फर्स्ट टाइम सेक्सपूर्ण

लॉकडाउन में बनी दोस्त की कोमल चूत

0 बार पढ़ी गई6 मिनट का पाठलगभग ९ घंटे पहले

यंग चूत की कहानी में मेरी दोस्ती एक लड़की से हुई जो मेरे ही शहर में पढ़ रही थी. उसने असाइनमेंट में हेल्प के लिए मुझे अपनी सहेली के खाली घर में बुलाया.

मेरा नाम राजेश है।

मेरी उम्र अभी 24 साल है।

मैं आज आपको अपनी एक सच्ची कहानी सुना रहा हूं।

यह उस समय की यंग चूत की कहानी है जब पूरा देश घरों में बंद था।

मैं तब ITI कर रहा था और साथ में कॉलेज भी।

हुआ यह कि मेरे एक दोस्त ने मुझे एक व्हाट्सएप ग्रुप में जॉइन करवाया था।

मैं ग्रुप में ऐसे ही मैसेज कर रहा था कि तभी एक लड़की का मुझे मैसेज आया।

उसने पूछा, “आप कहाँ से हो?”

मैंने बताया कि मैं यहाँ से हूँ और फिर मैंने भी उससे वही सवाल किया।

उसने कहा, “मैं भी यहीं से हूँ!”

दोस्तो, मैं जगह का नाम नहीं बता सकता, उसके लिए मुझे माफ़ करना।

हमारी बात चलती रही।

मुझे नहीं पता था कि क्या हो रहा है, बस मैं बात किए जा रहा था।

हमारी बात उस दिन रात के 2 बजे तक चली।

क्या बताऊं दोस्तो, मज़ा ही आ गया था!

मेरे मन में तब कुछ गलत नहीं था, बस मुझे उससे बात करने में खूब मज़ा आ रहा था।

ऐसे ही बात करते-करते 6 महीने निकल गए, पता ही नहीं चला।

फिर एक दिन उस लड़की ने मुझे मिलने के लिए बुलाया।

सॉरी दोस्तो, मैंने इतनी देर से लड़की का नाम नहीं बताया— उसका नाम कोमल था।

उसने मुझे मिलने बुलाया और मैं चला गया।

मैं पूरा बन-ठन कर उस जगह पहुँचा जहाँ उसने बुलाया था।

मैं उसका इंतज़ार कर रहा था कि तभी उसका मैसेज आया, “आप कहाँ हो?”

मैंने कहा, “मैं पहुँच गया हूँ, आप कहाँ हो?”

उसने बोला, “मैं भी पहुँच गई!”

दोस्तों, क्या बताऊं! कोमल को देखते ही मैं पागल हो गया।

मैंने उसे पहली बार देखा था क्योंकि उसने पहले कभी अपनी फोटो नहीं भेजी थी।

कोमल क्या लग रही थी!

एकदम गोरी त्वचा और फिगर तो क्या ही लाजवाब था—30-32 का फिगर और उभरी हुई गांड! उसे देखते ही मेरा लोड़ा खड़ा हो गया।

मैंने अपने आप पर कंट्रोल किया और बोला, “हेलो!”

फिर हम थोड़ा घूमे और अपने-अपने घर चले गए।

लेकिन उसे देखने के बाद मेरे मन में बस उसे चोदने का ख्याल आ रहा था।

मैं सोच ही रहा था कि कैसे बोलूं, तभी कोमल का मैसेज आया।

वह बोली, “यार, मुझे एक हेल्प चाहिए, क्या कर सकते हो?”

मैंने कहा, “हाँ, बिल्कुल! बोलो क्या बात है।”

वह बोली, “मुझे मेरे एक सब्जेक्ट के असाइनमेंट में हेल्प कर दो।”

मैंने पूछा, “क्या करना है, ये बोलो?”

उसने कहा, “मैं आपको कुछ पेज दूंगी, आप मेरा असाइनमेंट बनवा देना।”

मैंने हाँ कह दिया।

जब मैंने पूछा कि कहाँ बनाना है, तो उसने कहा, “साथ में बैठकर बनाएंगे क्योंकि मैं बोलूंगी और आप लिखना।”

मैंने पूछा, “आना कहाँ है?”

उसने कहा, “मेरी दोस्त के घर, वे लोग गांव गए हुए हैं, वहाँ शांति से अपना काम कर लेंगे।”

उसने जैसे ही यह कहा, मेरे मन में उसे चोदने का प्लान बन गया।

मैं उसके घर पहुँचा और वहाँ से हम दोनों उसकी दोस्त के घर चले गए।

यार, वह क्या बन के आई थी!

लाल और गुलाबी रंग की कुर्ती और पजामी, वह भी फुल फिटिंग की!

उसका फिगर साफ दिख रहा था और गांड तो पूरी बाहर को थी।

उसने मुझे उसे घूरते हुए देख लिया।

वह बोली, “क्या देख रहे हो?”

मैं डर गया और बोला, “कुछ नहीं!”

उसने कहा, “ओके।”

फिर हम रूम में गए और असाइनमेंट बनाना शुरू किया।

लेकिन मेरा मन तो उसे चोदने का था।

मैंने सोचा कि मैं कुछ देर के लिए बाहर जाता हूं और जब वापस आऊंगा, तो कुछ न कुछ मौका ज़रूर बनेगा।

मैंने कोमल से कहा, “मैं अभी आता हूँ।”

उसने पूछा, “कितनी देर में आओगे?”

मैंने कहा, “बस 20 मिनट में।”

मैं बाहर गया, सिगरेट पी और थोड़ा दिमाग शांत किया।

जब मैं वापस आया तो देखा कि दरवाजा खुला था।

मैं अंदर गया और रूम की तरफ बढ़ा, तो मुझे अपनी आँखों पर विश्वास नहीं हुआ!

कोमल नंगी हो रखी थी और फोन में कुछ देख रही थी।

उसका हाथ उसकी पैंटी में था और वह अपनी चूत में उंगली कर रही थी।

उसे पता नहीं था कि मैं आ गया हूँ।

मुझे तो बस यही मौका चाहिए था!

मैंने अचानक दरवाजा खोला और अंदर चला गया।

लेकिन उसने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।

मैंने देखा कि फोन तो हाथ में है पर उसकी आँखें बंद हैं।

मैंने सोचा— यही मौका है, मार ले चौका!

मैं उसके पास गया और उसका हाथ उसकी पैंटी से निकाला।

पिंक पैंटी में उसकी चूत क्या लग रही थी!

उसकी चूत पर एक भी झाँट नहीं थी।

मैंने ज़्यादा न सोचते हुए उसकी पैंटी उतारी और अपनी जीभ सीधे उसकी चूत पर रख दी।

मैं उसकी चूत चाटने लगा।

मुझे भी नहीं पता था कि मैं क्या कर रहा हूँ, बस करता गया।

जैसे ही मैंने उसकी चूत के दाने पर जीभ रखी, वह हड़बड़ा कर उठ गई और डर गई।

उसने देखा कि मैं उसकी चूत चाटने में लगा हुआ हूँ।

उसने मुझे दूर किया और बोली, “क्या कर रहे हो?”

मैं कुछ नहीं बोला और बस लगा रहा।

उसने मुझे हटने को कहा, पर मैं नहीं हटा।

अगर हट जाता तो यह मौका हाथ से निकल जाता।

मैं उसकी चूत चाटता रहा।

वह हटने की कोशिश तो कर रही थी, पर मैंने उसे मदहोश कर दिया था।

वह कहीं और ही दुनिया में चली गई थी।

अब मैं उसकी चूत से हटकर उसकी चुचियों पर पहुँच गया।

उसकी चुचियाँ ब्रा से ढकी हुई थीं।

मैंने उसकी ब्रा खोली और उसकी चुचियों को अपने मुँह में लेकर चूसने लगा।

अब वह मुझसे बोली, “प्लीज, मेरी प्यास बुझा दो!”

उसकी यह बात सुनते ही मैंने उसके होंठों को अपने मुँह में भर लिया और उसकी चूत में उंगली करने लगा।

चूत में उंगली जाते ही उसने उत्तेजना में मेरे होंठों को काट लिया।

मेरा लंड अब उसकी चूत में जाने के लिए मचल रहा था।

मैंने उसकी गांड के नीचे तकिया लगाया और उसकी दोनों टांगें अपने कंधों पर रख लीं।

उसकी चूत के छेद पर लंड रखा, उसके होंठों को चूमते हुए एक ज़ोर का झटका दिया!

मेरा पूरा लंड उसकी चूत में समा गया।

उसकी आँखें पूरी खुल गईं और उसने फिर से मेरे होंठों को काट लिया।

मैं झटके देता रहा और उसे चोदता रहा।

उसकी चूत एकदम गीली और टाइट थी।

मैंने उसे 30 मिनट तक चोदा और वह भी पूरा साथ देती रही।

उस दिन मैंने उसे 4 बार चोदा।

चोदने के बाद उसने कहा, “मैं यही चाहती थी! जब से मैं तुमसे पहली बार मिली थी, तभी से मैं तुमसे चोदना चाहती थी।”

उसकी यह बात सुनकर मुझे लगा कि जो हुआ, अच्छा हुआ।

मेरे लंड का साइज 5 इंच है।

मैं उसकी गांड भी लेना चाहता था और चोदते समय उसकी गांड में उंगली भी करता था.

पर उसे वह अच्छा नहीं लगता था इसलिए मैंने फिर ज़ोर नहीं दिया।

लेकिन उस दिन के बाद से मैंने अभी तक सेक्स नहीं किया है।

आपको मेरी यंग चूत की कहानी कैसी लगी?

धन्यवाद!

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