महिला अधिकारी ने की लन्ड की सवारी
Xxx ओफिसर सेक्स कहानी में मैं एक बड़ी अफसर को जनता था कॉलेज टाइम से. मेरे एक दोस्त को उससे कुछ काम था तो उसने मुझे कहा और मैं उस अफसर लेडी से मिला.
अन्तर्वासना के सभी पाठकों को मेरा नमस्कार।
दोस्तो, मेरा नाम अखिल है।
यह कहानी नहीं अपितु सच्ची घटना है लेकिन नाम परिवर्तित हैं।
यह Xxx ओफिसर सेक्स कहानी अप्रेल 2024 की है.
जैसा कि आप सभी जानते हो कि भारत में चुनाव हो रहे हैं और गर्मी भी प्रचंड पड़ रही है।
ऐसे में मेरे एक साथी ने चुनाव ड्यूटी से अपना नाम हटवाने के लिए मदद मांगी।
तो मेरे दिमाग में इसके लिए जो पहला नाम आया, वो सोनल मैडम का था।
सोनल मैडम खुद एक उच्च अधिकारी के पद पर काम करती हैं साथ ही उनके पति जो कि पंचायती विभाग में कार्यरत हैं, जो मेरे काम में मदद कर सकते थे।
सबसे पहले मैं सोनल मैडम के बारे में आपको बता दूं।
वे एक प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय की छात्रा रही हैं जहां का मैं भी छात्र रहा हूं।
हालांकि सोनल मैडम मुझसे बहुत ही ज्यादा सीनियर रही हैं, जिनकी उम्र लगभग 40 वर्ष के आस-पास होगी।
लेकिन वो इस उम्र में भी 30 से ज्यादा की नहीं लगती।
ईश्वर ने उन्हें इतनी फुरसत से गढ़ा है कि उन्हें और उनकी अदाओं को देखकर किसी भी पुरुष का लंड खड़ा हो जाए।
कॉलेज के समय में भी उनका जलवा था।
उस समय के लड़के उनके पीछे पागल होकर घूमते रहते थे।
हर कोई उन्हें चोदने की चाहत रखता था।
लड़के तो लड़के, कई प्रोफेसर भी उन्हें अपने पास इसलिए बुलाते थे कि ये हसीना किसी भी तरह उनसे सेट हो जाए और चोदने को अपनी चूत दे दे।
उस समय सोनल मैडम का 32-28-32 का फिगर मर्दों को मुठ मारने के लिए विवश कर देता था।
सोनल मैडम से यूनिवर्सिटी फेस्ट की वजह से मेरी जान-पहचान थी।
मेरी जानकारी में सोनल मैडम का विश्वविद्यालय में किसी शख्स के साथ अफेयर था लेकिन वो किसी को भी अपने निजी जीवन के बारे में जानकारी नहीं होने देती थी।
जब मैंने सोनल मैडम को कॉल किया तो उन्होंने बोला, “यदि इसी शहर में हो तो शाम को घर आ सकते हो, नहीं तो शाम को ही कॉल करना। अभी मैं ऑफिस में हूं।”
उनका यह तरीका पसंद तो नहीं आया लेकिन मैं उनके इस स्वभाव से भलीभांति परिचित था।
सोनल मैडम एक कड़क महिला हैं।
तो मैंने सोचा चलो शाम में चल ही चलेंगे, जो होगा देखा जाएगा।
अभी मैं अपने साथी के साथ उनके घर जाने की तैयारी कर ही रहा था, तभी उनका कॉल आया और बोली, “बताओ क्या काम था?”
तो मैंने उनसे सारी बात बताई तो उन्होंने कहा, “देखो, तुम्हें तो पता है कि हम लोग अपने कार्य क्षेत्र को लेकर कितने स्ट्रिक्ट होते हैं, फिर भी तुम चाहो तो घर आ जाओ। देखते हैं क्या हो सकता है? लेकिन घर पर तुम किसी और को अपने साथ लेकर नहीं आना।”
तब मैंने अपने साथी से कहा- तुम अपने एप्लीकेशन और मेडिकल रिपोर्ट दे दो, मैं उनसे एक बार बात कर लेता हूं।
मैं जब सोनल मैडम के घर पहुंचा तो डोर बेल बजाते ही उन्होंने दरवाजा खोला और अंदर आने के लिए कहा।
लेकिन मैं उन्हें देखने में इतना मशगूल था कि उनकी बातों पर ध्यान नहीं दे पाया।
उनका हुस्न देखकर मानो मन दीवाना सा हो गया।
मैडम आज भी लाल रंग की साड़ी और डीप क्लीवेज ब्लाउज में उसी तरह अनछुई जन्नत की परी लग रही थी, जैसे कॉलेज के समय में थी।
उनके बूब्स इतने मस्त दिख रहे थे कि कोई भी उन्हें चोदने की चाहत रख सकता है।
उन्होंने मुझे टोकते हुए कहा, “तुम मुझे कब से देखने लगे?”
उन्होंने ऐसा इसलिए कहा क्योंकि मेरी पहचान एक अच्छे छात्र के रूप में थी और इसी के बदौलत बहुत ही कम उम्र में प्रोफेसर की नौकरी भी मिल गई थी।
लेकिन सिविल सेवा की चाहत ने उस नौकरी में नहीं रहने दिया और मैं नौकरी छोड़कर वापस आ गया।
मैंने झेंपते हुए उनसे कहा, “ऐसा नहीं है मैम, बहुत दिनों बाद मिला ना, इसलिए समझ नहीं पाया। लेकिन मैम आप आज भी कॉलेज टाइम जैसे ही लग रही हैं या यूं कहें कि उस समय से भी ज्यादा खूबसूरत लग रही हैं!”
मेरे द्वारा किए गए तारीफ से वो मन ही मन प्रसन्न होते हुए बोली, “चल हट झूठे! अंदर आ जाओ।”
जब मैं अंदर आया तो उन्होंने मुझे सोफे पर बैठने को बोलकर किचन में चली गई और पानी पीने को लेकर आई।
फिर हम दोनों के बीच बातें होने लगी।
बातचीत के दौरान उनसे पढ़ाई-लिखाई और भविष्य की योजनाओं पर एक सुखद चर्चा हुई।
फिर मैंने उनसे काम की बात की और कहा कि सर चाहेंगे तो काम हो जाएगा।
उन्होंने कहा, “ठीक है, तुम्हारे लिए मैं उनसे बात कर लूंगी और तुम्हें फोन करके बता दूंगी।”
मैं भी बोला, “ठीक है मैम।”
अगले दिन सुबह ही सोनल मैडम का कॉल आया तो उन्होंने कहा, “आज तुम घर आ जाओ, मैंने बात कर ली है।”
तो मैंने बोला, “मैम बात हो गई है तो सर से बोल दीजिए कि उसका काम कर दें।”
मैम बोली, “काम तो हो जाएगा लेकिन तुम घर आओ पहले।”
मैं बोला, “ठीक है मैम, आप जब शाम को घर आएंगी तो मैं आ जाऊंगा।”
सोनल मैडम बोली, “आज मैं छुट्टी पर हूं, तुम घर आ जाओ।”
मैं बोला, “ठीक है मैम, 11 बजे तक आता हूं।”
उन्होंने बोला, “ठीक है।”
मैं भी नहाया और नाश्ता करके मैम के घर पहुंच गया और डोर बेल बजाई।
सोनल मैडम आज तो वन पीस ड्रेस में गजब ही लग रही थी।
उन्होंने मुझे अंदर आने को कहा और पूछा, “क्या लोगे? चाय या कोल्ड ड्रिंक?”
मैंने बोला, “कुछ नहीं, क्योंकि अभी जस्ट नाश्ता करके आ रहा हूं।”
वो आकर मेरे पास बैठ गई और मेरे निजी जीवन के बारे में बात करने लगी।
बातों ही बातों में उन्होंने प्रियंका मैम के बारे में पूछा जो उनकी बैचमेट और उसी विश्वविद्यालय में प्रोफेसर के पद पर थी और मेरे रिसर्च प्रोग्राम में मेरी मदद भी करती रही हैं।
मैंने नॉर्मल सा जवाब दिया, “हां प्रियंका मैम काफी को-ऑपरेटिव हैं।”
लेकिन मुझे यह नहीं पता था कि प्रियंका मैम और सोनल मैम बहुत ही अच्छी दोस्त थीं, जो एक दूसरे से कोई भी बात कभी छुपाती नहीं थीं।
प्रियंका मैम के बारे में भी थोड़ा बताना यहां जरूरी है।
प्रियंका हल्की सांवली रंग की खूबसूरत और अच्छे जिस्म की मालकिन हैं, जिन्हें मैंने कई बार चोदा है और मातृत्व सुख भी दिया है।
अगली कहानी में प्रियंका मैम से जुड़ी घटना को लिखूंगा क्योंकि ये मेरी पहली कहानी है।
सोनल मैम ने कहा, “मैं तो तुम्हारा काम करवा दूंगी, लेकिन उसके बदले मुझे क्या मिलेगा?”
उनकी यह बात सुनकर मैं संकोच में पड़ गया कि एक छोटे से काम के लिए यह मुझसे रिश्वत की उम्मीद तो नहीं कर रही हैं?
उन्होंने मुझे टोकते हुए कहा, “क्या सोच रहे हो?”
मैंने कहा, “कुछ नहीं। आप मुझसे क्या चाह रही हैं?”
उन्होंने कहा, “जो तुमने सुख प्रियंका को देते रहे हो, क्या तुम मुझे भी वह सुख दे सकते हो?”
उनकी आवाज सुनकर मेरे पैर के नीचे से मानो जमीन ही फिसल गई हो।
मैं सोच में पड़ गया कि इन्हें प्रियंका मैडम के बारे में कैसे पता?
तो उन्होंने कहा, “क्या सोच रहे हो? मैं और प्रियंका एक दूसरे की हर काम और हर बात को जानती हैं। मुझे पता है कि तुम उसके साथ शारीरिक संबंध में हो। कल तुम्हारे जाने के बाद प्रियंका का फोन मुझे आया था तो मैं तुम्हारी चर्चा उससे की। उसने कहा कि तुम एक बहुत अच्छे इंसान हो और विश्वास के काबिल हो। उसने मुझे यह भी बताया कि तुम उसके साथ कई बार शारीरिक संबंध बना चुके हो लेकिन इसके विषय में तुमने किसी से भी कोई चर्चा नहीं की है। इसलिए कल तुम्हारे जाने के बाद मैं सोची कि जब इतना विश्वसनीय इंसान है तो क्यों नहीं इसके साथ एक अलग सेक्स फैंटसी किया जाए।”
इतना कहते ही उन्होंने मेरे होंठों को अपने होंठों से जकड़ लिया।
उनके इस हमले के लिए मैं तैयार नहीं था।
लेकिन मर्द के लिए औरत हमेशा से एक कमजोर कड़ी होती है।
बस कोई खुलेआम करता है तो कोई सबकी इज्जत-मर्यादा बचाकर।
चुम्बन में मैं भी उनका भरपूर साथ देने लगा।
आग दोनों तरफ भरपूर धधकने लगी थी।
अब मेरा हाथ उनके बूब्स पर आ गया था।
मैंने उनके बूब्स को कपड़े के ऊपर से ही दबाने लगा।
लगभग 5 मिनट के चुम्बन-आलिंगन के बाद मैंने खुद को उनसे अलग किया और खुद को संभालने की कोशिश करने लगा.
लेकिन आग तो लग चुकी थी।
फिर भी मैं चाह रहा था कि बिना सारी बात जाने सोनल मैडम को न चोदूं।
मैंने कहा, “मैम मुझे पानी पीना है।”
मैम ने कहा, “प्लीज अखिल, तुम मुझे सिर्फ सोनल कहकर बुलाओ!”
और वो पानी लेने चली गई।
पानी लेकर आई तो पानी मुझे देते वक्त मेरे पैंट पर उन्होंने गिरा दिया, जो कि मेरे लंड के पास गिरा था।
पानी पौंछने के चक्कर में उन्होंने मेरा लंड पकड़ लिया।
उनके स्पर्श से मेरे लंड में कड़कपन आने लगा।
मेरे मोटे लंड का आभास करते हुए वो और बेचैन हो गई।
एक तड़प उनमें देखने को मिल रहा था।
मैंने पानी पीते मैम को बैठने के लिए बोला और कहा, “क्या मैं आपसे कुछ पूछ सकता हूं?”
सोनल मैम ने कहा, “पूछो।”
मैंने कहा, “मैम आप मुझसे क्यों चुदना चाहती हैं, जबकि आप और सर दोनों अच्छे पद पर हैं और आपको बच्चा भी है?”
सोनल मैम बोली, “पहले तो तुम मुझे मैम ना बोलो। देखो मेरे पति में कोई शारीरिक कमी नहीं है लेकिन हम दोनों अलग-अलग विभाग में हैं। विभागीय जिम्मेदारी के कारण हम दोनों को एक साथ समय कम मिल पाता है। और मैं कई दिनों से एक लंड से चुदवाने की इच्छा रखी हुई थी। लेकिन अपने पद और इज्जत के कारण ऐसा नहीं कर पाती थी। प्रियंका हमेशा से तुम्हारी और तुम्हारी चुदाई की तारीफ करती रहती है और जब तुम मेरे पास काम से आए तो मैंने मन ही मन तुमसे चुदवाने का प्लान कर लिया था।”
मैंने कहा, “यदि किसी को पता चल गया तो?”
तो उन्होंने कहा, “मैं इंसान पहचानने में गलती नहीं करती, तुम पर मुझे पूरा भरोसा है। इसीलिए तुमसे चुदवाने का प्लान बनाया।”
मैंने कहा, “यदि प्रियंका मैम को पता चला तो?”
उन्होंने कहा, “मुझे पता है तुम कहोगे नहीं और जब तक तुम्हारी इच्छा नहीं होगी तब तक मैं भी उसे नहीं बताऊंगी।”
अब उनका हाथ मेरे खड़े लंड को टटोलने लगा।
मैंने कहा, “मैम कोई आ गया तो?”
बोली, “तुम मैम ना कहो, नहीं तो…”
मैंने पूछा, “नहीं तो?”
उन्होंने मेरे होंठ को फिर से अपने होंठों के गिरफ्त में ले लिया और अब तो मैं भी उनका भरपूर साथ देने लगा।
मैंने उनके कपड़े के अंदर बूब्स पर हाथ फिराया तो पाया कि उन्होंने अंदर ब्रा भी नहीं पहनी हुई है।
मैंने कहा, “सोनल तुम तो पूरी चुदवाने की तैयारी की हो, लेकिन सर आ गए तो?”
सोनल ने कहा, “चुनाव की वजह से उन लोगों को रोज घर आने में 6 बज ही जाते हैं. और बेटा अपने मौसी के पास गया है। घर पर 6 बजे तक कोई नहीं आने वाला!”
इतना कहकर वो मेरे पैंट खोलने लगी।
सोनल को मैंने गोद में उठाया और उससे कहा, “तब चलो बेडरूम में तुम्हारी आग को शांत कर दूं!”
मैं उसे गोद में लेकर उसके बेडरूम में पहुंच गया।
उसने अपने बेडरूम को भी जन्नत की तरह सजा रखा था।
अब तो मेरे ऊपर भी सेक्स हावी हो चुका था।
मैंने उसे बेड पर लिटाया और उसके ऊपर चढ़ गया और उसे पागलों की तरह चूमने लगा।
वो भी मेरा भरपूर साथ दे रही थी।
मैंने तय कर लिया कि पहले इसे तड़पाऊंगा, उसके बाद ही चोदूंगा।
मैं उसके होंठों पर कसकर अपने होंठों से लिपटकर किस करने लगा, साथ ही उसके बूब्स दबाता रहा और एक हाथ नीचे उसके चूत के पास ले गया तो पाया कि उसकी चूत गीली हो रही थी।
बूब्स दबाने और किस की वजह से सोनल एकदम गर्म हो गई और चुदवाने के लिए मचलने लगी।
अब उसके अंदर चुदवाने की ज्वाला धधकने लगी थी।
अब वह चाह रही थी कि कितना जल्दी उसके और मेरे शरीर के सारे वस्त्र बाहर निकल जाएं और हम दोनों एक दूसरे में समाहित हो जाएं।
उसने कहा, “अखिल अब रहा नहीं जा रहा! प्लीज जल्दी चोद दो ना यार! क्यों इतना तड़पा रहे हो?”
मैंने कहा, “क्यों इतना तड़प रही हो? ऐसा क्या खास तुमने मेरे अंदर देख लिया कि तुम मुझसे चुदवाने का मन बना ली? और जब मुझसे चुदवाने का मन बना ली हो तो थोड़ा सब्र करो, पूरा मजा दूंगा!”
उसने कहा, “अब मुझसे नहीं रहा जा रहा! कैसे भी करके तुम मुझे जल्दी से चोद दो!”
और उसने मेरे कपड़े निकालना शुरू कर दिया।
जब मेरे शरीर से उसने सारे कपड़े निकाल दिए तो मैं भी एक झटके में उसके शरीर से उसका वन पीस ड्रेस बाहर निकाल फेंका।
निकला दूधिया रंग का उसका शरीर मुझे पूरी तरह अपनी ओर आकर्षित करने लगा।
और तो और उसने खुद को जितना संवार कर रखा हुआ था उससे कहीं ज्यादा उसने अपनी चूत को संवार कर रखा हुआ था।
सामान्य तौर पर उम्र बढ़ने के साथ और अधिक चुदाई होने के साथ औरतों की चूत काली होने लगती है लेकिन उसकी गुलाबी चूत आज भी दूधिया रंग जैसा चमक रहा था और उसकी चूत पर कोई भी बाल नहीं थे। मानो आज ही उसमें पूरी तरह साफ किया हो।
उसकी चूत देखकर तो मेरे मुंह से लार टपकने लगी।
पांव रोटी की तरह फूली चूत!
मन तो किया कि खा जाऊं.
लेकिन मैंने खुद को थोड़ा सा संभाल रखा था।
क्योंकि जैसे मैं प्रियंका मैम को चोदता था वैसे ही इसको चोदना चाह रहा था कि सोनल मैम भी पूरी तरह से मेरी दीवानी हो जाए।
अब वह बिन पानी की मछली की तरह तड़प रही थी और सेक्स के नशे में मदहोश हो गई थी।
उसे कुछ भी अच्छा-बुरा समझ में नहीं आ रहा था।
मैंने उससे कहा, “तुम एक बार फिर से सोच लो क्योंकि तुम एक शादीशुदा औरत और बच्चे वाली औरत हो। कहीं तुम्हें भविष्य में कोई परेशानी ना हो।”
तो उसने कहा, “प्रियंका भी तो शादीशुदा है, तुम उसे चोदते हो कि नहीं?”
अब मेरे पास कोई जवाब नहीं था।
मैंने हां में गर्दन हिलाई.
तो उसने कहा, “अब देर ना करो! जल्दी से मेरी चूत में अपना लंड पेल दो और मुझे तृप्त कर दो!”
लेकिन मेरी नजर तो उसकी गुलाबी चूत पर थी, जिसे मैं आज अच्छे से मजे लेना चाहता था।
मैंने उसके पूरे जिस्म पर चुंबन करते हुए उसकी नाभि से होते हुए अपनी जीभ उसकी चूत पर लगा दी।
मेरी जीभ लगते ही वह पूरी तरह सिहर गई और उसका शरीर कसमसाने लगा।
अब मैं धीरे-धीरे उसकी चूत पर अपनी जीभ चलाने लगा।
अब वह और भी मदहोश होती जा रही थी।
मैं जीभ से उसकी चूत चोदने लगा।
तेज और तेज, खूब तेज-तेज से उसकी चूत में जीभ चलाने लगा।
अब वह पूरी तरह से तड़पने लगी, मेरा सर अपनी चूत में दबाने लगी।
ऐसा लगा कि वह अपनी चूत में मेरा सर ही घुसा देना चाहती हो।
लेकिन चूत एक बच्चे की मां होने के बाद भी एकदम से 20 साल की लड़की की तरह लग रही थी।
मेरी जीभ की चुदाई से ही अब उसका पानी निकल गया था और वह कुछ थकी-थकी सी लगने लगी।
मैंने कहा, “कहो तो तुम्हें बॉडी मसाज दे दूं?”
उसने कहा, “क्या तुम मसाज करना भी जानते हो?”
तो मैंने कहा, “क्या प्रियंका मैम ने तुम्हें कभी बताया नहीं कि चुदवाने के पहले वह कभी-कभी मुझे मसाज जरूर लिया करती हैं? कहो तो मैं आज तुम्हें भी मसाज दे दूं। उसके बाद तुम्हारी चुदाई करूंगा।”
उसने कहा, “पहले तुम मुझे चोद दो, उसके बाद तुम मुझे मसाज देना।”
लेकिन मैं उसे मसाज देकर और तड़पाना चाहता था क्योंकि जब कोई महिला तड़पती है तो और मस्त चुदवाती है। लेकिन सोनल मैम की इच्छा थी कि मैं उससे पहले एक बार चोद दूं।
मैंने बोला, “ठीक है, जैसा तुम चाह रही हो वैसा ही होगा!”
हम 69 की पोजीशन में आ गए।
मेरा लंड उसके मुंह में था और उसकी चूत मेरे मुंह में।
हम दोनों दो से तीन मिनट तक इसी पोजीशन में एक दूसरे को मजा देते रहे।
अब सोनल चाह रही थी कि मैं उसे जल्दी से चोदूं।
वह उठी और मेरे लंड पर बैठने लगी।
मेरे लंड पर बैठने में उसे थोड़ा सा दिक्कत हो रहा था क्योंकि मेरा मोटा लंड थोड़ा सा मोटा है क्योंकि यह बात प्रियंका ने मुझे कई बार कह चुकी थी।
लेकिन सोनल के ऊपर सेक्स इतना हावी था कि अगर आज उसकी चूत भी फट जाए तो वह चुदवाने से पीछे नहीं हटेगी।
अभी वह थोड़ा सा ही अंदर लंड ले पाई थी कि उसे दर्द का अहसास होने लगा था.
लेकिन जब मैंने देखा कि उसे थोड़ी दिक्कत हो रही है तो मैं नीचे से एक जोरदार धक्का उसकी चूत में दे दिया।
वह चिल्ला उठी और मेरा पूरा लंड उसकी चूत में समा गया।
वह उठना चाह रही थी लेकिन मैंने उसे अपनी तरफ खींच लिया।
फौरन एक झटके में अपने लंड के नीचे कर दिया।
जैसे ही उसे नीचे किया मेरा लंड उसकी चूत की गहराई नापने लगा।
मेरा लंड घपा घप घपा घप चूत को चोदने लगा।
अब तो सोनल के मन की हो रही थी।
कह बोली, “तेज से मेरी चूत को चोदो यार! फाड़ दो! चोदो ना यार खूब तेज से! मेरे राजा, जितना चोद सकते हो चोदो मेरे राजा!”
वह चुदाई की बहुत ही प्यासी लग रही थी तो मैंने मौका देखकर पूछ ही लिया, “सर आपको नहीं चोदते क्या?”
तो वह बोली, “चोदते तो हैं लेकिन अब उन्हें अपने काम का प्रेशर इतना होता है कि उसी में उलझे रहते हैं। कभी-कभी तो उनके अधिकारी उन्हें ज्यादा ही तनाव दे देते हैं। ऐसे में कई महीनों से वो मुझे अच्छे से नहीं चोद पाते हैं। छोड़ो ना यार, तुम कौन सी बात शुरू कर दिए, जो काम कर रहे हो पहले उस पर ध्यान लगाओ। और आज मुझे पूरा मजा दो!”
मैं तेज-तेज से झटके लगाने लगा।
अब तो सोनल बड़बड़ाने लगी, “आह्ह मेरे राजा, कितना मस्त चोदते हो यार! मैं भी कहूं वो कमीनी प्रियंका इतनी खुश कैसे रहती है। चोदो मेरे राजा! फाड़ दो मेरी चूत को। आ ह्ह आह्ह ह क्या मस्त चोदते हो यार! मेरा पति मुझे पहले ऐसे ही चोदता था, लेकिन साले उसके विभाग वाले उसका जीना हराम कर दिए हैं और उसकी वजह से मेरी चूत का जीना हराम हुआ है। पेलो मेरे राजा, आज चूत की गर्मी को शांत कर दो!”
मैं जोर-जोर से झटके लगाता, तो कभी आहिस्ते-आहिस्ते।
उसके बूब्स को मुंह में भरकर खूब चूसते हुए और दूसरे बूब्स को प्यार से दबाते हुए मखमली चूत को चोदने का आनंद ले रहा था।
सोनल भी खूब मजे से चुदवा रही थी।
10 मिनट के धक्का-पेल चुदाई के बाद वो बोली, “मेरा निकलने वाला है मेरे राजा! जितना जोर लगाकर मेरी चूत की गहराई की नाप सकते हो नाप लो अखिल! चोदो जोर से और जोर से!”
मैंने भी अपनी स्पीड और तेज कर दी और पूछा, “मैं अपना मलाई कहां निकालूं?”
तो सोनल ने कहा, “जब मेरी चूत की गहराई नाप रहे हो तो माल बाहर क्यों गिराओगे? मेरी चूत में ही अपनी मलाई छोड़ दो!”
अब मैंने उसके दोनों टांगों को अपने कंधे पर रख लिया और सेक्स के चरम सुख का आनंद लेने लगे।
उसे थोड़ा दर्द भी हो रहा था लेकिन उसने कहा, “दर्द में ही तो असली मजा है!”
हम दोनों एक दूसरे का साथ देते हुए जोर-जोर से चुदाई का आनंद लेने में लगे हुए थे।
सोनल कमर उठा-उठाकर मेरा लंड अपनी चूत में समा लेना चाहती और मैं धक्के पर धक्का देकर लंड से उसके बच्चेदानी को छूने का प्रयास करता।
“आआह मेरे राजा… अखिल मैं आ रही हूं!”
मैंने भी जोर से जोर चोदते हुए कहा, “मेरी जान, अब मैं भी आ रहा हूं!”
हम दोनों निढाल हो गए और मैं उसके ऊपर वैसे ही लेट गया।
उसकी चूत वीर्य से पूरी तरह भर गई।
तभी सर का फोन आया।
सोनल मैम ने फोन पिक किया तो सर बोले कि आज मैं थोड़ा पहले आ जाऊंगा, कहीं बाहर घूमने चलेंगे।
सर की यह बात सुनकर मैम थोड़ा सा उदास हुई।
मैं बोला, “क्या हुआ? अच्छा तो है, आप उन्हें समय दीजिए और एंजॉय कीजिए।”
बोली, “वो तो ठीक है लेकिन मेरी इच्छा तुमसे मसाज लेकर फिर से चुदवाने की हो रही है!”
इच्छा तो मेरी भी हो रही थी लेकिन मैं उसे इसका एहसास नहीं कराना चाह रहा था।
उसने मुझे चूमते हुए कहा, “मस्त चोदते हो यार! क्या तुम मुझे आगे भी ऐसे ही चोदोगे?”
मैंने कहा, “ये आपका प्यार बताएगा। क्योंकि मैं सिर्फ हवस मिटाने के लिए सेक्स नहीं करता बल्कि लोगों का प्यार पाने के लिए सेक्स करता हूं।”
मैं उठा और बाथरूम की तरफ बढ़ने लगा तो देखा कि पीछे से सोनल मैडम भी आ रही थी।
हम दोनों एक साथ बाथ टब में उतर गए।
सोनल मैडम मुझे नहलाने लगी।
तभी मेरा खड़ा लंड देखा तो उसे मुंह में लेकर लॉलीपॉप की तरह चूसने लगी।
इतने में मेरे बाबा जी अपने रौद्र अवतार में आ गए।
और मैडम जी को घोड़ी बनने के लिए बोला तो मानो वो इसी बात का इंतजार कर रही थी।
वह तुरंत घोड़ी बन गई।
और मैंने उसी पोजीशन में उसे एक बार फिर बाथरूम में ही चोद दिया।
अब वह Xxx ओफिसर सेक्स करके संतुष्ट दिख रही थी।
मैंने भी जल्दी से स्नान किया और कपड़े पहनकर उनके घर से निकल गया और रूम पर पहुंचते ही सो गया।
मेरी नींद रात में खुली और मोबाइल देखा तो सोनल मैम का कोई मैसेज नहीं दिखा। अगले 7-8 दिनों तक सोनल मैम का कोई कॉल या मैसेज नहीं आया।
पांचवें दिन सोनल मैडम का मैसेज आया, “मान गई, बंदे में दम है!”
मैंने कहा, “8 दिन बाद पता चला?”
तो उन्होंने कहा, “हां।”
मैंने कहा, “अच्छा मजाक कर लेती हो।”
उन्होंने कहा, “मजाक नहीं, सही बोल रही। तुमने मुझे प्रेग्नेंट कर दिया है।”
मैं बोला, “मैं ही मिला उल्लू बनाने को।”
तो उनका मैसेज आया, “पिछली बार 29 मार्च को मेरा पीरियड आया था और तुमने मुझे 12 अप्रैल को चोदा था। मेरा पीरियड महीना पूरा होने के 1 या 2 दिन पहले ही आ जाता है लेकिन 2 हफ्ते बाद भी नहीं आया तो मैंने चेक किया जिसमें मैं प्रेग्नेंट हूं पता चला। अभी ज्यादा दिन नहीं हुए थे, इसलिए कल ही डॉक्टर से सलाह लेकर दवा ले ली हूं। मैं तो तुम्हारी दीवानी हो गई हूं यार!”
मैंने बोला, “सर भी तो इसके कारण हो सकते हैं?”
तो उसने कहा, “वो तो इस महीने में मेरी चूत को छुए भी नहीं थे। मस्त मेरे राजा! अभी तो दवा की वजह से ढेर सारा ब्ल.ड निकल रहा है और निकलेगा भी। नहीं तो तुमसे आज फिर चुदवा लेती।”
मैं बोला, “पहले ठीक तो हो जाओ, मैं कहां भागा जा रहा हूं।”
तो उन्होंने कहा, “15 दिन बाद मुझे दिल्ली जाना है, तुम भी चलो मेरे साथ।”
मैंने कहा, “मैं क्या करूंगा वहां जाकर?”
तो उन्होंने कहा, “मुझसे प्यार और मेरा एक बड़ा काम।”
तो मैंने कहा, “मुझे क्या मिलेगा?”
उन्होंने कहा, “अजनबी चूतों का मजा!”
15 दिन बाद हम दोनों वाराणसी से दिल्ली के लिए फ्लाइट से उड़ गए।
अगली कहानी में बताऊंगा कि दिल्ली में हमने क्या-क्या मजे किए और सोनल मैडम को वो कौन सा बड़ा काम रहा।
मेरी Xxx ओफिसर सेक्स कहानी आप सबको कैसी लगी, मुझे मेल करके जरूर बताइएगा।
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