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एनआरआई डॉक्टर की फंतासियाँ पूरी की- 3

0 बार पढ़ी गई15 मिनट का पाठलगभग ९ घंटे पहले

थ्री न्यूड गर्ल्स विद अ मैन स्टोरी में मैं अपनी सहेली और चचेरी बहन को लेकर अपने दोस्त अंकल के होटल के कमरे में पहुंची. मेरी बहन उनकी फैन थी, उनसे चुदना चाहती थी.

यह कहानी सुनें.

दोस्तो, मैं आपकी आरोही आज सिंगापुर से आए एनआरआई असीम के साथ तीन लड़कियों की एक साथ चुदाई की कहानी लेकर हाजिर हुई हूँ.

कहानी के पिछले भाग

कुंवारी बुर चाट कर सील तोड़ने का मजा

में अब तक आप पढ़ चुके थे कि पहले दिन असीम ने मुझे चोदा था. दूसरे दिन उन्होंने कुंवारी पीहू की चुत की सील फाड़ी थी और आज हम तीन लड़कियां यानि आरोही पीहू और अन्जू एक साथ असीम के साथ चुदेंगी.

तो चलिए थ्री न्यूड गर्ल्स विद अ मैन स्टोरी का मजा लेते हैं:

पीहू की वर्जिनिटी टूटने और असीम के साथ हमारी उस वाइल्ड रात के बाद अगला दिन मेरे और पीहू के लिए एक अलग ही अहसास लेकर आया था.

पीहू का चेहरा तो कल की चुदाई के बाद एकदम गुलाब की तरह खिल उठा था.

उसके चलने के अंदाज़ में एक औरत वाली मादकता आ चुकी थी.

लेकिन इस पूरी कहानी में अभी एक सिरा बाकी था और वह थी मेरी चचेरी बहन अन्जू.

वही अन्जू, जिसने सबसे पहले इंटरनेट पर असीम को खोजा था, जिसने रात-रात भर चैट करके असीम के साथ अपने रिश्ते को गाढ़ा किया था और जिसने मुझे असीम से मिलवाया था.

शाम को जब हम तीनों लड़कियां … मैं, पीहू और अन्जू — असीम के उसी होटल के सुइट नंबर 405 की तरफ बढ़ रही थीं, तो माहौल में एक अजीब सी खामोशी और तनाव था.

अन्जू के चेहरे के भाव बहुत उखड़े-उखड़े थे. उसकी आंखों में एक साफ़ जलन और कड़वाहट तैर रही थी.

वह अपनी उंगलियों को बार-बार चटका रही थी और रह-रहकर मुझे और पीहू को घूर रही थी.

उसके मन के अन्दर एक गहरी हीनभावना और गुस्सा खौल रहा था.

वह सोच रही थी कि असीम से पहली बात उसने शुरू की, असीम की सबसे पुरानी दीवानी वह थी, लेकिन असीम ने भारत आते ही सबसे पहले मुझे चोदा और कल उसने पीहू जैसी शर्मीली लड़की की कुंवारी चूत का पानी पीकर उसकी सील तोड़ दी … और वह खुद, जो इस पूरे खेल की रचयिता थी, सबसे आखिर में असीम के बिस्तर तक पहुंच रही थी.

मैंने अन्जू का हाथ पकड़कर धीरे से कहा- क्या हुआ अन्जू दी … आप इतनी चुप क्यों हो? आज तो हमारे डॉक्टर की वह ‘थ्री-गर्ल्स’ वाली फैंटेसी पूरी होने वाली है, जिसके बारे में आपने और उन्होंने सालों से सपने देखे थे!

अन्जू ने झटके से अपना हाथ छुड़ाया और बेहद तल्ख आवाज़ में बोली- तुम दोनों तो अपना-अपना कोटा पूरा कर चुकी हो ना! असीम से सालों तक प्यार भरी बातें मैंने कीं, उनके लंड की तस्वीरें देखकर अपनी चूत मैंने सुझाई, लेकिन जब वह इंडिया आए तो तुम दोनों ने मिलकर उन्हें घेर लिया! मुझे सबसे बाद में मौका मिल रहा है, जैसे मैं कोई बची-खुची चीज़ हूँ!

पीहू ने उसे शांत करने की कोशिश की- अरे अन्जू दी, ऐसा मत सोचो. आज असीम जी हम तीनों को एक साथ प्यार करेंगे. मजा तो आज ही आने वाला है.

अन्जू ने एक ठंडी सांस भरी और कुछ नहीं बोली.

लेकिन मैं समझ गई थी कि आज की रात बहुत ही मादक और वाइल्ड होने वाली है क्योंकि अन्जू के अन्दर की ये जलन उसे बिस्तर पर एक भूखी शेरनी की तरह बर्ताव करने पर मजबूर करने वाली थी.

जब मैंने कमरे का दरवाज़ा खटखटाया, तो असीम ने तुरंत गेट खोल दिया.

आज वे सिर्फ एक ब्लैक सिल्क बॉक्सर पहने हुए थे.

उनका चौड़ा बदन, छाती के काले बाल और उनकी आंखों में तैरती हवस हम तीनों को देखकर और गहरी हो गई.

‘वेलकम माय थ्री ब्यूटीफुल प्रिन्सेस्स!’ असीम ने अपनी बांहें फैलाते हुए कहा.

मैं और पीहू तो तुरंत आगे बढ़कर उनके गले लग गईं लेकिन अन्जू वहीं दरवाज़े के पास खड़ी रही.

असीम का तजुर्बा और उनकी डॉक्टरी समझ यहां तुरंत काम आई.

वे अन्जू के चेहरे की जलन और उदासी को एक पल में ताड़ गए.

वे हमारे पास से हटे और सीधे अन्जू के करीब पहुंचे.

उन्होंने अन्जू की पतली कमर में अपने दोनों हाथ डाले और उसे अपनी तरफ खींच लिया.

‘क्या बात है अन्जू? मेरी सबसे पुरानी और सबसे अज़ीज़ दोस्त इतनी खामोश क्यों है? तुम्हें अंदाज़ा नहीं है कि सिंगापुर में बैठकर मैंने तुम्हारी लिखी कहानियों को कितनी बार पढ़ा है और तुम्हारे बदन की कल्पना की है!’ असीम ने उसके कान के पास फुसफुसाते हुए कहा.

असीम के मुँह की गर्म सांसें और उनका मर्दाना स्पर्श पाते ही अन्जू का सारा गुस्सा पिघलने लगा लेकिन उसकी जलन अभी भी बाकी थी.

उसने असीम की छाती पर अपने दोनों हाथ रखे और उनकी आंखों में देखते हुए सीधे शिकायत की- आप बड़े मतलबी हो असीम! चैट पर मुझसे कहते थे कि मैं आपकी जान हूँ, लेकिन इंडिया आते ही आपने इन दोनों कामुक कुत्तियों से अपनी प्यास बुझा ली. मुझे सबसे आखिर में याद किया?

असीम ने ज़ोर से ठहाका लगाया और अन्जू के होंठों पर अपनी उंगली रख दी.

‘पगली, सबसे बेहतरीन वाइन को सबसे आखिर के लिए बचाकर रखा जाता है. इन दोनों का बदन तो सिर्फ एक शुरुआत थी, असली खेल तो आज तुम्हारे साथ शुरू होगा. आज मैं तुम्हारी इस जलन को अपनी चुदाई से शांत करूँगा.’

यह सुनते ही अन्जू के चेहरे पर एक शैतानी मुस्कान आ गई.

उसने बिना कोई वक्त गंवाए असीम के होंठों पर अपने होंठ रख दिए और पागलों की तरह उन्हें चूमने लगी.

वह असीम के मुँह के अन्दर अपनी जीभ डालकर उनका सारा थूक चूसने लगी जैसे वह मुझे और पीहू को यह दिखाना चाहती हो कि असीम पर पहला हक उसी का है.

माहौल का तापमान अब तेज़ी से बढ़ रहा था.

असीम अन्जू को चूम रहे थे और इधर मैंने और पीहू ने अपनी-अपनी ड्रेसेस उतारनी शुरू कर दीं.

आज हम तीनों लड़कियों ने एक ही रंग यानि ब्लैक कलर की सिडक्टिव लॉन्जरी पहनी थी.

मैंने ब्लैक ब्रा-पैंटी पहनी थी, पीहू ने ब्लैक नेट की शॉर्ट नाइटी पहनी थी जिसके अन्दर उसकी गोरी चूत साफ़ झलक रही थी.

अन्जू ने ब्लैक लेस वाली टू-पीस लॉन्जरी पहनी थी जिसमें से उसके 36 साइज के भारी बूब्स बाहर आने को मचल रहे थे.

अन्जू ने असीम को चूमते हुए अपनी ब्रा के हुक खुद ही खोल दिए और अपने दोनों भारी, रसीले स्तनों को असीम के मुँह के सामने कर दिया.

‘देखिये असीम, क्या मेरी ये चीज़ें इन दोनों से बेहतर नहीं हैं? चूसिए इन्हें और बताइये कि कौन ज़्यादा हॉट है!’ अन्जू ने जलन और गर्व के मिले-जुले स्वर में कहा.

असीम ने अन्जू के एक भारी स्तन को अपने पूरे मुँह में भर लिया और उसे ज़ोर-ज़ोर से चूसने लगे.

उनके मुँह की ‘चप-चप’ की आवाज़ से पूरा कमरा गूंज उठा.

अन्जू ने अपनी आंखें बंद कर लीं और मज़े के मारे ‘आह … उफ्फ़ … असीम जी … ‘ करने लगी.

तभी मैंने पीहू का हाथ पकड़ा और हम दोनों अन्जू के करीब आईं.

मैंने अन्जू की पैंटी को नीचे सरका दिया और पीहू ने उसके पैरों से उसे बाहर निकाल दिया.

अब अन्जू बेड पर पूरी तरह नंगी हो चुकी थी.

उसकी चूत पर हल्के-हल्के, ट्रिम किए हुए बाल थे और वह पूरी तरह काम-रस से भीग चुकी थी.

मैंने पीहू से कहा- पीहू, असीम जी की फैंटेसी याद है ना? तीन लड़कियों के साथ लेस्बियन एक्ट. चलो, आज अन्जू दी की इस जलन को हम दोनों अपनी जीभ से चाटकर ख़त्म करती हैं.

पीहू अब कल की चुदाई के बाद पूरी तरह खुल चुकी थी.

वह बिना झिझक के अन्जू की एक तरफ की जांघ पर बैठ गई और उसके गोरे पेट को चूमने लगी.

मैं अन्जू के पैरों के बीच आई और मैंने अपना मुँह सीधे उसकी चूत पर रख दिया.

जैसे ही मेरी जीभ अन्जू के क्लीटोरिस से टकराई, अन्जू बेड पर धनुष की तरह अकड़ गई ‘आहहह आरोही … ओ गॉड … तुम दोनों … उफ्फ़!’ अन्जू चिल्लाई.

पीहू ने ऊपर बढ़कर अन्जू के दूसरे बूब्स को अपने मुँह में भर लिया और उसके निप्पल को चूसने लगी.

अब स्थिति यह थी कि असीम अन्जू का एक बूब्स चूस रहे थे, पीहू उसका दूसरा बूब्स चूस रही थी और मैं नीचे बैठकर अन्जू की चूत को अपनी जीभ से पागलों की तरह चाट रही थी.

अन्जू की चूत का नमकीन और चिपचिपा पानी मेरे मुँह में आ रहा था और मैं उसे गटकती जा रही थी.

अब अन्जू अपनी जिंदगी के सबसे बड़े चरम सुख में थी.

उसकी जलन अब पूरी तरह से वासना की आग में बदल चुकी थी.

लगभग दस मिनट के इस महा-फोरप्ले के बाद अन्जू का बदन पूरी तरह कांपने लगा और उसने एक लंबी सिसकारी भरते हुए अपनी चूत का सारा पानी छोड़ दिया.

उसकी चुत से निकला पानी मेरे पूरे चेहरे पर लग गया.

अन्जू के झड़ते ही असीम ने अपना बॉक्सर नीचे उतार दिया.

उनका सात इंच लंबा और मोटा लंड पूरी तरह लोहे की तरह कड़क होकर बाहर आ गया.

लंड के सुपाड़े पर हरी नसें बुरी तरह उभर आई थीं.

अन्जू ने जब पहली बार उस लंड को हकीकत में इतनी नज़दीक से देखा, तो उसकी आंखें फटी की फटी रह गईं.

उसने अपनी उंगलियों से उस मोटे लौड़े को पकड़ा और सहलाती हुई बोली- ओह असीम … चैट पर तो यह बड़ा लगता ही था, लेकिन हकीकत में तो यह किसी राक्षस का हथियार है! इसने इन दोनों की बुर फाड़ी है, आज यह मेरी चूत के अन्दर जाएगा.

अन्जू घुटनों के बल बैठ गई और उसने असीम के लंड को अपने मुँह के अन्दर पूरा ले लिया.

वह अपनी जीभ से उनके सुपाड़े को चाटने लगी और लंड को अपने गले तक उतारने की कोशिश करने लगी.

असीम ने उसके बाल पकड़ कर अपने लंड को उसके मुँह में आगे-पीछे करना शुरू किया.

‘भचक-भचक’ की आवाज़ होने लगी.

इधर मैं और पीहू एक-दूसरे को चूम रही थीं और अपने हाथों से एक-दूसरे की चूत को मसल रही थीं.

हम तीनों लड़कियां अब पूरी तरह से असीम के इस सात इंच के मूसल लंड की दीवानी हो चुकी थीं.

मुँह में अच्छी तरह लंड चुसवाने के बाद, अन्जू ने असीम को बेड पर सीधा लेटने के लिए कहा.

उसके मन में अभी भी यह साबित करने की होड़ थी कि वह हम दोनों से बेहतर है.

‘असीम, आज मैं आपके ऊपर बैठकर खुद आपकी सवारी करूँगी. मैं देखना चाहती हूँ कि आपका यह मोटा लौड़ा मेरी चूत को कितनी गहराई तक फाड़ सकता है!’ अन्जू ने चुनौती भरे लहजे में कहा.

असीम बेड पर सीधे लेट गए.

उनका कड़क लंड ऊपर की तरफ तना हुआ था.

अन्जू उनके ऊपर आई और उसने अपनी जांघों को फैलाकर असीम के लंड के सुपाड़े को अपनी चूत के छेद पर टिकाया.

लंड अन्दर लेने से पहले उसने एक गहरी सांस ली और अपनी पूरी गांड को नीचे की तरफ दबा दिया.

‘आआहह उफ्फ़ मम्मा रे!’ अन्जू के मुँह से एक चीख निकली.

असीम का मोटा और लंबा लंड उसकी चूत की दीवारों को चीरता हुआ एक ही झटके में पूरा अन्दर धंस गया.

अन्जू की चूत इतनी टाइट थी कि असीम के मुँह से भी ‘आह…’ की आवाज़ निकल गई.

अन्जू कुछ सेकंड के लिए रुकी, उसकी सांसें फूल रही थीं.

फिर उसने अपनी कमर को ऊपर-नीचे हिलाना शुरू किया.

अब वह असीम के लंड पर ऊपर-नीचे उछल रही थी.

उसके भारी बूब्स हवा में ऊपर-नीचे डोल रहे थे.

असीम ने नीचे से उसके दोनों बूब्स को अपने हाथों में पकड़ा और उन्हें बेरहमी से भींचने लगे.

‘हां असीम … चोदो मुझे! बताओ कि मेरी चूत इन दोनों से ज़्यादा टाइट है या नहीं! आह … और गहरा डालो!’ अन्जू हॉफती हुई चिल्ला रही थी.

यह देखकर मैं असीम के चेहरे के पास आई और अपना मुँह उनके होंठों पर रख दिया.

पीहू असीम के पैरों की तरफ बैठ गई और उनके आंडों को अपनी जीभ से चाटने लगी.

अब असीम के शरीर के हर हिस्से पर हम तीनों लड़कियां राज कर रही थीं.

अन्जू जब लंड के ऊपर बैठकर थक गई, तो असीम ने उसे नीचे लिटा दिया.

उन्होंने अन्जू की दोनों टांगों को अपने कंधों पर रखा और पूरी ताकत से धक्के मारने शुरू कर दिए.

‘फच-फच, फच-फच’ की आवाज़ अब कमरे की सबसे बड़ी धुन बन चुकी थी.

असीम के हर धक्के पर अन्जू की गांड बेड से दो इंच ऊपर उठ जाती थी.

तभी असीम ने मुझे इशारा किया.

मैं अन्जू के चेहरे के ऊपर विपरीत दिशा में आकर बैठ गई (69 पोजीशन में).

मेरी चूत एकदम साफ और चिकनी अन्जू के मुँह के ठीक ऊपर थी.

अन्जू ने तुरंत मेरी चूत के होंठों को खोला और मेरी बुर को अपनी जीभ से चाटना शुरू कर दिया.

उसी वक्त असीम नीचे से अन्जू की चूत फाड़ रहे थे और अन्जू आगे से मेरी चूत चाट रही थी और मैं असीम के लंड के ऊपरी हिस्से को देख-देखकर उत्तेजित हो रही थी.

पीहू इस सब के बीच में असीम की पीठ को सहला रही थी और बीच-बीच में मेरे बूब्स को चूस रही थी.

यह एक ऐसा नेस्टी और वाइल्ड ग्रुप सेक्स था जिसकी कल्पना सिर्फ अंतर्वासना की कहानियों में ही की जा सकती है.

लगभग बीस मिनट की इस सेक्स पोजीशन के बाद असीम ने अन्जू को घुटनों के बल करके घोड़ी (डॉगी स्टाइल) बना दिया.

अन्जू की भारी और गोल गांड पीछे की तरफ उठी हुई थी.

असीम ने पीछे से अपने लंड को उसकी चूत में दोबारा पूरा उतार दिया.

वे अपनी पूरी ताकत से अन्जू की गांड पर थप्पड़ मार रहे थे, जिससे ‘चटाक-चटाक’ की आवाज़ आ रही थी और आगे से धक्के मार रहे थे.

‘आह असीम … मार डालोगे क्या! उफ्फ़ … तुम्हारी ये चुदाई मुझे पागल कर देगी … और ज़ोर से मारो … अपनी इस दीवानी की चूत को पूरी तरह तबाह कर दो आज!’ अन्जू बेड पर सिर पटकते हुए चिल्ला रही थी.

अब हम तीनों लड़कियां और असीम अपने चरम पर थे.

मेरी और पीहू की चूत भी उंगली करने के कारण दोबारा पानी छोड़ने के लिए बेताब थी.

असीम की रफ्तार अब किसी एक्सप्रेस ट्रेन जैसी हो चुकी थी.

वे बिना रुके, लगातार अन्जू की चूत में ताबड़तोड़ धक्के मार रहे थे.

‘लड़कियो … मैं आने वाला हूँ! मैं रुक नहीं सकता!’ असीम ने हांफते हुए चिल्लाकर कहा.

अन्जू ने पीछे मुड़कर देखा और बोली- मेरे अन्दर ही छोड़ना असीम … सारा माल मेरी चूत के अन्दर उड़ेल दो!

तभी मैंने और पीहू ने अन्जू को बेड पर सीधा लिटाया.

असीम ने अन्जू की टांगों को अपनी कमर पर लपेटा और पांच-छह बेहद तेज़ और आख़िरी धक्के मारे.

उनका लंड पूरी तरह अन्जू की चूत के आख़िरी कोने तक पहुंच गया और उसी पल असीम के लंड ने गर्म-गर्म गाढ़े वीर्य की सात-आठ लंबी पिचकारियां अन्जू की चूत के अन्दर छोड़ दीं.

‘आहह हहह!’ अन्जू ने एक बहुत लंबी चीख मारी, उसका पूरा बदन थरथराया और वह शांत हो गई.

असीम का सारा गर्म माल उसकी चूत से बाहर बहकर उसकी जांघों पर फैलने लगा.

असीम ने अपना लंड बाहर निकाला जो अभी भी आधा खड़ा था और उस पर अन्जू की चूत का पानी और वीर्य लगा हुआ था.

हम तीनों के बीच बेड पर लेट गए.

मैं और पीहू तुरंत असीम के लंड पर टूट पड़ीं और उस पर लगे सारे रस को चाटकर साफ़ करने लगीं.

अन्जू बेड पर लेटी हुई अपनी फूली हुई सांसों के साथ असीम की तरफ देख रही थी.

उसकी आंखों की वह जलन अब पूरी तरह से गायब हो चुकी थी.

उसे समझ आ गया था कि भले ही वह सबसे आख़िरी में मिली, लेकिन असीम ने उसे जो सुख और तवज्जो दी, उसने उसकी सारी कड़वाहट को मिटा दिया था.

कमरे में एसी की ठंडी हवा के बीच हम चारों नंगे, एक-दूसरे के जिस्म से लिपटे हुए लेटे थे.

असीम के एक तरफ अन्जू थी और दूसरी तरफ मैं और पीहू थे.

हम तीनों को असीम ने अपनी बांहों में भींचा हुआ था.

असीम की वह सालों पुरानी ‘थ्री-गर्ल्स’ वाली फैंटेसी आज जयपुर के इस होटल के कमरे में पूरी तरह से मुकम्मल हो चुकी थी.

अन्जू ने असीम के सीने पर अपना सिर रखते हुए कहा- असीम, आज मुझे अहसास हुआ कि इंटरनेट की दुनिया से बाहर निकलकर हकीकत का यह मिलन कितना खूबसूरत है. मेरी सारी जलन ख़त्म हो गई. तुम सच में एक गजब के मर्द हो.

असीम ने उसके माथे को चूमा और बोले- तुम तीनों मेरी जिंदगी की सबसे हसीन फंतासी हो. आज की इस रात को मैं सिंगापुर जाकर भी कभी नहीं भूल पाऊंगा.

रात के करीब बारह बज रहे थे.

हम तीनों लड़कियों ने भारी मन से एक-दूसरे की तरफ देखा.

अब हमारे घर लौटने का वक्त हो चुका था.

हम तीनों बाथरूम में गईं, एक साथ शॉवर लिया, जहां हम तीनों ने एक-दूसरे के बदन पर लगे असीम के प्यार के निशानों को साफ़ किया.

कपड़े पहनकर जब हम बाहर आईं, तो असीम ने हम तीनों को प्यार से चूमा.

हम तीनों लड़कियां एक-दूसरे का हाथ पकड़कर, अपने जिस्मों में एक अमर और अमिट तृप्ति लेकर होटल के कमरे से बाहर निकलीं.

जयपुर की सड़कें अब सुनसान थीं, लेकिन हमारे दिलों के अन्दर वासना, प्यार और संतुष्टि का एक ऐसा तूफान शांत हो चुका था, जिसकी गूंज हमारी जिंदगी में हमेशा रहेगी.

असीम के साथ हमारा यह सफर अधूरा से पूरा हो चुका था और हम तीनों बहनें अब एक अनोखे बंधन में बंध चुकी थीं.

थ्री न्यूड गर्ल्स विद अ मैन स्टोरी आपको कैसी लगी?

मुझे मेल और कमेंट्स में अवश्य बताएं.

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