऊँ!
उसके बाद मैंने अपने दोनों हाथ उसके स्तनों में रख दिए।
इतना अच्छा लग रहा था तो न चाहते हुए भी दबाने लग गया।
उसके मुँह से अचानक “उह्ह्ह!” का आवाज आया।
मैंने पूछा, “दर्द हुआ क्या?”
उसने मना कर दिया तो मैंने और दबाने लगा।
फिर ऊपर-नीचे होने लगा जोर से!
मुझे लगा फाइट करना है इसलिए जोर से आया।
फिर उसने बोला, “तुम्हारा वो लंबा सा लंड मेरे छेद में डाल के ऊपर-नीचे हो!”
मैंने हाँ बोल के अपने लंड को उसके चूत में सटा के नीचे आया, पर लंड थोड़ा सा घुसा और निकल गया।
पर पायल काँपने लगी थी।
उसने बोला, “फिर से!”
अब मैं पुनः लंड पायल की चूत पर लगा के नीचे आया।
इस बार थोड़ा सा लंड चूत में घुसा और निकल भी नहीं पाया।
पायल से “उफ्फ्फ!” करने चिल्लाने लगी.
तो मैंने निकल पूछा, “क्या हुआ?”
उसने बोला, “दर्द हो रहा है!”
जैसे ही मैंने नीचे देखा तो उसके चूत के अंदर से थोड़ा-थोड़ा रवून आने लग था।
मैंने बोला तो वो साफ कर लिया।
तब तक मेरे लंड में भी कुछ होने लगा था।
मैंने देखा तो लाल हो गया था ऊपर वाला और जलने भी लगा था।
मैंने भी उसे बोला, “दर्द हो रहा है!”
तो उसने बोला, “ओके, रहने देते हैं! बाद में खेलेंगे!”
मैंने भी ओके कर दिया और दोनों सारे कपड़े पहनने लगे।
फिर दोनों साथ में ही सो गए।
वो मुझसे चिपक के सोने लगी।
मुझे भी अब अच्छा लगने लगा था।
पायल बोली, “मामा-मामी ये सब कुछ मत बोलना! ओके?”
मैंने हाँ कर दिया और सो गया।
जब मेरी नींद खुली तो देखा मामा-मामी आ गए थे और पायल भी उठ गई थी।
जैसे ही वो मुझे देखा एक अजीब सा स्माइल दिया।
मुझे फिर से कुछ होने लगा था।
मैंने ध्यान दिया तो मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया।
मैं छुपते हुए बाथरूम गया और पेशाब करने लगा।
फिर जलने लगा तो मैंने खींच के देखा तो एकदम लाल हो गया था और अभी वहाँ की परत छोड़ दी थी।
फिर रात को वो खाना खाने के बाद पायल मेरे साथ सोने लगी।
हम दोनों एक ही बिस्तर में सोते थे।
वो बोली, “अब मेरी बारी है खेल की!”
मैंने हाँ कर दिया.
तो उसने फटाक से मेरी चैन नीचे करके लंड को पकड़ा और ऊपर-नीचे करने लगी।
मेरे मुँह से अजीब सा आवाज आने लगी थी जैसे मैं जन्नत में पहुँच गया हूँ।
फिर वो भी अपनी पैंट खोली और मेरे ऊपर लेट गई और मेरे लंड को अपने चूत में डालने लग गई।
जैसे ही मेरा लंड बहन की चूत के गया, वो ऊपर-नीचे होने लगी।
मुझे एक अजीब सा सुख का आनंद हो रहा था।
मैंने भी अपना हाथ उसकी गांड पर रख दिया।
फिर मैं नीचे से और पायल ऊपर से लंड लेने लगी।
अब मुझे भी करना आ गया था।
उसने बोला, “थोड़ा जल्दी-जल्दी करो!”
मैं भी जल्दी-जल्दी डालने निकालने लगा।
अचानक से मेरे लंड से थोड़ा सा कुछ निकल गया और जितना गरम लग रहा था अब नहीं लग रहा है।
फिर हम दोनों साथ में सो गए।
सुबह फिर से पायल वो अजीब सा स्माइल देने लगी थी.
और फिर हम बाहर में ही वो खेल कई बार खेला।
फिर मेरी मम्मी-पापा आ गए और उसके भी मामा की लड़की की शादी भी हो गई तो चले गए अपने-अपने घर सब।
घर आने के बाद मेरा मन नहीं लग रहा था।
उसके 6 महीने बाद पता चला कि पायल के घर में कोई प्रोग्राम है।
मैं तो खुश हो गया क्योंकि उसके साथ फिर से खेलने को मिलेगा।
मैं और मम्मी फिर गए मासी के घर।
जाते ही पायल के साथ खेलने लग गया और हम दोनों वो वाला खेल भी खेले।
क्या मजे आए!
मैं उसका दूध अब मुँह में भी लेने लगा था।
मेरे दोस्त ने अब मुझे ‘लड़की को कैसे चोदा जाता है’ बता दिया था।
अगले दिन जब मम्मी और मैं घर आने लगे तो मुझे लगा कि भी न चाहते हुए भी जाना पड़ेगा।
पायल की छोटी बहन अंजलि भी आने का जिद करने लग गई थी हमारे साथ आने के लिए।
तो मौसा जी ने बोला, “इसे भी ले जाओ!”
वो भी साथ में आ गई हमारे घर।
फिर मेरे भाई, अंजलि और मैं तीनों खूब मजे करने लगे, खेलने लग गए।
फिर रात को खाना खाने के बाद सोने लगा तो अब मुझे वो पायल वाला खेल याद आने लगा था।
तो मैंने अंजलि को बोला, “एक खेल खेलें क्या?”
तो वो हाँ बोल दी तो मैं खुश हो गया.
और मैंने उसके सारे कपड़े निकाल दिए और गुलाबी चूत में मुँह लगा कर चाटने लगा।
क्या मजा रहा था!
ओह क्या बोलूँ!
क्योंकि वो मुझसे 2 साल की छोटी थी।
उसकी चूत पीने में मैं पागल हो जा रहा था।
फिर मैं उसे किस करने लगा।
वो भी मेरे लंड को पकड़ के सहला रही थी।
फिर मैं उसके ऊपर चढ़ गया और लंड को चूत में सटा के धक्का दिया, पर गया नहीं।
बहुत छोटी सी थी उसकी चूत।
फिर से डालने लगा तो मुश्किल से थोड़ा गया।
अंजलि अब छटपटाने लग गई थी और चिल्ला रही थी।
मैंने बहुत मुश्किल से उसे शांत किया।
फिर एक जोरदार धक्का मारा, पूरा समा गया उसके अंदर।
वो अब दर्द के कारण रोने लग गई थी और उसके चूत से रवून निकल रहा था।
मैंने किसी तरह उसे शांत किया और सारे कपड़े पहने।
उसको भी कपड़े पहनने को बोला तो वह पहन के सो गई और मैं भी उससे चिपक के सोने लगा।
सुबह देखा तो वो ठीक हो गई थी अपर थोड़ा सा लंगड़ा-लंगड़ा के चल रही थी।
अगली रात को भी हम खेलने लगे वही खेल।
अब उसे मजा आने लगा था।
अगले 8 दिन तक हम दोनों ने खूब चुदाई की।
फिर मौसा जी उसे ले गए।
इस तरह मैंने अपने दोनों कजिन सिस्टर की चुदाई की थी, लड़की की जवानी का मजा लिया.
इसके आगे भी किया था दोनों को एक साथ।
वो अगले स्टोरी में लिखूँगा।
तब तक के लिए बाय!
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लेखक
कर्ण लव
@karan
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